• नाबालिक लड़के लड़कियां जान जोखिम में डालकर कच्चे कुएं ओर गंदे तालाब का पानी पीने को मजबूर
• प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के चलते मानवीय जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाला नजारा
देवास: मध्यप्रदेश के देवास जिले की कन्नौद तहसील ग्राम पंचायत ननासा अंतर्गत ग्रामीण आबादी भिल मोहल्ले के हरिजन आदिवासी परिवार के सैकड़ों लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। ग्रामीण जन ग्राम पंचायत के सचिव को नल कनेक्शन के संबंध में कई बार कह चुके हैं ग्राम पंचायत सचिव का कहना है कि अपने निजी रुपयों से पाइप लाइन खरीदना पड़ेगी तब तुम लोगों को पानी मिल पाएगा। ग्रामीण जन दिहाड़ी मजदूर वर्ग के लोग हैं। कस्तूरबा गांधी छात्रावास के सामने खेड़ी पुरा के रहवासियों ने यह भी बताया कि सरपंच श्रीमती गीता बाई के पति गुलाब सिंह ने अपने मनमानी के चलते हेड पंप से पाइप निकाल कर हेडपंप को भी बंद कर दिया गया है। ग्राम पंचायत के द्वारा पेयजल वितरण के लिए लाखों रुपए की लागत से दो पानी की टंकियां बनाई गई है लेकिन हरिजन आदिवासियों की आवाज को दबाया जा रहा है उनको मिलने वाली शासन स्तर की सुविधाओं का गला घोंटा जा रहा है। हरिजन आदिवासियों के नन्हे मुन्ने बच्चे पढ़ाई छोड़ कर जान जोखिम में डालकर कच्चे कुएं से एवं तालाब से दिन रात पानी भरने की जुगाड़ में लगे रहते हैं कभी भी अप्रिय घटना हादसा हो जाने का अंदेशा है। प्रशासन कुंभकरण की नींद से जाग कर ताबड़तोड़ व्यवस्थाओं के नाम पर नाटकीय ढंग से घड़ियाली आंसू बहाकर व्यवस्था करना का ढोंग किया जाएगा। गांव के राजेश विश्वकर्मा, सलीम खान, शारदाबाई ,मदन भील, रमेश दिनेश, सुनीताबाई , बसु बाई, मुमताज खा, किरण बाई, राहुल बागवान आदि ग्रामीण जनों ने पेयजल व्यवस्था की मांग की गई है।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत ननासा ग्रामीण क्षेत्र के आवासीय क्षेत्र को नल कनेक्शन के माध्यम से जल प्रदाय करवाने के लिए राज्य सरकार के निर्देश पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के माध्यम से इस कार्य को पूरा करने के लिए योजना तैयार की जा रही है आगामी महीनों में शासन की योजना के अंतर्गत आबादी क्षेत्र के रहवासियों को पेयजल की समस्या नहीं रहेगी।
प्रभांशु कुमार सिंह
सीईओ जनपद पंचायत कन्नौद
?️ चंचल भारतीय















