मध्य प्रदेश सरकार ने जारी किया आगामी वर्षों के लिए तैयार प्रदेश के विकास का रोड-मैप

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री (CM Mohan yadav) डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत के सपनों को पूरा करने, विकसित मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के लिए हमने समग्र विकास को आधार बनाकर रोड-मैप तैयार किया है। रोडमैप में प्रधानमंत्री श्री मोदी के 4 प्रमुख स्तंभों को शामिल कर हम अपनी कार्य योजना को अमल में लाएंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी का विजन ही हमारे मिशन का मार्गदर्शक होगा।

  • प्रदेश में मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (महानगर) का गठन किया जाएगा। इंदौर-उज्जैन-देवास-धार को मिलाकर एक तथा भौपाल-सीहोर रायसेन विदिशा-ब्यावरा (राजगड) को मिलाकर दूसरा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाया जाएगा।
  • संभाग, जिला, तहसीलों और अनुविभागों का पुनर्गठन किया जायेगा।
  • प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दोगुना किया जायेगा।एक लाख 25 हजार अस्थाई विद्युत कनेक्शन लेने वाले कृषकों को सौर ऊर्जा के पम्प प्रदाय किये जाएंगे।
  • अगले 4 वर्ष में सौर ऊर्जा पम्प प्रदाय कर किसानों को विद्युत आपूर्ति में आत्मनिर्भर बनाया जायेगा।
  • कृषि फसलों के विविधीकरण की पहल की जाएगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ौत्तरी हो।
  • अधिक दाम प्रदान करने वाली फसलों की ओर किसानों को प्रोत्साहित किया जायेगा।
  • प्रदेश में वर्तमान में 50 लाख हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र है। अगले पाँच वर्षों में इसे दोगुना 1 करोड़ हेक्टेयर किया जायेगा।
  • वर्तमान में 17 शासकीय मेडिकल कॉलेज है तथा 13 प्रायवेट मेडिकल कॉलेज है। पीपीपी मोड पर 12 और 8 शासकीय मेडिकल कॉलेज चालू किये जायेंगे।
  • प्रदेश में दुग्ध समितियों का विस्तार किया जायेगा। वर्तमान में प्राथमिक दुग्ध समितियां 8,500 गाँवों में ही है। एक वर्ष में 15 हजार गांवों तथा 4 वर्षों में प्रदेश के समस्त गाँवों तक दुग्ध समितियां गठित की जायेंगी।
  • महिला स्व-सहायता समूह को जन आंदोलन बनाया जायेगा। वर्तमान में 25 लाख महिलाएं स्व-सहायता समूह से जुड़ी है। यह संख्या चार वर्ष में 50 लाख तक बढ़ाई जायेगी।
  • यात्रियों की सुविधा के लिए प्रदेश में बसों के लिये परिवहन कंपनी बनाकर संचालन किया जाएगा।
  • वर्ष-2025 को उद्योग एवं रोजगार-वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। जिसमें युवाओं को शासकीय नौकरी के साथ स्व-रोजगार से जोड़ने का वृहद स्तर पर कार्य होगा। एक लाख सरकारी भर्तियां की जाएंगी।
  • भारत सरकार के विजन के अनुरूप राज्य के सभी संभाग मुख्यालयों जैसे ग्वालियर, सागर, रीवा, जबलपुर, नर्मदपुरम्, शहडोल आदि को भी क्षेत्रीय आर्थिक विकास केंद्र के रूप में विकसित करने की अवधारणा के साथ कार्य योजना बनाई जाएगी।
  • प्रदेश में संतुलित नगरीय विकास को गति देने तथा आर्थिक विकास के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए पुनर्घनत्वीकरण और पुनर्विकास नीति के अतिरिक्त एकीकृत टाउनशिप नीति तैयार की जाएगी। इसमें निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।

Dewas – मेरा मुकाबला व्यक्ति विशेष से नहीं विपक्ष से है – गायत्री राजे पवार

  • देवास की जनता मेरा परिवार, इस परिवार ने हमेशा मेरा साथ दिया है..

देवास। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही सभी दावेदार अपनी उम्मीदवार की तैयारी में लग गए थे अब मध्य प्रदेश के लगभग सभी विधानसभा टिकटों पर भाजपा और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। देवास विधानसभा से भाजपा ने वर्तमान विधायक गायत्री राजे पंवार तो कांग्रेस ने प्रदीप चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया है।

देवास विधानसभा को भाजपा का गढ़ कहा जाता है। क्योंकि यह सीट वर्ष 1990 से लगातार भाजपा के कब्जे में रही है 1990 से 2015 तक स्वर्गीय पवार यहां से विधायक रहे। तुकोजीराव पवार के निधन के बाद वर्ष 2015 में हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी श्रीमंत गायत्री राजे पंवार चुनावी मैदान में उतरी और तब से ही श्रीमंत गायत्री राजे पंवार यहां से विधायक है।
विधायक गायत्री राज्य पवार ने बताया कि हम इस बार भी चुनाव में अपने किए गए विकास कार्य को लेकर ही जनता के बीच में जा रहे हैं।

कांग्रेस उम्मीदवार से चुनौती के विषय में विधायक ने बताया कि मैं चुनाव को हल्का न समझ कर महत्वपूर्ण मानती हूं मेरा मुकाबला किसी व्यक्ति विशेष से नहीं विपक्ष से है।देवास की जनता हमारा परिवार है जिसे स्वर्गीय तुकोजीराव पवार मुझे सौप कर गए हैं। इस परिवार ने हमेशा मेरा ध्यान रखा है और मुझे मेरे परिवार पर पूरा भरोसा है।

राजमाता श्रीमंत गायत्रीराजे पवार देवास की पहली महिला विधायक हैं। यही कारण है कि उनके के ह्रदय में आमजन के प्रति संवेदनाएं हैं। ऐसे कई विकास कार्य हैं जो राजमाता को विशेष बनाते हैं जिन्हे ही चिन्हित करके वो अपने चुनावी जनसंपर्क में हथियार बना कर इस्तेमाल कर रही है। राजपरिवार से जुड़ी होने के बावजूद वे जिस सहजता से आमजन के बीच जातीं हैं, उसकी सभी प्रशंसा करते हैं।

कांग्रेस के प्रदीप चौधरी को भाजपा की गायत्री राजे पंवार से मुकाबला करने के पूर्व अपनी ही कांग्रेस से मुकाबला करना होगा क्योंकि कहा यह जाता है कि कांग्रेस का हर बार चुनाव हारने की एक मुख्य व बड़ी वजह अपने अंदर की अंतर कलह भी है अगर इस बार भी ऐसा कुछ होता है तो प्रदीप चौधरी को भाजपा या कहे गायत्री राजे पंवार का यह किला भेदना काफी चुनौतीपूर्ण होगा।

गायत्री राजे पंवार का चुनावी सफर

वर्ष 2015 में विधायक तुकोजीराव के निधन के बाद उपचुनाव में गायत्री राजे पंवार विधायक के रूप में चुनी गई। जिसमें उन्होंने कांग्रेस के जयप्रकाश शास्त्री को 30778 मतों से पराजित कर विजय प्राप्त की थी।
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की और से गायत्री राजे पवार प्रत्याशी थीं वहीं कांग्रेस ने जयसिंह ठाकुर को अपना प्रत्याशी बनाया था। जिसमे कुल मतदान का लगभग 55 प्रतिशत मत भाजपा को तो लगभग 40 प्रतिशत वोट शेयर कांग्रेस को प्राप्त हुआ था। जिसमें गायत्री राजे पवार लगभग 28 हजार वोटों से विजयी हुई। हालांकि इस बार कांग्रेस ने उनके सामने प्रदीप चौधरी को मैदान में उतारा है।