देवास। देश में हम आजादी का अमृत उत्सव मना रहे। इस आजादी को पाने के लिए वीरों का खून बहा है। इसे हमने आज समाज ही समझ लिया है। आजादी का मतलब यह नहीं कि हम अपनी संस्कृति का पतन कर दें। हम क्या पढ़ा रहे हैं हम क्या पढ़ रहे हैं। क्या छीनने वाला ग्रेट होता है। ग्रेट तो है हमारे राम जिन्होंने सौतेली मां के आदेश पर 14 साल राजपाट त्याग कर वन को चले गए। यह हमारी संस्कृति है। बच्चों को इतिहास पढ़ाएं, हमारा इतिहास लाखों साल पुराना है। हमारी संस्कृति-हमारा सनातन धर्म जहां मानवता का संस्कार दिया जाता है। यह भयानक इस युग में अध्यात्मिक शक्ति ही हमारे बच्चों को बचा सकती है। बच्चों को बचपन से अध्यात्म का ज्ञान, प्रभु की भक्ति, संस्कृति का ज्ञान दे और हमारे संस्कारों से परिपूर्ण करे। वरना सावधान रहें आने वाला 20 साल बाद हमारी ये पीढ़ी खून के आंसू रोएगी। कैला देवी मंदिर श्रीमद् भागवत कथा की चतुर्थ दिवस पर भागवताचार्य देवकीनंदन जी ठाकुर व्यक्त करे।

कथा प्रसंग के दौरान अजामिल की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि बच्चों का नाम भगवान के नाम पर ही रखे, ताकि चलते-फिरते हमें प्रभु का स्मरण हो सके। आजकल पाश्चात्य सभ्यता के अनुसार नाम रखे जाते है। कुत्ते व बच्चें के नाम में कोई अंतर नही दिखता। नाम हमारी संस्कृति को नष्ट कर रहा है। आपने कहा कि हर वैष्णवी को अपने घर में पंच देवता की पूजा करना चाहिए। पंच देवता में गणेश, भगवान शिव, नारायण अर्थात विष्णु, राम और कृष्ण, सूर्यदेव एवं शक्ति रूपा माँ दुर्गा इनकी उपासना करने से ही हम अपने जीवन का कल्याण कर सकते है। कथा में राजाबलि की कथा, प्रभुराम के जन्म का वर्णन, रामायण के सुंदर प्रसंगों का वर्णन किया। प्रभु श्रीकृष्ण के जन्म का वर्णन करते हुए भगवान कृष्ण के जन्म पश्चात वसुदेव जी द्वारा भगवान कृष्ण को गोकुल ले जाने का दृश्य की झांकी प्रस्तुत की गई। आलकी की पालकी, जय कन्हैयालाल की एवं नंद के घर आनंद भयो गीतों के साथ कृष्ण जन्म पर श्रोताओं ने जमकर नृत्य किया और कथा पाण्डाल को गोकुल का स्वरूप दिया। इस अवसर पर शहीदों की शहादत का स्मरण करते हुए एनाबाद के वीर पुत्र शहीद सुरेन्द्र सिंह गोहिल के पिता रणवीर सिंह गोहिल का व्यासपीठ से ठाकुर जी ने सम्मान किया। सम्मान करते वक्त ठाकुर जी भावविभोर हो गए। साथ ही अवकाश में आए भारतीय सेना के पांच जवानों का मंच से सम्मान किया गया।
• आज होगा कवि सम्मेलन
7 अप्रैल, गुरुवार को रात्रि 8 बजे कथा पाण्डाल में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। जिसमें देशभर के ख्यात कविगण अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देंगे।














