Dewas: संपत्ति कर व जलकर वसूली के लिए नगर निगम सख्त, 4 करोड़ का टारगेट निर्धारित

देवास। शहर में राजस्व वसूली को लेकर नगर पालिक निगम ने सख्त रुख अपना लिया है। सोमवार, 4 मई को नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने संपत्ति कर (Property Tax) और जलकर (Water Tax) वसूली की विशेष समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने राजस्व अधिकारियों को वसूली में तेजी लाने और लक्ष्य को समय पर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

9 मई की ‘नेशनल लोक अदालत’ पर फोकस

आगामी 9 मई (शनिवार) को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत को ध्यान में रखते हुए आयुक्त ने अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए:

  • सभी वार्डों में संपत्ति कर और जलकर के पेंडिंग बिल मात्र 2 दिन के भीतर वितरित किए जाएं।
  • बकायादारों से लगातार जनसंपर्क किया जाए और उन्हें लोक अदालत में अपनी बकाया राशि जमा करने के लिए प्रेरित किया जाए।

4 करोड़ का लक्ष्य और ‘कुर्की’ की चेतावनी

नगर निगम आयुक्त ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में कसावट लाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए:

  • विभाग के लिए वसूली का 4 करोड़ रुपये का टारगेट निर्धारित किया गया है।
  • सभी वार्ड प्रभारी अपने-अपने वार्डों की बकाया सूची तैयार करें और घर-घर जाकर संपर्क करें।
  • जो करदाता लंबे समय से अपना कर जमा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कुर्की (Property Attachment) की फाइलें तैयार की जाएं। लोक अदालत के बाद ऐसे डिफाल्टरों पर कुर्की की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

कचरा संग्रहण शुल्क नहीं वसूला तो रुकेगा वेतन

समीक्षा बैठक के दौरान कचरा संग्रहण शुल्क (Garbage Collection Fee) की वसूली में धीमी प्रगति पाए जाने पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने प्रभारियों को चेतावनी दी है कि यदि आगामी 7 दिनों के भीतर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं की गई, तो संबंधित अधिकारियों का वेतन रोक दिया जाएगा।

आम नागरिकों से निगम की अपील

नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने शहर के सभी करदाताओं से विशेष अपील की है कि वे 9 मई, शनिवार को आयोजित हो रही ‘नेशनल लोक अदालत’ में अपने संपत्ति कर और जलकर की बकाया राशि जमा करें। लोक अदालत के माध्यम से कर जमा करने पर शासन के नियमानुसार सरचार्ज में मिलने वाली विशेष छूट का लाभ उठाया जा सकता है।

Dewas : कलेक्टर ऋतुराज सिंह की सख्त कार्रवाई, कार्य में लापरवाही पर नगर निगम के दो इंजीनियरों की वेतन वृद्धि रोकी

देवास (04 मई 2026)। शासकीय कार्यों में लापरवाही और पदीय कर्तव्यों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ देवास जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने एक बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए नगर पालिक निगम (Nagar Palika Nigam), देवास के दो अधिकारियों पर गाज गिराई है।

इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई (Action Taken Against)

कर्तव्य निर्वहन में गंभीर उदासीनता, लापरवाही और अनियमितता पाए जाने पर कलेक्टर ने निम्नलिखित अधिकारियों की आगामी दो वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव (Non-cumulative effect) से रोक दी है:

  1. जितेंद्र सिसोदिया – उपयंत्री (Sub-Engineer), नगर पालिक निगम देवास
  2. सौरभ त्रिपाठी – सहायक यंत्री (Assistant Engineer), नगर पालिक निगम देवास

निगमायुक्त के प्रतिवेदन पर लिया गया एक्शन

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, दोनों अधिकारियों को उनके सौंपे गए दायित्वों में लगातार कोताही बरतते हुए पाया गया था। इसके बाद आयुक्त, नगर पालिक निगम देवास द्वारा उनके कार्यों की समीक्षा की गई और एक विस्तृत प्रतिवेदन (Report) कलेक्टर कार्यालय को सौंपा गया। इसी रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर श्री सिंह ने यह कड़ा कदम उठाया है।

अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं” – कलेक्टर का सख्त संदेश

इस दंडात्मक कार्रवाई के माध्यम से कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने जिले के सभी शासकीय सेवकों को एक स्पष्ट संदेश दिया है:

  • शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनुशासनहीनता बिल्कुल स्वीकार नहीं की जाएगी।
  • सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ पालन करें।

इस कार्रवाई के बाद नगर निगम सहित जिले के अन्य सरकारी विभागों में भी हड़कंप का माहौल है। इसे प्रशासन की कार्यप्रणाली में कसावट लाने के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

Dewas औद्योगिक ईकाईयों पर 9 करोड 50 लाख का संपत्तिकर बकाया, ईकाईयों को बकाया बिल जारी..

  • क्या निगम कर पाएगा सख्ती के साथ संपत्त्किर वसुली की कार्यवाही…
  • जिन ईकाईयों द्वारा संपत्तिकर जमा नही कराया गया उनके विरूद्ध प्रकरण तैयार कर कार्यवाही का दावा

देवास। औद्योगिक क्षेत्र मे स्थित 383 औद्योगिक ईकाईयों पर संपत्त्किर की राशि का 9 करोड 50 लाख बकाया है निगम ने एक प्रेस रिलीज कर इस बात की जानकारी दी है।
साथ ही में नगर निगम द्वारा बकाया करों की वसुली सख्ती से करेगा इस बातवका भी जिक्र किया गया है। इस हेतु निगम द्वारा औद्योगिक ईकाईयों का संपत्त्किर बकाया होने के बिला जारी किये जाकर तामिल कराये जा रहे है। साथ ही ईकाईयों के ईमेल के माध्यम से भी बकाया संपत्त्किी सूचना दी जा रही है।

नगर निगम द्वारा यह भी कहा गया है कि जिन औद्योगिक ईकाईयों द्वारा संपत्तिकर जमा नही कराया जा रहा है। उनके विरूद्ध प्रकरण तैयार कर विभागीय कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी। लेकिन सवाल यह है कि क्या नगर निगम सख्ती के साथ ऐसा कर सकेगी। क्योंकि जब भी संपत्ति कर की वसूली की जाती है निगम उम्मीद जितनी वसूली प्राप्त करने में निराशा ही हाथ लगी है। देखना होगा इस बार माली हालत सुधारने के कदम में निगम क्या बकाया सम्पत्ति कर की वसूली कर पाएगा।

ईकाईयों से संपत्तिकर की वसुली हेतु महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल के निर्देश पर आयुक्त रजनीश कसेरा के द्वारा वसुली दल का गठन भी किया गया है। जिसमे दल प्रभारी प्र. सहायक यंत्री दिनेश चौहान को बनाया जाकर राजस्व अधिकारी प्रवीण पाठक एवं राजस्व निरीक्षक राजेश जोशी को दल मे शामिल कर वसुली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जो निगम उपायुक्त देवबाला पिपलोनिया के मार्गदर्शन मे औद्योगिक ईकाईयों से संपत्तिकर की वसुली की कार्यवाही करेगा।

Dewas निगम बना रही सभी वार्डों में गोपालकों की सूचीसड़कों पर विचरण करती गायों को गोशाला भेजेंगे…

  • कोई नेता हस्तक्षेप कर दबाव बनाता है तो उसका नाम सार्वजनिक करेंगे: धर्मेंद्रसिंह बैस

देवास। सड़कों पर विचरण करती गोमाताओं को नगर निगम के द्वारा गोशालाओं में पहुंचाया जा रहा है। वहां गोमाता की उचित देखभाल की जा रही है। निगम स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष धर्मेन्द्रसिह बेस ने कहा कि मेरा जनप्रतिनिधियों से निवेदन है, कि इस कार्य में हस्तक्षेप कर दबाव ना बनाएं। ऐसे जनप्रतिनिधियों के नाम हम सार्वजनिक करेंगे जो गोशाला से बगैर जुर्माना दिए गोमाता को छुड़वाने के लिए दबाव बनाते हैं। साथ ही ऐसे गोपालकों के नाम भी सार्वजनिक करेंगे जो गायों को सडकों पर घुमने के लिए छोड़ते हैं।

समिति अध्यक्ष बैस ने कहा कि गोमाता पूजनीय है। कई लोग गायों को तो पालते हैं लेकिन उनकी उचित देखभाल नहीं करते। उन्हें दूध निकालने के बाद सड़क पर विचरण के लिए छोड़ देते हैं। वह कचरे के ढेर में भोजन की तलाश करती है। कई बार पन्नी तक निगल जाती है, जिससे उन्हें गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया शहर की सड़कों पर भटकते हुए मवेशियों को पकड़ने के लिए नगर निगम ने अभियान शुरू कर रखा है। साथ ही शहर के सभी 45 वार्डों में गोपालकों की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्हें हिदायत दी जा रही है कि वे अपने पशु की देखरेख करें और उन्हें खुला ना छोड़े। अगर मवेशी सड़कों पर भटकते हुए नजर आए तो उन्हें गोशाला में पहुंचाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि सड़कों पर विचरण करते हुए मवेशियों पर नियंत्रण के लिए अगस्त माह में गृह विभाग मप्र शासन की ओर से आदेश जारी हुआ था। इसे लेकर नगर निगम आयुक्त रजनीश कसेरा ने निगम स्वास्थ्य विभाग की टीम को निर्देश दिए हैं। निर्देश में कहा गया है कि निगम सीमा में बड़ी संख्या में मवेशियों के मुख्य मार्गों पर आवागमन के कारण ट्रेफिक जाम एवं आमजन के दैनिक जीवन में हो रही असुविधा के दृष्टिगत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में निर्देशित किया गया कि अपने-अपने वार्डों में गोपालकों की सूची 3 दिवस के भीतर में प्रस्तुत करें। लेकिन निर्धारित समयावधि में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। सूची प्रस्तुत न करने एवं आदेश का पालन न करने पर संबंधित अधिकारीध्कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

आयुक्त के निर्देशों के पालन मे सभी वार्डों में संबंधित कर्मचारी गोपालकों की जानकारी जुटा रहे हैं। गोपालकों को हिदायत दी जा रही है कि वह गायों को दूध निकालने के बाद के लिए सड़कों पर विचरण करने के लिए न छोड़ें, गायों की उचित देखभाल करें। अगर सड़कों पर घुमते हुए गायें मिली तो उन्हें गौशालाओं में पहुंचाया जाएगा। इसके बाद जो भी गोपालक छुड़ाने के लिए आता है तो उस पर चालानी कार्यवाही की जाएगी। गोशाला के नोडल अधिकारी हरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया हमारी टीम सड़कों से गायों को पकड़ रही है। उन्हें उन गोशालाओं में पहुंचाया जा रहा है, जहां गायों की संख्या कम है। सभी वार्डों में सर्वे भी किया जा रहा है।