देवास। मालवी -निमाडी बोली के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ ही मालवी लोक साहित्य को सहेजने और लोक परम्पराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने का कार्य इंदौर लेखिका संघ का नवस्थापित शोध केन्द्र करेगा। यह बात संस्था की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. स्वाति तिवारी ने आयोजन में कही। इंदौर लेखिका संघ ने अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार करते हुए हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार के साथ ही प्रांतीय बोलियों के सरंक्षण एवं संवर्धन के विचार को मूर्त रूप प्रदान करते हुए एक नवीन कड़ी के रूप में मालवी-निमाड़ी बोली हेतु नवीन संस्था मध्यप्रदेश मालवी-निमाड़ी साहित्य एवं शोध केन्द्र की स्थापना लेखिका संघ की सह संस्था के रूप में की है। यह प्रादेशिक बोली को साहित्य में सशक्त रूप से संरक्षित करने की दिशा में प्रयासरत रहेगी। जिसमें डॉ. तिवारी संस्थापक अध्यक्ष रहेगी। इनकी अध्यक्षता में कार्यकारिणी की सुचारू गतिविधियां संचालित की जायेगी। संस्था सचिव अपणो मालवों पुस्तक की लेखिका एवं मालवी कवियित्री हेमलता शर्मा भोली बेन को बनाया गया है। इसकी कार्यकारिणी का भी जल्द ही गठन किया जायेगा। इसका कार्यक्षेत्र मालवा-निमाड सहित सम्पूर्ण मध्यप्रदेश रहेगा। संस्था अध्यक्ष चेतना भाटी एवं सचिव विनीता तिवारी सहित संस्था सदस्यो ने सुश्री शर्मा को बधाइयां प्रेषित करते हुए हर्ष व्यक्त किया है।














