देवास। देवास विकास प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत ट्रांसपोर्ट नगर हेतु रसलपुर बायपास पर जमीन का अधिकरण किया गया था। जिसका मुआवजा 2012 की जमीन अधिग्रहण पॉलिसी के तहत किसानों को दिया गया था। मुआवजे के पैसे भी खातों में आ गए थे, और जमीन का कब्जा प्राधिकरण के पास आ गया था । लेकिन किसानों के द्वारा उनके खाते से पैसे नहीं निकाले गए किसानों का कहना है की आज की गाइडलाइन के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। नगर निगम ने प्रेस सूचना जारी कर कहा की यह संभव नहीं है क्योंकि 2012 में ही प्रोजेक्ट की सभी गाइडलाइन स्वीकृत हो चुकी थी। प्राधिकरण ने ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है लेकिन किसानों के बीच असमंजस की स्थिति के चलते निर्माण कार्य मे बाधा डाली जा रही हैं । शहर हित मे स्वीकृत ट्रासपोर्ट नगर का कार्य प्रारंभ कर दिया गया जिसमें किसानों द्वारा डाली जा रही बाधाओं के चलते कार्य में विलंब हो रहा है। विकास प्राधिकरण के द्वारा किसानों को बार-बार समझाइश भी दी जा रही है।
• वर्ष 2008 में बनी थी योजना: वर्ष 2008 में विकास प्राधिकरण ने ट्रांसपोर्ट नगर को लेकर योजना बनाई थी। इसके लिए रसूलपुर बायपास के पास 32 लोगों की करीब साढ़े 11 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित करने की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद 2010 में संबंधितों को अवॉर्ड पारित किए गए थे। कुछ किसान अवार्ड से संतुष्ट नहीं थे। उसके बाद भूमि स्वामियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद कोर्ट ने यथास्थिति रखने के निर्देश दिए थे। बीते 23 मार्च को हाईकोर्ट ने प्राधिकरण के हक में निर्णय देकर प्राधिकरण को भूमि-स्वामियों को पूर्व में पारित अवॉर्ड अनुसार मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। जिसमें किसानों को ब्याज राशि बढ़ाकर देने का जिक्र किया।














