मध्यप्रदेश शासन से गौमाता को “राज्यमाता” का दर्जा देने की कि मांग
देवास। मालवा प्रान्त के अंतर्गत विश्व हिन्दू परिषद् गौरक्षा विभाग एवं देशी गौवंश रक्षण संवर्धन न्यास द्वारा बकरीद से पूर्व गौवंश हत्या एवं गौवंश तस्करी पर कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय में शनिवार को तहसीलदार सपना शर्मा को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में मध्यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल मंगुभाई पटेल से गौवंश रक्षा हेतु सख्त कदम उठाने की मांग की गई। जिला गोरक्षा प्रमुख रमेश कौशल ने बताया कि गौवंश भारतीय संस्कृति, सात्विक ऊर्जा, आर्थिक समृद्धि एवं आरोग्य का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि देश में लगातार बढ़ रही गौवंश तस्करी एवं हत्या की घटनाएं चिंता का विषय हैं। संगठन ने मांग की कि बकरीद से पूर्व पुलिस-प्रशासन विशेष सतर्कता बरते तथा गौवंश तस्करों एवं हत्यारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे। ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश में कठोर कानून होने के बावजूद कई स्थानों पर पुलिस-प्रशासन की लापरवाही अथवा मिलीभगत के कारण गौवंश तस्करी की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे गौरक्षकों को स्वयं सड़क पर उतरना पड़ता है। संगठन ने यह भी मांग की कि बकरीद के अवसर पर गौवंश परिवहन में किसी प्रकार की ढील न दी जाए। विश्व हिन्दू परिषद् गौरक्षा विभाग ने मध्यप्रदेश शासन से यह मांग भी की कि राजस्थान एवं महाराष्ट्र की तर्ज पर गौमाता को “राज्यमाता” का दर्जा दिया जाए तथा गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए।
इस दौरान जिला अध्यक्ष दिलीप अग्रवाल, जिला सहसंयोजक अभिषेक माली, नगर अध्यक्ष संजय शर्मा, जिला सोशल मीडिया प्रभारी सचिन नरेंद्र शर्मा राठौर, जिला मठ मंदिर प्रमुख धर्मेंद्र जोशी, नगर गोरक्षा प्रमुख आनंद चौहान, अभिजीत ठाकुर, दुलीचंद्र राणा, मातृशक्ति रूपाली पटेल, निक्की निगम, भारत यादव, संदीप बैरागी, करण यादव, रोहित खिंची, अमन चौहान सहित बड़ी संख्या में संगठन पदाधिकारी एवं हिंदू समाज के लोग उपस्थित थे।
















