एबी राेड पर औद्याेगिक क्षेत्र स्थित खाद बनाने वाली एग्राेफास फैक्टरी में नकली खाद की सूचना पर शनिवार रात एडीएम प्रकाशसिंह चाैहान, एसडीएम प्रदीप साेनी, तहसीलदार पूनम ताेमर ने कृषि विभाग के अधिकारियाें के साथ दबिश दी।फैक्टरी में अंदर जाकर देखा ताे खाद में मिलाने के लिए रेती, मिट्टी और पत्थर का पीसा हुआ पावडर मिला। साथ ही उसमें केमिकल भी बड़ी मात्रा मिला, जाे आसपास के जमीन काे प्रदूषित कर रहा है। अधिकारियाें जब पहुंचे ताे वहां खाद का निर्माण हाे रहा था। फैक्टरी के चाराें तरफ हाे रहे प्रदूषण और केमिकल काे देखते हुए उसे सील कर दिया गया है।
एसडीएम साेनी ने बताया, हमें शिकायत मिली थी कि फैक्टरी में नकली खाद बनाया जा रहा है। टीम के साथ कार्रवाई करने पहुंचे ताे प्रथम दृष्टया खाद सही नहीं दिख रहा। आसपास मिट्टी, रेती और पावडर भी पड़ा हुआ है। खाद के सैंपल कृषि विभाग की टीम ने ले लिए हैं, जिसकी रिपाेर्ट आने पर असली-नकली की पहचान हाे सकेगी। यह फैक्टरी राजकुमार सुहाने की है, जिसके यहां पर पहले भी एक बार जिला प्रशासन की टीम ने कार्रवाई की थी।फिर से फैक्टरी चालू करने के लिए मालिक ने प्रदूषण नियत्रंण बाेर्ड में आवेदन दिया था, लेकिन फैक्टरी की वजह से ज्यादा प्रदूषण हाेने पर विभाग ने इसे अनुमति तक नहीं थी थी। इसके बाद भी बिना अनुमति के यह फैक्टरी में खाद बनाने का काम करने लगा। फैक्टरी में अंदर की तरफ 40-50 मजदूर काम कर रहे थे, जाे डस्ट के बीच में थे। प्रदूषित वातारवण में काम करने से उनके स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ता है।














