आर्थिक संकट से जूझ रही मध्यप्रदेश सरकार को केंद्र से भी मदद नहीं मिल पा रहीहै। केंद्र नेअप्रैल और मई में मप्रको सिर्फ 13,776 करोड़ रुपए ही फंड और केंद्रीय करों के रूप में जारी किए थे। इसके चलते सरकार को कोरोना काल में बाजार से 4,250 करोड़ रुपए का कर्ज लेना पड़ा है 2,000 करोड़ का कर्ज सरकार ने इसी माह लिया है। केंद्र ने 30 मई के बाद मप्र को कोई भी राशि रिलीज नहीं की। वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार,केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए अप्रैल और मई में केंद्रीय करों में मप्र के हिस्से के रूप 9,147 करोड़, केंद्रीय सहायता अनुदान नगरीय प्रशासन विभाग को 117.76 करोड़, राहत आपदा में 462.80 करोड़, स्कूल शिक्षा में 51 करोड़, प्राथमिक शिक्षा के लिए 113.75 करोड़, सड़कों के लिए 15.59 करोड़, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 827 करोड़, सहकारिता विभागको 15 करोड़, राजस्व विभागको 592 करोड़, सामाजिक क्षेत्र के लिए 592 करोड़, महिला एवं बाल विकास के लिए 215.59 करोड़, ग्रामीण विकास के लिए 1738.41 करोड़, पेयजल के लिए 223.98 करोड़, एग्रीकल्चर क्षेत्र के लिए 102.84 करोड़ , पिछड़े वर्ग के लिए 107.49 करोड़ जारी किया है।
कोरोनाकाल में मप्र सरकार ने बाजार से लिया इतना कर्ज
30 मार्च 2020 – 750 करोड़
7 अप्रैल 2020 . – 500 करोड़
2 जून 2020. – 500 करोड़
9 जून2020. – 500 करोड़
7 जुलाई 2020 – 1000 करोड़
14 जुलाई 2020 – 1000 करोड़














