Dewas: शहर के विकास हेतु प्रस्तावित मिनी सुपर कारिडोर योजना

देवास। प्रदेश की प्रमुख नगरी देवास के विकास में ओर एक बड़ा सितारा लगाये जाने हेतु तथा देवास शहर को विकास की ओर अग्रसित करने हेतु देवास ओद्योगिक क्षेत्र से नागूखेडी उज्जैन रोड पर मिलेगा कारिडोर। इस योजना से टाटा एक्सपोर्ट सेे उज्जैन रोड तक लगभग 5.2 किमी लम्बे एमआर 10 कारिडोर का विकास किया जाएगा। जो 45 मीटर चौडा 6 लेन कारिडोर होगा। योजना के मास्टर प्लान के अनुसार कारिडोर के दोनों ओर 150 मीटर चौड़ी रोड व्यावसायिक और मिक्सड यूज के तौर पर उपयोग हेतु विकसित होगी।

विकास प्राधिकरण चेयरमेन चंद्रमौली शुक्ला एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी विशालसिंह चौहान के साथ अमोना, बिंजाना, बीराखेडी, मेंढकीचक, नागूखेडी एवं अन्य किसान बंधुओं की उपस्थिति में एक सेमीनार होटल रामाश्रय में आयोजित किया गया। जिसमें मिनी सुपर कारिडोर के बारे में विस्तृत जानकारी उपस्थितों को चेयरमेन द्वारा दी गई। किसानों को भी अपनी बात रखने का अवसर दिया गया जिसमें किसानों ने अपनी अपनी समस्या व सुझाव रखे। चेयरमेन चंद्रमौली शुक्ला ने स्वयं के पूूर्व अनुभव भी बताए जिस तरह से इंदौर में इसी तरह के कारिडोर बने है औरा किसानों ने स्वयं व अपने भविष्य को संवारा है। चेयरमेन श्री शुक्ला ने कहा कि जमीन देना आपका निर्णय है किंतु आपके व शहर के विकास के लिए आपको आगे आना होगा। अपनी जमीन के बदले में विकसित भूखंड विकास प्राधिकरण दे रहा है। आपके निर्णय पर योजना का क्रियान्वयन होगा। वर्तमान में किसी ओर को जमीन नहीं देते स्वयं अपने भविष्य में उसी जमीन के विकसित भूखंड से दस गुना अपने आप को विकसित कर सकेंगे। योजना में सम्मिलित किसानो के हित को देखते हुए उन्हें यथा संभव उन्ही की भूमि पर विकसित प्लाट (भूखंड) आवंटित किये जायेंगे। चेयरमेन श्री शुक्ला द्वारा विस्तृत जानकारी उपस्थित किसान बंधुओं के समक्ष रखी तथा योजना से भू स्वामियों को होने वाले लाभ एंव योजनाओं की विशेषताएं भी बताई गई।

चेयरमेन ने यह भी कहा कि इस योजना से निवेश तथा रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। सड़कों के निर्माण से भूखंडों के मूल्यों में वृद्धि होगी और आपको आवंटित भूखंडों की गाइडलाईन दर में भी वृद्धि होगी। साथ ही विकसित भूखंडों में पानी, सिवरेज, बिजली की बेहतर सुविधा भी उपलब्ध रहेगी जो आपको सीधे प्राप्त होगी। चेयरमेन के द्वारा सवाल का जवाब देते हुए यह भी कहा गया कि योजना का संपूर्ण विकास नहीं होगा तब तक किसानों को उक्त आवंटित भूमि की तोजी भी विकास प्राधिकरण देगा। उक्त योजना में 20 से 25 किसानों ने एग्रिमेंट हेतु सहमती भी दी है। चेयरमेन ने कहा कि किसान बंधु अपनी भूमि का भू अर्जन करावें। इसी के साथ अंत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी विशालसिंह चौहान ने सबका आभार व्यक्त किया।

घर की दुर्दशा सुधारने किया जाता है दशा माता का व्रत

भोरासा निप्र(अभय नागर) : दशा माता का व्रत घर में सुख-शांति और घर की दुर्दशा सुधारने के लिए किया जाता है। ये व्रत चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को किया जाता है। सुहागिन महिलाएं यह व्रत अपने घर की दशा सुधारने के लिए करती हैं। भोरासा नगर में भी कुमावत मोहल्ला स्थित मंदिर में नगर परसाई संजय जोशी के द्वारा विधिवत पूजन पाठ कराया गया व कथा सुनाई गई यहां पर महिलाओं ने दशा माता का व्रत रखा और पीपल के पेड़ की पूजा की।

इस दिन महिलाएं पूजा और व्रत करके गले में एक खास डोरा (पूजा का धागा) पहनती हैं, ताकि परिवार में सुख-समृद्धि, शांति, सौभाग्य और धन संपत्ति बनी रहे। ग्रंथों के अनुसार, ये व्रत करने से सभी तरह की परेशानियों से बचा जा सकता है। इस व्रत के दिन कच्चे सूत का 10 तार का डोरा, जिसमें 10 गठानें लगाकर महिलाएं पीपल की पूजा करती हैं। इस डोरे की पूजन करने के बाद कथा सुनती हैं। इसके बाद डोरे को गले में बांधती हैं। इस दिन महिलाएं एक ही प्रकार का अन्न एक समय खाती हैं। भोजन में नमक नहीं होना चाहिए। विशेष रूप से अन्न में गेहूं का ही उपयोग करते हैं। दशा माता की पूजा पीपल के पेड़ की छांव में करना शुभ होता है और पीपल के आस-पास पूजा का धागा भी बांधा जाता है। पीपल की पूजा से भगवान विष्णु की पूजा भी इस दिन हो जाती है। इस व्रत के कुछ नियम भी हैं। जैसे यदि यह व्रत एक बार रख लिया तो इसे जीवनभर किया जाता है और इसका उद्यापन नहीं होता है। इस व्रत को बीच में नहीं छोड़ सकते। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। यदि सेहत संबंधी समस्या या और कोई समस्या हो तो उद्यापन करने के बाद इसे छोड़ सकते हैं इसी तरह नगर में सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल परिसर में भी महिलाओं द्वारा पूजा की गई वही गड़ी मंदिर स्थित पीपल वृक्ष की महिलाओं के द्वारा पूजा की गई

नकली आइसक्रीम बनाने वाले आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

नियमो के विरुद्ध बनाई जा रही थी आइसक्रीम, पुलिस व खाद्य विभाग ने की कार्यवाही

देवास। कोतवाली थाना पुलिस और खाद्य विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर खाद्य पदार्थ मिलावटी आइसक्रीम बनाने के कारखाने का किया भांडाफोड किया है।मौके पर से पुलिस ने आरोपी गुलाब सिंह चौहान पिता बनेसिंह चौहान उम्र 40 साल निवासी 22 दुर्गा नगर देवास को गिरफ्तार किया है।

वही लगभग 3 हजार पैक आईसक्रीम आईसक्रीम बनाने की मशीन, फिज, कच्चा माल सहित लगभग 05 लाख का माल जब्त किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन देवास जिले में मिलावटखोर के गोरखधंधे के विरूद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत नगर पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह चौहान एवं उपपुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) किरण शर्मा के नेतृत्व में थाना कोतवाली देवास द्वारा मिलावटखोरो के विरूद्ध एक बड़ी कार्यवाही की गई है। जिसमें मिलावटी आईसक्रीम बनाने वाले कारखाने पर कार्यवाही कर 2000 आइसक्रीम पेक करने के खाली रेपर जिन पर कोई एक्सपायरी व मेनुफेक्युरींग दिनांक नहीं है, 2100 नग चोकोबार आइसक्रीम, 200 नग कोन आइसक्रीम बिना लेवल की, 300 नग कप आईसक्रीम सहित 09 प्लास्टीक के डिब्बो में भरा कच्चा माल आईसक्रीम बनाने की मशीन, चोकोबार बनाने की मशीन व 05 बड़े फीज सहित कुल 05 लाख रूपये का माल जब्त की गई है। उक्त कार्यवाही में आरोपी गुलाब सिंह चौहान पिता बनेसिंह चौहान उम्र 40 साल निवासी 22 दुर्गा नगर देवास को गिरफ्तार किया है।
उक्त आरोपी के विरूद्ध अपराध कं. 318/2022 धारा 420 भादवि एवं 7 खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया जाकर आरोपी से विस्तार से पुछताछ की जा रही है।

PUSHPGIRI TIRTH : पुष्पगिरी में भगवान पद्मप्रभु एवं पुष्पदंत की प्रतिमा का पंचकल्याणक प्रतिष्ठा मोहत्सव 4 से 10 अप्रैल तक

देवास। मानव सेवा तीर्थ पुष्पगिरी पर गणचार्य श्री पुष्पदंत सागर महाराज के आशीर्वाद संस्कार प्रणेता मुनिश्री सौरभ सागर जी महाराज की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में विश्व में प्रथम बार भव्य 72 फुट की बेदी पर 21 फुट के भगवान पदम प्रभ की प्रतिमा एवं स्वर्ण वर्ण सीप के आकार का आकर्षक मंदिर जिसमें 13 फीट की मनोहारी भगवान पुष्पदंत की पद्मासन प्रतिमा का निर्माण किया गया है। जिसका भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव 4 अप्रैल से 10 अप्रैल तक पुष्पगिरी तीर्थ पर आयोजित होना सुनिश्चित हुआ है जिस पंचकल्याणक में आचार्य श्री प्रणाम सागर जी महाराज, क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सगरजी महाराज, मुनि श्री प्रगल्य सागर जी महाराज का भी पावन सानिध्य प्राप्त होगा।
महोत्सव में अनेकों नामचीन राजनेताओं को आमंत्रित किया जाएगा।
महोत्सव में
4 अप्रैल को ध्वजारोहण एवं 201 सौभाग्यवती महिलाओं द्वारा मस्तक पर मंगल कलश धारण कर विशाल कलश यात्रा,
5 अप्रैल को गर्भ कल्याणक, 6 अप्रैल को जन्म कल्याणक एवं भव्य जुलूस,
7 अप्रैल को दीक्षा कल्याणक,
8 अप्रैल को केवल ज्ञान कल्याणक,
9 को अप्रैल मस्तकाभिषेक,
10 अप्रैल को मोक्ष कल्याणक एवं आचार्य पद प्रतिष्ठापन महोत्सव आदि अनेकों कार्यक्रम आयोजित होंगे।

Dewas: चामुण्डा मिल के कर्मचारियों ने श्रमिकों से अभद्र व्यवहार कर गणेश मंदिर जाने का रास्ता किया बंद

• आक्रोशित श्रमिक पहुंचे थाने, मिल का गेट खुलवाने एवं दोषियों पर की कार्यवाही की मांग

देवास। चामुंडा स्टैंडर्ड मिल के श्रमिकों द्वारा रविवार को बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में श्रमिकों के बकाया पैसों के लिए चर्चा की जाकर आगामी रूपरेखा तैयार की जाना थी। श्रमिक बाबूलाल मण्डलोई, रामप्रसाद पटेल, केसर सिंह पहलवान एवं मनोहर गुर्जर ने बताया कि कम्पनी परिसर में विगत कुछ दिनों से साफ-सफाई व तोड़फोड़ चल रही है। साथ ही कम्पनी गेट पर भी ताला लगाकर प्राचीन गणेश मंदिर पर दर्शन करना बंद कर दिया है। जब श्रमिको ने रविवार को इसका विरोध किया तो कम्पनी में अंदर कार्य कर रहे कर्मचारियों ने अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलोच की और जान से मारने की धमकी वरिष्ठ भाजपा नेता इंदर सिंह ठाकुर को दी। इससे आक्रोशित होकर समस्त श्रमिक औद्योगिक थाना पहुंचे और आवेदन सौंपकर कार्यवाही की मांग की। आवेदन में श्री ठाकुर ने बताया कि वर्षो से में बालगढ़ का निवासी हूँ। साथ में भाजपा का पूर्व पार्षद एवं मीसाबंदी संघ का जिलाध्यक्ष भी हूँ। मिल के गेट ताला लगाकर श्रमिकों के साथ श्रद्धालुओं को भी अंदर जाना बंद कर दिया है। रविवार को दशामाता का पर्व होने पर बालगढ़ की महिलाएं गणेश मंदिर पर विशेष पूजा करती है। श्री ठाकुर ने बताया कि मिल के गेट पर पूछा की मंदिर पर जाने का रास्ता किसने बंद किया है तो गेट के अंदर खड़े मीणा नामक व्यक्ति, उसके साथ खड़े शर्मा और राहुल पटेल सहित 8-10 लोग जिन्हें मैं नही जानता। उन्होंने कहा कि तू कौन है गेट खुलवाने वाला, हम कम्पनी के गुण्डे है। तुझे हम 24 घंटे में जान से मरवा देंगे। साथ ही गंदी-गंदी गालिया भी दी। श्री ठाकुर ने आवेदन देकर थाना प्रभारी से मांग की है कि अति प्राचीन गणेश मंदिर के गेट पर ताला लगाने वालों पर कार्यवाही हो। साथ ही मुझे जाने से मारने की धमकी देने वालो पर प्रकरण दर्ज किया जाए। घटना की जानकारी लगते ही मौके पर प्रदेश कांग्रेस महामंत्री प्रदीप चौधरी भी पहुंचे और उन्होंने थाना प्रभारी से घटना के संबंध में चर्चा करते हुए दोषियों पर उचित कार्यवाही की मांग की।

दशा माता पर्व को लेकर महिलाओं ने सामूहिक पीपल के पेड़ के नीचे की पूजा

कन्नौद(चंचल भारतीय): चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर रविवार को पशुपतिनाथ विहार कॉलोनी की श्रीमती प्रेमलता भारतीय, श्रीमती गायत्री वर्मा, श्रीमती पप्पी चंदेल, श्रीमती ममता डोडवाल, श्रीमती मनीषा भारतीय, श्रीमती रागिनी भारतीय, श्रीमती सोनू रावल,सहित सैकड़ों महिलाओ ने दशा माता का पूजन कर महिलाएं ने घर में सुख, शांति, समृद्धि तथा आर्थिक उन्नति की कामना से पीपल के वृक्ष का पूजन कर दशा माता का पर्व मनाया।

Dewas : रविवार को भी खुले रहेगें संपत्तिकर,जलकर के केश काउंटर

देवास/ नगर निगम द्वारा वित्तिय वर्ष की समाप्ति के पूर्व शासन निर्देशानुसार बकाया संपत्तिकर व जलकर की राशि पर लगने वाले अधिभार (सरचार्ज) मे 31 मार्च 2022 तक छूट प्रदान की गई है। आयुक्त विशालसिह चौहान ने बताया कि संपत्तिकर व जलकर के बकायादारो द्वारा अपने बकाया करो की राशि जमा कराने की सुविधा के लिए शासकीय अवकाश के दिवस भी निगम मे काउंटर खुले रहेंगें जिससे करदाता 27 मार्च (रविवार) को भी अपने बकाया करो का भुगतान कर सकेगें। जिससे उनको नियमानुसार छूट का लाभ भी प्राप्त होगा तथा लाटरी ड्रा के माध्यम से चयनित होकर पुरस्कार भी पा सकेगें।

इसी प्रकार औद्योगिक क्षेत्र ईकाइयों के बकाया संपत्तिकरो की राशि भी जमा कराने हेतु रविवार को निगम राजस्व अधिकारी प्रवीण पाठक को ईकाइयो से सम्पर्क कर करो का भुगतान कराने हेतु निर्देशित किया। संपत्तिकर अधिकारी प्रदीप शास्त्री व प्रवीण पाठक को तैयार सूची अनुसार बकायादारो से निगम की टीम के साथ व दूरभाष सूचना के माध्यम से तथा उनके घरो पर सम्पर्क कर 31 मार्च तक बकाया करो की राशि अनिवार्य रूप से जमा कराने हेतु निर्देश आयुक्त ने दिये साथ ही आयुक्त ने यह भी कहा कि 31 मार्च 2022 के पश्चात बकाया करो का भुगतान नही किये जाने पर बकायादारो के विरूद्ध नियमानुसार कुर्की की कार्यवाही भी की जावेगी। आयुक्त ने बकाया करदाताओ से अपील की है कि वे अपने बकाया करो का भुगतान 31 मार्च 2022 तक अनिवार्य रूप से करें तथा कुर्की जैसी अप्रिय कार्यवाही से बचें।

मालवी-निमाड़ी साहित्य अकादमी की मांग ने पकड़ा जोर

इंदौर-उज्जैन संभाग से आए अनेक साहित्यकारों ने दर्ज की अपनी राय

देवास। गत दिवस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रख्यात मालवी लेखिका सुश्री हेमलता शर्मा  भोली बेन द्वारा अपने फेसबुक पेज पर मालवा निमाड़ क्षेत्र के लोगों के लिए  साहित्य अकादमी खोलने की मांग यह तर्क देते हुए रखी कि मध्यप्रदेश का लगभग एक लाख वर्ग किलोमीटर से भी अधिक क्षेत्र मालवा और निमाड़ के अंतर्गत आता है। साथ ही मध्य प्रदेश की 8 करोड़ आबादी में से 2.5 करोड़ (ढाई करोड़) लोग मालवा और निमाड़ में निवास करते हैं, जिनकी बोली मालवी और निमाड़ी है तो इस क्षेत्र के लिए पृथक से मालवी-निमाड़ी अकादमी स्थापित होनी चाहिए। जिस पर  इंदौर-उज्जैन संभाग के सभी जिलों से  साहित्यकारों ने उनकी मांग का समर्थन करते हुए शासन से मालवी-निमाड़ी साहित्य अकादमी खोलने की मांग की है।

मालवी निमाड़ी क्षेत्र के साहित्यकारों का  कहना है कि  मालवा निमाड़ में  दो बड़े संभाग आते हैं  जिनमें  15 से अधिक जिले शामिल है  और करीब  ढाई करोड़ लोग निवास करते हैं जो  अपनी मूल भाषा  मालवीय और निमाड़ी में बोलचाल के साथ  अपनी संस्कृति को  समेटे हुए हैं । संपूर्ण मध्यप्रदेश का इतना बड़ा भूभाग जिसमें लगभग इतनी अधिक आबादी निवास करती है वह अभी भी पिछड़ा हुआ है और यहां की प्रमुख बोलियां मालवी और निमाड़ी पिछड़ी हुई है, उनका ना तो कहीं साहित्य उपलब्ध होता है और न ही कहीं शोध आदि के विद्यार्थियों को सहायता मिल पाती है। लिखित रूप में बहुत कम साहित्य आया है । इसलिए मालवी निमाड़ी बोलियों को प्राथमिकता देने के लिए आवश्यक है कि मध्यप्रदेश में मालवी निमाड़ी अकादमी स्थापित होनी चाहिए यहां पर उर्दू अकादमी, सिंधी अकादमी आदि विभिन्न भाषाओं की अकादमी स्थापित हैं किंतु लंबे समय से मध्य प्रदेश का इतना बड़ा क्षेत्र संपूर्ण मालवा और निमाड़ की बोलियों को प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त नहीं हो सका है।          

साहित्य अकादमी के अत्यंत परिश्रमी निदेशक डॉ विकास दवे  दिन रात बड़ी सजगता से बोलियों और भाषा की गतिविधियों के लिए काम कर रहे हैं। मालवी और उसकी सहोदर निमाड़ी के लिए उनके मन में चिंता और अनुराग दोनों है। उन्होंने कहा कि बोली अकादमी पूर्व से स्थापित हैं तो तकनीकी रूप से तो यह संभव नहीं है किन्तु ?सृजन पीठ स्थापित की  जा सकती है।  मालवी निमाड़ी साहित्य शोध संस्थान की अध्यक्षा डॉ स्वाति तिवारी का कहना है कि सवाल यह है कि मालवा निमाड़ क्षेत्र होने के बावजूद यहाँ मालावी -निमाड़ी साहित्य अकादमी अब तक क्यों नहीं है? जबकी यहाँ मराठी, भोजपूरी, पंजाबी, सिंधी, उर्दू अकादमी बनी है  इनमे से कुछ तो यहाँ प्रासंगिक भी नहीं है ,मालवी -निमाड़ी-बुन्देली जैसे  समृद्ध  क्षेत्र  होने के बावजूद इनकी अकादमी का ना होना कई सवाल और उनके होने की मांग  जायज है। इन क्षेत्रों के  साहित्य और संस्कृति के संरक्षण के लिए अकादमी का निर्माण किया जाना जरूरी है।        राजभाषा अधिकारी देवेन्द्र सिंह सिसोदिया कहते हैं कि बोलियाँ धीरे धीरे प्रचलन से बाहर होती जा रही है इसके संरक्षण और विकास के लिए आवश्यक है कि अलग से अकादमी बनाई जाए। मालवी प्रेमी शरद व्यास इंदौर कहते हैं कि क्षेत्रीय भाषा हमारी माटी की भाषा है। इसका प्रचार प्रसार सारू मालवी निमाड़ी एकेडमी को होनो घणो जरूरी है। जो साहित्यकार ना बरसो से मालवी निमाड़ी में लिखी रिया है न उकी निस्वार्थ सेवा करी रिया है, उनके इनी एकेडमी में शामिल करनु चईये। मालवी रंगकर्मी रजनीश दवे के अनुसार यह उचित प्रस्ताव है। बोली के प्रति हम सभी की जवाबदारी है। बोलियाँ हमारे लोकजीवन और लोक संस्कृति को प्रदर्शित करती हैं।अपनी बोली में हम बेहतर अभिव्यक्त होते हैं। इसे प्रचलन में लाने के लिये निरंतर काम होना चाहिये। अकादमी के माध्यम से यह व्यवस्थित रूप से हो सकेगा।    

   निमाड़ी प्रेमी एवं वरिष्ठ साहित्यकार राम सिंघल, धामनोद कहते हैं कि  बहुत उत्तम विचार है। मालवी निमाड़ी बोली हमारी संस्कृति, हमारी पहचान हमारा गौरव है ।इनके विकास के लिए मालवी निमाड़ी एकेडमी बनना ही चाहिए ।  यही बात निमाड़ अखिल भारतीय साहित्य परिषद के सचिव राम शर्मा परिंदा ने? कहीं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के अध्यक्ष अपर्ण जैन कहते हैं कि मालवी और निमाड़ी बोलियों सहित कई अन्य बोलियाँ भी है ।भाषा का अस्तित्व बोलियों से हैं। वर्तमान में साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश ने बोलियों के लिए कुछ विशेष प्रकल्प और प्रावधान रखें है, उनका समूल सदउपयोग होना चाहिए।   मालवी में पी.एच.डी. करने वाली डॉ ज्योति बैस भदौरिया कहती हैं कि नई शिक्षा नीति मातृ भाषा मे शिक्षण को प्राथमिकता देती है । ये प्रयास बच्चों की शिक्षा को गुणवत्ता प्रदान करेंगे, तो क्यों न हम भी लौटेअपनी जड़ों की तरफ, जिसमे हम अपनी भावाभिव्यक्ति करते है,उस बोली/भाषा को जो हमारे क्षेत्र की लोकभाषा है, को बढ़ावा देने के लिए साहित्य अकादमी अति आवश्यक है, अति शीघ्र स्थापित हो। वरिष्ठ साहित्यकार एवं मंच संचालक संजय नरहरि पटेल ने इस बाबत एक कार्ययोजना बनाकर विकास दवे जी को सौंपने का सुझाव दिया। मनोहर दुबे, विनिता तिवारी, साधना बलवटे, अलक्षेन्द्र व्यास, प्रबोध पंड्या, संजय सरल परसाई, वासुदेव पटेल तंवर, अर्चना कानूनगो आदि सहित लगभग 400 से अधिक मालवी निमाड़ी प्रेमियों ने अपनी राय दर्ज कराई।

आखिर कब मिलेगी जाम से निजात…! धनतलाव घाट सहित बिजवाड़ में भी लगता है लंबा जाम

सुन्द्रेल बिजवाड (दीपक शर्मा)। इंदौर बैतूल नेशनल हाईवे 59 ए पर अंग्रेजों के जमाने का बना हुआ धनतलाव घाट अब जाम घाट के नाम से धीरे-धीरे प्रसिद्ध होता जा रहा है धनतलाव घाट पर आए दिन ओवरलोड रेत की भूसे की ओवरलोड गाड़ियां घाट नहीं चढ पाती है और घाट पर खड़ी हो जाती है कई गाड़ियां खराब भी हो जाती है। जिसके कारण घंटों तक लंबा जाम लगा रहता है।

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आज भी सुबह से घाट पर लम्बा जाम लगा है पूर्ण रूप से जाम नहीं खुला समाचार लिखे जाने तक जाम लगा हुआ था भूखे प्यासे यात्री गाड़ी चालक परिचालक घंटो तक जाम में फंसे रहते हैं और जाम खुलने का इंतजार करते हैं इसी तरह बिजवाड़ में भी आए दिन जाम लगना आम बात हो गई है।

भूसे की ओवरलोड गाड़ियों के कारण भी अधिकतर जाम लगता है यहां गाड़ि वाले दोनों तरफ भूसे से भरे बडे बडे ठेले बाहर निकाल कर ले जाते इस कारण से कई बार एक्सीडेंट भी हो जाते हैं इनके खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों को ध्यान देकर कार्यवाही करना चाहिए वही धनतलाव घाट पर लग रहे जाम पर भी वरिष्ठ अधिकारियों राजनेताओं को जनप्रतिनिधियों को भी ध्यान देना चाहिए इंदौर हरदा जाने से पहले यात्री धनतलाव घाट पर जाम तो नहीं इसकी जानकारी लेकर घर से चलते हैं घाट को लेकर लोगों के मनों में भय बैठा हुआ है क्यों इस घाट पर आए दिन जाम लगना आम बात हो गई है आखिर इस घाट पर लगने वाले जाम से यात्रियों को कब निजात मिलेगी यहां भी यात्रियों का एक बहुत बड़ा प्रश्न बना हुआ है।

Dewas शॉर्ट सर्किट के चलते किसान के खेत में लगी आग गेहूं की फसल जलकर हुई खाक

भौरासा निप्र(अभय नागर): गुरुवार दोपहर में भोरासा के नगर परिषद के नवीन टिनचिंग ग्राउंड के समीप बद्रीलाल पिता बोंदा जी यादव के खेत में अचानक से आग लग गई जिससे कि इनके साडे 5 बीघा के खेत में से लगभग डेढ़ बीघा की गेहूं की फसल जलकर राख हो गई वही पास के अन्य चार खेतों में गेहूं निकालने के बाद बचे खापो मे आग लग गयी जिसे किसानों ने काफी मशक्कत करके बुझाया व फायर ब्रिगेड को किसान काफी देर तक फोन लगाते रहे परंतु मौके पर समय रहते फायर ब्रिगेड नहीं पहुची जिससे मौके पर मौजूद किसान राजा यादव, सरदार यादव, पप्पू चौधरी, कुलदीप अन्य किसानों ने खेतों में से पानी ला ला कर इस आग को बुझाया जिसके बाद नगर परिषद भोरासा का पानी का टैंकर मौके पर पहुंचा और टैंकर चालक जितेंद्र ठाकुर व जितेंद्र माली एवं साथी कर्मचारियों ने खेतों में लगी आग को पानी डालकर बुझाया

तत्पश्चात देवास से फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची वही घटनास्थल पर भोरासा के नायब तहसीलदार सुभाष सुनेरे, गिरदावर पूजा भावसार, पटवारी किशोर जोशी व अन्य अधिकारी एवं पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे किसानों ने आरोप लगाया कि भोरासा में फायर ब्रिगेड होती तो हम लोगों का इतना नुकसान नहीं होता यहां पर फायर ब्रिगेड किसान आंदोलन के समय से जली हुई पड़ी है जोकि नगर परिषद के द्वारा अभी तक सही नहीं की गई है ना ही नई फायर ब्रिगेड खरीदी गई है जिससे कि हर वर्ष यहां पर जब क्षेत्र में किसानों की फसलों में आग लगती है तो काफी नुकसान उठाना पड़ता है अगर यहां फायर ब्रिगेड होती तो जल्द ही इस आग पर काबू पाया जा सकता था प्रशासन को अभी भी समय रहते भोरासा नगर में फायर ब्रिगेड की व्यवस्था कर लेनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी कोई जनहानि या अनहोनी ना हो ।