सोनकच्छ। विगत 27 दिसम्बर 2021 को सोनकच्छ निवासी प्रतिक पिता भगवानसिंह राजपूत की बस स्टेण्ड़ के नजदीक कुछ लोगों ने सामुहिक रूप से पिटाई कर दी थी जिसकी सतत 11 दिन के उपचार के दौरान अंततः मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने नामदर्ज सभी आरोपितयों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। इसके बावजूद भी मृतक की माँ और धर्मपत्नि ने 3 दिन पूर्व देवास एक प्रेस कान्फ्रेन्स आयोजित कर नेता व पुलिस-प्रशासन पर भी आरोप लगाते हुए कहाकि पुलिस हमें एफआईआर की कॉपी नहीं दे रही है, अगर हमें जल्द ही इंसाफ नहीं मिला तो हम दोनों सास-बहु आत्मदाह कर लेगें।
करणी सेना का आरोप : राजनैतिक दवाब में मुख्य साजिशकर्ता को बचा रही पुलिस
हत्याकांड के सम्बन्ध में गुरुवार को करणी सेना के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह से भेंट की। चिंटू की पत्नी वंदना राजपूत एवं मां विजयलता राजपूत के साथ करणी सेना मूल के प्रदेशाध्यक्ष शिवप्रताप सिंह के नेतृत्व में एसपी से भेंटकर चिंटू हत्याकांड के सभी दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल में श्री राजपूत करणी सेना देवास के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्रसिंह गौड़, जिला सयोंजक तुफानसिंह, इन्दौर जिलाध्यक्ष अनुराग प्रताप सिंह शामिल थे। भेंट के उपरांत श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष शिवप्रताप सिंह ने पत्रकारों से कहा कि पुलिस प्रशासन से हमारी मांग है कि चिंटू राजपूत की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता दशरथ यादव पर भी 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए। चिंटू राजपूत का दशरथ यादव के ड्रायवर से हमले से पूर्व विवाद हुआ था और ड्राइवर ने चिंटू को धमकी दी थी कि वह उसे मरवा देगा। जिन दस-बारह लोगों ने चिंटू पर प्राणघातक हमला किया, उनकी चिंटू से कोई दुश्मनी नहीं थी, वे सभी दशरथ यादव की शराब की दुकान पर काम करने वाले हैं। क्योंकि हत्या का मुख्य साजिशकर्ता दशरथ यादव भाजपा का नेता है। उसकी पत्नी जनपद अध्यक्ष है। इसलिए स्थानीय पुलिस राजनैतिक दबाव में उसके विरूद्ध कार्यवाही नहीं कर रही है, बचाने का प्रयास कर रही है। हमलावर दशरथ यादव की कार में ही सवार होकर घटनास्थल से फरार हुए हैं। चिंटू की पत्नी एवं मां को घर पर जाकर धमकी देने वाले आरोपियों पर भी कड़ी कार्यवाही की जाए।
दशरथ यादव का कहना : मेरे खिलाफ लगाए गए समस्त आरोप निराधार है, राजनीतिक व द्वेषतापूर्ण षडयंत्र रचा जा रहा है
गुरूवार को दशरथ यादव द्वारा एक प्रेस कान्फ्रेन्स सोनकच्छ में आयोजित की गई जिसमें यादव द्वारा बताया गया कि मंगलवार को मृतक प्रतिक राजपूत की माँ और धर्मपत्नि ने मुझे पुरी घटना का षड़यंत्रकारी बताते हुए मुझ पर गंभीर आरोप लगाए जो सरासर निराधार व असत्य है मैं पूर्व में नगर परिषद का चुनाव लड़ा था जिससे मैं नगर के हर एक व्यक्ति से परिचित हूँ। प्रतिक राजपूत से मेरी सामान्य मुलाकातें कभी-कभी होती थी प्रतिक की हत्या की मैं भी स्पष्ट जाँच की पुलिस प्रशासन से मांग करता हूँ रही बात लाल रंग की गाड़ी की तो पुलिस उसकी भी जाँच कर उक्त गाड़ी के मालिक के खिलाफ ठोस कार्यवाही करें। यह आरोप बिल्कुल गलत है कि मेरे द्वारा या मेरे किसी परिचित द्वारा प्रतिक के परिवार को जान से मारने की धमकी दी है मेरे नाम से अगर किसी ने भी उस परिवार को धमकी या डराया हो तो उसके खिलाफ प्रशासन सख्ती से कार्यवाही करें। मृतक प्रतिक द्वारा भी उपचार के दौरान पुलिस को दिए गए बयान में मेरा नाम नहीं लिया गया था। मेरे विरूद्व राजनैतिक व द्वेषतापूर्ण षडयंत्र रचा जा रहा है इसके पीछे कई लोग शामिल है प्रतिक के परिजनों को मोहरा बनाकर मुझे फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।
सात दिन का मिला आश्वासन
श्री राजपूत करणी सेना प्रदेशाध्यक्ष ने पत्रकारों से कहा कि एसपी साहब ने हमारी सभी मांगें मानते हुए कार्यवाही के लिए सात दिन का समय मांगा है, उन्होंने आश्वासन दिया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, हत्या में जो भी दोषी होगा, उसके विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर साहब ने पीड़ित परिवार को एक लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की है। करणी सेना भी पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। एसपी से भेंट के दौरान एएसपी मंजीतसिंह चावला, सीएसपी विवेकसिंह चौहान, डीएसपी किरण शर्मा भी उपस्थित थे।














