सुन्द्रेल बिजवाड (दीपक शर्मा)। राम मंदिर में श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया फूलों की टोकरी में बैठे बाल कन्हैया के दर्शन से श्रोता भावविभोर होकर नंद घर आनंद भयो के जयकारों से पांडाल गूंज उठा वातावरण कृष्ण में हो गया।
एक नन्हे बालक को कृष्ण की वेशभूषा में सजाया गया जब वह सदैव बनी रहती बालकृष्ण को लेकर मंदिर में आए फूलों की वर्षा की गई सभी नाचने लगे गाने लगे श्रोता कृष्ण दर्शन करके भाव विभोर हो गए
श्री कृष्ण जन्मोत्सव के पूर्व व्यासपीठ से पंडित लाल शंकर मेहता शाजापुर ने कहां निर्गुण से सगुन होना निराकार से साकार होना हृदय से गोकुल में आना यह सब भगवान के लिए साधारण बातें जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है तब भगवान मनुष्य रूप धारण करके गो ब्राह्मण साधु संत पृथ्वी देवताओं की रक्षा करते हैं जब कंस का अत्याचार बड़ा भगवान आए कंस का उद्धार किया
पंडित मेहता ने कहा जब मन माखन सा कोमल हो जाए जीवन में श्री जैसा मधुर बन जाए तो कन्हैया अवश्य आएगा शरीर को मथुरा और हृदय को गोकुल बनाओ तभी परमात्मा हमारे हृदय में प्रकट होंगे पवित्र शरीर ही मथुरा है शरीर कहीं भी रहे मन को मथुरा वृंदावन भेजो मन को आसक्ति से बचाओगे तो शरीर मथुरा बनेगा और हृदय गोकुल
जब वसुदेव टोकरी में बाल कृष्ण को लेकर मथुरा से गोकुल जाने लगे हथकड़ी टूट गई ताले खुल गए पहरेदार सो गए यमुना ने मार्ग दे दिया लेकिन गोकुल से नवजात कन्या माया को लेकर आए हथकड़ी लग गई जेल के दरवाजे बंद हो गए पहरेदार जाग गए भाव यह है कि जब भगवान हमारे साथ होंगे तो जेल के तो क्या मोक्ष के द्वार भी खुल जाएंगे लेकिन माया रूपी बंधन होने पर हम भगवान को भूल जाएंगे आपने कहा सोई हुई यशोदा के पास कृष्णा आ गए यशोदा ने न तपस्या की अभिलाषा न प्रार्थना उन्हें मालूम ही नहीं था कि उनके घर भगवान आएंगे
परमात्मा की प्राप्ति के लिए तीन काम करें सबसे पहले पुरुषार्थ करें फिर प्रार्थना करें और अंत में प्रतीक्षा करें तो परमात्मा जरूर आएंगे
कृष्ण जन्मोत्सव उत्साह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया राम मंदिर कृष्ण मय हो गया आज जन्माष्टमी के कारण विशेष उत्साह का वातावरण रहा
कल मंगलवार को भगवान की बाल लीला गोवर्धन धारण एवं श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह की कथा होगी














