खातेगांव। देवास जिले के खातेगांव न्यायालय में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी खातेगांव श्री राजू पंद्रे द्वारा विभिन्न वन अधिनियम के तहत दो आरोपियों को अर्थदंड एवं सश्रम कारावास की सजा सुनाई मीडिया को जानकारी देते हुए सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी संजय सुनहरे ने बताया कि 12 फरवरी 2015 को वन परिक्षेत्र खातेगांव के विक्रमपुर बीट के कक्ष क्रमांक 269 की सीमा लाइन पर आरोपियों द्वारा जंगल से वाहन के द्वारा अवैध रूप से सागवान की गीली लकड़ी का परिवहन किया जा रहा था तभी वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा और टोर्च की रोशनी से वाहन की तलाशी ली गई तो वाहन में सागवान की 16 घन मीटर से अधिक गीली लकड़ियां पाई गई वन अमले ने वाहन को हिरासत में लेकर आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर न्यायालय में पेश किया न्यायालय में चलाए गए उक्त प्रकरण के तहत आरोपी द्वारका पिता रामरूप आयु 52 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 2 खातेगांव तथा आरोपी विमल पिता बाबूलाल आयु 43 वर्ष निवासी तालाब की पाल खातेगांव दोनों आरोपी दोषी पाए जाने पर गांव न्यायालय द्वारा खातेगांव न्यायालय में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 1(च) के तहत छह छह माह का सश्रम कारावास एवं एक ₹1000 के अर्थदंड से दंडित कियातथा मध्य प्रदेश वन उपज व्यापार विनियमन अधिनियम 1969 की धारा 5 /16 आरोप में एक 1 वर्ष का सश्रम कारावास एवं दो दो ,,दो हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया साथ ही मध्य प्रदेश कास्ट चिराग विनियमन अधिनियम की धारा 13 वह धारा 4 के उल्लंघन के आरोप में छह छह माह का सश्रम कारावास एक,,, एक हजार अर्थदंड से दंडित किया उक्त मामले में शासन की ओर से प्रकरण का संचालन सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी संजय सुनहरे ने किया














