Dewas औद्योगिक ईकाईयों पर 9 करोड 50 लाख का संपत्तिकर बकाया, ईकाईयों को बकाया बिल जारी..

  • क्या निगम कर पाएगा सख्ती के साथ संपत्त्किर वसुली की कार्यवाही…
  • जिन ईकाईयों द्वारा संपत्तिकर जमा नही कराया गया उनके विरूद्ध प्रकरण तैयार कर कार्यवाही का दावा

देवास। औद्योगिक क्षेत्र मे स्थित 383 औद्योगिक ईकाईयों पर संपत्त्किर की राशि का 9 करोड 50 लाख बकाया है निगम ने एक प्रेस रिलीज कर इस बात की जानकारी दी है।
साथ ही में नगर निगम द्वारा बकाया करों की वसुली सख्ती से करेगा इस बातवका भी जिक्र किया गया है। इस हेतु निगम द्वारा औद्योगिक ईकाईयों का संपत्त्किर बकाया होने के बिला जारी किये जाकर तामिल कराये जा रहे है। साथ ही ईकाईयों के ईमेल के माध्यम से भी बकाया संपत्त्किी सूचना दी जा रही है।

नगर निगम द्वारा यह भी कहा गया है कि जिन औद्योगिक ईकाईयों द्वारा संपत्तिकर जमा नही कराया जा रहा है। उनके विरूद्ध प्रकरण तैयार कर विभागीय कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी। लेकिन सवाल यह है कि क्या नगर निगम सख्ती के साथ ऐसा कर सकेगी। क्योंकि जब भी संपत्ति कर की वसूली की जाती है निगम उम्मीद जितनी वसूली प्राप्त करने में निराशा ही हाथ लगी है। देखना होगा इस बार माली हालत सुधारने के कदम में निगम क्या बकाया सम्पत्ति कर की वसूली कर पाएगा।

ईकाईयों से संपत्तिकर की वसुली हेतु महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल के निर्देश पर आयुक्त रजनीश कसेरा के द्वारा वसुली दल का गठन भी किया गया है। जिसमे दल प्रभारी प्र. सहायक यंत्री दिनेश चौहान को बनाया जाकर राजस्व अधिकारी प्रवीण पाठक एवं राजस्व निरीक्षक राजेश जोशी को दल मे शामिल कर वसुली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जो निगम उपायुक्त देवबाला पिपलोनिया के मार्गदर्शन मे औद्योगिक ईकाईयों से संपत्तिकर की वसुली की कार्यवाही करेगा।

Dewas निगम बना रही सभी वार्डों में गोपालकों की सूचीसड़कों पर विचरण करती गायों को गोशाला भेजेंगे…

  • कोई नेता हस्तक्षेप कर दबाव बनाता है तो उसका नाम सार्वजनिक करेंगे: धर्मेंद्रसिंह बैस

देवास। सड़कों पर विचरण करती गोमाताओं को नगर निगम के द्वारा गोशालाओं में पहुंचाया जा रहा है। वहां गोमाता की उचित देखभाल की जा रही है। निगम स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष धर्मेन्द्रसिह बेस ने कहा कि मेरा जनप्रतिनिधियों से निवेदन है, कि इस कार्य में हस्तक्षेप कर दबाव ना बनाएं। ऐसे जनप्रतिनिधियों के नाम हम सार्वजनिक करेंगे जो गोशाला से बगैर जुर्माना दिए गोमाता को छुड़वाने के लिए दबाव बनाते हैं। साथ ही ऐसे गोपालकों के नाम भी सार्वजनिक करेंगे जो गायों को सडकों पर घुमने के लिए छोड़ते हैं।

समिति अध्यक्ष बैस ने कहा कि गोमाता पूजनीय है। कई लोग गायों को तो पालते हैं लेकिन उनकी उचित देखभाल नहीं करते। उन्हें दूध निकालने के बाद सड़क पर विचरण के लिए छोड़ देते हैं। वह कचरे के ढेर में भोजन की तलाश करती है। कई बार पन्नी तक निगल जाती है, जिससे उन्हें गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया शहर की सड़कों पर भटकते हुए मवेशियों को पकड़ने के लिए नगर निगम ने अभियान शुरू कर रखा है। साथ ही शहर के सभी 45 वार्डों में गोपालकों की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्हें हिदायत दी जा रही है कि वे अपने पशु की देखरेख करें और उन्हें खुला ना छोड़े। अगर मवेशी सड़कों पर भटकते हुए नजर आए तो उन्हें गोशाला में पहुंचाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि सड़कों पर विचरण करते हुए मवेशियों पर नियंत्रण के लिए अगस्त माह में गृह विभाग मप्र शासन की ओर से आदेश जारी हुआ था। इसे लेकर नगर निगम आयुक्त रजनीश कसेरा ने निगम स्वास्थ्य विभाग की टीम को निर्देश दिए हैं। निर्देश में कहा गया है कि निगम सीमा में बड़ी संख्या में मवेशियों के मुख्य मार्गों पर आवागमन के कारण ट्रेफिक जाम एवं आमजन के दैनिक जीवन में हो रही असुविधा के दृष्टिगत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में निर्देशित किया गया कि अपने-अपने वार्डों में गोपालकों की सूची 3 दिवस के भीतर में प्रस्तुत करें। लेकिन निर्धारित समयावधि में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। सूची प्रस्तुत न करने एवं आदेश का पालन न करने पर संबंधित अधिकारीध्कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

आयुक्त के निर्देशों के पालन मे सभी वार्डों में संबंधित कर्मचारी गोपालकों की जानकारी जुटा रहे हैं। गोपालकों को हिदायत दी जा रही है कि वह गायों को दूध निकालने के बाद के लिए सड़कों पर विचरण करने के लिए न छोड़ें, गायों की उचित देखभाल करें। अगर सड़कों पर घुमते हुए गायें मिली तो उन्हें गौशालाओं में पहुंचाया जाएगा। इसके बाद जो भी गोपालक छुड़ाने के लिए आता है तो उस पर चालानी कार्यवाही की जाएगी। गोशाला के नोडल अधिकारी हरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया हमारी टीम सड़कों से गायों को पकड़ रही है। उन्हें उन गोशालाओं में पहुंचाया जा रहा है, जहां गायों की संख्या कम है। सभी वार्डों में सर्वे भी किया जा रहा है।

Dewas: महँगा होगा कचरा संग्रहण शुल्क, जानिए क्या होगी नई संशोधित दरे…

देवास। शहर में अब नगर पालिका निगम देवास द्वारा डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए शुल्क में इजाफा किया जा रहा है। संशोधित को हुई दरे अप्रैल माह 2022 से लागू होगी।

नगर पालिका निगम देवास ने 11 फरवरी 2022 को एक सार्वजनिक सूचना जारी की है जिसमे उसने ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन के लिए उपभोक्ता प्रभार की दरे को संशोधित करनी की जानकारी दी है।

• निगम द्वारा दी गयी सार्वजनिक सूचना में डोर टू डोर गार्बेज कलेक्शन की संसोधित की हुई दरों दी गयी है जो कि इस प्रकार है।

  • भूमि / भवन आवासीय : 40/- रु.
  • धर्मशालाएं : 230/- रु.
  • होटल एवं लाजिंग 10 रूम तक : 170/- रु :- 10 रूम से अधिक : 280/- रु.
  • प्रायवेट शॉपिंग मॉल प्रति दुकान छोटी : 110/- रु.
  • प्रायवेट शॉपिंग मॉल : 570/- रु.
  • छोटे शोरूम 300 वर्ग फ़ीट तक : 170/- रु. :- 300 वर्ग फ़ीट से अधिक : 280/- रु.
  • दूध डेरी 300 वर्ग फ़ीट तक : 110/- रू. :- 300 वर्ग फ़ीट से अधिक : 230/- रू.
  • मटन शॉप छोटी (बकरा-बकरी / मुर्गा-मुर्गी) : 230/- रु.
  • मटन शॉप पाड़ा सभी साइज : 570/- रु.
  • किराना दुकान, पान की दुकान, भांग दुकान, सांची पाइंट, टेलर की दुकान, कपड़ा व्यापारी, गैरेज, मोबाइल दुकान मेडिकल स्टोर, आरो पानी सेंटर, हेयर कटिंग, सेल्युन ब्युटी पार्लर, सोना चाँदी दुकान, बैटरी दुकान, आटो पार्ट्स, आरा मशीन क्लिनिक अन्य आदि 200 वर्ग फ़ीट तक : 110 /- रु. :- 200 वर्ग फ़ीट से अधिक : 230/- रु.
  • मधुशाला / ज्यूस आइसक्रीम पार्लर/चाट सेंटर/चाय नास्ता दुकान 200 वर्गफीट तक : 110/-रु. :- 200 वर्गफीट से अधिक : 230/-रु.
  • लोहे/लकड़ी से संबंधित फर्नीचर निर्माता 200 वर्गफीट तक : 110/-रु :- 200 वर्गफीट से अधिक : 340/-रु.
  • समस्त प्रकार के बिल्डिंग मटेरियल, भंगार/अटाले वाले : 340/-रु.
  • औद्योगिक ईकाई 1500 वर्गफीट तक : 570/- रु :- 1500 वर्गफीट से अधिक : 1150/-रु
  • मैरिज गार्डन (मांगलिक परिसर) : 2300/- रु
  • प्रायवेट हॉस्पिटल एवं नर्सिंग होम (बायो मेडिकल वेस्ट को छोड़कर) 10 बेड तक : 340/-रु. :- 10 बेड से अधिक : 570/-रु.
  • रेस्टोरेंट एवं भोजनालय : 340/-रु
  • प्राथमिक विद्यालय : 230/- रु
  • माध्यमिक विद्यालय : 340/-रु.
  • उच्चतर माध्यमिक विद्यालय : 570/-रु.
  • देशी / विदेशी शराब की दुकान : 570/-रु.

पूर्व में भी नगर पालिका निगम देवास द्वारा बीते वर्ष जुलाई माह में नगर निकाय टैक्स की दरों की सार्वजनिक सूचना जारी की गई थी। यह वृद्धि वित्तीय वर्ष 2021-22 से लिए लागू होना थी । यह वृद्धि अनेक शहरों में होगा थी। जिसका हर जगह विरोध हुआ था जिसके बाद राज्य शासन ने समस्त निकाय टैक्स वृद्धि को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया था।