40 लाेगों से सरकारी नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 18 लाख ठगे
देवास। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट के नाम का उपयोग कर सरकारी नौकरी दिलाने का दावा कर युवकों से धोखाधड़ी करने वाले 2 आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जिसमे एक आरोपी को पुलिस ने देवास से गिरफ्तार किया है। बीते दिनों बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के नाम पर ठगी करने की कई शिकायतें रोहित बैरागी निवासी राजोदा गांव नाम के व्यक्ति के खिलाफ भंवरकुआं पुलिस को मिली थी।
जिसके बाद 40 युवाओं को नौकरी का झांसा देकर 18 लाख रुपए की ठगी करने वाले रोहित बैरागी को इंदौर पुलिस ने तीन दिन पहले ही पुलिस ने रोहित को भी पकड़ा था अब भंवरकुआं पुलिस ने देवास के सिविल लाइन क्षेत्र में दबिश देकर यहां से रोहित का साथी हर्षल भटनागर पकड़ा हे। देवास से पकड़ाये आरोपी हर्षल भटनागर ने खुलासा किया है कि इनका पूरा काम भोपाल के एक होटल से चलता था। फर्जी आदेश तैयार करने के लिए वे असली आदेशों की कॉपी किया करते थे। इस होटल में इन्होंने एक मंत्रालय भी बना रखा था, जिसमें यह फर्जी गिरोह चलाते थे।
हर्षल ने पुलिस को बताया कि रोहित बैरागी के साथ मिलकर उसने कई लोगों को ठगा है। हर्षल ही राेहित के लिए ग्राहक खोजकर लाता था। थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस रोहित को लेकर सोमवार को भोपाल लेकर जाएगी, जहां उसने एमपी नगर के एक होटल में अपना कार्यालय बना रखा था। दूसरी ओर कुछ शिकायतकर्ता थाने पहुंचे थे, जिनसे पुलिस ने आवेदन लिए हैं।
पुलिस के अनुसार देवास में उसका साथी हर्षल भटनागर (40) एक कंसल्टेंसी एजेंसी एवं सामाजिक कल्याण सेवा संस्था चलाता था। इसके माध्यम से बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के लिए आकर्षित करता था, वह देवास स्थित अपने कार्यालय में फर्जी आदेश स्वयं टाइप करता था। वह शासकीय आदेशों के पैटर्न की नकल करके ठीक वैसे ही फर्जी आदेश बनाता था।














