सुंदेल/बिजवाड़(दीपक शर्मा): हम पाश्चात्य संस्कृति में ऐसे डूबे जा रहे हैं कि हमारे विचार ही भ्रमित होते जा रहे है। हमें वेद संस्कृति के साथ चलना अतिआवश्यक हैं वेदों का अनादर करके हम अपना जीवन सुखमय व्यतीत नहीं कर सकते, यह वही धर्म संस्कृति हैं जिसका अनुसरण कर पालन कर हम राममय जीवन व्यतीत कर सकते हैं उक्त वचन विजेश्वर धाम बिजवाड़ में चल रही श्रीराम कथा के पंचम दिवस में पंडित श्री कमलेश जी शास्त्री ने कहीं आपने बताया कि जिनका खानपान अच्छा है उनके संस्कार अच्छे हैं
जिनका खान-पान खराब है जो संस्कार खराब है पति पत्नी गृहस्थ रूपी गाड़ी के दो पहिये हैं जिसके अंतर्गत दोनों को एक दूसरे के मान सम्मान के साथ मर्यादा बनी रहे यही राम कथा और यह राम कथा जब तक हम सांसारिक जीवन में हमारी दिनचर्या के साथ जीवन में रसपान नहीं कर सकते जब तक हम राम राज्य की कल्पना नहीं कर सकते यदि संसार की पटरी पर गाड़ी सही तरीके से चलती रहे इस लिए उसमें मान सम्मान व मर्यादा रूपी संतुलन बना रहे यह अतिआवश्यक हैं हमारी संस्कृति में वैदिक ज्योतिष व मंत्रोच्चार के साथ जो विवाह संस्कार किये जाते है उसका जीवनपर्यंत शुभ आशीर्वाद बना रहता हैं जिससे सांसारिक जीवन में आने वाली अनगिनत कठिनाइयों का आशानी से छुटकारा मिल जाता हैं घर आंगन में हर मनुष्य मेहमान नहीं होता हैं न जाने कौन से रूप में नारायण हमारे घर में आकर घर आंगन को पवित्र कर देता हैं स्वयं खाकर संतुष्ट न होना दूसरे को खिलाकर संतुष्ट होना यही हमारी संस्कृति है ओबीसी मोर्चा जिला उपाध्यक्ष महेंद्र जाट पत्रकार दीपक शर्मा द्वारा पंडित कमलेश जी शास्त्री का श्री विजेश्वर महादेव मंदिर परिसर बिजवाड में जारी श्रीराम कथा में पहुंचकर पंडित श्री कमलेश जी शास्त्री का पुष्पहार पहनाकर श्रीफल भेंटकर सम्मान किया प्रमोद जी व्यास ओम जी खंडेलवाल व रिंकू खंडेलवाल ने सपत्नीक व्यासपीठ का पूजन कर आशीर्वाद लिया इस दौरान लोकेंद्र जी दरबार ,दिनेश जी राजपूत, बिजवाड़ सरपंच विक्रम सिंह गौड, पुष्पेंद्र सिंह गौड, सहित श्रद्धालु उपस्थित थे














