निगम के सफाई कर्मचारी ही उड़ा रहे सफाई अभियान की धज्जियां

देवास। नगर निगम द्वारा सफाई अभियान के अंतर्गत वार्डो में सफाई करवाई जा रही है। लेकिन निगम के कर्मचारियों द्वारा ही सफाई अभियान की धज्जियां उड़ाई जा रही है। साधना प्रजापति ने बताया कि आवास नगर, भोसले कालोनी, उमाकांत कालोनी, पुलिस क्वाटर चामुण्डापुरी आदि जगहों पर निगम के कर्मचारियों द्वारा खुले मैदान में कचरा फेंका जा रहा है। जबकि आमजन द्वारा सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंकने या थूकने पर निगम द्वारा जुर्माना लगाया जाता है। आवास नगर में तो कर्मचारियों ने एक खुले मैदान में 5 फीट का गड्डा खोद दिया है जिसमें कचरा डाला जा रहा है। इस गड्डे में बारिश का पानी भर गया है और इसमें पड़ा कचरा सड़ कर बदबू मार रहा है जिससे कि यहां के रहवासियों का जीना मुश्किल हो गया है। इसकी शिकायत उपायुक्त पुनित शुक्ला को की गर्ई लेकिन उनके द्वारा भी इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई। निगम कर्मचारियों की लापरवाही से आमजन की जान पर खतरा मंडरा रहा है, कोरोना का बढ़ता कहर और इस तरह की गंदगी के कारण लोगों के मन में दहशत है। इस कचरे के कारण मौसमी बीमारी, मच्छर का प्रकोप बढ़ रहा है, वहीं सुअरों के कारण रहवासियों की परेशानी और भी बढ़ गई है।

आज आई 288 लोगों की रिपोर्ट मे 4 लोगों की रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव

कोविड -19 हेल्थ बुलेटिन,देवास दिनांक 12 अगस्त 2020

  • 1 – आज लिये गये सैम्‍पल 288
  • 2 -आज लैब से प्राप्त सैंपल रिपोर्ट संख्या 546
  • 3 -आज प्राप्त सैम्पल रिपोर्ट में पाजिटिव संख्या 4
  • 4 -आज प्राप्त कुल सैम्पल रिपोर्ट में नेगेटिव संख्या’ 542
  • 5 -आज कोरोना संक्रमित/पॉजिटिव, मरीज की मृत्‍यु संख्या 1
  • 6 -आज दिनांक तक लिये गये सैंपल संख्या 23000
  • 7 -आज कोरोना संक्रमित /पॉजिटिव ,मरीज उपचार उपरांत कोरोना मुक्त हुए संख्या 1
  • 8 -आज दिनांक तक कोरोना संक्रमित/पॉजिटिव ,मरीज उपचार उपरांत कोरोना मुक्त हुए संख्या 422
  • 9 -आज दिनांक तक जिले मे कोरोना संक्रमित/पॉजिटिव, एक्‍टीव मरीजो की संख्या 67
  • देवास जिला निवासी एक कोरोना पाॅजिटिव व्यक्ति की मृत्यू इन्दौर मे हुई, व्यक्ति की कोरोना जाॅच हेतु सैम्पल इन्दौर मे लिया गया एवं पाॅजिटिव व्यक्ति का उपचार इन्दौर मे किया जा रहा था। मृत्यु की सूचना प्राप्त होने पर देवास मे जोडा गया।

◆ आज प्राप्‍त रिपोर्ट कोरोना संक्रमित (पाजिटिव) केसेस जानकारीः-

1 पताः-तरानी काॅलोनी देवास, महिला,उम्र 50 वर्ष
2 पताः-तरानी काॅलोनी देवास, पुरूष,उम्र 52 वर्ष
3 पताः-कालीसिंध मार्ग ,देवास, पुरूष,उम्र 32 वर्ष

  (डॉ एम.पी.शर्मा )  
  मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ अधिकारी   
  जिला-देवास

ट्रक एसोसिएशन की माँगों पर होगा गंभीरता से विचार-परिवहन मंत्री श्री राजपूत,ट्रक एसोसिएशन के पदाधिकारी चर्चा के लिये आमंत्रित

देवास। परिवहन एवं राजस्व मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने प्रदेश में ट्रक एसोसिएशन की हड़ताल पर जाने के संबंध मे कहा कि सरकार ट्रक मालिकों के साथ है। हमें ज्ञापन प्राप्त हो गया है।एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है।उन्होंने भी शीघ्र निराकरण के लिए निर्देशित किया है।
मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा ट्रक मालिकों को एक मुश्त लाईफ टाईम टैक्स जमा कराने के विरूद्ध ट्रक एसोसिएशन की माँग पर सरकार ने गंभीरता से विचार किया था। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने लाईफ टाइम टैक्स को किश्तों में जमा कराने के निर्देश दिए थे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कल भी आंशिक ट्रक सेवायें जारी रही। जिससे दुध, दवाओं,पेट्रोल, जैसी आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई निरंतर जारी रही। उन्होंने कहा कि ट्रक एसोसिएशन के पदाधिकारी चर्चा के लिए आए थे, उन्होंने ज्ञापन दिया है। उनकी मांगों पर चर्चा के लिए उनके प्रतिनिधि अथवा पदाधिकारी आमंत्रित हैं। सरकार उनके साथ है। जो भी माँग परिवहन विभाग से संबंधित होगी उसका शीघ्र निराकरण किया जाएगा।

देवास जिले के तीन कीटनाशक औषधी विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

देवास। अमानक कीटनाशक विक्रय करने पर तीन कीटनाशक औषधी विक्रेताओं मैसर्स न्यू अमरजीत एग्रो सतवास विकासखंड कन्नौद, मैसर्स मां नर्मदा एग्रो इंटरप्राइजेस खातेगांव, मैसर्स महिमा कृषि सेवा केंद्र खातेगांव के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। उपसंचालक कृषि नीलमसिंह चौहान ने बताया कि गुण नियंत्रण कार्यक्रम अन्तर्गत खरीफ वर्ष-2020 में जिले के कृषकों को पौध संरक्षण औषधी आदान सामग्री उच्च गुणवत्ता की मिल सके, इसलिए मैसर्स न्यू अमरजीत एग्रो सतवास विकासखण्ड कन्नौद, मैसर्स मां नर्मदा एग्रो इंटरप्राइजेस खातेगांव, मैसर्स महिमा कृषि सेवा केंद्र खातेगांव का जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा 10 अगस्त 2020 को निरीक्षण किया गया। निरीक्षण प्रतिवेदन के आधार पर निरीक्षण के दौरान कीटनाशी नियम 1971 की धारा 10 डी, 15 (2), 10 (4), 15 (1) एवं 15 (ए) का स्पष्ट उल्लंघन होना पाया गया। उन्होंने बताया कि कीटनाशक अधिनियम 1968 एवं नियम 1971 की धारा-14 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए तीन कीटनाशक औषधी मैसर्स न्यू अमरजीत एग्रो सतवास विकासखण्ड कन्नौद, मैसर्स मां नर्मदा एग्रो इंटरप्राइजेस खातेगांव, मैसर्स महिमा कृषि सेवा केंद्र खातेगांव के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किये गए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

नाबालिक लड़की के अपहरणकर्ता की गिरफ्तारी न होने से आदिवासी समाज के लोग पुलिस थाने में हुवे एकत्रित,10 दिन में उचित कार्रवाई ना होने पर किया जाएगा उग्र आंदोलन

कांटाफोड़ – पुलिस थाना कांटाफोड़ के अंतर्गत ग्राम तुमड़ीखेड़ा से 4 अगस्त को भंडारिया का दिनेश पिता जलाल लड़की को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया जिसकी रिपोर्ट 5 अगस्त को पुलिस थाना कांटाफोड़ में दर्ज की गई आज दिनांक 11 अगस्त तक 6 दिन बीत जाने पर भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई जिस पर आदिवासी समाज में रोष व्याप्त है। यह जानकारी देते हुए समाज के लोगो ने बताया की मंगलवार को हम समाज के लोगों के साथ थाना कांटाफोड पर पहुंचे यहां पर हमारे समाज के लोगों में रोष व्याप्त है कि लड़की के अपहरणकर्ता को आज दिनांक तक भी पुलिस के द्वारा गिरफ्तार नहीं किया गया जबकि लड़की नाबालिक है और मार्कशीट के आधार पर 9 सितंबर को लड़की पूर्ण रूप से बालिक हो जाएगी इसके आधार पर यदि आरोपी द्वारा लड़की को किसी प्रकार से डरा धमकाकर बहला फुसलाकर अपने पक्ष में गवाही देने के लिए बाध्य कर लिया गया तो हमारे समाज की एक और लड़की अन्य समाज की गिरफ्त में आ जाएगी और दूसरे समाज का हिस्सा बन जाएगी। हमारा आदिवासी समाज ताना बाना सुचारु रुप से बरकरार रहे और रिती रिवाज परंपरा और विवाह संबंधों में अन्य समाज का दखल ना हो। इस मामले में उचित कार्रवाई कर जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्त में लेकर कठोर सजा दिलवाई जाए।साथ ही 10 दिनों के अंदर संबंधित आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो समाज के लोग उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।

मशहूर शायर राहत इंदौरी नहीं रहे,सुबह ही आई थी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव, दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत

कोटोना संक्रमण के कारण वे अस्पताल में सुबह
भर्ती हुए थे और इसकी जानकाटी उन्होंने खुद
अपने फेसबुक अकाउंट पर भी दी थी। शाम को
अचानक उन्हें तीन दिल के दौरे आए और उन्होंने
अस्पताल में ही अंतिम सांस ली। डाक्टरों के
अनुसार दोनों फेफड़ों में कोटोना का संक्रमण,
किडनी में सूजन थी और सांस लेने में तकलीफ
होने के कारण वे अस्पताल में भर्ती हुए थे।

इससे पहले उन्होंने लिखा था कोविड के शुरुआती
लक्षण दिखाई देने पर मेटा कोटोना टेस्ट किया
गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अरविंदो
अस्पताल में एडमिट हूं, दुआ कीजिए जल्द से
जल्द इस बीमाटी को हटा दूं। एक और इल्तेजा है,
मुझे या घट के लोगों को फोन ना करें, मेटी
खैरियत ट्विटर और फेसबुक पर आपको मिलती
रहेगी। इस ट्वीट के
राहत इंदौटी के चाहने वाले
जल्द से जल्द उनके स्वस्थ होने की दुआ के साथ
मैसेज लिख रहे थे लेकिन देर शाम उनके निधन
की खबर आई।

देवास- रियासतकालीन दिण्डी यात्रा नहीं निकलेगी,राजबाडे पर ही होगी पूजा अर्चना

देवास। श्री कृष्णजन्माष्टमी पर निकलने वाली रियासतकालीन दिण्डी यात्रा को कौराना महामारी के चलते स्थगित कर दिया गया है। स्मरण रहे लगभग 100 वर्षों से भी अधिक समय से निकलने वाली दिण्डी यात्रा राजबाडे से प्रारम्भ होकर शहर के प्रमुख मार्गो से मीठा तालाब पहुंचती हैं । पालकी में सवार होकर भगवान श्रीकृष्ण भ्रमण पर निकलते हैं। दिण्डी यात्रा के दौरान मार्ग के दोनों और खडे होकर शहर की जनता पालकी और भगवान का पूजन अर्चन कर पुष्प वर्षा करती हैं। दिण्डी यात्रा में राज परिवार के महाराज पैदल चलकर जनता का अभिवादन स्वीकार करते है। लेकिन इस वर्ष कौराना महामारी के चलते दिण्डी यात्रा को स्थगित करने का निर्णय राजपरिवार द्वारा लिया गया है। परम्परागत तरीके से होने वाले जन्माष्टमी के पर्व को राजबाडे पर ही मनाया जायेगा तथा पूजा अर्चना की जावेगी। पूजा अर्चना के पश्चात स्थानीय मीठा तालाब पर भी पूजन कर पूजन सामग्री का विर्सजन किया जायेगा। कोरोना महामारी को देखते हुए उपरोक्त कार्यक्रम में सार्वजनिक सहभागिता नहीं रहेगी। केवल राजपरिवार के लोग ही कार्यक्रम में सम्मिलित रहेगे।

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भोपाल मां चामुण्डा दरबार के पुजारी गुरु पंडित रामजीवन दुबे एवं ज्योतिषाचार्य श्री विनोद रावत ने बताया कि भादपद कृष्ण पक्ष अष्टमी बुधवार 12 अगस्त को जन्माष्टमी का 5247वां मध्य रात्रि 12 बजे त्यौहार धूमधाम से मनाया जावेगा।पूरे देशभर में जगह-जगह मटकी फोड़ का आयोजन भी किया जावेगा। रात को कृष्ण मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रहेगी। खीर, मिश्री, मक्खन, फलों का प्रसाद वितरण होगा। भगवान कृष्ण का जन्मदिन बुधवार ही था। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि की घनघोर अंधेरी आधी रात को इस बार रोहिणी की जगह कृतिका नक्षत्र रहेगा। मथुरा के कारागार में वसुदेव की पत्नी देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण ने जन्मलिया था। यह तिथि उसी शुभ घड़ी की याद दिलाती है और सारे देश में बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। कथा : द्वापर युग में भोजवंशी राजा उग्रसेन मथुरा में राज्य करता था। उसके आततायी पुत्र कंस ने उसे।गद्दी से उतार दिया और स्वयं मथुरा का राजा बन बैठा। कंस की एक बहन देवकी थी, जिसका विवाह वसुदेव नामक यदुवंशी सरदार से हुआ था। एक समय कंस अपनीबह बहन देवकी को उसकी ससुराल पहुंचाने जा रहा था। रास्ते में आकाशवाणी हुई- हे कंस, जिस देवकी को तू बड़े प्रेम से ले जा रहा है, उसी में तेरा काल बसता है। इसी के गर्भ से उत्पन्न आठवां बालक तेरा वध करेगा। यह सुनकर कंस वसुदेव को मारने के लिए उद्यत हुआ। तब देवकी ने उससे विनयपूर्वक कहा- मेरे गर्भ से जो संतान होगी, उसे तुम्हारे सामने ला दूंगी। बहनोई को मारने से क्या लाभ है? कंस ने
देवकी की बात मान ली और मथुरा वापस चला आया। उसने वसुदेव और देवकी को कारागृह में डालदिया। वसुदेव-देवकी के एक-एक करके सात बच्चे हुए और सातों को जन्म लेते ही कंस ने मार डाला। अब आठवां बच्चा होने वाला था। कारागार में उन पर कड़े पहरे बैठा दिए गए। उसी समय नंद की पत्नी यशोदा को भी बच्चा होने वाला था। उन्होंने वसुदेव-देवकी के दुखी जीवन को देख आठवें बच्चे की रक्षा का उपाय रचा। जिस समय वसुदेव- देवकी को पुत्र पैदा हुआ, उसी समय संयोग से यशोदा के गर्भ से एक कन्या का जन्म हुआ, जो और कुछ नहीं सिर्फ माया थी। जिस कोठरी में।देवकी-वसुदेव कैद थे, उसमें अचानक प्रकाश हुआ और उनके सामने शंख, चक्र, गदा, पद्म धारण किए चतुर्भुज भगवान प्रकट हुए। दोनों भगवान के चरणों में गिर पड़े।
तब भगवान ने उनसे कहा- अब मैं पुनः नवजात शिशु का रूप धारण कर लेता हूं। तुम मुझे इसी समय अपने मित्र नंदजी के घर वृंदावन में भेज आओ और उनके यहां जो कन्या जन्मी है, उसे लाकर कंस के हवाले कर दो। इस समय वातावरण अनुकूल नहीं है। फिर भी तुम चिंता न करो। जागते हुए पहरेदार सो जाएंगे, कारागृह के फाटक अपने आप खुल जाएंगे और उफनती अथाह यमुना तुमको पार जाने का मार्ग दे देगी। उसी समय वसुदेव नवजात शिशु-रूप श्रीकृष्ण को सूप में रखकर कारागृह से निकल पड़े और अथाह यमुना को पार कर नंदजी के घर पहुंचे। वहां उन्होंने नवजात शिशु को यशोदा के साथ सुला दिया और कन्या को लेकर मथुरा आ गए। कारागृह के फाटक पूर्ववत बंद हो गए। अब कंस को सूचना मिली कि वसुदेव-देवकी को बच्चा पैदा हुआ है। उसने बंदीगृह में जाकर देवकी के हाथ से नवजात कन्या को छीनकर पृथ्वी पर पटक देना चाहा, परंतु वह कन्या आकाश में उड़ गई और वहां से कहा- अरे मूर्ख, मुझे मारने से क्या होगा? तुझे मारनेवाला तो

देश के सभी पत्रकारों के लिए केंद्र सरकार का तोहफा,पत्रकार वेल फेयर स्कीम’ में सरकार ने किया संशोधन

नई दिल्ली- केंद्र सरकार ने लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को मजबूती प्रदान करने के लिए ‘पत्रकार वेलफेयर स्कीम’ में संशोधन कर दिया है, यह देश भर के सभी पत्रकारों के लिए लागू हो गया है, दरअसल केंद्र सरकार ने पत्रकारों के कल्याण के लिए इस स्कीम को फरवरी 2013 में लागू किया गया था, अब इसमें संशोधन किया गया है, जिसका फायदा सभी जर्नलिस्ट्स ले सकेंगे।यदि किसी जर्नलिस्ट का निधन हो जाता है या फिर वह विकलांग हो जाता है, तो इस स्कीम के तहत केंद्र सरकार उसके आश्रितों को 5 लाख रुपए की सहायता देगी। वहीं, इलाज के लिए भी पत्रकार को सरकार की ओर से 5 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।इस योजना की पात्रता के लिए एक समिति का गठन भी किया गया है। जिसके संरक्षक केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री होंगे। वहीं, विभाग के सचिव अध्यक्ष, प्रधान महानिदेशक, एएस एंड एएफ, संयुक्त सचिव समिति के सदस्य हैं।वहीं, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के उप सचिव अथवा निदेशक सदस्य संयोजक हैं।इस समिति का काम होगा कि ये पीड़ित पत्रकार या फिर उनके परिजनों के आवेदन पर विचार करे तथा उसके मुताबिक आर्थिक सहायता देने का फैसला ले।इस योजना के तहत एक अच्छी बात यह है कि इसमें केंद्र या राज्य सरकार से अधिस्वीकृत पत्रकार होने का कोई बंधन नहीं है।यह योजना पत्रकारों से संबंधित 1955 के एक अधिनियम “Working Journalists and other Newspaper Employes (Condition of service) And Miscellaneous Provision Act 1955” के तहत पत्रकार की श्रेणी में आने वाले देश भर के जर्नलिस्ट पर लागू किया गया है।*वेब न्यूज़ और टीवी जर्नलिस्ट्स को भी होगा लाभ,*वहीं अब इस योजना का लाभ टेलीविजन और वेब जर्नलिस्ट्स भी ले सकेंगे, न्यूज पेपर्स के बाद टेलीविजन जगत में क्रांति आई और टीवी न्यूज चैनल्स की शुरुआत हुई। वहीं अब वेब जर्नलिज्म का जमाना आ गया है और वेब पर भी अच्छी पत्रकारिता की जा रही है। इसके साथ ही सभी न्यूज पेपर्स के एडिटर, सब एडिटर, रिपोर्टर, फोटोग्राफर, कैमरामैन, फोटो जर्नलिस्ट, फ्रीलांस जर्नलिस्ट, अंशकालिक संवाददाता और उन पर आश्रित परिजनों को भी स्कीम के दायरे में रखा गया है। इसका लाभ लेने की शर्त यह है कि कम से कम 5 साल तक पत्रकार के रूप में सेवाएं दी गई हों। स्कीम के तहत यह जानकारी भी दी गई है कि एक से पांच लाख की सहायता किन परिस्थितियों में पीड़ित पत्रकार या उनके परिजनों को दी जाएगी,*अधिक जानकारी के लिए-*

http://pib.nic.in/prs/JWSguidelinesEnglish.pdf?Sel=17&PSel=2

इस लिंक पर जा सकते हैं, अथवामहानिदेशक (मीडिया एवं संचार), प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो, ‘ए’ विंग, शास्त्री भवन, नई दिल्ली- 110001 से भी संपर्क किया जा सकता है।जिन पत्रकारों या उनके परिजनों को सहायता चाहिए, वे विहित फॉर्म पर अपने आवेदन दिए गए पते पर भेज सकते हैं।तीन पृष्ठों के इस फॉर्म का नमूना प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पत्र सूचना ब्यूरो) की वेबसाइट pib.nic.in से डाउनलोड कर सकते हैं।

देश के सभी पत्रकारों के लिए केंद्र सरकार का तोहफा,पत्रकार वेल फेयर स्कीम’ में सरकार ने किया संशोधन

नई दिल्ली- केंद्र सरकार ने लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को मजबूती प्रदान करने के लिए ‘पत्रकार वेलफेयर स्कीम’ में संशोधन कर दिया है, यह देश भर के सभी पत्रकारों के लिए लागू हो गया है, दरअसल केंद्र सरकार ने पत्रकारों के कल्याण के लिए इस स्कीम को फरवरी 2013 में लागू किया गया था, अब इसमें संशोधन किया गया है, जिसका फायदा सभी जर्नलिस्ट्स ले सकेंगे।यदि किसी जर्नलिस्ट का निधन हो जाता है या फिर वह विकलांग हो जाता है, तो इस स्कीम के तहत केंद्र सरकार उ)सके आश्रितों को 5 लाख रुपए की सहायता देगी। वहीं, इलाज के लिए भी पत्रकार को सरकार की ओर से 5 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।इस योजना की पात्रता के लिए एक समिति का गठन भी किया गया है। जिसके संरक्षक केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री होंगे। वहीं, विभाग के सचिव अध्यक्ष, प्रधान महानिदेशक, एएस एंड एएफ, संयुक्त सचिव समिति के सदस्य हैं।वहीं, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के उप सचिव अथवा निदेशक सदस्य संयोजक हैं।इस समिति का काम होगा कि ये पीड़ित पत्रकार या फिर उनके परिजनों के आवेदन पर विचार करे तथा उसके मुताबिक आर्थिक सहायता देने का फैसला ले।इस योजना के तहत एक अच्छी बात यह है कि इसमें केंद्र या राज्य सरकार से अधिस्वीकृत पत्रकार होने का कोई बंधन नहीं है।यह योजना पत्रकारों से संबंधित 1955 के एक अधिनियम “Working Journalists and other Newspaper Employes (Condition of service) And Miscellaneous Provision Act 1955” के तहत पत्रकार की श्रेणी में आने वाले देश भर के जर्नलिस्ट पर लागू किया गया है।*वेब न्यूज़ और टीवी जर्नलिस्ट्स को भी होगा लाभ,*वहीं अब इस योजना का लाभ टेलीविजन और वेब जर्नलिस्ट्स भी ले सकेंगे, न्यूज पेपर्स के बाद टेलीविजन जगत में क्रांति आई और टीवी न्यूज चैनल्स की शुरुआत हुई। वहीं अब वेब जर्नलिज्म का जमाना आ गया है और वेब पर भी अच्छी पत्रकारिता की जा रही है। इसके साथ ही सभी न्यूज पेपर्स के एडिटर, सब एडिटर, रिपोर्टर, फोटोग्राफर, कैमरामैन, फोटो जर्नलिस्ट, फ्रीलांस जर्नलिस्ट, अंशकालिक संवाददाता और उन पर आश्रित परिजनों को भी स्कीम के दायरे में रखा गया है। इसका लाभ लेने की शर्त यह है कि कम से कम 5 साल तक पत्रकार के रूप में सेवाएं दी गई हों। स्कीम के तहत यह जानकारी भी दी गई है कि एक से पांच लाख की सहायता किन परिस्थितियों में पीड़ित पत्रकार या उनके परिजनों को दी जाएगी,*अधिक जानकारी के लिए-* http://pib.nic.in/prs/JWSguidelinesEnglish.pdf?Sel=17&PSel=2 इस लिंक पर जा सकते हैं, अथवामहानिदेशक (मीडिया एवं संचार), प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो, ‘ए’ विंग, शास्त्री भवन, नई दिल्ली- 110001 से भी संपर्क किया जा सकता है।जिन पत्रकारों या उनके परिजनों को सहायता चाहिए, वे विहित फॉर्म पर अपने आवेदन दिए गए पते पर भेज सकते हैं।तीन पृष्ठों के इस फॉर्म का नमूना प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पत्र सूचना ब्यूरो) की वेबसाइट pib.nic.in से डाउनलोड कर सकते हैं।