देवास। राजस्व विभाग की टीम द्वारा आज मंगलवार को स्टेशन रोड पर स्थित विवादित मरघट कब्रस्तान की जमीन के सीमांकन की कार्रवाई की गई है।
दरअसल वर्ष 2012 में मंसूरी समाज के द्वारा तहसील न्यायालय में याचिका दाखिल कर कहा था कि रिकॉर्ड में त्रुटिवश रेलवे स्टेशन रोड पर स्थित कब्रिस्तान की जमीन मरघट के नाम से दर्ज हो गई है। अतः इसका सुधार किया जा कर कब्रिस्तान को रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए जिसकी वजह से रिकॉर्ड में कब्रिस्तान का नाम दर्ज कर लिया गया था।
बाद में जब वाल्मीकि समाज, नाथ समाज सहित अन्य हिंदू समाज को जब उक्त विषय की जानकारी लगी तो उन्होंने दस्तावेज निकालकर 1975 के पूर्व का रिकॉर्ड एसडीएम न्यायालय में लगाया और अपनी याचिका दाखिल करी की एक आदेश मंसूरी समाज की याचिका पर दिया गया था। वह गलत है और यहां पर 83, 84, 85 तीनों को एक करके कब्रिस्तान में दर्शा दिया गया है, जबकि तीनों सर्वे प्रथक प्रथक होकर सर्वे क्रमांक 84 मरघट रिकॉर्ड का है। दस्तावेज भी याचिका के साथ प्रस्तुत किए गए थे। जिस पर एसडीएम न्यायालय ने राजस्व विभाग को आदेशित कर सीमांकन करके रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया है। उसी आदेश का परिपालन करते हुए राजस्व विभाग की टीम आज उक्त सीमांकन की कार्रवाई करने गई थी।
दोपहर बाद अचानक कार्रवाई स्थगित कर दी गई। विभाग के अधिकारी मैडम ने बतलाया कि एसडीएम साहब के फोन आने पर आज की कार्यवाही स्थगित की जाती है, प्रकरण अभी एसडीएम न्यायालय में चल रहा है आगे फिर कभी सीमांकन की कार्यवाही की जाएगी।
यहां हम आप लोगों को बताना चाहते हैं कि पुराने रिकॉर्ड के सर्वे क्रमांक 83 पर ईसाई समाज का कब्रिस्तान है। सर्वे क्रमांक 84 पर मरघट है तथा सर्वे क्रमांक 85 पर कब्रिस्तान है। 1975 का रिकॉर्ड उठाकर देखा जाए तो उस रेकार्ड में उपरोक्त स्थिति स्पष्ट होती है।
अब देखना यह होगा कि राजस्व विभाग वृत तहसील देवास द्वारा सूचना पत्र जारी कर संबंधित लोगों को सीमांकन के लिए बुलाया गया। सीमांकन की कार्रवाई चल रही थी इस दरमियां एसडीएम के फोन आने के पश्चात कार्यवाही को स्थगित करना किसी राजनीतिक दबाव के चलते तो नहीं किया गया है?














