Dewas : जीवनदायिनी नदी नर्मदा से धड़ल्ले से किया जा रहा रेत का अवैध उत्खनन…

खनिज अधिकारी खान घेरे में ! डम्पर चालको एवं व्यापारियों ने अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए दिया धरना..

देवास। जिले के अंतिम छोर पर नेमावर में मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी नदी नर्मदा से रेत का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। इसमे खनिज विभाग के जिला अधिकारी से लेकर नेताओं की संलिप्तता भी सामने आती रही है। सोमवार को रेत व्यापारियों द्वारा इन्दौर बेतुल नेशनल हाईवे स्थित नाके पर रंगदारी मांगी जाने का आरोप लगाते हुए मौके पर ही धरना प्रदर्शन कर दिया, जिसका शोर देवास जिला मुख्यालय तक सुनाई दिया।

हाईवे पर दिन रात सैकड़ो डम्पर रेत परिवहन करते हुए धड़ल्ले से बेरोकटोक दौड़ रहे है। रेत परिवहन करते इन डम्परो के कारण आए दिन हादसे भी होते रहते है। यमराज की शक्ल में दौड़ने वाले रेत से भरे इन डम्परो के कारण कई जाने जा चुकी है। सोमवार को हाईवे के बागली विधानसभा अन्तर्गत धनतालाब घाट पर रेत परिवहन करने वाले डम्पर चालको ने रंगदारी का आरोप लगाते धरना दे दिया। । सुचना मिलने पर रेत व्यापारी भी मौके पर पंहुच गये। चालको एवं व्यापारियों ने धनतालाब घाट पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान मौके पर पंहुचे खनिज इंस्पेक्टर रवि मराठा को व्यापारियों ने जमकर खरी खोटी सुनाते हुए कहा कि क्या आपने किसी को नाके पर रंगदारी, वसुली करने का चार्ज सौंपा है। भाजपा के मंडल अध्यक्ष टिकेतप्रताप सिंह द्वारा 10 हजार रूपये की रंगदारी मांगी जा रही थी। खनिज इंस्पेक्टर रवि मराठा के मना किया कि हमने किसी से को कोई काम नहीं सौंपा है। देखें वीडियो

रेत व्यापारियों ने रंगदारी मांगने का लगाया आरोप
व्यापारियों ने मंडल अध्यक्ष टिकेतप्रताप सिंह के विरूद्ध शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने की धाराओ में कार्यवाही की मांग करते हुए कहा, हम रिपोर्ट लिखायेंगे। हमारे डम्पर चालक गवाही देंगे। व्यापारियों ने कहा हमने विधायक से भी बात की, विधायक का भी कहना है कि रूपये देने पडेÞंगे, तभी यहां से डम्पर निकलेंगे, लेकिन विधायक का नाम नहीं बताया। काफी देर तक होहल्ला मचता रहा। गौरतलब है कि नर्मदा के सीने को छलनी करने वाले देवास के खनिज माफिया, ठेकेदार सिर्फ नेमावर ही नहीं अपितु मुख्यमंत्री के ग्रह जिले सिहोर के अन्तर्गत नर्मदा तट तक पर से रेत का अवैध उत्खनन करने से नहीं चुक रहे है। ठेकेदार कपंनी पर प्रदेश सरकार की ही करोड़ो रूपये की रायल्टी बकाया बतायी जा रही है। जिले के खनिज अधिकारी मोहम्मद आरिफ खान अवैध उत्खनन को लेकर लगातार भ्रष्टाचार के आरोपो से घिरे हुए है। बताया जाता है कि आरिफ खान खनिज विभाग में सबसे विवादित अधिकारी है। पूर्व में यह भी सुर्खिया रही कि खान एक जियोलॉजिस्ट (भू वैज्ञानिक) हैं। नियम के विपरीत उन्हें खनिज अधिकारी बनाया गया है। आरिफ खान अपनी ऊपर की पहुंच के दम पर नर्मदा किनारे के जिले में पोस्टिंग कराने में सफल हुए हैं और अवैध उत्खनन के कारोबार को प्रश्रय देकर भ्रष्टाचार करते मोटा माल कमा रहे है। पिछले दिनो खनिज अधिकारी खान का भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव खंडेलवाल से भी विवाद हुआ था। जिलाध्यक्ष खंडेलवाल ने प्रदेश नेतृत्व तक से खान की शिकायत की थी, लेकिन उपरी पकड़ के कारण खान पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गयी

भाजपा मंडल अध्यक्ष ने कहा ओवरलोडिंग वाहन पकडे
रेत व्यापारियों के आरोपों पर भाजपा मंडल अध्यक्ष टिकेतप्रताप सिंह का कहना है कि राज्य शासन द्वारा ओवर लोडिंग वाहन सख्ती से प्रतिबंधित किये है। इस सम्बन्ध में खनिज अधिकारी एवं प्रशासन को अवगत कराया, लेकिन भ्रष्टाचार से घिरे खनिज विभाग के अधिकारियों द्वारा ओवरलोडिंग रेत के डम्परो के विरूद्ध किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गयी। मंडल अध्यक्ष ने कहा कि हमारे द्वारा 23 जनवरी को ओवरलोडिंग वाहनो का आवागमन रोकने के सम्बन्ध में बागली थाने पर भी आवेदन दिया गया। रात में हमने कार्यकर्ताओ एवं ग्रामीणो के साथ मिलकर 12 ओवरलोडिंग डम्पर रोककर खनिज इंस्पेक्टर रवि मराठा को सौंपे है। किसी प्रकार की रंगदारी नहीं मांगी गयी है, इस प्रकार के आरोप झुठे है। ठेकेदार कम्पनी द्वारा रायल्टी के अतिरिक्त ओवरलोडिंग रेत भरी जाने के विरूद्ध कार्यवाही की बात रखी, जिससे बोखलाकर रेत के दलालो, व्यापारियों द्वारा रंगदारी मांगने के आरोप लगाए जा रहे है। इस सम्बन्ध में खनिज अधिकारी खान को फोन लगाया गया तो बात नहीं हो सकी।