देवास। झारखंड राज्य स्थित जैन समाज के सर्वोच्च तीर्थ एवं पवित्र पर्वत सम्मेद शिखरजी को भारत सरकार एवं झारखंड सरकार द्वारा पर्यटन केन्द्र बनाये जाने की अधिसूचना जारी की गई है। जिसके विरोध में भारतभर के अनेकों स्थानों के साथ देवास में भी जैन समाज ने सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और झारखंड के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। देखे वीडियो👇👇
दरअसल जैन जगत के झारखंड स्थित सर्वोच्च तीर्थ एवं पवित्र पर्वत सम्मेद शिखरजी को भारत सरकार एवं झारखंड सरकार द्वारा पर्यटन केन्द्र बनाये जाने की अधिसूचना जारी की गई है। इसके अंतर्गत इस पारसनाथ पर्वत को वन अभ्यारण्य एवं पिकनिक स्थल बनाये जाने का प्रस्ताव है। यदि इस अधिसूचना का पालन होता है तो जैन जगत का यह आस्थावान तीर्थ गैर धार्मिक गतिविधियों का केन्द्र बन जाएगा। इस निर्णय से भारत भर के जैन समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई है। किसी भी धार्मिक स्थल को गैर धार्मिक गतिविधियों से जोडऩा सर्वथा गलत है तथा न्यायोचित भी नहीं है। भारत सरकार एवं झारखंड सरकार की इस अधिसूचना को वापस लेने के आग्रह के साथ आज बुधवार को भारतभर के जैन समाज में विरोध, प्रदर्शन, ज्ञापन एवं बंद जैैसी कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में देवास में भी जैन समाज द्वारा विशाल विरोध निकालकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और झारखंड के मुख्यमंत्री के नाम कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा है।ज्ञापन में कहा गया है की यदि इस प्रकार के विरोध से भी अधिसूचना वापस नहीं ली गर्ई तो जैन समाज द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
