इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में शहर काे टाॅप-5 में लाने का संकल्प नगर निगम टीम ने लिया है, जिसके तहत शहर के सभी वार्डाें में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जा रहा है।शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में 10 वी रैंक प्राप्त हुई थी जो स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में 29 वी हो गयी। देवास की स्वच्छता सर्वेक्षण में बिगड़ी रैंकिंग काे सुधारने के लिए नगर निगम की टीम पूरी क्षमता के साथ जुट गई है।
निगमायुक्त विशालसिंह चाैहान ने भी सुबह-सुबह वार्ड में पहुंचकर औचक निरीक्षण भी शुरू कर दिया, जिससे की सफाई में कसावट लाई जा सके।
टाॅप-5 में शहर काे लाने के लिए 200 पाइंटों को चिन्हित कर बाहर से आई पेंटराें की टीम दीवाराें पर रंग-राेंगन कर आकर्षक चित्रकारी की जा रही है। जाे लाेगाें काे दिखने में सुंदर लग रही है। पेंटिंग में लाेगाें काे स्वच्छता के लिए जागरूक किया जा रहा है।
मुख्य चाैराहाें पर अब तीन डस्टबिन नजर आएंगे
इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण काेराेना काल में आ रहा है, इसलिए चाैराहाें, बाजार व अन्य स्थानां पर रखी जाने वाली दाे डस्टबिनाें के अलावा तीसरी काले रंग की भी नजर आएगी। हरे में गीला और नीले रंग की डस्टबिन में सूखा कचरा डाला जाता है।
अब काले रंग की डस्टबिन में काेराेना वायरस से संबंधित मास्क, ग्लाेब्स, हैंडकेप, बच्चाें के डायपर, सेनेट्री नेपकिन आदि सामग्री डाली जाएगी।
ट्रेंचिंग ग्राउंड में प्रतिदिन बन रही 15-20 टन खाद
जानकारी अनुसार शंकरगढ़ पहाड़ी स्थित नगर निगम के ट्रेंचिंग ग्राउंड में शहर से निकलने वाले कचरे से प्रतिदिन 15 से 20 टन जैविक खाद तैयार किया जा रहा है। इस खाद के बैग तैयार कर उन्हें बेचा भी जा रहा, वहीं बगीचाें में भी उपयाेग किया जा रहा है।














