संक्षिप्त विवरण प्रमुख बिंदु (Key Highlights) मुद्दा: विनायक हॉस्पिटल में सीएमएचओ (CMHO) के कई घंटों तक चले औचक निरीक्षण की रिपोर्ट अब तक गुप्त।
- आरोप: स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी से पैदा हो रहा है भारी संदेह।
- मांग: भाजपा जिला उपाध्यक्ष ठा. गौतमसिंह राजपूत ने सीएम को ज्ञापन सौंपकर रिपोर्ट सार्वजनिक करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
- पृष्ठभूमि: हाल ही में श्रीराम हॉस्पिटल को भ्रूण हत्या के मामले में सील किया गया था, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई थी।
देवास (Dewas News): मध्य प्रदेश के देवास शहर में स्वास्थ्य विभाग (Health Department Dewas) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष और पूर्व जिला पंचायत सदस्य ठा. गौतमसिंह राजपूत ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने देवास के विनायक हॉस्पिटल (Vinayak Hospital) में हुई औचक जांच की रिपोर्ट को तत्काल सार्वजनिक करने की पुरजोर मांग की है।
श्रीराम हॉस्पिटल के बाद विनायक हॉस्पिटल था निशा ने पर ज्ञापन में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि हाल ही में प्रशासन ने देवास के श्रीराम हॉस्पिटल पर भ्रूण हत्या (Female Feticide Case) जैसे गंभीर मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया था। इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) द्वारा देवास के ही विनायक हॉस्पिटल में भी कई घंटों तक गहन औचक निरीक्षण किया गया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस सघन जांच के बाद से ही विभाग ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। अब तक जांच के परिणाम और किसी भी प्रकार की कार्रवाई की जानकारी जनता के सामने नहीं रखी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की ‘चुप्पी’ पर उठे सवाल भाजपा नेता ठा. गौतमसिंह राजपूत ने आरोप लगाया है कि इतने बड़े और संवेदनशील मामले में स्वास्थ्य विभाग का इस तरह मौन रहना कई तरह के संदेह पैदा करता है। उन्होंने प्रशासन से तीखे सवाल करते हुए कहा है कि:
- यदि निरीक्षण के दौरान विनायक हॉस्पिटल में किसी प्रकार की अनियमितता पाई गई है, तो उसे छुपाया क्यों जा रहा है?
- जांच की पूरी रिपोर्ट पारदर्शी तरीके से जनता के सामने आनी चाहिए।
- संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली संदिग्ध है, इसलिए इसकी एक उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री से निष्पक्ष कार्रवाई की गुहार ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से यह मांग की गई है कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और आम जनता का विश्वास कायम रखने के लिए विनायक हॉस्पिटल की जांच रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक किया जाए। साथ ही, यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस महत्वपूर्ण ज्ञापन की प्रतिलिपि स्वास्थ्य आयुक्त (भोपाल), संभाग आयुक्त (उज्जैन), संयुक्त संचालक स्वास्थ्य विभाग (उज्जैन), कलेक्टर (देवास) और सीएमएचओ (देवास) को भी प्रेषित की गई है, ताकि उच्च अधिकारी इस मामले का संज्ञान लें।
