Dewas: विरासत को सहेजने के लिए नगर निगम कर रहा वेबसाइट का निर्माण

अगर आपके पास भी हो जिले की ऐतिहासिक चीज़े तो आप भी उपलब्ध करवाकर कर सकते हैं सहयोग (जानकारी भेजने हेतु मोबाइल नंबर नीचे दिया गया है)

देवास। नगर निगम शहर की विरासत को सहेजने के लिए जल्द ही एक वेबसाइट का निर्माण कर रहा है। सिर्फ एक क्लिक में वेबसाइट के माध्यम से ऐतिहासिक स्थलों, कलाकृतियों, मंदिरों, स्वतंत्रा सेनानियों, प्राचीन सिक्कों, तस्वीरों की जानकारी ले सकेंगे।

वेबसाइट बनने के बाद अतीत के पन्ने टटोलने के बजाए सिर्फ एक क्लिक में ही सारा डाटा इसमें नजर आएगा। जिले की प्राचीन सामग्री जैसे सिक्के, दस्तावेज, भूले-बिसरे फोटोग्राफ्स को संग्रहित कर अधिकृत वेबसाइट पर दर्शाने के लिए कार्य हो रहा है। एक बार वेबसाइट का निर्माण हो जाने पर शहर से संबंधित जानकारी एक ही स्थान पर एक क्लिक में ही उपलब्ध हो सकेगी। खास बात यह है कि इस वेबसाइट के निर्माण में आमजन भी सहयोग कर सकता है। जिनके पास अतीत से जुड़ी ऐसी सामग्री है, जो आमजन के लिए ऐतिहासिक द्ष्टिकोण से उपयोगी हो सकती है, वे फोन नंबर 8770445747 पर संपर्क कर उपलब्ध करवा सकते हैं। इसमें शहर से जुड़ी धरोहरों की पुरानी तस्वीर भी शामिल है। विरासत कालीन अगर जिले के किसी भी व्यक्ति के पास परंपरा से जुड़ी तस्वीरें या अन्य सामग्री की जानकारी हो तो वे इस रिकॉर्ड को अंकित करवाकर वेबसाइट को ठोस आधार दे सकते हैं।

जानकारी अनुसार देवास की विरासत को एक स्थान पर सहेजने के लिए बनाई जा रही वेबसाइट, नगर निगम आयुक्त विशाल सिंह चौहान का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। विगत दिनो शहर के जाने माने छाया चित्रकार मोहन सिंह राजपूत ने विक्रम सभा एवं कला भवन में “देवास की धरोहरों” पर केंद्रित छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई थी। प्रदर्शनी का उद्घाटन करने निगम आयुक्त विशाल सिंह चौहान भी पहुंचे थे। जहां निगम आयुक्त ने कहा था की आज मुझे इस प्रदर्शनी में आकर देवास की धरोहर की तस्वीरों को देखने का अवसर मिला पर क्या पता हमारी आने वाली पीढ़ी को यह अवसर मिले या नही क्योंकि आज के समय मे प्रदर्शनी में सिर्फ कुछ लोग ही पहुंचते है। इसलिए में यह चाहता हु क्यों ना देवास की धरोहर को एक स्थान पर सहेजने के लिए एक पोर्टल (वेबसाइट) का निर्माण किया जाए जहा देवास के ऐतिहासिक स्थलों, कलाकृतियों, मंदिरों, स्वतंत्रा सेनानियों, प्राचीन सिक्कों, तस्वीरों एवं अन्य विरासतों की जानकारी व्यक्ति घर बैठे ले सकेंगे। इस पर प्रदर्शनी में मौजूद इतिहासविद एवं समाज के अन्य अपने अपने कार्य में श्रेष्ठ व्यक्तियों ने निगम आयुक्त की बात कि सराहना की थी।