परिजनों ने लगाया लापहरवाही का आरोप
देवास : जिला अस्पताल के एस एन सी यू वार्ड में शुक्रवार काे दाेपहर करीब ढाई बजे एक 25 दिन के बच्चे की उपचार के दाैरान माैत हाे गई। परिजनाें काे माैत की जानकारी मिली वैसे ही हंगामा करते हुए डाॅक्टराें पर लापरवाही से इलाज करने के आराेप लगा दिए। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।
नाराज परिजन सिटी काेतवाली में नवजात का शव लेकर जा रहे थे, जाे समझाइश के बाद शिप्रा लाैट गए। समीप के ग्राम शिप्रा में रहने वाली स्मिता गाेंदिया की गत 7 दिसंबर को गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डिलीवरी हुई थी। नवजात को सांस लेने में दिक्कत होने पर उपचार के लिए जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती किया गया था। यहां पर सतत 17 दिन तक भर्ती रहकर उपचार चलता रहा। सही हाेने पर अस्पताल से छुट्टी कर दी थी, लेकिन बुधवार को फिर बच्चे काे परेशानी हुई ताे फिर जिला अस्पताल लाया गया।
ड्यूटी डाॅक्टर ने भर्ती कर लिया और शुक्रवार को दोपहर में कह दिया बच्चे को सांस लेने में बहुत दिक्कत हो रही है। कुछ देर बाद कह दिया कि अब बच्चा नहीं रहा, यह सुनकर परिजनों ने विलाप शुरू करते हुए डाॅक्टर पर लापरवाही के आरोप लगाए। रिश्तेदार ममता, अनिल आंजना ने बताया, जिला अस्पताल में लापरवाही से ही बच्चे की मौत हुई है
