अमलतास अस्पताल में सफल सर्जरी से 30 वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत हुआ नि:शुल्क उपचार, तीन वर्षों से थी गंभीर बीमारी से पीड़ित

देवास। अमलतास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक जटिल सर्जरी के माध्यम से 30 वर्षीय महिला को नया जीवन मिला है। लंबे समय से गंभीर बीमारी अकेलेसिया कार्डिया (Achalasia Cardia) से पीड़ित महिला का सफल उपचार कर उसे स्वस्थ जीवन की राह पर लौटाया गया।

जानकारी के अनुसार, ताजो बी पिछले तीन वर्षों से भोजन निगलने में कठिनाई, लगातार उल्टी और अत्यधिक कमजोरी जैसी समस्याओं से जूझ रही थीं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वे समय पर उचित उपचार नहीं करा सकीं, जिससे उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई और सामान्य जीवन जीना भी मुश्किल हो गया।
ऐसे में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) उनके लिए संजीवनी साबित हुई। योजना के अंतर्गत अमलतास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में उनका उपचार पूरी तरह नि:शुल्क किया गया।

अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. उमेश जेठवानी (एमएस, एमसीएच, लेप्रोस्कोपिक एवं कैंसर सर्जरी विशेषज्ञ) के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीज की विस्तृत जांच की। टीम में मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. हेमंत मित्तल, डॉ. निखिल चौधरी, डॉ. शफक, डॉ. शुभम तथा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. प्रेमकृष्ण शामिल रहे।

जांच के बाद मरीज की लेप्रोस्कोपिक कार्डियोमायोटॉमी एवं फंडोप्लिकेशन सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। यह आधुनिक और जटिल प्रक्रिया मानी जाती है, जिसमें मरीज को कम दर्द के साथ शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है।
सर्जरी के बाद ताजो बी के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ है। अब वे बिना किसी परेशानी के भोजन ग्रहण कर पा रही हैं और सामान्य जीवन जी रही हैं।
मरीज ताजो बी ने कहा कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि इतना बेहतर इलाज नि:शुल्क मिल सकेगा। उन्होंने चिकित्सकों और अस्पताल प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस उपचार ने उन्हें नया जीवन दिया है।
वरिष्ठ सर्जन डॉ. उमेश जेठवानी ने बताया कि अकेलेसिया कार्डिया जैसी बीमारी का समय पर निदान और उपचार होने पर इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक भोजन निगलने में परेशानी हो रही हो तो उसे नजरअंदाज न करें और तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें।

अमलतास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के चेयरमैन मयंक राज सिंह भदौरिया ने कहा कि यह मामला आधुनिक चिकित्सा सेवाओं और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की प्रभावशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है।
ताजो बी की यह कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो आर्थिक तंगी के कारण उपचार से वंचित रह जाते हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि सही समय पर उचित चिकित्सा और सरकारी योजनाओं का लाभ किसी भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: 8 पेटी देशी शराब जब्त, आरोपी गिरफ्तार

देवास। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देशन तथा सहायक आबकारी आयुक्त मनीष खरे के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग देवास द्वारा अवैध मदिरा के निर्माण, विक्रय एवं परिवहन करने वालों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है।

इसी कड़ी में 16 जून को वृत्त सोनकच्छ में मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम बीसाखेड़ी तहसील सोनकच्छ में मोटर साइकिल से अवैध शराब का परिवहन कर सकता है तो तुरंत रवाना होकर सूचना में वर्णित स्थान पर पहुंचे तथा कुछ देर बाद सूचना में वर्णित मोटर सायकिल आई जिसे रोका जिस पर चालक बैठा हुआ था जिसके पीछे प्लास्टिक का बोरा सीट के दोनों ओर टंगा हुआ था जिसकी विधिवत तलाशी लेने पर 08 पेटी देशी मदिरा प्लेन 72 बल्क लीटर बरामद हुई जो चालक भारत चोहान निवासी मानासा तहसील सोनकच्छ द्वारा अवैध रूप से संग्रह कर परिवहन किए जाने से उसके विरुद्ध मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) क एवं 34(2) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर दर्ज कर विवेचना में लिया गया तथा वाहन चालक को गिरफ्तार किया गया,कार्यवाही में जप्त सामग्री एव वाहन का मूल्य लगभग 80400 रुपये है l

आज की कार्यावाही में आबकारी उपनिरीक प्रेम यादव ,आबकारी मुख्य आरक्षक राजाराम रायकवार आबकारी आरक्षकअरविंद जिनवाल,निकिता परमार,गीतेश सैनिक किशोर सिसोदिया एवं अनिल चोहान सम्मिलित रहे, इस प्रकार की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी

जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही: इंजेक्शन लगाते समय किशोर के कूल्हे में फंसी सुई, ऑपरेशन कर निकाली गई

देवास। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। एक 15 वर्षीय किशोर को इंजेक्शन लगाते समय सुई उसके कूल्हे में ही फंस गई, जिसे अस्पताल का स्टाफ काफी प्रयासों के बाद भी नहीं निकाल सका। बाद में किशोर को इंदौर रेफर किया गया, जहां एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन कर सुई निकाली गई। मामला कुछ दिन पूर्व का बताया जा रहा हैं जिसके बाद किशोर का 16 जून को इंदौर की निजी अस्पताल में ऑपरेशन किया गया।

जानकारी के अनुसार, समक्ष सोनगरा (15 वर्ष) को गर्दन में ऐंठन और दर्द की शिकायत होने पर सोमवार को जिला अस्पताल लाया गया था। उपचार के दौरान उसे इंजेक्शन लगाया जा रहा था, तभी इंजेक्शन की सुई टूटकर कूल्हे के अंदर फंस गई। घटना के बाद अस्पताल के चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने सुई निकालने के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली।

स्थिति गंभीर होने पर किशोर को इंदौर रेफर किया गया। वहां एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के माध्यम से सुई को बाहर निकाला गया। ऑपरेशन के बाद किशोर की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

जन्मदिन अस्पताल में मनाना पड़ा

परिजनों के अनुसार, घटना वाले दिन समक्ष का जन्मदिन भी था। घर पर जन्मदिन की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन अचानक हुई इस घटना के कारण उसे इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ऐसे में उसका जन्मदिन अस्पताल में ही मनाया गया।

परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

किशोर के रिश्तेदार रजत सिंह राजपूत ने जिला अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और उपचार में भी लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

परिजनों ने बताया कि वे इस संबंध में कलेक्टर को आवेदन देकर शिकायत करेंगे, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और जिम्मेदारों पर उचित कार्रवाई की जा सके।

आबादी क्षेत्र के ऊपर मौत बनकर लटक रही 11 केवी लाइन, जनसुनवाई के बाद प्रशासनिक टीम पहुंची गांव

वर्षों से खतरे में 25 परिवार, हाई वोल्टेज लाइन हटाने की मांग हुई तेज

देवास। जिले के ग्राम अंचलूखेड़ी में घनी आबादी और सरस्वती शिशु मंदिर के ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाई वोल्टेज बिजली लाइन ग्रामीणों के लिए लगातार खतरे का कारण बनी हुई है। वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए जनहानि की आशंका जताई है। शिकायत के बाद प्रशासनिक अमला गांव पहुंचा और मौके का निरीक्षण किया।

ग्रामीणों के अनुसार पुवाल्डा फीडर की 11 केवी विद्युत लाइन गांव के आबादी क्षेत्र के बीचों-बीच से गुजर रही है। ऐसे में हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। आगामी बारिश के मौसम में तेज हवा और आंधी के दौरान तार टूटकर मकानों अथवा रास्तों पर गिर सकते हैं, जिससे बड़ी जनहानि की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में कई बार बिजली के तार टूटकर घरों की छतों और टीन शेड पर गिर चुके हैं, जिससे करंट फैलने की घटनाएं भी हुई हैं। वर्तमान में भी कुछ स्थानों पर तार मकानों की छतों और चद्दरों के बेहद करीब होकर गुजर रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि करीब 25 परिवारों ने अपनी निजी राशि खर्च कर इस लाइन को आबादी क्षेत्र से बाहर शिफ्ट कराने की पहल की थी। इसके लिए बिजली विभाग द्वारा नए खंभे भी स्थापित कर दिए गए, लेकिन एक व्यक्ति की आपत्ति के चलते तार खींचने का कार्य अधूरा रह गया और पूरा प्रोजेक्ट बीच में अटक गया।ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से प्रशासन और विद्युत विभाग को ज्ञापन सौंपकर इस लाइन को हटाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। जनसुनवाई में शिकायत दर्ज होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और बिजली विभाग तथा राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने गांव पहुंचकर स्थल निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान बिजली विभाग के सुपरवाइजर हरिओम शाह, कमल श्रीवास्तव, पटवारी मोनिका राजावत एवं लाइनमैन जितेंद्र कर्मा ने मौके का जायजा लेकर पंचनामा तैयार किया। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान सरपंच श्यामलाल परमार, पूर्व सरपंच रामस्वरूप राठौड़, गुलाब सिंह राठौड़, मुन्नालाल राठौड़, सुभाष राठौड़, राजेंद्र राठौड़, अर्जुन परमार, अनिल राठौड़, कैलाश प्रजापत, कालूराम प्रजापत, पंकज केलवा, विकास राठौड़, दिनेश बालोदिया, मुकेश प्रजापत, लाखन प्रजापत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आपत्ति का शीघ्र निराकरण कराया जाए तथा रुका हुआ कार्य पूरा कर 11 केवी हाई वोल्टेज लाइन को जल्द से जल्द आबादी क्षेत्र से हटाया जाए।

बेटों ने घर से निकाला, अब वृद्धाश्रम में शरण की गुहार: जनसुनवाई में बुजुर्ग दंपति का दर्द छलका

• प्रशासन ने दिए वृद्धाश्रम में रखने के निर्देश, बुजुर्ग दंपत्ति करेंगे वृद्धाश्रम को ज़मीन दान

देवास। मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में एक बुजुर्ग दंपति ने अपनी व्यथा सुनाते हुए वृद्धाश्रम में रहने की अनुमति दिलाने की मांग की। दंपति का आरोप है कि उनके ही बेटों ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया है और अब उनके पास रहने का कोई सहारा नहीं बचा है।

आवेदन के अनुसार 76 वर्षीय जीवन सिंह एवं उनकी 72 वर्षीय पत्नी लीला बाई ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उनकी पारिवारिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। उन्होंने कहा कि उनके दो पुत्र राजेंद्र और राकेश उनसे अलग रहते हैं तथा दोनों ने उन्हें घर से बाहर कर दिया है। दंपति का यह भी आरोप है कि उनकी लगभग चार बीघा जमीन भी उनसे ले ली गई है।

बुजुर्ग दंपति ने आवेदन में उल्लेख किया है कि संबंधित जमीन लीला बाई को उनके पिता द्वारा दान में दी गई थी, जिसे अब वे वृद्धाश्रम को दान करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके पुत्र और पुत्रवधू द्वारा लीला बाई के साथ मारपीट करने का प्रयास भी किया गया। दंपति ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें किसी वृद्धाश्रम में रहने की अनुमति और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे सम्मानपूर्वक अपना शेष जीवन व्यतीत कर सकें।जनसुनवाई में प्राप्त इस आवेदन को संबंधित विभाग को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने तत्काल वृद्धाश्रम में कार्रवाई व्यवस्था आवेदन प्राप्त होने के बाद प्रशासन ने तत्काल वृद्धाश्रम संचालक दिनेश चौधरी को बुलाकर बुजुर्ग दंपत्ति के लिए वृद्धाश्रम में रुकने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

भागवत कथा में महिलाओं की चैन उड़ाने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ा गया

देवास पुलिस ने 3 दिन में सुलझाई वारदात, 7 आरोपी गिरफ्तार; 50 लाख का माल बरामद

देवास। धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालु बनकर महिलाओं के गले से सोने की चैन चोरी करने वाले अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का देवास पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मात्र तीन दिनों में कार्रवाई करते हुए गिरोह के 7 सदस्यों को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 156 ग्राम वजन की 9 सोने की चैन, एक लग्जरी कार, 6 महंगे मोबाइल फोन सहित करीब 50 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया गया है।

गिरोह में 4 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। सभी आरोपी मूल रूप से तमिलनाडु के निवासी हैं तथा लंबे समय से दक्षिण दिल्ली में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार गिरोह ने जून माह के पहले 15 दिनों में आगरा, ग्वालियर, शिवपुरी, जबलपुर और देवास में कुल 9 वारदातों को अंजाम दिया था।

भागवत कथा में हुई थी देवास की वारदात

11 जून को राधागंज निवासी सरोज अग्रवाल ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 10 जून को मंडी व्यापारी एसोसिएशन धर्मशाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात महिला ने उनके गले से करीब साढ़े तीन लाख रुपए कीमत की सोने की चैन और पेंडल चोरी कर लिया।

पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी करीब 500 मीटर पैदल चले, फिर ऑटो से लगभग 2 किलोमीटर दूर हाईवे तक पहुंचे और वहां खड़ी अपनी लग्जरी कार में बैठकर फरार हो गए।

भोपाल में अगली वारदात की तैयारी, उससे पहले दबोचा

सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पता चला कि गिरोह भोपाल में अगली वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था। पुलिस टीम ने भोपाल पहुंचकर घेराबंदी की और सभी 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने देवास सहित आगरा, ग्वालियर, शिवपुरी और जबलपुर में कुल 9 चैन चोरी की घटनाओं को स्वीकार किया। सभी चोरी गई 9 सोने की चैन भी बरामद कर ली गई हैं।

महिला श्रद्धालुओं को बनाते थे निशाना

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह की महिला सदस्य भागवत कथा, प्रवचन, मेले, शोभायात्रा और अन्य धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालु बनकर पहुंचती थीं। आरती, प्रसाद वितरण और भीड़भाड़ के दौरान महिलाओं के नजदीक जाकर बड़ी सफाई से उनके गले से सोने की चैन निकाल लेती थीं। वहीं पुरुष सदस्य निगरानी, परिवहन और चोरी के माल को ठिकाने लगाने का काम करते थे।

मोबाइल में मिली देशभर के धार्मिक आयोजनों की सूची

आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में देशभर में आयोजित होने वाले धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों की विस्तृत जानकारी मिली है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह इन आयोजनों में पहुंचकर महिलाओं के आभूषण चोरी करने की योजना बना रहा था। बरामद सूची के आधार पर संबंधित राज्यों की पुलिस को भी अलर्ट किया जा रहा है।

जब्त मशरूका

  • 9 सोने की चैन, वजन लगभग 156 ग्राम, कीमत करीब 26 लाख रुपए
  • वारदात में प्रयुक्त टाटा हेक्सा कार, कीमत लगभग 20 लाख रुपए
  • 6 मोबाइल फोन, कीमत लगभग 4 लाख रुपए
  • 3,500 रुपए नकद

कुल बरामद संपत्ति : लगभग 50 लाख रुपए

गिरफ्तार आरोपी

जया, ज्योति, मग्मा, देवी, देवेंद्र, रवि एवं राहुल, सभी निवासी दक्षिण दिल्ली (मूल निवासी तमिलनाडु)।

अन्य अपराध भी दर्ज

पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ दिल्ली, मुंबई और हरियाणा में चोरी एवं लूट के कुल 6 अन्य मामले भी दर्ज हैं।

स्पोर्ट्स पार्क में गार्ड ने बच्चों को कमरे में किया बंद, वीडियो वायरल होने पर मचा हंगामा

देवास। एबी रोड स्थित स्पोर्ट्स पार्क में बच्चों को कमरे में बंद किए जाने का मामला सामने आने के बाद रविवार को शहर में हड़कंप मच गया। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कमरे में बंद बच्चे रोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आते ही नगर निगम प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू कर दी गई।

जानकारी के अनुसार यह घटना 12 जून की बताई जा रही है। बताया जाता है कि कुछ बच्चे स्पोर्ट्स पार्क में क्रिकेट खेल रहे थे। खेल के दौरान गेंद पार्क के बाहर चली गई, जिसे लेने के लिए बच्चे सुरक्षा जाल (नेट) के पास पहुंचे। इसी दौरान वहां तैनात गार्ड ने बच्चों पर जाल को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और उन्हें पार्क परिसर के एक कमरे में बंद कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्चों को करीब 15 मिनट तक कमरे में बंद रखा गया। इस दौरान बच्चे लगातार रोते रहे और बाहर निकलने की गुहार लगाते रहे। बच्चों के रोने की आवाज सुनकर वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति ने हस्तक्षेप किया और उन्हें कमरे से बाहर निकलवाया।

रविवार को घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिली। मामला तूल पकड़ने पर नगर निगम सभापति रवि जैन मौके पर पहुंचे और संबंधित गार्ड के व्यवहार पर नाराजगी जताई। उन्होंने जिम्मेदार गार्ड तथा संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही।

स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने भी बच्चों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किए जाने पर आपत्ति जताते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं नगर निगम प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

12 घंटे में सुलझा ब्लाइंड मर्डर: दोस्त ही निकले कातिल, पैसों के विवाद में की थी युवक की हत्या

देवास। थाना टोंकखुर्द पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर एक अंधे कत्ल का पर्दाफाश करते हुए हत्या के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक की हत्या उसके ही दो करीबी दोस्तों ने पैसों के लेन-देन और चोरी की शंका के चलते की थी। वारदात के बाद आरोपी घटनास्थल पर मौजूद रहकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास भी करते रहे, लेकिन सख्त पूछताछ में उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 जून 2026 को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली कि ग्राम आलरी स्थित एक आर.ओ. प्लांट में एक युवक का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना टोंकखुर्द पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत होने पर पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की।

पुलिस अधीक्षक देवास श्री पुनीत गेहलोद के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री एच.एन. बाथम के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी सोनकच्छ श्री संजय सिंह बैंस के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक हितेश पाटिल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर जांच प्रारंभ की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के परिजनों, दोस्तों और अन्य संबंधित लोगों से गहन पूछताछ की। विवेचना में मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मृतक के दो करीबी मित्रों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया। शुरुआत में दोनों ने पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की, लेकिन वैज्ञानिक एवं तथ्यात्मक साक्ष्यों के आधार पर की गई सघन पूछताछ में उन्होंने हत्या की वारदात कबूल कर ली।

आरोपियों ने बताया कि मृतक के साथ उनका पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। साथ ही उन्हें मृतक पर चोरी का भी संदेह था। इसी रंजिश के चलते दोनों ने मिलकर अपने ही मित्र की हत्या कर दी।

पुलिस ने मामले में आरोपी राहुल रावत एवं मोहित प्रजापत, दोनों निवासी ग्राम आलरी, थाना टोंकखुर्द, जिला देवास को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी

  1. राहुल रावत पिता जयसिंह रावत, निवासी ग्राम आलरी, थाना टोंकखुर्द, जिला देवास।
  2. मोहित प्रजापत पिता परमानंद प्रजापत, निवासी ग्राम आलरी, थाना टोंकखुर्द, जिला देवास।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सटीक जांच के चलते महज 12 घंटे में हत्या की गुत्थी सुलझने से क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली की सराहना की जा रही है।

पुरुषोत्तम मास शिवरात्रि पर शनि मंदिर में सजा आम का भव्य बंगला, श्रद्धालुओं में उत्साह

देवास। पुरुषोत्तम मास शिवरात्रि के पावन अवसर पर शनिवार को मीरा बावड़ी स्थित शनि मंदिर में भगवान शिव एवं शनिदेव का विशेष श्रृंगार कर आकर्षक आम का बंगला सजाया गया।

मंदिर में की गई मनोहारी सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्तों ने मंदिर पहुंचकर दर्शन किए और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। मंदिर पुजारी पंडित अजय कुमार ने बताया कि पुरुषोत्तम मास शिवरात्रि के उपलक्ष्य में मंदिर को आम के फलों एवं पत्तों से विशेष रूप से सजाकर बंगला तैयार किया गया है। इस अनूठी सजावट का उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि भगवान शिव का विशेष पूजन-अर्चन, अभिषेक एवं आरती संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस पवित्र मास में भगवान शिव एवं भगवान विष्णु की आराधना का विशेष महत्व माना गया है, जिससे भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

प्रेमकुमार अग्रवाल आत्महत्या मामला: 100 करोड़ की धोखाधड़ी से टूटे कॉलोनाइजर ने दी जान! सुसाइड नोट में 6 लोगों के नाम, बेटे ने मांगा न्याय

• छह लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज

देवास। शहर के चर्चित कॉलोनाइजर प्रेम कुमार अग्रवाल की गुरुवार को हुई संदिग्ध मौत का मामला अब आत्महत्या के रूप में सामने आया है। मामले में एक सुसाइड नोट भी सामने आया है, जिसे परिजनों ने पुलिस को सौंप दिया है। वहीं यह सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। नोट में एक रिश्तेदार सहित दो कॉलोनाइजर और तीन अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं, जिन पर करीब 100 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद छह लोग राजेश अग्रवाल, गौरव जैन, विशाल जैन, मुकेश जैन, सुमेर सिंह ओर सचिन के खिलाफ धोखाधड़ी और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। पुलिस अभी विवेचना कर रही है आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जा सकती है।

जानकारी के अनुसार, प्रेम कुमार अग्रवाल की गुरुवार को इंदौर बायपास स्थित एक अस्पताल में मौत हो गई थी। इसके बाद उनका पोस्टमार्टम सांवेर के शासकीय अस्पताल में कराया गया। शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद से पूरे शहर में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

देर रात परिजन पहुंचे थाने : मामला आत्महत्या का होने की पुष्टि के बाद गुरुवार देर रात परिजन औद्योगिक थाना पहुंचे और पुलिस को सुसाइड नोट सौंपते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि सुसाइड नोट में मृतक ने कुछ लोगों द्वारा आर्थिक रूप से प्रताड़ित किए जाने और बड़े स्तर पर धोखाधड़ी का उल्लेख किया है।

बेटे ने लगाए गंभीर आरोप : मृतक के पुत्र विनायक अग्रवाल ने मीडिया के सामने आकर न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके पिता लंबे समय से मानसिक तनाव में थे और जिन लोगों के नाम सुसाइड नोट में लिखे गए हैं, वे उन्हें लगातार परेशान कर रहे थे।विनायक अग्रवाल ने कहा, “मैं प्रशासन और पुलिस से निवेदन करता हूं कि हमारे परिवार को न्याय मिले। सुसाइड नोट में जिन लोगों के नाम हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए।”उन्होंने बताया कि अंतिम समय में उनके पिता ने स्वयं यह सुसाइड नोट उन्हें सौंपा था और कहा था कि इसमें उन लोगों के नाम लिखे हैं जिन्होंने उन्हें सबसे अधिक परेशान किया।

पुलिस ने शुरू की जांच : शिप्रा थाने से मर्ग डायरी प्राप्त होने के बाद औद्योगिक थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट सहित सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल पूरे मामले पर शहर की नजरें टिकी हुई हैं और पुलिस जांच के निष्कर्षों का इंतजार किया जा रहा है।

प्रेमकुमार अग्रवाल आत्महत्या मामला: छह लोगों पर धोखाधड़ी व आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज

शहर के चर्चित प्रेमकुमार अग्रवाल आत्महत्या मामले में औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने राजेश अग्रवाल, गौरव जैन, विशाल जैन, मुकेश जैन, सुमेर सिंह एवं सचिन के विरुद्ध धोखाधड़ी तथा आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित (उकसाने) करने संबंधी धाराओं के तहत मामला कायम कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले की जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों, दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर उक्त कार्रवाई की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आए बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत प्रकरण दर्ज किया गया है।

गौरतलब है कि कॉलोनाइजर प्रेमकुमार अग्रवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामला आत्महत्या का सामने आया था। घटना के बाद एक कथित सुसाइड नोट भी सामने आया था, जिसे परिजनों द्वारा पुलिस को सौंपा गया था। इसी मामले में पुलिस लगातार विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही थी।

प्रकरण दर्ज होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं आरोपियों की भूमिका की भी विस्तृत जांच की जा रही है।

इस मामले में शिप्रा थाने से जीरो पर मार्ग आया था। मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। शशिकांत चौरसिया, थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र