देवास : आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण-2026 में देवास को अव्वल बनाने के लिए नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने कमर कस ली है। मंगलवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में आयुक्त ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को सौंपे गए विशेष दायित्व
आयुक्त दलीप कुमार ने निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को उनके नियमित कार्यों के साथ-साथ स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी के लिए विशिष्ट क्षेत्र आवंटित किए हैं:
- उपायुक्त देवबाला पिपलोनिया: 16 रहवासी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी।
- उपायुक्त जाकिर जाफरी: व्यावसायिक क्षेत्रों में सफाई और गार्बेज निरीक्षण।
- उपायुक्त आरती खेडेकर: स्लम क्षेत्र (बस्तियां) और थोक कचरा उत्पादकों (BWG) का कचरा निपटान।
- उपायुक्त दीपक पटेल: जल संरचनाओं (तालाब/कुएं) और उनके आसपास की सफाई।
- प्रभारी ई.ई. इंदुप्रभा भारती: RRR सेंटर, सौंदर्यीकरण और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP)।
- सहायक यंत्री जगदीश वर्मा: उद्यानों की सफाई और कंपोस्ट पीट से कचरा निष्पादन।
- SBM नोडल सौरभ त्रिपाठी: 29 रहवासी क्षेत्रों में नाला-नालियों की सफाई और सर्वे की संपूर्ण तैयारियां।
- उपयंत्री जितेन्द्र सिसोदिया: फाउंटेन, सार्वजनिक/सामुदायिक शौचालय (CT/PT) और सर्वे मापदंडों की तैयारी।
डस्टबिन मॉनिटरिंग और फीडबैक पर जोर
आयुक्त ने अनुभूति श्रीवास्तव, सूर्यप्रकाश तिवारी सहित अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे रेस्टोरेंट, फल-सब्जी विक्रेताओं और चाट चौपाटी पर गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने (Segregation) की सख्त मॉनिटरिंग करें। इसके साथ ही, सभी दरोगाओं को निर्देशित किया गया है कि वे रहवासियों से सतत संपर्क बनाए रखें और स्वच्छता को लेकर फीडबैक लें।
लापरवाही पर ‘सेवा समाप्ति’ की चेतावनी
बैठक के दौरान आयुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि फील्ड पर सफाई मित्रों और दरोगाओं की उपस्थिति की औचक जांच की जाएगी। यदि किसी वार्ड में सफाई व्यवस्था मानक के अनुरूप नहीं पाई जाती है या काम में चूक होती है, तो संबंधित कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
मुख्य हाइलाइट्स:
- मिशन: स्वच्छता सर्वेक्षण-2026 की तैयारी।
- मुख्य निर्देश: हर अधिकारी को क्षेत्रवार जवाबदेही और नियमित निगरानी।
- कठोर कदम: लापरवाही पर सेवा समाप्ति की चेतावनी।
