मध्यप्रदेश में पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी जोरो शोरो से एक बार फिर शुरू हो गयी है साथ ही सीटों पर आरक्षण भी हो गए है सरकार ने बुधवार देर शाम एक और प्रस्ताव तैयार किया। इसके तहत नगर निगम के महापौर को जनता सीधे चुनेगी, जबकि नगर पालिका और नगर परिषद में अध्यक्ष का चुनाव पार्षद करेंगे। इस प्रस्ताव को राज्यपाल की मंजूरी के लिए आज गुरुवार को राजभवन भेजा जाएगा।
मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएं, इसको लेकर काफी दिनों से मंथन चल रहा था। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के फैसले में परिवर्तन करते हुए पार्षदों की जगह सीधे जनता से महापौर और अध्यक्ष का चुनाव करने का निर्णय पहले लिया गया था। लेकिन इसमें फिर संशोधन का निर्णय लिया गया।
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प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव अब प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनों प्रणाली से होंगे। नगर निगम के महापौर सीधे जनता द्वारा चुने जाएंगे। जबकि, नगर पालिका और नगर परिषदों के अध्यक्षों का चुनाव पार्षदों के माध्यम से किया जाएगा। सरकार ने अध्यादेश के प्रारूप में संशोधन किया है, जिसके कानून पहलूओं का विधि एवं विधायी ने परीक्षण भी कर लिया है। अब राज्यपाल मंगुभाई पटेल की अनुमति के बाद इसे राजपत्र में अधिसूचित करके प्रभावी किया जाएगा।














