मृत्यू के दसवें पर मीडिया के सामने आयी चिन्टू की पत्नी और मॉ ने कहाँ हत्या के मुख्य षड्यंत्रकर्ता को बचा रही पुलिस..
देवास। विगत 27 दिसम्बर, सोमवार की रात्रि को जिले के सोनकच्छ में पुरानी रंजिश के चलते गीताभवन के सामने करीब 10 से ज्यादा युवकों द्वारा दो युवक पर लोहे की रॉड व हथियारों से हमला कर दिया था। इस जानलेवा हमले में प्रतीक सिंह राजपूत उर्फ चिंटू दरबार गंभीर रूप से घायल हो गया था। चिन्टू की इन्दौर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान 8 जनवरी को मौत हो गयी थी।
सोनकच्छ पुलिस ने अस्पताल में घायल अवस्था में चिन्टू के बयान के आधार पर हमले में शामिल 9 आरोपियो को पूर्व में गिरफ्तार कर लिया था, बाकी के 3 आरोपियों को बाद में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। चिंटू राजपूत युथ ब्रिगेड का जिलाध्यक्ष भी था। पुरानी रंजिश के चलते प्राणघातक हमले में उसकी मृत्यू पर सोनकच्छ में करणी सेना के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में एकत्रित हुए थे, जिन्होने निष्पक्ष कार्यवाही करते हुए दोषियो के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने की मांग की थी, साथ ही सात दिन में आरोपियों के घर, मकान तोड़े जाने की भी मांग की थी।
पुलिस द्वारा पिछले दिनो आरोपियो से जुड़ी दुकान को भी ध्वस्त किया गया था। प्राप्त जानकारी अनुसार पुलिस ने गुंडा एक्ट के तहत आरोपी पवन धोलपुरे एवं महेश करवाड़िया के मकान खाली करने के भी नोटिस जारी किये गये है। पुलिस की आरोपियो के विरूद्ध इस कार्यवाही के बीच चिंटू की मौत के दसवें के दिन चिंटू की पत्नी श्रीमती वंदना राजपूत एवं मॉ विजयलता राजपूत देवास जिला मुख्यालय पर मीडिया के सामने आयी एवं कहा कि पुलिस प्राणघातक हमले के मुख्य षड़यंत्रकर्ता दशरथ यादव को बचा रही है। पत्नी एवं मॉ ने कहा कि दशरथ ने ही चिंटू की पुराने विवाद के चलते हत्या करवाई है।
घायल अवस्था में चिंटू ने भी हमसे कहा था कि मै अब सोनकच्छ नहीं आऊंगा, दशरथ यादव मुझे मरवा देगा। हमलावर दशरथ की लाल रंग की स्विप्ट कार में सवार होकर फरार हुए थे। चिंटू की मौत के दिन करणी सेना के कार्यकर्ताओ के इकट्ठा होने पर वह फरार हो गया था, लेकिन अब वह फिर सोनकच्छ आ गया है और खुलेआम घुम रहा है। भाजपा का नेता है, उसकी पत्नी जनपद अध्यक्ष है, राजनैतिक संरक्षण के चलते पुलिस उसे बचा रही है। चिंटू की मौत के बाद हमारे परिवार में कोई पुरूष नहीं बचा है, हमे भी जान का खतरा है। सोनकच्छ पुलिस हमे एफआईआर एवं बयान की कॉपी भी नहीं दे रही है, यहां तक कि हमारे बयान लेने के बाद हस्ताक्षर भी नहीं करवाए गये। हमारी मांग है कि पुलिस प्रशासन बिना किसी राजनैतिक दबाव के निष्पक्ष कार्यवाही करते हुए चिंटू की हत्या के मुख्य षड़यंत्रकर्ता के विरूद्ध भी प्रकरण दर्ज करे।
करणी सेना पीड़ित परिवार के साथ
करणी सेना के नगर अध्यक्ष अजयसिंह परिहार ने पत्रकारो के समक्ष कहा कि करणी सेना एक सामाजिक संगठन है और पीड़ित परिवार के साथ है, करणी सैनिको से जितनी मदद हो सकेगी, परिवार की करेगी। पत्रकारो से चर्चा के उपरांत चिंटू की पत्नी एवं मॉ करणी सेना के पदाधिकारियो के साथ एसपी आफिस भी पंहुची। एएसपी ने पीड़ित पक्ष को सुनते हुए कहा कि आपको जो भी कागजात चाहिये, वह उपलब्ध करवा दिये जाएंगे। जहां तक कार्यवाही की बात है तो अभी इस प्रकरण में हमारी जांच चल रही है, जो भी कोई दोषी पाया जायेगा, उसके विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।














