MP Shaurya Sankalp Yojana: सेना और पुलिस में भर्ती के लिए OBC युवाओं को फ्री ट्रेनिंग और स्टाइपेंड, 11 मई तक करें आवेदन

भोपाल/देवास: मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी और देश सेवा का सपना देख रहे अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। मध्य प्रदेश सरकार ने सेना, पुलिस, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2026 MP Shaurya Sankalp Yojana2026 की शुरुआत की है। इस योजना के तहत युवाओं को 45 दिनों का निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण (Free Residential Training) दिया जाएगा।

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने बताया कि इस योजना का लक्ष्य प्रदेश के 4000 प्रतिभावान ओबीसी युवाओं को प्रशिक्षित करना है। इच्छुक उम्मीदवार 11 मई 2026 (शाम 6 बजे तक) आवेदन कर सकते हैं।

योजना के मुख्य आकर्षण (Key Highlights)

  • कुल सीटें: 4000 युवा (जिसमें 35% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं)।
  • प्रशिक्षण की अवधि: 45 दिन (निशुल्क आवासीय)।
  • सुविधाएं: फ्री नाश्ता, दोनों समय का भोजन और अध्ययन सामग्री।
  • स्टाइपेंड: ट्रेनिंग के दौरान पुरुषों को 1,000 रुपए और महिलाओं को 1,100 रुपए प्रतिमाह का जेब खर्च (Stipend) सीधे बैंक खाते में दिया जाएगा।
  • ट्रेनिंग का स्वरूप: प्रतिदिन 4 घंटे सैद्धांतिक (Theory) पढ़ाई और 3 घंटे फिजिकल ट्रेनिंग (दौड़, ऊंची/लंबी कूद, गोला फेंक)।

आवेदन के लिए पात्रता (Eligibility Criteria)

योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करना अनिवार्य है:

  • निवासी वर्ग: आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी हो और अन्य पिछड़ा वर्ग (नॉन-क्रीमीलेयर) श्रेणी में आता हो।
  • शैक्षणिक योग्यता: न्यूनतम 12वीं कक्षा पास होना अनिवार्य है।
  • शारीरिक मापदंड:
    • पुरुषों की ऊंचाई: न्यूनतम 168 सेंटीमीटर।
    • महिलाओं की ऊंचाई: न्यूनतम 155 सेंटीमीटर।
    • आवेदक के पैर चपटे (Flat Foot) नहीं होने चाहिए और सावधान की मुद्रा में घुटने आपस में टकराने (Knock Knees) नहीं चाहिए।

(नोट: यदि 4000 से अधिक आवेदन आते हैं, तो चयन 12वीं कक्षा की मेरिट के आधार पर होगा। समान अंक होने पर अधिक उम्र वाले को प्राथमिकता मिलेगी।)


आवेदन कैसे करें? (How to Apply)

आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑफलाइन और निःशुल्क है:

  1. फॉर्म डाउनलोड करें: आधिकारिक वेबसाइट www.bcwelfare.mp.gov.in से आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें।
  2. वैकल्पिक व्यवस्था: फॉर्म चयनित 20 जिलों के ‘पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग’ के सहायक संचालक कार्यालयों से भी निःशुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं।
  3. जमा करने की अंतिम तिथि: फॉर्म को सही तरीके से भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ 11 मई 2026 तक संबंधित कार्यालय में जमा करें।

इन 20 जिलों के 40 केंद्रों पर होगी ट्रेनिंग

शुरुआती चरण में यह ट्रेनिंग प्रदेश के 20 जिलों में आयोजित की जाएगी। इन जिलों में शामिल हैं: भोपाल, रायसेन, इंदौर, खंडवा, उज्जैन, मंदसौर, सागर, टीकमगढ़, जबलपुर, छिंदवाड़ा, ग्वालियर, गुना, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, सतना, नर्मदापुरम, बैतूल, मुरैना और भिंड। (यहाँ महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी)।

राज्यमंत्री की अपील: राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में यह योजना युवाओं के सर्वांगीण विकास और रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने युवाओं से इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।

Dewas: संपत्ति कर व जलकर वसूली के लिए नगर निगम सख्त, 4 करोड़ का टारगेट निर्धारित

देवास। शहर में राजस्व वसूली को लेकर नगर पालिक निगम ने सख्त रुख अपना लिया है। सोमवार, 4 मई को नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने संपत्ति कर (Property Tax) और जलकर (Water Tax) वसूली की विशेष समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने राजस्व अधिकारियों को वसूली में तेजी लाने और लक्ष्य को समय पर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

9 मई की ‘नेशनल लोक अदालत’ पर फोकस

आगामी 9 मई (शनिवार) को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत को ध्यान में रखते हुए आयुक्त ने अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए:

  • सभी वार्डों में संपत्ति कर और जलकर के पेंडिंग बिल मात्र 2 दिन के भीतर वितरित किए जाएं।
  • बकायादारों से लगातार जनसंपर्क किया जाए और उन्हें लोक अदालत में अपनी बकाया राशि जमा करने के लिए प्रेरित किया जाए।

4 करोड़ का लक्ष्य और ‘कुर्की’ की चेतावनी

नगर निगम आयुक्त ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में कसावट लाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए:

  • विभाग के लिए वसूली का 4 करोड़ रुपये का टारगेट निर्धारित किया गया है।
  • सभी वार्ड प्रभारी अपने-अपने वार्डों की बकाया सूची तैयार करें और घर-घर जाकर संपर्क करें।
  • जो करदाता लंबे समय से अपना कर जमा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कुर्की (Property Attachment) की फाइलें तैयार की जाएं। लोक अदालत के बाद ऐसे डिफाल्टरों पर कुर्की की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

कचरा संग्रहण शुल्क नहीं वसूला तो रुकेगा वेतन

समीक्षा बैठक के दौरान कचरा संग्रहण शुल्क (Garbage Collection Fee) की वसूली में धीमी प्रगति पाए जाने पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने प्रभारियों को चेतावनी दी है कि यदि आगामी 7 दिनों के भीतर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं की गई, तो संबंधित अधिकारियों का वेतन रोक दिया जाएगा।

आम नागरिकों से निगम की अपील

नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने शहर के सभी करदाताओं से विशेष अपील की है कि वे 9 मई, शनिवार को आयोजित हो रही ‘नेशनल लोक अदालत’ में अपने संपत्ति कर और जलकर की बकाया राशि जमा करें। लोक अदालत के माध्यम से कर जमा करने पर शासन के नियमानुसार सरचार्ज में मिलने वाली विशेष छूट का लाभ उठाया जा सकता है।

Dewas : कलेक्टर ऋतुराज सिंह की सख्त कार्रवाई, कार्य में लापरवाही पर नगर निगम के दो इंजीनियरों की वेतन वृद्धि रोकी

देवास (04 मई 2026)। शासकीय कार्यों में लापरवाही और पदीय कर्तव्यों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ देवास जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने एक बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए नगर पालिक निगम (Nagar Palika Nigam), देवास के दो अधिकारियों पर गाज गिराई है।

इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई (Action Taken Against)

कर्तव्य निर्वहन में गंभीर उदासीनता, लापरवाही और अनियमितता पाए जाने पर कलेक्टर ने निम्नलिखित अधिकारियों की आगामी दो वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव (Non-cumulative effect) से रोक दी है:

  1. जितेंद्र सिसोदिया – उपयंत्री (Sub-Engineer), नगर पालिक निगम देवास
  2. सौरभ त्रिपाठी – सहायक यंत्री (Assistant Engineer), नगर पालिक निगम देवास

निगमायुक्त के प्रतिवेदन पर लिया गया एक्शन

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, दोनों अधिकारियों को उनके सौंपे गए दायित्वों में लगातार कोताही बरतते हुए पाया गया था। इसके बाद आयुक्त, नगर पालिक निगम देवास द्वारा उनके कार्यों की समीक्षा की गई और एक विस्तृत प्रतिवेदन (Report) कलेक्टर कार्यालय को सौंपा गया। इसी रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर श्री सिंह ने यह कड़ा कदम उठाया है।

अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं” – कलेक्टर का सख्त संदेश

इस दंडात्मक कार्रवाई के माध्यम से कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने जिले के सभी शासकीय सेवकों को एक स्पष्ट संदेश दिया है:

  • शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनुशासनहीनता बिल्कुल स्वीकार नहीं की जाएगी।
  • सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ पालन करें।

इस कार्रवाई के बाद नगर निगम सहित जिले के अन्य सरकारी विभागों में भी हड़कंप का माहौल है। इसे प्रशासन की कार्यप्रणाली में कसावट लाने के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: संगठित अपराध (BNS धारा 111) के इस्तेमाल पर लगाई सख्ती

देवास। देश के नए आपराधिक कानून ढांचे के तहत मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (MP High Court) ने एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 111(4) के दायरे और इसके उपयोग को लेकर अहम स्थिति स्पष्ट की है। यह प्रावधान मुख्य रूप से ‘संगठित अपराध’ (Organized Crime) से जुड़ा है, जो पहले भारतीय दंड संहिता (IPC) में इस स्वरूप में मौजूद नहीं था।

न्यायमूर्ति गजेंद्र सिंह की एकल पीठ ने एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए धारा 111(4) के तहत लगाए गए आरोप को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस तरह के नए और कठोर कानूनी प्रावधानों को बिना किसी ठोस आधार के मनमाने ढंग से लागू नहीं किया जा सकता।

हाईकोर्ट के फैसले की मुख्य बातें (Key Highlights of the Order)

न्यायालय ने अपने आदेश में संगठित अपराध सिंडिकेट की सदस्यता से जुड़ी इस धारा के इस्तेमाल के लिए सख्त शर्तें तय की हैं:

  • 10 साल का आपराधिक रिकॉर्ड अनिवार्य: धारा 111(4) का प्रयोग केवल तभी किया जा सकता है, जब अभियोजन पक्ष यह साबित करे कि आरोपी के खिलाफ पिछले 10 वर्षों के भीतर ऐसे मामले दर्ज हुए हैं, जिन पर किसी सक्षम न्यायालय ने संज्ञान लिया हो।
  • सिंडिकेट में सक्रिय संलिप्तता के प्रमाण: केवल पुराने मामले दर्ज होना काफी नहीं है, बल्कि आरोपी की किसी ‘संगठित अपराध सिंडिकेट’ में सक्रिय संलिप्तता (Active Involvement) के स्पष्ट प्रमाण होना भी आवश्यक है।

एक ही समय के अपराध ‘निरंतर गतिविधि’ नहीं”

मामले के तथ्यों का गहराई से विश्लेषण करते हुए अदालत ने पाया कि आरोपी के खिलाफ बताए गए पुराने मामले एक ही समयावधि (Same time period) के हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि एक ही समय में दर्ज हुए कई मामलों को निरंतर अवैध गतिविधि” (Continuous illegal activity) की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

चूंकि इस मामले में धारा 111(4) के लागू होने के लिए आवश्यक तत्व पूरे नहीं हो रहे थे, इसलिए कोर्ट ने संगठित अपराध से जुड़े इस आरोप को कानून की दृष्टि में अस्थिर मानते हुए खारिज कर दिया।

नए आपराधिक कानून के लिए मार्गदर्शक फैसला

विधिक जानकारों के अनुसार, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के इस निर्णय को नए आपराधिक कानून (BNS) के तहत संगठित अपराध से संबंधित प्रावधानों के उपयोग पर एक ‘महत्वपूर्ण मार्गदर्शक’ (Guiding principle) के रूप में देखा जा रहा है। इससे पुलिस द्वारा इस गंभीर धारा के दुरुपयोग पर भी लगाम लगेगी।

इस महत्वपूर्ण मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता वरुण मिश्रा ने पैरवी की। न्यायालय ने उनकी दलीलों को गंभीरता से सुना और फैसले का महत्वपूर्ण आधार माना।

Dewas : देवऋषि नारद जयंती पर विश्व संवाद केंद्र और प्रेस क्लब का संयुक्त आयोजन, पत्रकारिता में ‘स्वदेशी दृष्टि और विश्वसनीयता’ पर मंथन…

नारद जयंती पर देवास में पत्रकारों की खास परिचर्चा

देवास। देवऋषि नारद जी की जयंती के पावन अवसर पर विश्व संवाद केंद्र मालवा और प्रेस क्लब देवास के संयुक्त तत्वावधान में जिले के पत्रकारों के लिए एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। वरिष्ठ नागरिक संस्था में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “स्वदेशी दृष्टि, वैश्विक स्वर : भारतीय मीडिया का नया युग” रहा, जिसमें बड़ी संख्या में देवास के पत्रकारों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता और आद्य पत्रकार देवऋषि नारद जी के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस महत्वपूर्ण परिचर्चा में मुख्य वक्ता के रूप में प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार एवं विचारक श्री कैलाश सनोलिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेस क्लब देवास के अध्यक्ष ललित शर्मा ने की।

“नारद जी हम सभी पत्रकारों के प्रेरणास्रोत हैं”

प्रेस क्लब अध्यक्ष ललित शर्मा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि देवऋषि नारद जी हम सभी पत्रकारों के मन में विराजित हैं। वे सूचना संचार के आदि पुरुष और हम सबके प्रेरणा के स्रोत हैं, जिनका संपर्क तीनों लोकों में समान रूप से था।


मुख्य वक्ता कैलाश सनोलिया के उद्बोधन की प्रमुख बातें (Key Highlights)

मुख्य वक्ता श्री कैलाश सनोलिया ने पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों और वर्तमान परिदृश्य पर गहराई से प्रकाश डाला। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:

  • जनकल्याण के लिए हो सूचनाओं का प्रवाह: जिस तरह नारद जी तीनों लोकों के कल्याण के लिए संवाद और सूचनाओं का आदान-प्रदान करते थे, उसी प्रकार आज के पत्रकारों को भी जनकल्याण को अपना मुख्य ध्येय बनाना चाहिए।
  • सत्य और विश्वसनीयता: पत्रकारिता हमेशा सत्य पर आधारित होनी चाहिए। समाज में पत्रकारों को विश्वसनीयता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। जब आम जनता की समस्याएं प्रशासन या नेताओं से हल नहीं होतीं, तब वे पत्रकारों के पास आते हैं।
  • स्वदेशी दृष्टि का व्यापक अर्थ: पत्रकारिता में ‘स्वदेशी दृष्टि’ की अत्यधिक आवश्यकता है। स्वदेशी का अर्थ केवल भारतीय उत्पादों का उपयोग करना नहीं है, बल्कि अपने पूर्वजों द्वारा बताए गए सत्य और विश्वसनीयता के पदचिन्हों पर चलना भी है।

भारतीय पत्रकारिता के दो युग और वर्तमान चुनौतियां

श्री सनोलिया ने भारतीय पत्रकारिता को दो युगों में विभाजित किया:

  1. स्वतंत्रता से पूर्व का युग: इसका मुख्य उद्देश्य देश को आजादी दिलाना था। माखनलाल चतुर्वेदी, महात्मा गांधी और बालगंगाधर तिलक जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी पत्रकार भी थे, जो समाचार पत्रों का संचालन करते थे।
  2. स्वतंत्रता के बाद का युग (वर्तमान समय): यह युग विश्वसनीयता कायम रखने और आम जनता की आवाज बनने का है।

सोशल मीडिया, AI और युवा पत्रकारों को सलाह

युवा पत्रकारों को मार्गदर्शन देते हुए उन्होंने सचेत किया कि वर्तमान में सोशल मीडिया (Social Media) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण भ्रामक और मिथ्या समाचारों (Fake News) का प्रवाह तेजी से बढ़ा है। युवा पत्रकारों को अपनी बौद्धिक क्षमता का उपयोग करते हुए इस भ्रामक जाल को तोड़ना चाहिए और समाज के सामने सत्य प्रस्तुत करना चाहिए।


कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि और संचालन

  • भूमिका एवं मंच संचालन: शेखर कौशल (सचिव, प्रेस क्लब देवास)
  • अतिथियों का परिचय: सौरभ सचान
  • अतिथियों का स्वागत: अनिल सिंह सिकरवार और मोहन वर्मा
  • आभार प्रदर्शन: सैय्यद सादिक अली

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख पत्रकार

इस गरिमामयी अवसर पर देवास प्रेस क्लब और मीडिया जगत की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। इनमें प्रमुख रूप से प्रेस क्लब देवास उपाध्यक्ष खुमान सिंह बैस, कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ मोदी, सहसचिव अशोक पटेल, अरुण परमार, चेतन राठौड़, वरिष्ठ पत्रकार अतुल शर्मा, मुन्ना वारसी, जितेंद्र पुरोहित, अतुल बागलीकर, सत्येंद्र सिंह राठौर, मुकेश पांचाल, राजेंद्र पवार, नागेंद्र सिंह राजपूत, आनंद सिंह ठाकुर, राजेश पाठक, जयप्रकाश भाटिया, राजेश मालवीय, दीपेश जैन, सुरेश जायसवाल, कैलाश चौहान, मदन लाल धाकड़, अतुल जुनेजा, प्रताप सिंह ठाकुर, अरविंद त्रिवेदी, तनवीर शेख, चेतन उपाध्याय, डॉ. तिवारी, योगेश निगम, राम मीणा, अशोक वर्मा, ओमप्रकाश सेन, रणवीर चौहान, सुरेश चौहान, ओम प्रकाश पाटिल और संदीप राठौर शामिल थे।

साथ ही विश्व संवाद केंद्र के प्रकाश व्यास, जगदीश पंवार, डॉ. अमित सिंह ठाकुर, आशीष ठाकुर, रोहित माली और योगेश चौधरी सहित जिले के कई प्रतिष्ठित पत्रकार एवं साहित्यकार उपस्थित रहे।

देवास में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस : इंटक ने किया श्रमिकों का सम्मान, केंद्र सरकार की नीतियों पर साधा निशाना

देवास न्यूज़ (Dewas News): अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस (International Labour Day) के अवसर पर राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (INTUC) जिला देवास द्वारा उज्जैन रोड स्थित मजदूर चौराहे पर एक भव्य और गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जहां एक ओर श्रमिकों का सम्मान किया गया, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार की मजदूर नीतियों को लेकर जमकर निशाना साधा गया।

मजदूर चौराहे पर श्रमिकों का हुआ आत्मीय स्वागत

इंटक नेता महेश राजपूत के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित मजदूर भाइयों का पुष्पमाला पहनाकर और मिठाई खिलाकर सम्मान किया गया। इस खास मौके पर कांग्रेस और इंटक के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

डॉ. मंसूर शेख (कांग्रेस नेता एवं इंटक संरक्षक), महेश राजपूत (इंटक नेता), अराफात भाई (उपाध्यक्ष, युवक कांग्रेस), रामचंद्र गुर्जर (अध्यक्ष, इंजीनियरिंग मधुर सेवा संघ)

“मजदूर हूं मैं साहब, मेरी ठोकर में तकदीर है”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इंटक संरक्षक डॉ. मंसूर शेख ने मजदूरों की मेहनत और उनके स्वाभिमान को सलाम करते हुए एक बेहद मार्मिक शेर पढ़ा:

“पैरों में छाले सही, हाथों में मेहनत की लकीर है, मजदूर हूं मैं साहब, मेरी ठोकर में तकदीर है।”

डॉ. शेख ने केंद्र सरकार पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि सरकार की ओर से मजदूरों के हित में कोई भी ठोस जमीनी काम नहीं हो रहा है। सिर्फ खोखली घोषणाएं की जा रही हैं, जिनका लाभ आम मजदूरों तक नहीं पहुंच रहा है।

उद्योगपतियों के प्रभाव में सरकार: महेश राजपूत के गंभीर आरोप

इंटक नेता महेश राजपूत ने भी वर्तमान सरकार को आड़े हाथों लेते हुए इसे ‘मजदूर विरोधी’ करार दिया। उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख मुद्दे उठाए:

  • उद्योगपतियों का प्रभाव: सरकार पर उद्योगपतियों के दबाव में काम करने और मजदूरों के अधिकारों के हनन का आरोप लगाया।
  • न्यूनतम वेतन की अनदेखी: मजदूरों को उनका हक़ और न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा है।
  • स्वास्थ्य और शिक्षा की कमी: मजदूर परिवारों के स्वास्थ्य और उनके बच्चों की शिक्षा के लिए सरकार के पास कोई स्पष्ट नीति नहीं है।

महेश राजपूत ने सरकार से कड़े शब्दों में मांग की है कि मजदूरों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए जल्द से जल्द एक समग्र और स्पष्ट नीति बनाई जाए।

‘मजदूर एकता जिंदाबाद’ के नारों से गूंजा देवास

कार्यक्रम के समापन पर युवक कांग्रेस के उपाध्यक्ष अराफात भाई ने सभी उपस्थित अतिथियों और श्रमिकों का आभार व्यक्त किया। इस पूरे आयोजन के दौरान देवास का उज्जैन रोड क्षेत्र “मजदूर एकता जिंदाबाद” के गगनभेदी नारों से गूंजता रहा, जिसने समाज में मजदूर एकता का एक कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया।

दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था, ऑक्सीजन प्लांट की मॉकड्रिल कर कोरोना की रोकथाम की पूरी तैयारी रखी जाए : मुख्यमंत्री चौहान

• मुख्यमंत्री ने कोविड-19 से बचाव की तैयारियों के संबंध में ली बैठक..

मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना बढ़ने की अभी पहले जैसी कोई बात नहीं है, फिर भी अस्पतालों में तैयारी पूरी रखी जाए। जिन लोगों ने बूस्टर डोज नहीं लगवाया है, उन्हें बूस्टर डोज लगाना शुरू करें।मुख्यमंत्री श्री चौहान आज निवास पर कोविड-19 से बचाव के लिए तैयारी बैठक ले रहे थे।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कोरोना से सावधान रहें। कोरोना के उपचार के लिए अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाएँ। मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट की मॉकड्रिल करा ली जाए। प्लांट चालू हालत में रहें यह सुनिश्चित किया जाए। जिन व्यक्तियों ने वैक्सीन का तीसरा डोज (बूस्टर) नहीं लगवाया है, उन्हें डोज लगाया जाए।

बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

MP Board : 10वी 12वी परीक्षा का टाइम टेबल जारी…

माध्‍यमिक शिक्षा मंडल ने सत्र 2022-23 की दसवीं व बारहवीं बोर्ड परीक्षा की समय सारणी शुक्रवार को घोषित कर दी है। कक्षा दसवीं की परीक्षाएं 1 मार्च और बारहवीं की परीक्षाएं 2मार्च से शुरू होंगी। दोनों ही कक्षाओं की परीक्षा समय सुबह नौ बजे से 12 बजे तक रहेगा और पहला पेपर हिंदी का होगा।

कक्षा दसवीं की परीक्षाएं एक मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेंगी। वहीं बारहवीं की परीक्षा एक अप्रैल तक आयोजित की जाएगी।

परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय 8:45 के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा केंद्र में थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा। हाईस्‍कूल में नियमित और स्‍वाध्‍यायी के साथ ही दृष्टिहीन और द‍िव्‍यांग विद्यार्थियों की परीक्षा का कार्यक्रम घो‍षित किया गया है। इसके साथ ही हायर सेकंडरी परीक्षा में भी दृष्टिहीन और द‍िव्‍यांग विद्यार्थियों की परीक्षा का कार्यक्रम घो‍षित किया गया है।

इस वर्ष प्रदेश के करीब चार हजार परीक्षा केंद्रों पर दसवीं व बारहवीं की बोर्ड परीक्षा आयोजित करवाई जाएगी। दोनों परीक्षा में करीब 18 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनमें दसवीं के 10 लाख और बारहवीं के आठ लाख परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। दोनों बोर्ड परीक्षाओं के फार्म भरे जा चुके हैं। परीक्षाओं के लिए प्रवेश पत्र 15 फरवरी तक जारी कर दिए जाएंगे

अध्यादेश को मंजूरी: नगर निगम के महापौर को जनता सीधे चुनेगी, नगर पालिका, नगर परिषद अध्यक्ष का चुनाव पार्षद करेंगे

मध्यप्रदेश में पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी जोरो शोरो से शुरू होती दिखाई दे रही है। नगर निकायो के वार्ड आरक्षण के साथ जनपद, जिला पंचायत के आरक्षण भी संपन्न हो गए है। प्रदेश सरकार ने बुधवार देर शाम एक और प्रस्ताव तैयार किया था। इसके तहत नगर निगम के महापौर को जनता सीधे चुनेगी, जबकि नगर पालिका और नगर परिषद में अध्यक्ष का चुनाव पार्षद करेंगे। इस प्रस्ताव को राज्यपाल की मंजूरी के लिए गुरुवार को राजभवन भेजा था जिसको मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मुलाकात की थी जिसके बाद राज्यपाल ने अध्यादेश को जारी करने की अनुमति दी।

मतलब अब यह साफ है की नगर निगम के महापौर को जनता सीधे चुनेगी, जबकि नगर पालिका और नगर परिषद में अध्यक्ष का चुनाव पार्षद करेंगे। यह संशोधित “मध्यप्रदेश नगरपालिक विधि (संशोधन) अध्यादेश-2022” राजपत्र में प्रकाशित हो गया है।

• विस्तृत अध्यादेश देखने के लिए नीचे दीए गए डाउनलोड या लिंक पर क्लिक करे

Madhya Pradesh धार्मिक स्थल पर भगवा ध्वज फहराने के संबंध में जो ट्वीट किया गया है, वह घटना मध्यप्रदेश की नहीं है…

• प्रदेश में धार्मिक उन्माद फैलाने की साजिश को सफल नहीं होंने दिया जाएगा- मुख्यमंत्री चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में रामनवमी का त्यौहार, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया, परंतु असामाजिक तत्वों द्वारा खरगोन और सेंधवा में अशांति फैलाने की कोशिश की गई। राज्य सरकार ने दोनों घटनाओं को बहुत गंभीरता से लिया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अशांति फैलाने वालों के विरुद्ध सख्ती बरती जाएगी, किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा। गुंडों और दंगाइयों के विरुद्ध कारवाई जारी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को अवगत कराया कि धार्मिक स्थल पर भगवा ध्वज फहराने के संबंध में जो ट्वीट किया गया है, वह घटना मध्यप्रदेश की नहीं है।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने यह ट्वीट किया था जो की बाद में डिलीट कर दिया था।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक उन्माद फैलाने और प्रदेश को दंगे की आग में झोंकने की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मैं अपने प्रदेश में किसी भी कीमत पर अशांति नहीं होने दूँगा। कोई भी हो, ऐसी गतिविधियाँ बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। प्रदेश में दंगे भड़काने की कोशिश करना अक्षम्य अपराध है। मध्यप्रदेश शांति का टापू है और प्रदेश का यह स्वरूप बनाए रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने मंत्रि-परिषद के समस्त सदस्यों से कहा कि वे अपने-अपने प्रभार के जिलों में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए परस्पर चर्चा करें। कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरूस्त रहे, आने वाले त्यौहार, निर्विघ्न सम्पन्न हों, यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि शांति समिति की बैठकें आयोजित की जाएँ, गड़बड़ करने वालों की धरपकड़ हो। यह स्पष्ट निर्देश है कि अपराध करने वालों को माफ नहीं किया जाएगा, जो वैधानिक कार्रवाइयाँ हैं, वह सब की जाएंगी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियाँ देने वालों के विरुद्ध गृह विभाग कार्यवाही कर रहा है।