नवपुण्य वासुपूज्य स्वामीजी की प्रथम प्राण प्रतिष्ठा वर्षगांठ धूमधाम से मनी, 3 दिवसीय महोत्सव में उमड़े श्रद्धालु

  • पंचशील नगर स्थित चंपापुरी धाम में आयोजित हुआ ‘त्रिदिवसीय जिनेंद्र भक्ति महोत्सव’
  • 1008 दीपों और आकर्षक फूल बंगले से सजा प्रभु का दरबार
  • दुर्लभ औषधियों से हुआ महाअभिषेक, सांसद सहित कई गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित

देवास। शहर के पंचशील नगर स्थित श्री नवपुण्य वासुपूज्य स्वामीजी चंपापुरी धाम में प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ अपार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर तीन दिवसीय ‘जिनेंद्र भक्ति महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। यह संपूर्ण महोत्सव पूज्य मुनिराज श्री कीर्तिन्द्र विजयजी, साध्वी अमिपूर्णा श्रीजी, अमिदर्शा श्रीजी, शुचिप्रज्ञा श्रीजी और सम्यकदर्शना श्रीजी के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ।

महोत्सव में तीन दिनों तक हुए विविध अनुष्ठान

प्रथम दिवस: दुर्लभ औषधियों से महाअभिषेक महोत्सव के पहले दिन शांति धारा महाअभिषेक का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न दुर्लभ औषधियों से प्रभु का अभिषेक कर विश्व शांति की कामना की गई।द्वितीय दिवस: 1008 दीपों की रोशनी और संगीतमय भक्ति : दूसरे दिन प्रभु का संपूर्ण दरबार सुंदर और सुगंधित पुष्पों से सजाकर आकर्षक ‘फूल बंगला’ बनाया गया। प्रभु श्री वासुपूज्य स्वामीजी को हीरे की विशेष अंग रचना से सुशोभित किया गया। मंदिर परिसर 1008 दीपकों की रोशनी से जगमगा उठा, जिसने सैकड़ों भक्तों का मन मोह लिया। शाम को भक्ति भावना के संगीतमय आयोजन में इंदौर के चिराग जैन ने प्रभु भक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुति दी, जिसके बाद महाआरती संपन्न हुई।तृतीय दिवस: धर्म सभा और सिद्धि अनुष्ठान : अंतिम दिन श्री संघ की नवकारशी के पश्चात धर्म सभा का आयोजन हुआ। प्रभु को श्रीफल एवं कमल के फूल समर्पित कर सर्व सिद्धि दायक और सर्व विघ्न विनाशक ‘सिद्धि अनुष्ठान’ किया गया। इस दिन प्रभु की मनमोहक अंगरचना रतलाम की दीपा कोठारी द्वारा की गई।

प्रवचन: “निस्वार्थ सेवा से होता है विघ्नों का नाश” धर्म सभा को संबोधित करते हुए पूज्य मुनिराज श्री ने कहा कि, “जिनेश्वर परमात्मा की समर्पित भाव से की गई भक्ति ही हमें सर्व सिद्धि प्रदान कर सकती है। निस्वार्थ भाव से की गई प्रभु और मानव सेवा हमारे सभी विघ्नों का नाश कर हमें परम पद तक पहुंचाने में समर्थ है।

इस त्रिदिवसीय महोत्सव में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने उपस्थिति दर्ज कराई। इनके अलावा अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और धर्मलाभ लिया।

देवास में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन: 1.22 लाख का महुआ लाहन और शराब जब्त, 5 पर केस दर्ज


मुख्य बिंदु (Highlights):

  • कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देश पर जिले में लगातार हो रही छापामार कार्रवाई।
  • भारी मात्रा में 1200 किलो महुआ लाहन और 10 लीटर हाथ भट्टी शराब बरामद।
  • मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) के तहत 5 प्रकरण दर्ज।

देवास। जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण और बिक्री पर नकेल कसने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सख्त है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के कड़े निर्देशों के बाद देवास आबकारी विभाग ने अवैध शराब का कारोबार करने वालों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।

आबकारी टीम ने सघन अभियान चलाते हुए भारी मात्रा में अवैध शराब और उसे बनाने की सामग्री बरामद की है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से 10 लीटर हाथ भट्टी मदिरा और 1200 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया है। विभाग के अनुसार, नष्ट किए गए लाहन और जब्त शराब का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 1 लाख 22 हजार रुपये आंका गया है।

5 आरोपियों पर मामला दर्ज अवैध मदिरा के इस कारोबार में संलिप्त लोगों पर आबकारी विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) के तहत कुल 05 अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं।

कार्रवाई में इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका इस छापामार कार्रवाई को सफल बनाने में आबकारी उप निरीक्षक प्रेम यादव, राज श्री खन्ना, योगेंद्र सिंह, आबकारी मुख्य आरक्षक दीपक धुरिया, आबकारी आरक्षक बालकृष्ण जायसवाल, सुरेंद्र वर्षी और दीपक तटवाड़े की मुख्य टीम शामिल थी।

आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में शराब माफियाओं और अवैध मदिरा के परिवहन व निर्माण के खिलाफ इस प्रकार की सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

पत्रकार ‘सरस्वती पुत्र’ हैं, चरण वंदना और चापलूसी से बचें: शलभ भदौरिया


देवास में मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ का जिला सम्मेलन संपन्न, संगठन की मजबूती और पत्रकारिता की मर्यादा पर हुआ मंथन

देवास। मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ, जिला इकाई देवास द्वारा 24 जून 2026 को स्थानीय गोकुल गार्डन में एक भव्य जिला सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में जिले की विभिन्न तहसीलों से बड़ी संख्या में श्रमजीवी पत्रकार शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संगठन की मजबूती, पत्रकार हितों की रक्षा, एकजुटता और पत्रकारिता की मर्यादाओं पर व्यापक चर्चा करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन व माल्यार्पण के साथ हुआ। उज्जैन संभाग अध्यक्ष मनोज जैन ने स्वागत भाषण के जरिए सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की।

“सच को सामने लाना पत्रकार का काम है, चापलूसी करना नहीं”

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया (दद्दा जी) ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में पत्रकारिता की मर्यादा, अनुशासन और निष्पक्षता पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा, “पत्रकार सरस्वती पुत्र हैं, इसलिए उन्हें किसी की भी चरण वंदना से बचना चाहिए। पत्रकार का मुख्य कार्य सच को निर्भीकता से सामने लाना है, न कि चापलूसी करना।”
पौराणिक प्रसंगों का हवाला देते हुए उन्होंने पत्रकारिता में तथ्यपरकता के महत्व को समझाया। श्री भदौरिया ने वर्तमान मीडिया की चुनौतियों का जिक्र करते हुए संगठनात्मक एकता को पत्रकारों की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने बालकवि बैरागी की प्रसिद्ध कविता “एक दिन सूर्य से इतना भर मैंने कहा” का उल्लेख कर पत्रकारों को उनके सामाजिक दायित्व का बोध कराया और अपने संबोधन का समापन इन पंक्तियों से किया: “मेरे जुनून का नतीजा जरूर निकलेगा, इसी स्याह समंदर से नूर निकलेगा।”

देवास का मीडिया सकारात्मक और संतुलित: विधायक गायत्री राजे

सम्मेलन में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित देवास विधायक गायत्री राजे पवार ने पत्रकारों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि देवास के पत्रकार सहज, संतुलित और सकारात्मक पत्रकारिता करते हैं। लोकतंत्र की मजबूती और समाज में जागरूकता फैलाने में पत्रकारों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय कवि शशिकांत यादव ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकार, साहित्यकार और कवि समाज के विचारशील वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं। यदि यह वर्ग संगठित रहे, तो समाज में बड़े और सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं।

भावुक कर गया वैवाहिक वर्षगांठ का पल

सम्मेलन के दौरान एक बेहद आत्मीय और भावुक क्षण तब आया, जब उपस्थित पत्रकारों ने सामूहिक रूप से केक काटकर प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया की 52वीं वैवाहिक वर्षगांठ मनाई। इस अवसर पर स्थानीय करणी सेना की जिला इकाई ने भी प्रांताध्यक्ष श्री भदौरिया का विशेष सम्मान किया। इसके अलावा कार्यक्रम में अमलतास ग्रुप और समदड़िया ग्रुप के सदस्यों को भी सम्मानित किया गया।

मंचासीन अतिथि एवं आभार

इस महत्वपूर्ण आयोजन के मंच पर नगर निगम सभापति रवि जैन, प्रदेश समन्वयक (शासन एवं प्रशासन समिति) राजेंद्र पुरोहित, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र राठौर, प्रदेश सचिव डॉ. नरेंद्र सिंह राजावत, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश सचिव संगीता सिंह राठौर, सागर संभाग महासचिव प्रतीक खरे और प्रॉपर्टी ब्रोकर्स एसोसिएशन देवास के अध्यक्ष नवीन सिंह सोलंकी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में जिलाध्यक्ष अरविंद चौकसे ने संगठन की भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए सभी अतिथियों और पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त किया। सम्मेलन का सफल संचालन अरविंद त्रिवेदी ने किया, जबकि कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी महासचिव चेतन राठौड़ ने प्रस्तुत की।

देवास जिला जेल में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की कथा ने बंदियों को दिया जीवन परिवर्तन का संदेश

“जेल की दीवारों के बीच गूंजा राम नाम, बंदियों ने लिया आदर्श जीवन का संकल्प”

देवास। जिला जेल देवास में बंदियों के नैतिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक उत्थान के उद्देश्य से आयोजित सात दिवसीय “मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जीवन गाथा” पर आधारित भव्य श्रीराम कथा का बुधवार को पूर्णाहुति एवं महाआरती के साथ श्रद्धापूर्वक समापन हुआ। कथा का आयोजन 18 जून से 24 जून 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक जिला जेल परिसर में किया गया।

प्रख्यात कथा वाचक पंडित राजकुमार शर्मा “रामजी महाराज” ने सात दिनों तक भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, त्याग, मर्यादा, सेवा, करुणा एवं धर्म के संदेशों का विस्तार से वर्णन किया। कथा के माध्यम से उन्होंने बताया कि श्रीराम का जीवन प्रत्येक व्यक्ति को सत्य, सदाचार, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता की प्रेरणा देता है। समापन अवसर पर विधि-विधान से हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति संपन्न हुई। इसके पश्चात महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें जेल प्रशासन, स्टाफ एवं बंदियों ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की। पूरे जेल परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। बंदियों ने भजन-कीर्तन में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा कथा के दौरान प्राप्त आध्यात्मिक संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर जिला जेल अधीक्षक विद्या भूषण प्रसाद ने अपने उद्बोधन में कहा कि, “जेल केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और आत्मचिंतन का केंद्र है। श्रीराम कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजनों से बंदियों में सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों एवं आत्मविश्वास का विकास होता है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और मानवता का संदेश देता है। हमें विश्वास है कि इस कथा से प्राप्त प्रेरणा बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होगी। भविष्य में भी जेल प्रशासन द्वारा ऐसे नवाचार एवं सुधारात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

” कथा आयोजन में मयूर राठौर एवं जयदीप तिवारी मित्र मंडल का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला जेल देवास के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में आयोजकों एवं जेल प्रशासन द्वारा कथा वाचक पंडित राजकुमार शर्मा “रामजी महाराज” का सम्मान कर आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

योग दिवस पर बच्चों को सिखाया योग और सूर्य नमस्कार का महत्व

डकाच्या (इंदौर)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विवेकानंद युवा महामंडल, मांगलिया इंदौर के तत्वावधान में विवेकानंद स्टडी सर्कल डकाच्या द्वारा माधव बाल विद्या मंदिर, डकाच्या में योग दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को योग के महत्व एवं उसके स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई।

इस अवसर पर सभी बच्चों को सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया गया तथा सूर्य नमस्कार से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक लाभों के बारे में बताया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद जी के प्रेरणादायी विचारों के अध्ययन से हुई। विद्यार्थियों को प्रतिदिन सुबह उठकर कम से कम पाँच मिनट तक आंखें बंद कर मन को एकाग्र करने का अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया गया। बताया गया कि नियमित रूप से ऐसा करने से एकाग्रता एवं आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

कार्यक्रम में विवेकानंद एडवांस एकेडमी, पांदा जागीर के संचालक लाखन मादवतिया एवं स्वामी विवेकानंद कॉन्वेंट स्कूल, नाराणा के प्राचार्य राकेश कुमावत विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं विवेकानंद युवा महामंडल के अध्यक्ष रवि शंकर भाटिया ने योग दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए सभी से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

योग दिवस के इस आयोजन में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर स्वस्थ जीवन के लिए योग अपनाने का संकल्प लिया।

अमलतास अस्पताल में सफल सर्जरी से 30 वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत हुआ नि:शुल्क उपचार, तीन वर्षों से थी गंभीर बीमारी से पीड़ित

देवास। अमलतास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक जटिल सर्जरी के माध्यम से 30 वर्षीय महिला को नया जीवन मिला है। लंबे समय से गंभीर बीमारी अकेलेसिया कार्डिया (Achalasia Cardia) से पीड़ित महिला का सफल उपचार कर उसे स्वस्थ जीवन की राह पर लौटाया गया।

जानकारी के अनुसार, ताजो बी पिछले तीन वर्षों से भोजन निगलने में कठिनाई, लगातार उल्टी और अत्यधिक कमजोरी जैसी समस्याओं से जूझ रही थीं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वे समय पर उचित उपचार नहीं करा सकीं, जिससे उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई और सामान्य जीवन जीना भी मुश्किल हो गया।
ऐसे में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) उनके लिए संजीवनी साबित हुई। योजना के अंतर्गत अमलतास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में उनका उपचार पूरी तरह नि:शुल्क किया गया।

अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. उमेश जेठवानी (एमएस, एमसीएच, लेप्रोस्कोपिक एवं कैंसर सर्जरी विशेषज्ञ) के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीज की विस्तृत जांच की। टीम में मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. हेमंत मित्तल, डॉ. निखिल चौधरी, डॉ. शफक, डॉ. शुभम तथा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. प्रेमकृष्ण शामिल रहे।

जांच के बाद मरीज की लेप्रोस्कोपिक कार्डियोमायोटॉमी एवं फंडोप्लिकेशन सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। यह आधुनिक और जटिल प्रक्रिया मानी जाती है, जिसमें मरीज को कम दर्द के साथ शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है।
सर्जरी के बाद ताजो बी के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ है। अब वे बिना किसी परेशानी के भोजन ग्रहण कर पा रही हैं और सामान्य जीवन जी रही हैं।
मरीज ताजो बी ने कहा कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि इतना बेहतर इलाज नि:शुल्क मिल सकेगा। उन्होंने चिकित्सकों और अस्पताल प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस उपचार ने उन्हें नया जीवन दिया है।
वरिष्ठ सर्जन डॉ. उमेश जेठवानी ने बताया कि अकेलेसिया कार्डिया जैसी बीमारी का समय पर निदान और उपचार होने पर इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक भोजन निगलने में परेशानी हो रही हो तो उसे नजरअंदाज न करें और तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें।

अमलतास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के चेयरमैन मयंक राज सिंह भदौरिया ने कहा कि यह मामला आधुनिक चिकित्सा सेवाओं और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की प्रभावशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है।
ताजो बी की यह कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो आर्थिक तंगी के कारण उपचार से वंचित रह जाते हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि सही समय पर उचित चिकित्सा और सरकारी योजनाओं का लाभ किसी भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: 8 पेटी देशी शराब जब्त, आरोपी गिरफ्तार

देवास। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देशन तथा सहायक आबकारी आयुक्त मनीष खरे के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग देवास द्वारा अवैध मदिरा के निर्माण, विक्रय एवं परिवहन करने वालों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है।

इसी कड़ी में 16 जून को वृत्त सोनकच्छ में मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम बीसाखेड़ी तहसील सोनकच्छ में मोटर साइकिल से अवैध शराब का परिवहन कर सकता है तो तुरंत रवाना होकर सूचना में वर्णित स्थान पर पहुंचे तथा कुछ देर बाद सूचना में वर्णित मोटर सायकिल आई जिसे रोका जिस पर चालक बैठा हुआ था जिसके पीछे प्लास्टिक का बोरा सीट के दोनों ओर टंगा हुआ था जिसकी विधिवत तलाशी लेने पर 08 पेटी देशी मदिरा प्लेन 72 बल्क लीटर बरामद हुई जो चालक भारत चोहान निवासी मानासा तहसील सोनकच्छ द्वारा अवैध रूप से संग्रह कर परिवहन किए जाने से उसके विरुद्ध मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) क एवं 34(2) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर दर्ज कर विवेचना में लिया गया तथा वाहन चालक को गिरफ्तार किया गया,कार्यवाही में जप्त सामग्री एव वाहन का मूल्य लगभग 80400 रुपये है l

आज की कार्यावाही में आबकारी उपनिरीक प्रेम यादव ,आबकारी मुख्य आरक्षक राजाराम रायकवार आबकारी आरक्षकअरविंद जिनवाल,निकिता परमार,गीतेश सैनिक किशोर सिसोदिया एवं अनिल चोहान सम्मिलित रहे, इस प्रकार की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी

जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही: इंजेक्शन लगाते समय किशोर के कूल्हे में फंसी सुई, ऑपरेशन कर निकाली गई

देवास। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। एक 15 वर्षीय किशोर को इंजेक्शन लगाते समय सुई उसके कूल्हे में ही फंस गई, जिसे अस्पताल का स्टाफ काफी प्रयासों के बाद भी नहीं निकाल सका। बाद में किशोर को इंदौर रेफर किया गया, जहां एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन कर सुई निकाली गई। मामला कुछ दिन पूर्व का बताया जा रहा हैं जिसके बाद किशोर का 16 जून को इंदौर की निजी अस्पताल में ऑपरेशन किया गया।

जानकारी के अनुसार, समक्ष सोनगरा (15 वर्ष) को गर्दन में ऐंठन और दर्द की शिकायत होने पर सोमवार को जिला अस्पताल लाया गया था। उपचार के दौरान उसे इंजेक्शन लगाया जा रहा था, तभी इंजेक्शन की सुई टूटकर कूल्हे के अंदर फंस गई। घटना के बाद अस्पताल के चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने सुई निकालने के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली।

स्थिति गंभीर होने पर किशोर को इंदौर रेफर किया गया। वहां एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के माध्यम से सुई को बाहर निकाला गया। ऑपरेशन के बाद किशोर की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

जन्मदिन अस्पताल में मनाना पड़ा

परिजनों के अनुसार, घटना वाले दिन समक्ष का जन्मदिन भी था। घर पर जन्मदिन की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन अचानक हुई इस घटना के कारण उसे इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ऐसे में उसका जन्मदिन अस्पताल में ही मनाया गया।

परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

किशोर के रिश्तेदार रजत सिंह राजपूत ने जिला अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और उपचार में भी लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

परिजनों ने बताया कि वे इस संबंध में कलेक्टर को आवेदन देकर शिकायत करेंगे, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और जिम्मेदारों पर उचित कार्रवाई की जा सके।

आबादी क्षेत्र के ऊपर मौत बनकर लटक रही 11 केवी लाइन, जनसुनवाई के बाद प्रशासनिक टीम पहुंची गांव

वर्षों से खतरे में 25 परिवार, हाई वोल्टेज लाइन हटाने की मांग हुई तेज

देवास। जिले के ग्राम अंचलूखेड़ी में घनी आबादी और सरस्वती शिशु मंदिर के ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाई वोल्टेज बिजली लाइन ग्रामीणों के लिए लगातार खतरे का कारण बनी हुई है। वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए जनहानि की आशंका जताई है। शिकायत के बाद प्रशासनिक अमला गांव पहुंचा और मौके का निरीक्षण किया।

ग्रामीणों के अनुसार पुवाल्डा फीडर की 11 केवी विद्युत लाइन गांव के आबादी क्षेत्र के बीचों-बीच से गुजर रही है। ऐसे में हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। आगामी बारिश के मौसम में तेज हवा और आंधी के दौरान तार टूटकर मकानों अथवा रास्तों पर गिर सकते हैं, जिससे बड़ी जनहानि की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में कई बार बिजली के तार टूटकर घरों की छतों और टीन शेड पर गिर चुके हैं, जिससे करंट फैलने की घटनाएं भी हुई हैं। वर्तमान में भी कुछ स्थानों पर तार मकानों की छतों और चद्दरों के बेहद करीब होकर गुजर रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि करीब 25 परिवारों ने अपनी निजी राशि खर्च कर इस लाइन को आबादी क्षेत्र से बाहर शिफ्ट कराने की पहल की थी। इसके लिए बिजली विभाग द्वारा नए खंभे भी स्थापित कर दिए गए, लेकिन एक व्यक्ति की आपत्ति के चलते तार खींचने का कार्य अधूरा रह गया और पूरा प्रोजेक्ट बीच में अटक गया।ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से प्रशासन और विद्युत विभाग को ज्ञापन सौंपकर इस लाइन को हटाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। जनसुनवाई में शिकायत दर्ज होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और बिजली विभाग तथा राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने गांव पहुंचकर स्थल निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान बिजली विभाग के सुपरवाइजर हरिओम शाह, कमल श्रीवास्तव, पटवारी मोनिका राजावत एवं लाइनमैन जितेंद्र कर्मा ने मौके का जायजा लेकर पंचनामा तैयार किया। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान सरपंच श्यामलाल परमार, पूर्व सरपंच रामस्वरूप राठौड़, गुलाब सिंह राठौड़, मुन्नालाल राठौड़, सुभाष राठौड़, राजेंद्र राठौड़, अर्जुन परमार, अनिल राठौड़, कैलाश प्रजापत, कालूराम प्रजापत, पंकज केलवा, विकास राठौड़, दिनेश बालोदिया, मुकेश प्रजापत, लाखन प्रजापत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आपत्ति का शीघ्र निराकरण कराया जाए तथा रुका हुआ कार्य पूरा कर 11 केवी हाई वोल्टेज लाइन को जल्द से जल्द आबादी क्षेत्र से हटाया जाए।

बेटों ने घर से निकाला, अब वृद्धाश्रम में शरण की गुहार: जनसुनवाई में बुजुर्ग दंपति का दर्द छलका

• प्रशासन ने दिए वृद्धाश्रम में रखने के निर्देश, बुजुर्ग दंपत्ति करेंगे वृद्धाश्रम को ज़मीन दान

देवास। मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में एक बुजुर्ग दंपति ने अपनी व्यथा सुनाते हुए वृद्धाश्रम में रहने की अनुमति दिलाने की मांग की। दंपति का आरोप है कि उनके ही बेटों ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया है और अब उनके पास रहने का कोई सहारा नहीं बचा है।

आवेदन के अनुसार 76 वर्षीय जीवन सिंह एवं उनकी 72 वर्षीय पत्नी लीला बाई ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उनकी पारिवारिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। उन्होंने कहा कि उनके दो पुत्र राजेंद्र और राकेश उनसे अलग रहते हैं तथा दोनों ने उन्हें घर से बाहर कर दिया है। दंपति का यह भी आरोप है कि उनकी लगभग चार बीघा जमीन भी उनसे ले ली गई है।

बुजुर्ग दंपति ने आवेदन में उल्लेख किया है कि संबंधित जमीन लीला बाई को उनके पिता द्वारा दान में दी गई थी, जिसे अब वे वृद्धाश्रम को दान करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके पुत्र और पुत्रवधू द्वारा लीला बाई के साथ मारपीट करने का प्रयास भी किया गया। दंपति ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें किसी वृद्धाश्रम में रहने की अनुमति और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे सम्मानपूर्वक अपना शेष जीवन व्यतीत कर सकें।जनसुनवाई में प्राप्त इस आवेदन को संबंधित विभाग को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने तत्काल वृद्धाश्रम में कार्रवाई व्यवस्था आवेदन प्राप्त होने के बाद प्रशासन ने तत्काल वृद्धाश्रम संचालक दिनेश चौधरी को बुलाकर बुजुर्ग दंपत्ति के लिए वृद्धाश्रम में रुकने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।