देवास। हमारे हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार गौवंश अत्यंत पूज्यनीय मानी जाती है। गायों में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास है, फिर भी मध्यप्रदेश व देश में गायें आज भी सुरक्षित नही है। हर चुनाव में सरकारें गौ माता के नाम पर रोटीया सेकती है और वोट लेती है। हजारों गाये प्रतिदिन दुर्घटना का शिकार हो रही है। हजारों की संख्या में गौ माताएं सडक़ पर घुमती फिरती देखी जा सकती है। चुनाव के पहले राजनैतिक पार्टीयां गायों की सुरक्षा के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं करती है। लेकिन असल में गौ माता सुरक्षित न होते हुए प्रतिदिन दुर्घटना में घायल व तड़प कर मर रही है। गौशालाओं में भी अव्यवस्था के कारण मौत का शिकार हो रही है। ऐसा ही एक मामला कालूखेड़ी बायपास का सामने आया है। जहां सडक़ दुर्घटना में मृत पड़ी गाय का अंतिम संस्कार हाटपीपल्या विधानसभा प्रभारी सुनील यादव ने विधि विधान पूर्वक करवाया। यादव ने बताया कि नगर निगम सीमा के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 5 में हाईवे पर एक गाय मृत अवस्था में पड़ी हुई थी। उज्जैन से हाटपीपल्या जाते समय गाय सडक़ पर दिखी तो मृत गाय को जेसीबी व अन्य साथियों की मदद से गड्डा खोदकर अंतिम संस्कार किया। यादव ने स्थानीय निगम प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा गायों को खुला छोड़ दिया गया है, जिससे गाये पूरे शहरभर में घूमती देखी जा सकती है, जिस कारण आए दिन दुर्घटना भी होती है। प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र ही शहर की सडक़ों पर घूम रही गायों को एकत्रित कर गौ शाला भिजवाया जाए व उनकी सुरक्षित रूप से देखभाल की जाए।
