देवास। अपनी मांगों को लेकर पिछले छह दिनों से सहकारी समिति के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिससे जिले की 124 सहकारी समितियों व कई शासकीय राशन की दुकानों का काम ठप पड़ा है। जिले की अधिकांश सहकारी समितियों व राशन की दुकानों पर ताला लटका हुआ है। इससे उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि जिले की 124 समितियों के कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 23 मार्च से हड़ताल पर है। जिससे जिले के उपभोक्ताओं को राशन नहीं मिल पा रहा है। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा सहकारी समिति में किसान अपना कर्ज भी जमा नहीं कर पा रहे है। किसानों के कर्ज जमा के लिए सरकार ने 28 मार्च को नियत किया है, लेकिन पिछले छह दिनों से कर्मचारियों की हड़ताल के चलते किसान अपना कर्ज जमा नहीं कर सका है। इससे अब किसानों को पेनल्टी देनी होगी। जिले में अब तक किसानों के कर्ज की नाम मात्र की राशि ही जमा हो सकी है। वहीं सरकार के निर्देश पर सोमवार से ही जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू हो गई है। जिसे भी इन कर्मचारियों के सहयोग से ही करना है। लेकिन कर्मचारी हड़ताल पर होने से समर्थन पर गेहूं खरीदी का कार्य भी प्रभावित रहा है। सहकारी समिति कर्मचारी संघ प्रदेश उपाध्यक्ष लोकेन्द्र सिंह सेंधव एवं जिलाध्यक्ष हरेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि सरकार से संस्थाओं के कर्मचारी के द्वारा शासकीय कर्मचारियों की भांति वेतनमान तथा अन्य सुविधाएं मिलने की मांग को लेकर 23 मार्च से अनिश्चित हड़ताल पर चल रहे है। 31 मार्च तक कर्मचारियों की मांगो अनुसार आदेश जारी नही होते है तो प्रदेशभर के कर्मचारी 1 अप्रैल को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव कर जंगी प्रदर्शन करते हुए सामुहिक रूप से इस्तीफे सौंपेंगे। कर्मचारियों की हड़ताल से राशन वितरण कार्य, किसानों का कर्ज जमा कार्य, समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी कार्य व लेखा-जोखा संबंधित शासन-प्रशासन की कई महत्वकांक्षी योजनाएं आमजन, मजदूर, किसान तक नही पहुंच पा रही है। 31 मार्च को हड़ताल के दौरान जिले के सभी कर्मचारी अपने सामुहिक इस्तीफे महासंघ के आव्हान अनुसार जिलाध्यक्ष को धरना स्थल पर सौंपकर सामुहिक रूप से 1 अप्रैल को भोपाल पहुंचेंगे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जिलेभर के सहकारी सोसायटी कर्मचारी कड़ी धूप में हड़ताल पर धरना दे रहे है।
