देवास : जिले के बरोठा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले देवास – डबलचोकी मार्ग पर आज सुबह करीब 11 बजे अनियंत्रित होकर कार सड़क किनारे खंती में उतर गई जिससे उसमे सवार 2 युवाओं की मौत हो हुई। सूचना मिलते ही बरोठा पुलिस मौके पीआर पहुंची।
जानकारी अनुसार ग्राम केलोद क्षेत्र में एक कार अनियंत्रित होकर पानी से भरी खंती में डूब गई, जिसमें सवार दोनों युवकों की मौत हो गई। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई और उन्होंने बड़ी मशक्कत से दोनों युवकों के शव को बाहर निकाला। मृतकों की शिनाख्त योगेश पिता सुभाष और रोहित पिता सोहन के रूप में हुई है। दोनो युवकों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
बरोठा थाना टीआई शैलेंद्र मुकाती ने बताया अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कार कहां से कहां जा रही थी न ही यह पता चला है कि कार अनियंत्रित कैसे हुई।फिलहाल पुलिस जांच कर रही ही
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मोदी सरकार का बड़ा फैसला : गरीबों को मुफ्त अनाज अब दिसंबर 2023 तक मिलता रहेगा
नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने शुक्रवार को गरीबों को मुफ्त अनाज दिए जाने को लेकर कैबिनेट में बड़ा फैसला लिया. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत देश के 80 करोड़ लोगों को मिलने वाले मुफ्त राशन को एक साल के लिए आगे बढ़ा दिया है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राशन के लिए गरीबों को एक भी रुपये नहीं देना होगा. इस योजना पर सरकार हर साल 2 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है. सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट के तहत चावल, गेहूं और मोटा अनाज क्रमश: 3,2,1 रुपये प्रति किलो की दर से देती है. सरकार ने फैसला लिया है कि दिसंबर 2023 तक यह पूरी तरह से मुफ्त मिलेगा.
इसके पूर्व सितंबर में सरकार ने इस योजना की समयसीमा को तीन महीने के लिए 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया था. कोविड के समय गरीब लोगों को राहत पहुंचाने के लिए यह योजना लाई गई थी. बीते 28 महीने में सराकर ने गरीबों को मुख्त राशन पर 1.80 लाख करोड़ रुपये खर्च किए.।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को मार्च 2020 में कोविड संकट के दौरान लागू किया गया था. इस योजना का लाभ देश के 80 करोड़ लोगों को मिलता है. इसके तहत बीपीएल कार्ड वाले परिवारों को हर महीने प्रति व्यक्ति 4 किलोग्राम गेहूं और 1 किलोग्राम चावल मुफ्त दिया जाता है. बीते कई महीनों से इस योजना को बढ़ाया जा रहा है.
इस योजना को सबसे पहले मार्च 2020 में पहले चरण 3 महीनों यानी अप्रैल-जून 2020 के लिए पहले चरण में लागू किया गया था. अब तक इस स्कीम के 7 चरण हो चुके हैं. मार्च 2022 में इसे 6 महीने के लिए यानी सितंबर तक बढ़ाया गया. उसके बाद तीन महीनों के लिए यानी दिसंबर और अब केंद्रीय कैबिनेट ने इस योजना को एक साल तक के लिए बढ़ा दिया है
Dewas : पार्षद प्रतिनिधियो द्वारा एलईडी निगम मे वापस जमा की
देवास/ नगर निगम के प्रकाश विभाग मे आगामी दिवसो मे संभावित क्रय की जाने वाली एलईडी लाईट संबंधित कान्ट्रेक्टर द्वारा प्रदाय किये जाने के एलईडी लाईट सेंपल के रूप मेे निगम प्रकाश विभाग के स्टोर मे दी गई थी। जो सेंपल चेक के पश्चात संभावित क्रय की जानी थी।
गुरूवार को वार्ड क्रमांक वार्ड क्रमांक 22 के पार्षद प्रतिनिधि रूपेश वर्मा,वार्ड क्रमांक 6 के पार्षद प्रतिनिधि प्यारे मियां पठान, वार्ड क्रमांक 11 के निगम प्रतिपक्ष नेता व पार्षद प्रतिनिधि राहूल पवार के द्वारा शहर मे लगने वाली एलईडी को अनाधिकृत रूप से उठाकर ले जाने पर नगर निगम आयुक्त विशालसिह चौहान के द्वारा एलईडी को 24 घंटे मे निगम मे जमा कराने का सूचना पत्र दिया गया था। जिसकी सूचना महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल को दी गई थी जिसमे विधायक प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल द्वारा पार्षद प्रतिनिधियो से दूरभाष पर चर्चा की गई,चर्चा के दौरान श्री अग्रवाल ने बताया कि तीनो पार्षद प्रतिनिधियो का इस प्रकार से एलईडी लाईट उठाकर ले जाना उचित नही था। हम पूरी कोशिश कर रहे है। एलईडी क्लस्टर को शासन द्वारा शिथिल करने तथा नई एलईडी लाईट क्रय करने के स्वीकृति शासन से ली जा रही है स्वीकृति मिलते ही नई एलईडी लाईट क्रय की जाकर सभी वार्डो मे प्रदाय की जावेगी। प्रतिनिधियो द्वारा श्री अग्रवाल से चर्चा कर पुन: 15 नग एलईडी लाईट शुक्रवार को निगम प्रकाश विभाग स्टोर मे जमा कराई गई।
Dewas : पड़ौसी से धोखाधड़ी करके जमीन, पैसे हड़पने वाली महिला और उसके साथी को न्यायालय ने सुनाई 5 वर्ष की सज़ा
देवास : जिले की बागली में द्वितीय सत्र न्यायालय के सात वर्ष पुराने जमीन विवाद में फैसला सुनाकर एक महिला व उसके साथी को 5 वर्ष का कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई।
एजीपी अखिलेश मंडलोई ने बताया कि धोखाधड़ी का यह मामला 31 मई 2014 से 25 फरवरी 2015 के मध्य का है। जिसमें सर्वसम्पन्न नगर बिचौली हाप्सी रोड इंदौर निवासी फरियादी शालिनी और उनके पति अरुण शर्मा के पड़ौस में प्रीति तारे और उसके मृत पति निशांत तारे रहते थे। प्रीति तारे और उसके पति निशांत ने शर्मा दम्पति के सामने बागली अनुविभाग के उदयनगर थाना क्षेत्र में स्थित ग्राम देवनलिया में फार्म हाउस और रिसोर्ट निर्माण कर विक्रय करने और अत्यधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया
जिस पर शर्मा दम्पति ने भी सहमति दी और कृषि भूमि क्रय करने का निर्णय लिया। जिसमें उन्होंने मई 2014 में भूमि स्वामी उमेश जायसवाल निवासी महिगांव थाना उदयनगर से 37 लाख 75 हजार रुपए में राजस्व मंडल 3 की 2.020 हेक्टेयर कृषि भूमि क्रय करने का अनुबंध शालिनी शर्मा और प्रीति तारे के नाम पर किया गया।
उक्त अनुबंध के पेटे आरटीजीएस और चेक्स की सहायता से 13 लाख 75 हजार रुपए उमेश जायसवाल और 15 लाख रूपए प्रीति और निशांत ने भूमि स्वामी को देने के लिए स्वयं नगदी रख लिए। साथ ही निशांत ने 1 लाख 7 हजार रुपए का एक चेक ब्लैक चेचिस के नाम से भूमि विक्रेता उमेश जायसवाल की गाड़ी का एक्सीडेंट होने का बोलकर दिलवाया।
अनुबंध के अनुसार 6 माह में भूमि का विक्रय पत्र शालिनी शर्मा और प्रीति तारे के नाम से होना था लेकिन निशांत तारे ने 25 फरवरी को भूमि का विक्रय पत्र पत्नी प्रीति तारे के नाम से बिना बताए ही करवा लिया। विक्रय पत्र केवल 6 लाख 87 हजार का करवाया गया और विक्रेता का 6 लाख का भुगतान होना बताया गया।
शालिनी शर्मा ने अपनी रिपोर्ट में आरोपियों पर 33 लाख रुपए बैंक और नगद माध्यमों से हड़पने, आर्थिक हानि पहुँचाने, तथ्यों को छुपाने और असत्य लेख करने आदि का आरोप लगाया।वहीं विक्रेता उमेश जायसवाल ने भूमि पर ऋण होने की बात भी फरियादियों से छुपाई। जिस पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने प्रीति तारे से क्रय की गई भूमि का विक्रय पत्र और ऋण पुस्तिका का छायाप्रति जब्त की। साथ ही प्रीति, निशांत और उमेश के पूर्व हस्ताक्षरों के दस्तावेज पैन कार्ड, पासपोर्ट, अंकसूची और किसान क्रेडिट कार्ड आदि जब्त किए।
साथ ही जुलाई 2016 को तीनों आरोपियों को हिरासत में लिए लेकिन अग्रिम जमानत के चलते आरोपियों को जमानत मिल गई
न्यायालय में आरोपी प्रीति ने अपराध अस्वीकृत करते हुए कहा कि उसके और शालिनी शर्मा के द्वारा जो सौदा किया गया था वह शालिनी के द्वारा सौदे के राशि नहीं दिए जाने के कारण निरस्त हो गया।
आरोपी उमेश का कहना था कि प्रतिफल की राशि समय पर नहीं मिली थी इसलिए सौदा निरस्त कर बयाने की रकम दोनों को लौटा दी थी। जिस पर शालिनी शर्मा ने सौदे की मूल प्रति नष्ट कर दी थी।
जिसके बाद नविन शर्तों के अनुसार भूमि प्रीति तारे को विक्रय कर दी थी। विचारण के दौरान न्यायालय विक्रय पत्र के अनुसार भूमि की वास्तविक कीमत 6,87,000/- रुपये है। इस वास्तविक कीमत को छुपाते हुए. इस 6,87,000/- रुपये की भूमि पर रिसॉर्ट का व्यवसाय का लालच देकर अर्थात शालिनी एवं अरुण को प्रवंचित कर उसका सौदा 37,75,000/- रुपये में करने के लिए प्रेरित करना साक्षियों को कपट पूर्वक प्रवंचित करने की परिधि में आता है।
अनुबंध पत्र के अनुसार भूमि का विक्रय पत्र शालिनी एवं प्रीति के नाम से किया जाना तय हुआ था। अर्थात प्रीति को सभी बातों की जानकारी थी और वह फरियादी शालिनी के साथ सह क्रेता थी। विक्रय प्रतिफल का भुगतान शालिनी शर्मा एवं प्रीति तारे दोनों को मिलकर करना था, परंतु 15.75,000/- रुपये का भुगतान केवल शालिनी शर्मा और अरुण शर्मा के खातों से हुआ है।
आरोपी प्रीति तारे के खाते से आरोपी उमेश को भुगतान के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं है। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी प्रीति और उमेश को धारा 420 भादंसं में दोषसिद्ध करार देते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपए के अर्थदंड एवं धारा 120 बी (1) सहपठित 420 भादंसं में 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा से दण्डित किया।
सजा सुनाये जाने के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक के अखिलेश मंडलोई ने की प्रकरण में मुंशी महेंद्र मंडलोई का विशेष सहयोग रहा!
Dewas : खेत में करेंट लगने के 2 की हुई मौत, 2 लोग सुरक्षित
देवास : जिले के खातेगांव तहसील अंर्तगत आने वाले हरणगांव पुलिस थाने के ग्राम ओक्कारा टांडा में बुधवार रात एक किसान के खेत में चार लोगों को करंट लगा इसमें 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाने से उनकी जान बच गई
थाना प्रभारी अरविंद भदौरिया ने बताया कि बुधवार रात करीब 1:00 बजे ग्राम कोटवार कैलाश पिता मंदरुप मालवीय के पास ग्राम नंदाडाई के नानू गोंड ने फोन लगाकर कहा कि विक्रम पटेल निवासी ओमकारा के खेत में कुछ लोगों को करंट लग गया है तब गांव चौकीदार मौके पर पहुंचा तो देखा कि विक्रम के चने के खेत में 4 लोग जमीन पर पड़े हैं उनमें से रोहित पिता रामअवतार वीके उम्र 25 वर्ष निवासी नंदा डाई व अशोक उर्फ भूरा पिता भागवत बंजारा उम्र 28 वर्ष निवासी टांडा की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि मानसिंह नायक व भूरा दरबार की सांसे चल रही थी जिन्हें तत्काल शासकीय अस्पताल कन्नौद पहुंचाया गया इससे उसकी जान बच गई वहीं मृतकों का पीएम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है तथा हरण गांव पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है
Dewas : हाथों में मेहंदी लगाकर संविदा कर्मचारियों ने शासन के समक्ष रखी मांगे
देवास। जिले के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी पिछले आठ दिन से अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत है। गुरूवार को मल्हार स्मृति उद्यान में हड़ताल के दौरान सभी महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों ने हाथों पर मेंहदी लगाकर प्रदेश सरकार का विरोध किया। जिलाध्यक्ष राजेश गुर्जर एवं सीएचओ संगठन जिलाध्यक्ष हिमांशी सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य महिला कर्मचारियों ने हाथों में मेहंदी के माध्यम से नही किसी भीख मांगते, हम अपना अधिकार मांगते, अभी करो अर्जेंट करो, हमको परमानेंट करो.., संविदा कर्मचारी जिंदा बाद सहित अन्य नारे लिखकर अनोखा प्रदर्शन किया। कर्मचारियों की मांग है कि एनएचएम, अन्य परियोजनाओं, स्वास्थ्य में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, संविलियन किया जाए एवं सेवा से निष्कासित कर्मचारियों की बहाली की जाए। जब तक मांग पूरी नहीं होगी, संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल से वापस नहीं आएंगे। जिले सहित प्रदेश के हजारों संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी मांगों के लेकर हड़ताल पर हैं। कलम बंद हड़ताल लगातार जारी रहेगी। हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। इस अवसर पर भामसं के पदाधिकारी, कर्मचारी सहित जिले के समस्त संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित थे।
Dewas : पाथवे की सुंदरता बिगाड़ रहे असामाजिक तत्व
देवास। माँ चामुण्डा टेकरी पर बने पाथवे पर सुरक्षा व्यवस्था नही होने पर असामाजिक तत्वों द्वारा लगातार टेकरी की सुंदरता को समाप्त किया जा रहा है। वहां लगी कुर्सियां, बोर्डो और पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। युवा कुलदीप धाकड़ ने बताया कि जहां माता टेकरी पर हरियाली करने के उद्देश्य से पौधे लगाकर उनकी देखभाल करने में लगे है।
वहीं कुछ असामाजिक लोग पाथवे व माता टेकरी की सुंदरता को खत्म करने पर तुले है। पाथवे के हालात देखकर ऐसा लगता है कि वर्षों से यहां पर विकास नही हुआ है। मॉर्निंग वॉक करने आने वाले लोग भी असामाजिक लोगों के इस कृत्य से परेशान है। सुरक्षा हेतु जवान नही होने के कारण रात्रि के समय में असामाजिक तत्वों का डेरा लगा रहता है।
बावजूद इसके प्रशासन द्वारा इस ओर ध्यान नही दिया जा रहा है। पहले भी इस प्रकार की घटना हो चुकी है। पाथवे पर निर्मित कुर्सी को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है, जिससे लोगों के मन में भी भय व्याप्त है। धाकड़ ने मांग की है कि प्रशासन इस ओर ध्यान देते हुए सुरक्षा की दृष्टि से उचित निर्णय ले। साथ ही रात्रि में पुलिस जवान की तैनाती की जाए।
Dewas : आयुक्त संभाग ने विकास खण्ड महिला सशक्तिकरण अधिकारी एवं प्रभारी परियोजना अधिकारी को किया निलंबित
देवास : आयुक्त उज्जैन संभाग श्री संदीप यादव ने विकास खण्ड महिला सशक्तिकरण अधिकारी एवं प्रभारी परियोजना अधिकारी बागली सुश्री नीलम सेठिया को अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही एवं उदासीनता बरतने तथा सिविल सेवा (आचरण) के विपरीत आचरण करने पर मध्य प्रदेश सिविल सेवा(वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। विकास खण्ड महिला सशक्तिकरण अधिकारी एवं प्रभारी परियोजना अधिकारी बागली सुश्री नीलम सेठिया का निलंबन अवधि में मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय देवास रहेगा तथा निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी ।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि विकास खण्ड महिला सशक्तिकरण अधिकारी एवं प्रभारी परियोजना अधिकारी बागली सुश्री नीलम सेठिया प्रायः बैठक में अनुपस्थित रहती है, कर्तव्य पर उनकी उपस्थिति भी अनियमित रहती है, वे कर्तव्य पर अनुपस्थित अथवा अवकाश पर रहने की आदी हैं तथा शासकीय योजनाओं/गतिविधियों एवं कार्य के प्रति भी सुश्री सेठिया का रवैया पूर्णतः असहयोगात्मक, उदासीन व लापरवाही पूर्ण रहा है। “विभागीय महत्वपूर्ण योजनाओं में लक्ष्य के विरूद्ध उपलब्धि भी शत प्रतिशत नहीं हैं। सी.एम. हेल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निराकरण में भी कोई रूचि नहीं ली। समय-समय पर दी गई समझाइश के उपरांत भी प्रभारी परियोजना अधिकारी सुश्री नीलम सेठिया की कार्य प्रणाली एवं व्यवहार में कोई सुधार परिलक्षित नहीं हो रहा है, और न ही विभागीय योजनाओं व गतिविधियों के क्रियान्वयन को उनके द्वारा कोई गति प्रदान की जा रही है। कर्तव्यों के प्रति अत्यंत लापरवाह तथा शासन के कार्यों में उनके द्वारा घोर लापरवाही बरती जा रही हैं।
Dewas शुक्रवारीया हाट में मंदिर के आसपास का अतिक्रमण बन सकता है विवाद का कारण
देवास। शहर में धार्मिक स्थलों के आसपास अतिक्रमण एवं धर्म स्थलों के नाम पर अवैध कब्जा कर किया गया अतिक्रमण नई बात नहीं है। जिसके कारण आए दिन विवाद की स्थिति निर्मित होती रहती है। ताजा उदाहरण के तौर पर शहर के प्रमुख संवेदनशील स्थल शुक्रवार या हाट में प्राचीन पिपलेश्वर मंदिर एवं दुर्गा माता मंदिर के आसपास का अतिक्रमण शहर में कभी भी सांप्रदायिक विवाद का बड़ा कारण बन सकता है। गौरतलब है कि इन मंदिरों के आसपास बड़ी संख्या में फल फ्रूट एवं सब्जी विक्रेताओं द्वारा जोर जबरदस्ती कर हाथ ठेले लगाकर अतिक्रमण किया हुआ है।
अतिक्रमण कर्ताओं द्वारा मंदिर के आसपास गंदगी के अलावा गाली गलौच भी की जाती है। मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों को आवाजाही एवं वाहन खड़े करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कोई दर्शनार्थी यदि अतिक्रमण का विरोध करता है तो उसके साथ अभद्रता एवं मारपीट की जाती है। 2 सप्ताह पूर्व ही इन अतिक्रमण कर्ताओं द्वारा एक युवा दर्शनार्थी के साथ गाली गलौज की गई थी जिसके कारण विवाद की स्थिति निर्मित हुई। जिसके पश्चात प्रशासन द्वारा मंदिर के आसपास से अतिक्रमण हटा दिया गया था लेकिन फिलहाल अतिक्रमण करताओ द्वारा फिर से हाथ ठेले लगाकर मंदिर परिसर को घेर लिया गया। कल सोमवार को इसके कारण काफी गहमागहमी एवं सांप्रदायिक तनाव की स्थिति निर्मित हो गई।
एक और मंदिर समिति के सदस्य एवं हिंदू संगठन के लोग जमा हो गए, जबकि दूसरी ओर अतिक्रमण कर्ताओं के साथ दूसरे पक्ष के असामाजिक तत्व की भीड़ इकट्ठा हो गई। वह तो गनीमत है की क्षेत्रवासियों द्वारा तत्काल पुलिस को सूचना दी गई जिस पर कोतवाली पुलिस से बड़ी संख्या में पुलिस बल आया एवं अतिक्रमण कर्ताओं एवं असामाजिक तत्व को खदेड़ कर भगाया गया। समय रहते यदि पुलिस बल नहीं पहुंचता तो शुक्रवारीया हाट स्थित मंदिर के आसपास का अतिक्रमण शहर में बड़े सांप्रदायिक विवाद का कारण बन सकता था। प्रशासन को चाहिए कि मंदिर के आसपास से स्थाई तौर पर अतिक्रमण हटाया जाए ताकि दर्शनार्थियों के आवागमन एवं वाहन खड़ा करने का स्थान सुलभ हो सके।
Dewas : नापतौल विभाग द्वारा तौल कांटा की जांच कर 09 प्रकरण किए पंजीबद्ध
देवास : निरीक्षक विधिक माप विज्ञान ने बताया कि सोनकच्छ में हाट-बाजार में पुन: तौल व पुन: सत्यापन जांच शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 9 प्रकरण फल/सब्जी विक्रेताओं के कम तौल में दर्ज किए गए। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही पीपलरावां में अमुद्राकिंत व असत्यापित तौल कांटा का उपयोग करने पर पटेल ट्रेडर्स के विरूद्ध विधिक माप विज्ञान अधिनियम अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया। पूर्व में भी नापतोल विभाग द्वारा शहर के शुकवारिया हाट में तोल काँटे को अमुद्राकिंत व असत्यापित पाए जाने पर कार्यवाही की गई थी।
