Madhya Pradesh  सरकार की प्रमुख उपलब्धियाँ एवं महत्वपूर्ण निर्णय

  • आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अब तक 4 करोड़ 2 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड वितरित। अब तक 38 लाख से अधिक हुए निःशुल्क उपचार।
  • प्रत्येक जिले में जिला अस्पताल एवं सिविल अस्पतालों को एक-एक शव-वाहन उपलब्ध कराने का निर्णय।
  • सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड पर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। मेडिकल कॉलेजों के साथ नए नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना के लिए राशि स्वीकृत।
  • शिवपुरी, रतलाम, खण्डवा, राजगढ़ एवं मंदसौर में शासकीय नर्सिंग महाविद्यालयों का भूमि-पूजन किया गया।स्वास्थ्य संस्थानों में 46 हजार 491 नये पदों (नियमित/संविदा/आउटसोर्स) के सृजन की स्वीकृति।
  • सभी को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए 50 जिला चिकित्सालयों में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों का संचालन प्रारम्भ।
  • 512 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति-पत्रों का वितरण।प्रदेश में 800 आयुष आरोग्य मंदिर का संचालन भी प्रारंभ हुआ।
  • 22 जिलों में आयुष चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए 213 पदों के सृजन का निर्णय।
  • 02 नवीन श्योपुर एंव शुजालपुर (शाजापुर) में 50 बिस्तरीय चिकित्सालय की स्थापना।विभागों को सुविधाजनक तरीके से क्लॉउड सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए “मध्यप्रदेश क्लॉउड पॉलिसी 2024” का अनुमोदन।
  • वारंट और समन की तामील के लिए ई-तकनीक का उपयोग किया जाएगा। मध्यप्रदेश, ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य होगा।
  • 2000 से अधिक पुलिसकर्मियों को मिला उनकी पात्रतानुसार उच्च पद का प्रभार।
  • बालाघाट के कमको दादर में हुई मुठभेड़ में नक्सलियों को धूल चटाने वाले 24 शासकीय पुलिस सेवकों का आउट ऑफ टर्न प्रमोशन।
  • प्रदेश में थानों की सीमाओं के पुर्निर्धारण का कार्य तेजी से जारी।
  • एक साल में मध्यप्रदेश पुलिस में होगी 7500 पुलिसकर्मियों भर्ती।
  • प्रदेश के किसी जवान के शहीद होने पर दी जाने वाली सहायता राशि में से 50% शहीद की पत्नी और 50% राशि माता-पिता को दी जाएगी।
  • शहीदों के माता-पिता को दी जाने वाली मासिक अनुदान राशि बढ़ाकर 10 हजार रूपये की गई।
  • शहीदों की बेटियों एवं बहनों के विवाह पर आशीर्वाद राशि भी बढ़ाकर 51 हजार रूपये की गई।
  • भूतपूर्व सैनिकों को शासकीय नौकरियों में आरक्षण।मध्यप्रदेश निवासी ऐसे माता-पिता, जिनकी पुत्री सेना में है, उनकी सम्मान निधि 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए प्रतिवर्ष की गई।
  • स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित करने के लिए नई पहल, प्रदेश के स्टार्टअप को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों में सहभागिता के लिए 50 हजार रुपये से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया।
  • प्रदेश में राज्य स्तरीय ‘रोजगार दिवस’ के अवसर पर रिकार्ड 7 लाख युवाओं को 5 हज़ार करोड़ रुपये का स्व-रोजगार ऋण वितरित।
  • अग्निवीर योजना में युवाओं का अधिक से अधिक चयन हो, इस उद्देश्य से 360 घंटे प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य।
  • मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना अंतर्गत वर्ष 2024 में करीब 20 हजार चयनित छात्र-प्रशिक्षणार्थियों को लगभग 41 करोड़ रुपये स्टाइपेंड वितरित किये गए।
  • ग्वालियर में नव-निर्मित श्रीमंत माधवराव सिंधिया अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का उदघाटन।
  • प्रधानमंत्री श्री मोदी के कर-कमलों से 29 फरवरी, 2024 को विक्रमोत्सव के अवसर पर विश्व की पहली “विक्रमादित्य वैदिक घड़ी” का शुभारंभ कर भारतीय काल गणना परंपरा का साक्षात्कार पूरी दुनिया से कराया गया है।
  • लोकमाता देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती वर्ष पर विजयादशमीं का पावन पर्व पूरे प्रदेश में शस्त्र-पूजन के साथ मनाया गया।
  • सिंहस्थ-2028 की तैयारी हुई प्रारंभ, टास्क फोर्स का हुआ गठन।सिंहस्थ- 2028 की कार्य योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान।
  • मां शिप्रा शुद्धिकरण का संकल्प पूरा करने के लिए 1 हजार 24 करोड़ की लागत से बनने वाली कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना का भूमि-पूजन।
  • साधु-संतों के लिए हरिद्वार की तरह उज्जैन में स्थायी धार्मिक नगरी व आश्रम बनाए जाएंगे। इसके अंतर्गत सभी 13 अखाड़ों के महामंडलेश्वर, संत-महंत और प्रतिनिधियों के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
  • प्रदेश के किसी जवान के शहीद होने पर दी जाने वाली सहायता राशि में से 50% शहीद की पत्नी और 50% राशि माता-पिता को दी जाएगी।
  • मध्यप्रदेश जैन कल्याण बोर्ड का गठन करने का निर्णय।
  • उद्योगों को बढ़ावा देने और स्व-रोजगार के लिये प्रदेश में 6 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, 4 महानगर मंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में रोड़-शो, भोपाल में खनन कॉन्क्लेव और यूके एवं जर्मनी यात्रा में लगभग 4 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
  • इससे 3 लाख 69 हजार से अधिक रोजगार सृजन हो सकेंगे।उद्योगों को बढ़ावा देने प्रदेश के प्रत्येक जिले में इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित करने का निर्णय।
  • मुरैना में मेगा लेदर, फुटवेयर एण्ड एसेसरीज़ क्लस्टर डेव्हलपमेंट पार्क की स्थापना के लिए स्वीकृति।
  • औद्योगिक क्षेत्र मोहासा-बाबई जिला नर्मदापुरम में पॉवर एवं रिन्युबल एनर्जी इक्यूपमेंट मेन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना एवं संचालन के लिए स्वीकृति।
  • भारतमाला परियोजना अंतर्गत तहसील पीथमपुर, जिला धार में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना स्वीकृति।
  • त्यौंथर (रीवा) में 400 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित होगा। माइनिंग कॉन्क्लेव में 11 औद्योगिक घरानों से प्रदेश में 19 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
  • उद्योगों को प्रोत्साहित करने और एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए कटनी और सिंगरौली में इनलेंड कंटेनर डिपो का निर्माण किया जाएगा।
  • विंध्य क्षेत्र में मऊगंज और मैहर में एमएसएमई का नया इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किया जाएगा।

मध्य प्रदेश सरकार ने जारी किया आगामी वर्षों के लिए तैयार प्रदेश के विकास का रोड-मैप

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री (CM Mohan yadav) डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत के सपनों को पूरा करने, विकसित मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के लिए हमने समग्र विकास को आधार बनाकर रोड-मैप तैयार किया है। रोडमैप में प्रधानमंत्री श्री मोदी के 4 प्रमुख स्तंभों को शामिल कर हम अपनी कार्य योजना को अमल में लाएंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी का विजन ही हमारे मिशन का मार्गदर्शक होगा।

  • प्रदेश में मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (महानगर) का गठन किया जाएगा। इंदौर-उज्जैन-देवास-धार को मिलाकर एक तथा भौपाल-सीहोर रायसेन विदिशा-ब्यावरा (राजगड) को मिलाकर दूसरा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाया जाएगा।
  • संभाग, जिला, तहसीलों और अनुविभागों का पुनर्गठन किया जायेगा।
  • प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दोगुना किया जायेगा।एक लाख 25 हजार अस्थाई विद्युत कनेक्शन लेने वाले कृषकों को सौर ऊर्जा के पम्प प्रदाय किये जाएंगे।
  • अगले 4 वर्ष में सौर ऊर्जा पम्प प्रदाय कर किसानों को विद्युत आपूर्ति में आत्मनिर्भर बनाया जायेगा।
  • कृषि फसलों के विविधीकरण की पहल की जाएगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ौत्तरी हो।
  • अधिक दाम प्रदान करने वाली फसलों की ओर किसानों को प्रोत्साहित किया जायेगा।
  • प्रदेश में वर्तमान में 50 लाख हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र है। अगले पाँच वर्षों में इसे दोगुना 1 करोड़ हेक्टेयर किया जायेगा।
  • वर्तमान में 17 शासकीय मेडिकल कॉलेज है तथा 13 प्रायवेट मेडिकल कॉलेज है। पीपीपी मोड पर 12 और 8 शासकीय मेडिकल कॉलेज चालू किये जायेंगे।
  • प्रदेश में दुग्ध समितियों का विस्तार किया जायेगा। वर्तमान में प्राथमिक दुग्ध समितियां 8,500 गाँवों में ही है। एक वर्ष में 15 हजार गांवों तथा 4 वर्षों में प्रदेश के समस्त गाँवों तक दुग्ध समितियां गठित की जायेंगी।
  • महिला स्व-सहायता समूह को जन आंदोलन बनाया जायेगा। वर्तमान में 25 लाख महिलाएं स्व-सहायता समूह से जुड़ी है। यह संख्या चार वर्ष में 50 लाख तक बढ़ाई जायेगी।
  • यात्रियों की सुविधा के लिए प्रदेश में बसों के लिये परिवहन कंपनी बनाकर संचालन किया जाएगा।
  • वर्ष-2025 को उद्योग एवं रोजगार-वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। जिसमें युवाओं को शासकीय नौकरी के साथ स्व-रोजगार से जोड़ने का वृहद स्तर पर कार्य होगा। एक लाख सरकारी भर्तियां की जाएंगी।
  • भारत सरकार के विजन के अनुरूप राज्य के सभी संभाग मुख्यालयों जैसे ग्वालियर, सागर, रीवा, जबलपुर, नर्मदपुरम्, शहडोल आदि को भी क्षेत्रीय आर्थिक विकास केंद्र के रूप में विकसित करने की अवधारणा के साथ कार्य योजना बनाई जाएगी।
  • प्रदेश में संतुलित नगरीय विकास को गति देने तथा आर्थिक विकास के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए पुनर्घनत्वीकरण और पुनर्विकास नीति के अतिरिक्त एकीकृत टाउनशिप नीति तैयार की जाएगी। इसमें निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।