- आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अब तक 4 करोड़ 2 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड वितरित। अब तक 38 लाख से अधिक हुए निःशुल्क उपचार।
- प्रत्येक जिले में जिला अस्पताल एवं सिविल अस्पतालों को एक-एक शव-वाहन उपलब्ध कराने का निर्णय।
- सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड पर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। मेडिकल कॉलेजों के साथ नए नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना के लिए राशि स्वीकृत।
- शिवपुरी, रतलाम, खण्डवा, राजगढ़ एवं मंदसौर में शासकीय नर्सिंग महाविद्यालयों का भूमि-पूजन किया गया।स्वास्थ्य संस्थानों में 46 हजार 491 नये पदों (नियमित/संविदा/आउटसोर्स) के सृजन की स्वीकृति।
- सभी को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए 50 जिला चिकित्सालयों में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों का संचालन प्रारम्भ।
- 512 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति-पत्रों का वितरण।प्रदेश में 800 आयुष आरोग्य मंदिर का संचालन भी प्रारंभ हुआ।
- 22 जिलों में आयुष चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए 213 पदों के सृजन का निर्णय।
- 02 नवीन श्योपुर एंव शुजालपुर (शाजापुर) में 50 बिस्तरीय चिकित्सालय की स्थापना।विभागों को सुविधाजनक तरीके से क्लॉउड सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए “मध्यप्रदेश क्लॉउड पॉलिसी 2024” का अनुमोदन।
- वारंट और समन की तामील के लिए ई-तकनीक का उपयोग किया जाएगा। मध्यप्रदेश, ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य होगा।
- 2000 से अधिक पुलिसकर्मियों को मिला उनकी पात्रतानुसार उच्च पद का प्रभार।
- बालाघाट के कमको दादर में हुई मुठभेड़ में नक्सलियों को धूल चटाने वाले 24 शासकीय पुलिस सेवकों का आउट ऑफ टर्न प्रमोशन।
- प्रदेश में थानों की सीमाओं के पुर्निर्धारण का कार्य तेजी से जारी।
- एक साल में मध्यप्रदेश पुलिस में होगी 7500 पुलिसकर्मियों भर्ती।
- प्रदेश के किसी जवान के शहीद होने पर दी जाने वाली सहायता राशि में से 50% शहीद की पत्नी और 50% राशि माता-पिता को दी जाएगी।
- शहीदों के माता-पिता को दी जाने वाली मासिक अनुदान राशि बढ़ाकर 10 हजार रूपये की गई।
- शहीदों की बेटियों एवं बहनों के विवाह पर आशीर्वाद राशि भी बढ़ाकर 51 हजार रूपये की गई।
- भूतपूर्व सैनिकों को शासकीय नौकरियों में आरक्षण।मध्यप्रदेश निवासी ऐसे माता-पिता, जिनकी पुत्री सेना में है, उनकी सम्मान निधि 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए प्रतिवर्ष की गई।
- स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित करने के लिए नई पहल, प्रदेश के स्टार्टअप को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों में सहभागिता के लिए 50 हजार रुपये से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया।
- प्रदेश में राज्य स्तरीय ‘रोजगार दिवस’ के अवसर पर रिकार्ड 7 लाख युवाओं को 5 हज़ार करोड़ रुपये का स्व-रोजगार ऋण वितरित।
- अग्निवीर योजना में युवाओं का अधिक से अधिक चयन हो, इस उद्देश्य से 360 घंटे प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य।
- मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना अंतर्गत वर्ष 2024 में करीब 20 हजार चयनित छात्र-प्रशिक्षणार्थियों को लगभग 41 करोड़ रुपये स्टाइपेंड वितरित किये गए।
- ग्वालियर में नव-निर्मित श्रीमंत माधवराव सिंधिया अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का उदघाटन।
- प्रधानमंत्री श्री मोदी के कर-कमलों से 29 फरवरी, 2024 को विक्रमोत्सव के अवसर पर विश्व की पहली “विक्रमादित्य वैदिक घड़ी” का शुभारंभ कर भारतीय काल गणना परंपरा का साक्षात्कार पूरी दुनिया से कराया गया है।
- लोकमाता देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती वर्ष पर विजयादशमीं का पावन पर्व पूरे प्रदेश में शस्त्र-पूजन के साथ मनाया गया।
- सिंहस्थ-2028 की तैयारी हुई प्रारंभ, टास्क फोर्स का हुआ गठन।सिंहस्थ- 2028 की कार्य योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान।
- मां शिप्रा शुद्धिकरण का संकल्प पूरा करने के लिए 1 हजार 24 करोड़ की लागत से बनने वाली कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना का भूमि-पूजन।
- साधु-संतों के लिए हरिद्वार की तरह उज्जैन में स्थायी धार्मिक नगरी व आश्रम बनाए जाएंगे। इसके अंतर्गत सभी 13 अखाड़ों के महामंडलेश्वर, संत-महंत और प्रतिनिधियों के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
- प्रदेश के किसी जवान के शहीद होने पर दी जाने वाली सहायता राशि में से 50% शहीद की पत्नी और 50% राशि माता-पिता को दी जाएगी।
- मध्यप्रदेश जैन कल्याण बोर्ड का गठन करने का निर्णय।
- उद्योगों को बढ़ावा देने और स्व-रोजगार के लिये प्रदेश में 6 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, 4 महानगर मंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में रोड़-शो, भोपाल में खनन कॉन्क्लेव और यूके एवं जर्मनी यात्रा में लगभग 4 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
- इससे 3 लाख 69 हजार से अधिक रोजगार सृजन हो सकेंगे।उद्योगों को बढ़ावा देने प्रदेश के प्रत्येक जिले में इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित करने का निर्णय।
- मुरैना में मेगा लेदर, फुटवेयर एण्ड एसेसरीज़ क्लस्टर डेव्हलपमेंट पार्क की स्थापना के लिए स्वीकृति।
- औद्योगिक क्षेत्र मोहासा-बाबई जिला नर्मदापुरम में पॉवर एवं रिन्युबल एनर्जी इक्यूपमेंट मेन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना एवं संचालन के लिए स्वीकृति।
- भारतमाला परियोजना अंतर्गत तहसील पीथमपुर, जिला धार में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना स्वीकृति।
- त्यौंथर (रीवा) में 400 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित होगा। माइनिंग कॉन्क्लेव में 11 औद्योगिक घरानों से प्रदेश में 19 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
- उद्योगों को प्रोत्साहित करने और एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए कटनी और सिंगरौली में इनलेंड कंटेनर डिपो का निर्माण किया जाएगा।
- विंध्य क्षेत्र में मऊगंज और मैहर में एमएसएमई का नया इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किया जाएगा।
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मध्य प्रदेश सरकार ने जारी किया आगामी वर्षों के लिए तैयार प्रदेश के विकास का रोड-मैप
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री (CM Mohan yadav) डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत के सपनों को पूरा करने, विकसित मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के लिए हमने समग्र विकास को आधार बनाकर रोड-मैप तैयार किया है। रोडमैप में प्रधानमंत्री श्री मोदी के 4 प्रमुख स्तंभों को शामिल कर हम अपनी कार्य योजना को अमल में लाएंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी का विजन ही हमारे मिशन का मार्गदर्शक होगा।
- प्रदेश में मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (महानगर) का गठन किया जाएगा। इंदौर-उज्जैन-देवास-धार को मिलाकर एक तथा भौपाल-सीहोर रायसेन विदिशा-ब्यावरा (राजगड) को मिलाकर दूसरा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाया जाएगा।
- संभाग, जिला, तहसीलों और अनुविभागों का पुनर्गठन किया जायेगा।
- प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दोगुना किया जायेगा।एक लाख 25 हजार अस्थाई विद्युत कनेक्शन लेने वाले कृषकों को सौर ऊर्जा के पम्प प्रदाय किये जाएंगे।
- अगले 4 वर्ष में सौर ऊर्जा पम्प प्रदाय कर किसानों को विद्युत आपूर्ति में आत्मनिर्भर बनाया जायेगा।
- कृषि फसलों के विविधीकरण की पहल की जाएगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ौत्तरी हो।
- अधिक दाम प्रदान करने वाली फसलों की ओर किसानों को प्रोत्साहित किया जायेगा।
- प्रदेश में वर्तमान में 50 लाख हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र है। अगले पाँच वर्षों में इसे दोगुना 1 करोड़ हेक्टेयर किया जायेगा।
- वर्तमान में 17 शासकीय मेडिकल कॉलेज है तथा 13 प्रायवेट मेडिकल कॉलेज है। पीपीपी मोड पर 12 और 8 शासकीय मेडिकल कॉलेज चालू किये जायेंगे।
- प्रदेश में दुग्ध समितियों का विस्तार किया जायेगा। वर्तमान में प्राथमिक दुग्ध समितियां 8,500 गाँवों में ही है। एक वर्ष में 15 हजार गांवों तथा 4 वर्षों में प्रदेश के समस्त गाँवों तक दुग्ध समितियां गठित की जायेंगी।
- महिला स्व-सहायता समूह को जन आंदोलन बनाया जायेगा। वर्तमान में 25 लाख महिलाएं स्व-सहायता समूह से जुड़ी है। यह संख्या चार वर्ष में 50 लाख तक बढ़ाई जायेगी।
- यात्रियों की सुविधा के लिए प्रदेश में बसों के लिये परिवहन कंपनी बनाकर संचालन किया जाएगा।
- वर्ष-2025 को उद्योग एवं रोजगार-वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। जिसमें युवाओं को शासकीय नौकरी के साथ स्व-रोजगार से जोड़ने का वृहद स्तर पर कार्य होगा। एक लाख सरकारी भर्तियां की जाएंगी।
- भारत सरकार के विजन के अनुरूप राज्य के सभी संभाग मुख्यालयों जैसे ग्वालियर, सागर, रीवा, जबलपुर, नर्मदपुरम्, शहडोल आदि को भी क्षेत्रीय आर्थिक विकास केंद्र के रूप में विकसित करने की अवधारणा के साथ कार्य योजना बनाई जाएगी।
- प्रदेश में संतुलित नगरीय विकास को गति देने तथा आर्थिक विकास के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए पुनर्घनत्वीकरण और पुनर्विकास नीति के अतिरिक्त एकीकृत टाउनशिप नीति तैयार की जाएगी। इसमें निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।
Madhya Pradesh धार्मिक स्थल पर भगवा ध्वज फहराने के संबंध में जो ट्वीट किया गया है, वह घटना मध्यप्रदेश की नहीं है…
• प्रदेश में धार्मिक उन्माद फैलाने की साजिश को सफल नहीं होंने दिया जाएगा- मुख्यमंत्री चौहान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में रामनवमी का त्यौहार, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया, परंतु असामाजिक तत्वों द्वारा खरगोन और सेंधवा में अशांति फैलाने की कोशिश की गई। राज्य सरकार ने दोनों घटनाओं को बहुत गंभीरता से लिया है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अशांति फैलाने वालों के विरुद्ध सख्ती बरती जाएगी, किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा। गुंडों और दंगाइयों के विरुद्ध कारवाई जारी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को अवगत कराया कि धार्मिक स्थल पर भगवा ध्वज फहराने के संबंध में जो ट्वीट किया गया है, वह घटना मध्यप्रदेश की नहीं है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक उन्माद फैलाने और प्रदेश को दंगे की आग में झोंकने की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मैं अपने प्रदेश में किसी भी कीमत पर अशांति नहीं होने दूँगा। कोई भी हो, ऐसी गतिविधियाँ बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। प्रदेश में दंगे भड़काने की कोशिश करना अक्षम्य अपराध है। मध्यप्रदेश शांति का टापू है और प्रदेश का यह स्वरूप बनाए रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री चौहान ने मंत्रि-परिषद के समस्त सदस्यों से कहा कि वे अपने-अपने प्रभार के जिलों में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए परस्पर चर्चा करें। कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरूस्त रहे, आने वाले त्यौहार, निर्विघ्न सम्पन्न हों, यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि शांति समिति की बैठकें आयोजित की जाएँ, गड़बड़ करने वालों की धरपकड़ हो। यह स्पष्ट निर्देश है कि अपराध करने वालों को माफ नहीं किया जाएगा, जो वैधानिक कार्रवाइयाँ हैं, वह सब की जाएंगी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियाँ देने वालों के विरुद्ध गृह विभाग कार्यवाही कर रहा है।
मध्यप्रदेश: 26 जुलाई से 11वीं एवं 12वीं कक्षाएँ तथा 5 अगस्त से 9वीं एवं 10 वीं की कक्षाएँ 50 प्रतिशत क्षमता के साथ आरंभ होंगी
जुलाई में सप्ताह में 2 दिन व अगस्त में सप्ताह में 4 दिन कक्षा लगेंगी
भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मंत्रालय में स्कूल शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
तभी मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि कोविड अनुकूल व्यवहार का सख्ती से पालन सुनिश्चित करते हुए आगामी 26 जुलाई से स्कूलों में 11वीं एवं 12वीं की कक्षाएँ एवं छात्रावास आरंभ किये जायेंगे। कक्षा 9वीं एवं 10वीं की कक्षाएँ 5 अगस्त से प्रारंभ की जाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सभी स्कूल 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ प्रारंभ होंगे। जुलाई महीने में सप्ताह में 2 दिन तथा अगस्त माह में विद्यार्थी सप्ताह में 4 दिन विद्यालय आ सकेंगे। कक्षाएँ खोली जाने के संबंध में क्राइसिस मैनेजमेंट समूह स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय ले सकेंगे। स्कूलों और छात्रावास में कोविड-19 अनुकूल व्यवहार अपनाने के लिये पृथक से एसओपी जारी की जा रही है।
• कक्षा 12वीं के लिये कोचिंग सेन्टर 5 अगस्त से खुलेंगे
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कक्षा 12वीं के लिये कोचिंग सेन्टर 5 अगस्त से 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुल सकेंगे। क्राइसिस मैनेजमेंट समूहऔर स्थानीय प्रशासन द्वारासतत् मॉनिटरिंग की जायेगी।सभी कोचिंग सेन्टर को कोविड-19 गाइड लाइन का पालन करना आवश्यक होगा।
• महाविद्यालयों में 1 सितम्बर से नवीन शिक्षा सत्र
प्रदेश के महाविद्यालयों में 1 सितम्बर से नवीन शिक्षा सत्र आरंभ होगा। वर्तमान में ओपन बुक पद्धति से परीक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप महाविद्यालयों में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन किया जाएगा।
• पालकों की सहमति आवश्यक
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि स्कूलों एवं महाविद्यालयों में कक्षाओं में विद्यार्थियों को भिजवाने के लिए उनके पालकों की सहमति आवश्यक होगी।
• सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का टीकाकरण कराये
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि स्कूलों एवं महाविद्यालयों के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का अभियान चलाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराया जाए। इसी के साथ अधिक से अधिक विद्यार्थियों का टीकाकरण कराया जाये।
Madhya Pradesh : प्रदेश में जल्द होंगे नगर निकाय व पंचायत चुनाव
• 347 नगरीय निकायों चुनाव में दो चरण में मतदान तो पंचायत आम निर्वाचन 3 चरण में होंगे
•प्रदेश में महापौर/अध्यक्ष का निर्वाचन अप्रत्यक्ष प्रणाली से होगा।
समय-सीमा में पूरी करें नगरीय निकाय निर्वाचन की तैयारी : आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग
भोपाल। नगरीय निकायों एवं त्रि-स्तरीय पंचायतों के आगामी आम निर्वाचन की तैयारियों की समीक्षा के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री बसंत प्रताप सिंह ने निर्देश दिए की नगरीय निकाय आम निर्वाचन की तैयारी समय-सीमा में पूरी करें। निर्वाचन से संबंधित जो कार्यवाही शेष है, उसकी सूची बनायें और प्रत्येक कार्य समय पर करें। तैयारी पूरी होते ही आम निर्वाचन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जायेगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के प्रभावी नियंत्रण और वैक्सीनेशन की स्थिति के मद्देनजर वर्तमान में आम निर्वाचन करवाया जाना संभव है। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण पहले से ही आम निर्वाचन बहुत लेट हो चुके हैं। श्री सिंह ने कहा कि पहले नगरीय निकायों के निर्वाचन करवाये जायेंगे।
• 347 नगरीय निकायों में होगा चुनाव
बैठक में जानकारी दी कि प्रदेश में कुल 407 नगरीय निकाय हैं। इनमें से 347 में आम निर्वाचन कराये जाना है। दो चरण में मतदान होगा। प्रथम चरण में 155 और दूसरे चरण में 192 नगरीय निकायों में मतदान कराया जायेगा। महापौर/अध्यक्ष का निर्वाचन अप्रत्यक्ष प्रणाली से होगा। यानी नगर निगम में महापौर व नगर निकायों में अध्यक्ष पार्षद चुनेंगे। इन 347 नगरीय निकायों में सभी 16 नगर निगम शामिल हैं। कुल 19 हजार 955 मतदान केन्द्र बनाये गए हैं। कुल अभी 60 नगरीय निकायों का कार्यकाल बाकी है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 3 मार्च 2021 को हो चुका है। नगरीय निकायों में मतदान ई.व्ही.एम. से कराये जायेंगे।
• पंचायत आम निर्वाचन 3 चरण में होंगे
त्रि-स्तरीय पंचायतों में पंच के 3 लाख 77 हजार 551, सरपंच के 23 हजार 912, जनपद पंचायत सदस्य के 6 हजार 833, जिला पंचायत सदस्य के 904, उप सरपंच के 23 हजार 912, जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के 313 और जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के 52 पदों का निर्वाचन कराया जायेगा।
मध्यप्रदेश : सभी शहरों में शुक्रवार शाम 6 से सोमवार सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन…..
मध्यप्रदेश के सभी छोटे- बड़े शहरी क्षेत्रों में शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार के सुबह 6 बजे तक अब लॉकडाउन रहेगा। यह फैसला CM शिवराज सिंह चौहान ने आज गुरुवार सुबह अधिकारियों के साथ बैठक के बाद किया। CM ने कहा कि मेरी मंशा कभी भी लॉकडाउन की नहीं रही है। बता दें कि एक दिन पहले ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में नाइट कर्फ्यू व संडे लॉकडाउन लगाया गया था।
मध्यप्रदेश में सभी सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियो को आना होगा ऑफिस , वर्क फ्रॉम होम खत्म
कार्यालय में न तो साथ मे बैठकर कुछ खा सकेंगे न ही हाथ मिला सकेंगे
मध्यप्रदेश सरकार ने वर्क फ्रॉम होम (घर पर रहकर काम करना) की व्यवस्था पूरी तरह खत्म कर दी है। अब मध्यप्रदेश के सभी सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को ऑफिस जाना ही होगा। इस संबंध में सरकार द्वारा गाइडलाइन भी तय की गई है।
नीचे दिए गए नियमो का पालन करना जरूरी
- कोविड-19 संबंधी कोई भी लक्षण जैसे सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, सांस और लेने में तकलीफ आदि होने पर तत्काल फीवर क्लीनिक में परीक्षण कराना अनिवार्य रहेगा।
- प्रत्येक कर्मचारी को स्वयं एवं अन्य की सुरक्षा हेतु मास्क लगाना अनिवार्य होगा।
- किसी भी स्थिति में मास्क नहीं उतारा जा सकता है।
- कार्यालय के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा।
- ऑफिस को लगातार सैनिटाइज किया जाना अनिवार्य रहेगा।
- कर्मचारी न तो आपस में हाथ मिला सकते हैं और न ही चाय और खाना साथ बैठकर खा सकते हैं।
- लगातार साबुन से हाथ धोते रहना और हैंड सैनिटाइजर का उपयोग किया जाना अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की जिलेवार कोरोना की समीक्षा, कलेक्टर्स को फीवर क्लीनिक के कार्यों पर निरंतर निगाह रखने के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं संक्रमण रोकने के लिये किये जा रहे कार्यों की राज्य-स्तरीय समीक्षा की। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर्स से जिलेवार जानकारी ली जाकर कोरोना संक्रमण को रोकने के लिये गंभीरता से प्रयास करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोरोना रिकवरी रेट 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है, लेकिन अभी भी सतत् प्रयास किये जाना जरूरी हैं। सभी कलेक्टर्स जिलों में कोरोना उपचार की व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जबलपुर, नरसिंहपुर, शहडोल, उमरिया, खरगौन एवं धार में विशेष एहतियात रखें। बैठक में इन जिलों में कोरोना की स्थिति की पृथक से समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिलों में कोविड केयर सेंटर्स में रोगियों के दाखिल होने और स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होने की अवधि की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने फीवर क्लीनिक के कार्यों पर निरंतर निगाह रखने के निर्देश कलेक्टर्स को दिए।
बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान एवं प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री मनीष रस्तोगी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होम आइसोलेशन के मरीजों को दी जाने वाली मेडिकल चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी लीं। उन्होंने चिकित्सालय में बेड की उपलब्धता, ऑक्सीजन बेड की स्थिति एवं डॉक्टर्स की उपलब्धता की समीक्षा की। कलेक्टर ग्वालियर द्वारा बताया गया कि शासकीय चिकित्सालयों के अलावा प्रायवेट हॉस्पिटल बिरला, कल्याण एवं अपोलो हास्पिटल में भी कोरोना उपचार में अच्छी सेवाएँ दी जा रही हैं।
अपर मुख्य सचिव मो. सुलेमान ने बताया कि ग्वालियर, नरसिंहपुर, सागर, होशंगाबाद, खरगौन, दमोह, झाबुआ, शहडोल, बैतूल, छिन्दवाड़ा, सतना, धार एवं इंदौर में कोविड प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई है। अधिकांश स्थानों पर रिकवरी रेट बढ़ा है। कोविड के संबंध में फीवर क्लीनिक बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। अभी 23 हजार टेस्टिंग की का चुकी है। बैठक में आयुक्त ग्वालियर को मेडिकल कॉलेजो में डेली रिव्यू सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मध्यप्रदेश के 52 जिलों में से 34 जिलों में हुई सामान्य से बहुत कम बारिश ,अब तक हुई कुल बारिश औसत से 11%कम
मध्यप्रदेश में मानसून आने के दो महीने बाद भी प्रदेश में ठीक से बारिश नहीं हो रही है। ऐसे में अब तक यह औसत तक भी नहीं पहुंच पाई है। अभी तक हुई बारिश औसत से 11% कम है। जून में 114% से भी ज्यादा बारिश हुई थी, लेकिन जुलाई में मानसून की बेरुखी चल है। ऐसे में 1 जून से 28 जुलाई तक 399.8 मिमी पानी गिर जाना था, लेकिन अब तक सिर्फ 357.6 मिमी बारिश ही हुई है। राज्य के अलग-अलग जिलों की बात की जाए जिलों में से 34 जिलों में तो सामान्य बारिश से बहुत कम बारिश हुई हे। अब तक पश्चिमी मध्यप्रदेश की अपेक्षा पूर्वी मध्यप्रदेश में ज्यादा बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी कारण प्रदेश में बारिश की स्थिति ठीक नहीं है। पूर्वी हिस्से में इस समय तक 447.5 मिमी बारिश होनी थी, लेकिन यह 13% कम 389.9 मिमी ही हुई है। इधर अगर पश्चिमी हिस्से की बात की जाए तो 363.2 मिमी बारिश की तुलना में 8% कम 332.8 मिमी बारिश दर्ज
की गई।
