• मानदेय 1750 से बढ़कर 4250 कर रहा हु ताकि चाय पानी का खर्चा तो ढंग से निकल जाए : सीएम शिवराज सिंह
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान से सीएम ने सरपंचों के मानदेय को लेकर बड़ी घोषणा की है। सीएम शिवराज सिंह ने सरपंचों का मानदेय 1750 से बढ़ाकर 4250 रुपए कर दिया है।
दरअसल, बुधवार को भोपाल में पंचायत प्रतिनिधियों का महासम्मेलन बुलाया गया था, जिसमें प्रदेश भर की 23 हजार पंचायतों के सरपंच एकत्रित हुए हैं। इस मौके पर सीएम शिवराज सिंह चौहान संबोधन दे रहे थे। इस मौके पर पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया, सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित कई बड़े नेता मौजूद हैं। इस अवसर पर सीएम ने सरपंचों को उनके अधिकारों के बारे में जानने की बात कही। उन्होंने कहा कि जनता आपको चुनकर लाई है तो उनकी शिकायतों पर भी ध्यान देना है। पंचायत चलाने में जनता का सहयोग जनता का चुनाव जरूरी है। जनता से जुड़ाव के लिए ग्राम सभाओं की बैठक भी होती रहना चाहिए।• अभी ₹1750 है मानदेयमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुख्य आतिथ्य में जंबूरी मैदान, भोपाल में आयोजित नव-निर्वाचित सरपंचों का राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण-सह-सम्मेलन कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि सरपंचों का मानदेय अभी केवल 1750 रुपए है। इसे बढ़ाकर मैं 4250 रुपए कर रहा हूं। वहीं ग्राम सभा में प्रशासकीय स्वीकृति के अधिकार 15 लाख रुपए तक के हैं, उन्हें बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग की 1472 हजार करोड़ रुपए की राशि हमने जारी कर दी है। ये जल्दी ही आपके खातों में पहुंचेगी। सीएम ने कहा कि तेंदूपत्ता अगर ग्रामसभा तोड़ना चाहती है तो 15 दिसम्बर तक ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर जरूर भेजे दें। ग्राम स्वराज की कल्पना मैं आप सभी के सामने जल्दी लेकर आ रहा हूं। कपिलधारा के कुएं तत्काल प्रभाव से बनाए जाएंगे। सुदूर सड़क संपर्क योजना में गांव की सड़कों को प्राथमिकता दी जाएगी, यह योजना हम फिर से प्रारंभ कर रहे हैं। एसओआर की दरें तत्काल प्रभाव से बदल दी जाएं, ताकि जो असली खर्चा है वह हो जाए। एक ही विभाग में एक रेट अलग और दूसरे के अलग, ये नहीं होना चाहिए।
