Dewas शंकरगढ़ हिल्स फेस्टिवल में गोलमाल ही गोलमाल…!

• मान मनोव्वल के बाद शंकरगढ़ हिल पर औपचारिकता निभाने पंहुची महापौर

देवास। 10 से 12 फरवरी तक आयोजित शंकरगढ़ हिल्स फेस्टिवल से दो दित तक महापौर श्रीमती गीता अग्रवाल दुरी प्रारंभ से ही चर्चा का कारण बना हुआ था। सोशल मीडिया में भी इसको लेकर लगातार प्रतिक्रियाएॅ व्यक्त की जा रही थी। अंतिम दिन निगम अधिकारियों एवं पति की मान मनौव्वल के बाद महज औपचारिकता निभाने के लिये कुछ समय के लिये ही महापौर कार्यक्रम में पंहुची। उधर जिला प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा जनता के धन की बर्बादी कर रखे गये इस महंगे आयोजन में गोलमाल ही गोलमाल नजर आ  रहा है। निगम अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा ही शंकरगढ़ हिल्स फेस्टिवल की टेंडर प्रक्रिया, पारदर्शिता पर कई तरह के सवाल पर खड़े किये जा रहे है। अंदर की बात अगर हम करें तो बड़ा ही गंभीर मामला सामने नजर आता है। इतना बड़ा आयोजन जिसके लिए देवास जिला पर्यटन और प्रमोशन समिति गठित की गई। इस समिति की जानकारी देने के लिए कोई भी जिम्मेदार अधिकारी तैयार नहीं है। कलेक्ट्रेट के कार्यालय अधीक्षक से जब इस सम्बन्ध में जानना चाहा तो उन्होंने कोई भी जानकारी देने से इंकार कर दिया। इतना ही नहीं जब उनसे पूछा गया कि इस आयोजन के लिये कितने टेंडर विज्ञप्ति जारी किए गए हैं  तो उन्होंने स्पष्ट कह दिया कि हमे इसकी जानकारी नहीं है। जिला शहरी अभीकरण के अधिकारी से बात कीजिए, वही कुछ बता पाएंगे। जिला शहरी अभिकरण के अधिकारी रवि भट्ट से जानकारी लेना चाही तो उन्होंने इस कार्यक्रम की कोई जानकारी उनके पास नहीं होने की बात कहते हुए बताया कि इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपी गई है। इसके टेंडर विज्ञप्ति की नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों से जानकारी नगर निगम की कार्यपालन यंत्री इंदु भारती मैडम से मिल जाएगी। जब  इंदू भारतीय मैडम से फोन पर चर्चा की तो उन्होंने भी किसी प्रकार की जानकारी उनके पास नहीं होने की बात कही तथा बाद में उन्होंने कहा कि टेंडर विज्ञप्ति की जानकारी नगर निगम जनसंपर्क अधिकारी उमेश चतुर्वेदी दे सकते हैं। टेंडर विज्ञप्ति जारी करने के लिए उनके पास ही सारी जानकारी रहती है। उमेश चतुर्वेदी से फोन करके टेंडर विज्ञप्ति के बारे में पूछा तो उन्होंने उनके पास कोई भी जानकारी होने से साफ इंकार कर दिया। इससे साफ स्पष्ट होता है कि शंकरगढ़ फेस्ट 2023 इवेंट में भारी गोलमाल-घपलेबाजी की गयी है।  अधिकारियों की सांठगांठ से बिना टेंडर विज्ञप्ति जारी किए  अधिकारियों के चहेते सांठगांठ वाले ठेकेदारों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। सुनने में तो यह भी आ रहा है कि अहमदाबाद से पतंगबाजी के लिए एक ग्रुप को बुलाया गया था। वह ग्रुप मात्र प्रथम दिन कुछ देर की पतंगबाजी के लाखों रुपए लेकर यहां से गया है, जबकि देवास के बच्चों को अगर पतंगबाजी के लिए आमंत्रित करते तो देवास के बच्चे फ्री में बड़े स्तर की पतंगबाजी जिला पर्यटन एवं प्रचार समिति में बैठे इन मठाधीश को करके दिखा देते, लेकिन बात तो यह भी है की देवास के बच्चे अगर फ्री में पतंगबाजी कर देते तो इन्हें ठेकेदारों से पिछले दरवाजे से मिलने वाला भारी कमीशन नहीं मिल पाता।

मेराथन में हिस्सा लेने आई बच्चियॉ रही भूखी प्यासी

शंकरगढ़ हिल्स फेस्ट में हिस्सा लेने के लिये जिन स्कूली बच्चियों को मेराथन दौडऩे के लिए बुलाया था, जो बच्चे स्टेडियम से दौड़ते हुए शंकरगढ़ शंकरगढ़ की पहाड़ी पर गए थे। उन्हें नाश्ते पानी का भी कोई इंतजाम नहीं था इतना ही नहीं उन बच्चों को वापस गंतव्य तक लाकर छोडऩे की भी कोई वाहन व्यवस्था नहीं की गई थी मात्र 2 सिटी बसें फॉर्मेलिटी के लिए लगाई गई थी। दुसरे दिन  रॉक बैंड और फैशन शो के दौरान आसपास के बालगढ़, नागदा, शंकरगढ़, पाल नगर,  चुना खदान के मूल निवासी मुख्यरुप से कार्यक्रम देखने के लिए पहुंचे, लेकिन वहां से लौटते वक्त प्रशासन के इस आयोजन को कोसते हुए लौटे। रहवासियों का कहना था कि हुड़दंग मस्ती के अलावा कुछ भी नहीं था। अंग्रेजी पाश्चात्य संस्कृति में रचे हुए गाने प्रस्तूत करवाएॅ जा रहे थे।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशो की अवहेलना

कार्यक्रम की घोषणा रात्रि 9 बजे तक चलने की की गई थी, जबकि कार्यक्रम सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए रात्रि 11 बजे तक चलता रहा और जिले के जिम्मेदार अधिकारी खुद चुपचाप बैठे रहे। इस दरमियान औद्योगिक क्षेत्र थाना के एक निरीक्षक मंच के होस्ट से तीन बार कार्यक्रम को घड़ी दिखाकर बंद करने की गुहार लगाते रहे, लेकिन जिला प्रशासन के सभी बड़े अधिकारियों के इंजॉय के लिए आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में उस तीन सितारा लगे पुलिस कर्मी की भी बिल्कुल नहीं चली।