देवास। आगामी गुरुवार को दिवाली का महापर्व है जिसको लेकर आज सोमवार को देवास प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये थे जिसमें दीपावली पर पटाखे फोड़ने की समय सीमा रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक दो गयी है जिसे लेकर शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी ने देवास प्रशासन से सवाल करते हुए लिखा है कि
विश्व का सबसे बड़ा सर्वधर्म का त्यौहार जिसे केवल हिंदू ही नही सभी धर्म के लोग बहुत ही हर्षोल्लास और आनंद के साथ मनाते हैं। बच्चे- बूढ़े -दोस्त सभी लक्ष्मी पूजन के बाद आतिशबाजी करते हैं। लेकिन उत्साह और रोशनी के इस महापर्व पर देवास प्रशासन का ये कैसा फरमान ? केवल दो घंटे ही होगी आतिशबाजी की छुट और हर बार की तरह इस बार भी हमारे देवास विधायक-सांसद मौन है ? क्या ये माना जाए कि ऐसे बेतुके आदेश देवास की जनता पर थोपाना इन नेताओ की सहमति से ही हो रहा है।
पहले भी देवास प्रशासन द्वारा नवरात्रि के दौरान रात्रि कालीन कर्फ्यू लगाया गया था, लेकिन जनता ने रात्रि, मध्यरात्रि और भोर सुबह भी माता के दर्शन किये और यह आदेश हवा हवाई हो गया। उसके बाद माता प्रतिमा के विसर्जन चल समारोह की अनुमति ना देना, पुन: परंपरा को अटूट रखने के लिए देवास वासियों ने इस आदेश को भी आस्था के आगे दरकिनार कर दिया। ईद के मौके पर फिर देवास प्रशासन ने बेतुका आदेश निकाला, धर्म पर पहरा नही होना चाहिये और त्यौहारों पर प्रतिबंध क्यो हो? ये देवास प्रशासन और यहाँ के भाजपा नेताओ को समझना होगा। भाजपा केवल धर्म के नाम पर वोट लेकर इतिश्री ना करें। आज प्रशासन आपका है, तो हमारे त्योहारों पर प्रतिबंध लगने पर आप चुप क्यों बैठे हो?
आज दीपावली पर फिर वही तुगलकी फरमान, देखते हैं देवास की जनता इन्हें क्या सबक सिखाती है ? लगता है भाजपा सत्ता से बाहर जाने का रास्ता खुद बना रही है। एक ओर मंहगाई की मार और दुसरी ओर तुगलकी फैसले। अवहेलना या परंपरा ?
देवास जिला शहर कांग्रेस कमेटी देवास केवल 2 घंटे आतिशबाजी की अनुमति देने के निर्णय की घोर निंदा करती है और यह मांग करती है कि सर्वधर्म के त्योहारों पर किसी भी तरह की पाबंदी ना हो।














