देवास। शहर में अब नगर पालिका निगम देवास द्वारा डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए शुल्क में इजाफा किया जा रहा है। संशोधित को हुई दरे अप्रैल माह 2022 से लागू होगी।
नगर पालिका निगम देवास ने 11 फरवरी 2022 को एक सार्वजनिक सूचना जारी की है जिसमे उसने ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन के लिए उपभोक्ता प्रभार की दरे को संशोधित करनी की जानकारी दी है।
• निगम द्वारा दी गयी सार्वजनिक सूचना में डोर टू डोर गार्बेज कलेक्शन की संसोधित की हुई दरों दी गयी है जो कि इस प्रकार है।
- भूमि / भवन आवासीय : 40/- रु.
- धर्मशालाएं : 230/- रु.
- होटल एवं लाजिंग 10 रूम तक : 170/- रु :- 10 रूम से अधिक : 280/- रु.
- प्रायवेट शॉपिंग मॉल प्रति दुकान छोटी : 110/- रु.
- प्रायवेट शॉपिंग मॉल : 570/- रु.
- छोटे शोरूम 300 वर्ग फ़ीट तक : 170/- रु. :- 300 वर्ग फ़ीट से अधिक : 280/- रु.
- दूध डेरी 300 वर्ग फ़ीट तक : 110/- रू. :- 300 वर्ग फ़ीट से अधिक : 230/- रू.
- मटन शॉप छोटी (बकरा-बकरी / मुर्गा-मुर्गी) : 230/- रु.
- मटन शॉप पाड़ा सभी साइज : 570/- रु.
- किराना दुकान, पान की दुकान, भांग दुकान, सांची पाइंट, टेलर की दुकान, कपड़ा व्यापारी, गैरेज, मोबाइल दुकान मेडिकल स्टोर, आरो पानी सेंटर, हेयर कटिंग, सेल्युन ब्युटी पार्लर, सोना चाँदी दुकान, बैटरी दुकान, आटो पार्ट्स, आरा मशीन क्लिनिक अन्य आदि 200 वर्ग फ़ीट तक : 110 /- रु. :- 200 वर्ग फ़ीट से अधिक : 230/- रु.
- मधुशाला / ज्यूस आइसक्रीम पार्लर/चाट सेंटर/चाय नास्ता दुकान 200 वर्गफीट तक : 110/-रु. :- 200 वर्गफीट से अधिक : 230/-रु.
- लोहे/लकड़ी से संबंधित फर्नीचर निर्माता 200 वर्गफीट तक : 110/-रु :- 200 वर्गफीट से अधिक : 340/-रु.
- समस्त प्रकार के बिल्डिंग मटेरियल, भंगार/अटाले वाले : 340/-रु.
- औद्योगिक ईकाई 1500 वर्गफीट तक : 570/- रु :- 1500 वर्गफीट से अधिक : 1150/-रु
- मैरिज गार्डन (मांगलिक परिसर) : 2300/- रु
- प्रायवेट हॉस्पिटल एवं नर्सिंग होम (बायो मेडिकल वेस्ट को छोड़कर) 10 बेड तक : 340/-रु. :- 10 बेड से अधिक : 570/-रु.
- रेस्टोरेंट एवं भोजनालय : 340/-रु
- प्राथमिक विद्यालय : 230/- रु
- माध्यमिक विद्यालय : 340/-रु.
- उच्चतर माध्यमिक विद्यालय : 570/-रु.
- देशी / विदेशी शराब की दुकान : 570/-रु.
पूर्व में भी नगर पालिका निगम देवास द्वारा बीते वर्ष जुलाई माह में नगर निकाय टैक्स की दरों की सार्वजनिक सूचना जारी की गई थी। यह वृद्धि वित्तीय वर्ष 2021-22 से लिए लागू होना थी । यह वृद्धि अनेक शहरों में होगा थी। जिसका हर जगह विरोध हुआ था जिसके बाद राज्य शासन ने समस्त निकाय टैक्स वृद्धि को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया था।
