देवास। सोमवार शाम हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में साहित्य समन्वय समिति द्वारा व्याख्यानमाला के साथ जिले के साहित्यकारों व नवोदित कवियों का सम्मान समारोह रखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती, भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ववलन के साथ हुई। सरस्वती वंदना का वाचन कवि कृष्णकांत शर्मा ने किया। मुख्यातिथि अमिताभ शुक्ला थे। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार व वल्र्ड रिकॉर्डर राजकुमार चन्दन ने की। विशेश अतिथि आरटीई कार्यकर्ता एड. मनोज श्रीवास्तव थे। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्री चन्दन ने कहा कि यदि हमें अपनी संस्कृति को अक्षुण्ण रखना हैं, तो हमें अपने व्यवहार में हिन्दी को अपनाना होगा। साहित्य समन्वय समिति अध्यक्ष पंकज जोशी ने वार्षिक गतिविधि व कार्यक्रम की जानकारी के साथ वर्तमान में हिन्दी की स्थिति एवं उसके राष्ट्रभाषा पद पाने में बाधक तत्वों व हिन्दी का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करने की बात कही। कुणाल जोशी ने हिंदी में कार्य करने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर पं. स्व. बंशीधर जोशी स्मृति काव्य सम्मान से वरिष्ठ कवि व मंच संचालक भीमसिंह निर्मल को अलंकृत किया गया। इसी श्रंखला में देवास जिले की विभिन्न तहसीलों से कविता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए कन्नौद से शंकरलाल सोनी, देवास से कुलदीप रंगीला, बागली से सोमेश इरेश उपाध्याय, हाटपिपलिया से अशोक पाटीदार, सोनकच्छ से राकेश कुशवाह, मोना गुप्ता, आरती अक्षय गोस्वामी को शॉल श्रीफल सम्मान पत्र स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कोविड 19 संक्रमण के कारण कार्यक्रम आमंत्रितों के लिए ही था। शासन द्वारा तय गाइडलाइन के अनुसार ही कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। संचालन पुष्पेंद्रसिंह राठौर ने किया व आभार शंकरगिरी गोस्वामी ने माना।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन कवि समागम के विजेताओं को भी किया पुरस्कृत
इस वर्ष साहित्य समन्वय समिति द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कवि समागम का भी ऑनलाइन आयोजन किया गया था। जिसमें देश और विदेश से लगभग 170 लोगों ने अपने कविता पाठ के वीडियो भेजे थे। जिन्हे सबसे ज्यादा लाइक व प्रसंशा मिली, उन्हें प्रथम पाँच हजार, द्वितीय तीन हजार और तृतीय पुरस्कार दो हजार की नगद राशि भेट की गई। इसी के साथ 25 अन्य श्रेष्ठ रचनाकारों को प्रशस्ति पत्र भेंट किए गए।














