8 हज़ार की पगार वाला सहकारी समिति का सेल्समैन निकला करोड़पति, EOW ने छापा मार की कार्यवाही
देवास(चंचल भारतीय):देवास जिले के कन्नौद के समीप डोकाकुई की सहकारी समिति के सेल्समेन ने भ्रष्टाचार की कमाई से करोड़ों की सम्पत्ति अर्जित की और अपनी करतूत छुपाने के लिए अपने दो बेटों बल्दियत बदल डाली। खुद के दोनों बेटों के दस्तावेजों में पिता के नाम की जगह अपने बड़े भाई का नाम दर्ज करा दिया। ईओडब्लू उज्जैन एसपी दिलीप सोनी को इसकी शिकायत मिली तो आज ईओडब्लू की टीम ने डोकाकुई में गोविंद के तीन अलग-अलग ठिकानों पर छापा मारा। कार्रवाई अभी भी जारी है। अभी तक उसके पास करोड़ो की संपत्ति होने का खुलासा हुआ है, ईओडब्लू की टीम ने गोविंद की भ्रष्टाचार की कमाई से दस से 12 करोड़ रुपए की 52 बीघा जमीन, तीन मकान, एक बड़ा गोडाउन, एक ट्रैक्टर, दो मोटरसाइकिल सहित सोने-चांदी के जेवरात सहित करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। इस बात की पुष्टि ईओडब्लू डीएसपी अजय केथवास ने की है।
आपको बता दें कि गोविंद पिता भोलू बागवान डोकाकुई सहकारी समिति में सेल्स मैन के पद पर पदस्थ था। इसके द्वारा भ्रष्टाचार की काली कमाई से करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने की शिकायत ईओडब्लू एसपी दिलीप सोनी को मिली। एसपी श्री सोनी ने मामले की जांच के लिए सब इन्सपेक्टर मालवीय और अजय संकत को भेजा। जब जांच में शिकायत की पुष्टि हुई तो न्यायालय से वारंट लेकर आज ईओडब्लू की टीम डोकाकुई पहुंची। सुबह सात बजकर दस मिनट पर टीम ने गोविंद के तीन ठिकानों पर छापामार कार्रवाई करते हुए सर्चिंग की तो अधिकारी भी हैरान रह गए। आठ हजार रुपए की नौकरी करने वाला गोविंद करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला। अपनी काली कमाई छिपाने के लिए गोविंद ने अपने बेटे अरविंद और प्रवीण के नाम से संपत्ति खरीदी। फर्जीवाड़े की तो गोविंद ने हदें पार कर दी। उसने अपने दोनों बेटों के दस्तावेज आधार कार्ड और पेनकार्ड में पिता का नाम ही बदला दिया। खुद के नाम की जगह अपने बड़े भाई कैलाश का नाम दर्ज करा दिया, ताकि उसकी करतूत का खुलासा नहीं हो सके। ईओडब्लू डीएसपी श्री कैथवास के मुताबिक गोविंद ने अपनी बेटी की शादी करने के बाद अपने दामाद के इलाज में भी पांच लाख रुपए खर्च किए। गोविंद पूर्व में भी किसानों के लोन के पैसों में हेरफेर के आरोप में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ कन्नौद थाने में प्रकरण दर्ज हुआ था। हालांकि उस केस से वह बरी हो चुका है। ईओडब्लू की कार्रवाई अभी जारी है। कार्रवाई समाप्त होने पर अवैध रूप से कमाई गई और भी संपत्ति के उजागर होने की उम्मीद जताई जा रही है।














