मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: देवास से हरिद्वार-ऋषिकेश के लिए 20 जून को रवाना होगी ट्रेन, जानें आवेदन की अंतिम तिथि और पात्रता

देवास: देवास जिले के वरिष्ठ नागरिकों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत हरिद्वार-ऋषिकेश की पावन यात्रा का शेड्यूल जारी कर दिया गया है. कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने जिले के पात्र नागरिकों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है.

यात्रा का पूरा विवरण और महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • प्रस्थान तिथि: 20 जून 2026.
  • वापसी तिथि: 23 जून 2026.
  • सीटों का कोटा: देवास जिले के लिए कुल 196 सीटें आवंटित की गई हैं.
  • आवेदन की अंतिम तिथि: 06 जून 2026.
  • ट्रेन रूट: यात्रा ट्रेन देवास रेलवे स्टेशन से ही प्रारंभ होगी और यहीं वापस आएगी.

कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता नियम)

योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:

  1. मूल निवासी: आवेदक का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना आवश्यक है.
  2. आयकर: आवेदक आयकरदाता (Income Tax Payer) नहीं होना चाहिए.
  3. आयु सीमा:
    • पुरुष: 60 वर्ष या उससे अधिक.
    • महिलाएं: आयु में 2 वर्ष की छूट, यानी 58 वर्ष या उससे अधिक.
    • दिव्यांग: 60 प्रतिशत से अधिक विकलांग व्यक्तियों के लिए आयु सीमा का कोई बंधन नहीं है.

आवेदन कैसे और कहाँ जमा करें?

इच्छुक श्रद्धालु अपना आवेदन पत्र भरकर नीचे दिए गए स्थानों पर जमा कर सकते हैं:

  • जिले के समस्त तहसील कार्यालय.
  • नगर निगम देवास कार्यालय.

विशेष नोट: यदि निर्धारित कोटे (196 सीटों) से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो तीर्थयात्रियों का चयन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा.


अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें

यात्रा से संबंधित विस्तृत नियम, निर्देश और आवेदन पत्र का प्रारूप विभागीय वेबसाइट www.dharmasva.mp.gov.in पर उपलब्ध है.

कलेक्टर का संदेश: “हरिद्वार और ऋषिकेश की यह यात्रा वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुनहरा अवसर है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। पात्र नागरिक समय सीमा के भीतर आवेदन अवश्य करें।” — ऋतुराज सिंह, कलेक्टर, देवास

Dewas : अब खिलेगी बच्चों की मुस्कान; कलेक्टर ऋतुराज सिंह के मार्गदर्शन में ‘किलकारी अभियान 2.0’ का आगाज़

किलकारी अभियान 2.0′ में माताओं और बच्चों के पोषण पर होगा विशेष ध्यान

देवास (Dewas news)। जिले से कुपोषण को जड़ से मिटाने और बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के मार्गदर्शन में जिले में ‘किलकारी अभियान 2.0’ का भव्य शुभारंभ अमलतास अस्पताल (Amaltas Hospital) में किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार लाना है।

गंभीर कुपोषित बच्चों का होगा 14 दिनों तक निःशुल्क उपचार

अभियान के अंतर्गत जिले के चिन्हांकित कुपोषित बच्चों की विशेष स्क्रीनिंग की जा रही है। जो बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित पाए जा रहे हैं, उन्हें 14 दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती कर उनका निःशुल्क उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती ज्योति शर्मा ने अमलतास हॉस्पिटल का दौरा कर भर्ती बच्चों की माताओं से चर्चा की और चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए…

जिले भर में भर्ती बच्चों के आँकड़े:

अभियान के तहत अब तक बड़ी संख्या में बच्चों को उपचार के लिए भर्ती किया गया है:

  • अमलतास हॉस्पिटल: 242 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें से 72 बच्चे भर्ती हैं।
  • सोनकच्छ एनआरसी: 31 बच्चे।
  • कन्नौद एनआरसी: 50 बच्चे।
  • बागली एनआरसी: 38 बच्चे।
  • अन्य केंद्र: टोंकखुर्द (13), खातेगांव (13) और देवास (8) बच्चे भर्ती किए गए हैं।

सिर्फ बच्चे ही नहीं, माताओं के पोषण पर भी जोर

‘किलकारी अभियान 2.0’ की विशेषता यह है कि इसमें बच्चों के साथ-साथ माताओं के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। काउंसलिंग के जरिए माताओं को स्वच्छता, संतुलित आहार और बच्चों की सही देखभाल की शिक्षा दी जा रही है।

विभिन्न विभागों का संयुक्त प्रयास

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सफलता के लिए कई विभाग एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं:

  • महिला एवं बाल विकास विभाग स्वास्थ्य विभाग: बच्चों की पहचान और उपचार।
  • अमलतास अस्पताल: परिवहन (बस व मैजिक सुविधा), निःशुल्क उपचार और भोजन की व्यवस्था।
  • शिक्षा एवं ग्रामीण विकास विभाग: हॉस्टल और बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करना।

“बच्चों का पोषण हमारे देश का भविष्य तय करता है। ‘किलकारी’ अभियान हर बच्चे की मुस्कान और अच्छे स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा कदम है।” —ऋतुराज सिंह, कलेक्टर, देवास

अमलतास अस्पताल के चेयरमैन मयंकराज सिंह भदौरिया ने भी इस पुनीत कार्य में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. महावीर खंडेलवाल, डॉ. नेहा काकानी और जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग की समस्त टीम सक्रिय रूप से उपस्थित रही।


Key Highlights:

  • अभियान: किलकारी 2.0 (देवास जिला)
  • सुविधा: 14 दिन निःशुल्क उपचार, भोजन और परिवहन
  • लक्ष्य: कुपोषण मुक्त देवास

Dewas ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग का पर्दाफाश, शादी के 10 दिन बाद भागी थी पत्नी, पुलिस ने महाराष्ट्र से 2 दलाल किए गिरफ्तार

देवास (Dewas News) मध्य प्रदेश के देवास जिले में शादी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। बरोठा थाना पुलिस ने ‘लुटेरी दुल्हन’ (Luteri Dulhan) मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र से दो आरोपियों (दलालों) को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने लाखों रुपये लेकर एक युवक की शादी करवाई थी, लेकिन शादी के महज 10 दिन बाद ही दुल्हन घर से फरार हो गई।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • दलालों ने लाखों रुपये लेकर कराई थी युवक की शादी।
  • शादी के मात्र 10 दिन बाद ही घर से फरार हो गई ‘लुटेरी दुल्हन’।
  • देवास की बरोठा पुलिस ने महाराष्ट्र में दबिश देकर 2 आरोपियों को दबोचा।
  • मुख्य आरोपिया (दुल्हन) और अन्य की तलाश जारी।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोद द्वारा अपराधों पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे ‘360 – पुलिसिंग’ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। 17 मार्च 2026 को ग्राम बरखेड़ा कोतापाई के रहने वाले राहुल पिता श्यामसिंह पंवार (32 वर्ष) ने बरोठा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया कि कुछ दलालों ने उससे पैसे लेकर उसकी शादी पूजा नामक महिला से करवाई थी। लेकिन शादी के कुछ दिन बाद ही दुल्हन अचानक गायब हो गई और दलालों का भी कोई सुराग नहीं मिल रहा था।

मामला दर्ज कर पुलिस ने बनाई विशेष टीम

फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर बरोठा पुलिस ने दुल्हन पूजा और दलालों के खिलाफ अपराध क्रमांक 80/2026 के तहत धारा 318(3), 61(2), 83 बीएनएस (BNS) का मामला दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री जयवीर सिंह भदौरिया और डीएसपी श्रीमती बबिता बामनिया के मार्गदर्शन में बरोठा थाना प्रभारी श्रीमती सविता सिंह जाटव के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।

महाराष्ट्र से ये दो आरोपी हुए गिरफ्तार

विशेष पुलिस टीम और सायबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर महाराष्ट्र में दबिश दी और गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया:

  1. रोहित (23 वर्ष) पिता अप्पु सेठी – निवासी तल पिंपरी, छत्रपति सम्भाजी नगर (महाराष्ट्र)।
  2. सुनिता (36 वर्ष) पति विनोद पंवार – निवासी संगमनेर, श्रीराम नगर, जिला अहिल्या नगर (महाराष्ट्र)।

पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि फरार दुल्हन और अन्य साथियों का पता लगाया जा सके। अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।

इनकी रही सराहनीय भूमिका

इस ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग का पर्दाफाश करने में बरोठा थाना प्रभारी निरीक्षक श्रीमती सविता सिंह, सउनि हरिश कुमार, सउनि शारदा ठाकुर, प्र.आर राजेश लुवानिया, तेजसिंह सिन्हा, आर. विजेन्द्र सिसोदिया, म.आर देवप्रभा तिवारी, आर. अजयपाल सिंह, सैनिक शेखर का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही, सायबर सेल देवास प्रभारी शिवप्रताप सिंह सेंगर और प्र.आर सचिन चौहान की भी विशेष भूमिका रही।

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एमपी में डेयरी खोलने पर मिलेगी 10 लाख तक की सब्सिडी! जानें ‘डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना’ की पूरी जानकारी

भोपाल/मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना के तहत 25 गायों या दुधारू पशुओं की डेयरी (गौशाला) खोलने वाले पशुपालकों और युवाओं को सरकार भारी सब्सिडी प्रदान कर रही है।

योजना का मुख्य उद्देश्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, इस योजना का लक्ष्य वर्तमान डेयरी उद्योग को व्यावसायिक और लाभकारी बनाना है। यह योजना खासतौर पर उन किसानों, युवाओं और पशुपालकों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो आधुनिक डेयरी स्थापित कर अपनी आय का स्थायी साधन विकसित करना चाहते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

कितनी मिलेगी सब्सिडी? (Subsidy Details)

योजना के तहत पशुपालकों को आर्थिक सहायता देकर बड़े निवेश की बाधा को कम किया गया है:

  • अनुसूचित जाति (SC) एवं जनजाति (ST) वर्ग: कुल परियोजना लागत का 33 प्रतिशत तक अनुदान।
  • अन्य सभी वर्ग (General/OBC): कुल परियोजना लागत का 25 प्रतिशत तक अनुदान।
  • शेष राशि की व्यवस्था बैंक ऋण (Loan) के माध्यम से की जाएगी, जिसका भुगतान चार चरणों में होगा।

योजना के मुख्य नियम और पात्रता (Eligibility Criteria)

  • पशुओं की संख्या: एक इकाई (Unit) में 25 दुधारू पशु (एक ही नस्ल के गौ-वंश या भैंस) रखे जा सकेंगे।
  • अधिकतम सीमा: सक्षम हितग्राही अधिकतम 8 इकाइयां (यानी 200 पशुओं तक की डेयरी) स्थापित कर सकते हैं।
  • भूमि की आवश्यकता: प्रति 25 पशुओं की इकाई के लिए न्यूनतम 3.50 एकड़ कृषि भूमि होना अनिवार्य है। (इकाइयां बढ़ने पर भूमि भी उसी अनुपात में अधिक होनी चाहिए)।
  • सामूहिक खाते: भूमि के लिए परिवार के सामूहिक खाते भी मान्य होंगे, लेकिन अन्य सदस्यों की सहमति आवश्यक होगी।

कैसे करें आवेदन और क्या हैं जरूरी दस्तावेज?

चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता रखी गई है और यह पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर काम करेगी। उन पशुपालकों को प्राथमिकता मिलेगी जो पहले से दुग्ध संघों या सहकारी संस्थाओं को दूध दे रहे हैं।

आवश्यक दस्तावेज:

  1. आधार कार्ड
  2. निवास प्रमाण पत्र
  3. कृषि भूमि के दस्तावेज
  4. बैंक खाता विवरण
  5. जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  6. डेयरी प्रशिक्षण प्रमाण पत्र

इच्छुक आवेदक पशुपालन एवं डेयरी विभाग के आधिकारिक पोर्टल या अपने जिले के पशु चिकित्सा सेवाएं कार्यालय से संपर्क कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।


डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना’ के महत्वपूर्ण तथ्य (Key Highlights):

  • मंजूरी की तिथि: राज्य सरकार ने 25 अप्रैल 2025 को इस योजना को नवीन घटक के रूप में मंजूरी दी।
  • परियोजना लागत: 25 दुधारू पशुओं की एक इकाई की अनुमानित लागत 36 लाख से 42 लाख रुपये के बीच निर्धारित की गई है।
  • प्रशिक्षण: सरकार पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से व्यवसाय चलाने के लिए प्रोफेशनल ट्रेनिंग भी देगी।

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देवास: 15 करोड़ के इंजेक्शन के लिए सोनू सूद की टीम ने चलाया फंड रेजिंग अभियान, मासूम काशी के लिए जुटाए 2.31 लाख रुपये

देवास (Dewas News) मध्य प्रदेश के देवास शहर में मानवता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। उज्जैन की पांच माह की मासूम काशी दुबेपुरिया, जिसे एक गंभीर बीमारी के चलते 15 करोड़ रुपये के महंगे इंजेक्शन की आवश्यकता है, के जीवन को बचाने के लिए शहरवासी एकजुट हुए। सोनू सूद चैरिटी क्लब और संस्था हेल्पिंग हैंड्स सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित एक विशेष फंड रेजिंग कार्यक्रम में महज कुछ ही घंटों में 2 लाख 31 हजार रुपये की सहायता राशि एकत्रित की गई।

कार्यक्रम की मुख्य बातें (Key Highlights):

  • उद्देश्य: 15 करोड़ के इंजेक्शन की जरूरत वाली मासूम काशी (उज्जैन) का उपचार।
  • आयोजक: सोनू सूद चैरिटी क्लब और हेल्पिंग हैंड्स सोशल वेलफेयर सोसाइटी।
  • एकत्रित राशि: 2,31,000 रुपये।
  • मुख्य अतिथि: देवास के महाराज विक्रम सिंह पवार (जिन्होंने चेक सौंपा)।
  • विशेष आकर्षण: फिल्म अभिनेता सोनू सूद का वीडियो कॉल के जरिए जुड़ना।

भावुक कर देने वाला रहा जनसहयोग अभियान

शहर के चामुंडा कॉम्प्लेक्स स्थित सयाजी द्वार के सामने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक यह विशेष अभियान चलाया गया। कार्यक्रम के दौरान कई भावुक दृश्य देखने को मिले। बच्ची की गंभीर स्थिति के बारे में जानकर आमजन, व्यापारियों और समाजसेवियों ने अपनी क्षमता अनुसार तुरंत आर्थिक सहयोग प्रदान किया और उसके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

महाराज विक्रम सिंह पवार ने सौंपा सहायता चेक

हेल्पिंग हैंड्स सोशल वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष शुभम विजयवर्गीय ने जानकारी दी कि शहरवासियों के सहयोग से एकत्रित 2 लाख 31 हजार रुपये की राशि बच्ची के माता-पिता को चेक के माध्यम से भेंट की गई। यह चेक देवास के महाराज विक्रम सिंह पवार के करकमलों द्वारा बच्ची की माता को सौंपा गया। इस पुनीत कार्य का वहां उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ स्वागत किया।

वीडियो कॉल पर जुड़े ‘रियल लाइफ हीरो’ सोनू सूद

कार्यक्रम के दौरान संस्था अध्यक्ष शुभम विजयवर्गीय ने प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता सोनू सूद को वीडियो कॉल के माध्यम से जोड़ा। सोनू सूद ने सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि, समाज में ऐसे प्रयास लगातार होते रहना चाहिए, जिससे जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंच सके।” गौरतलब है कि सूद ने दो दिन पूर्व भी एक वीडियो संदेश जारी कर काशी की मदद के लिए लोगों से अपील की थी।

समाजसेवियों और युवाओं की रही सक्रिय भूमिका

इस मानवीय अभियान को सफल बनाने में कई लोगों और संस्थाओं ने अपना विशेष योगदान दिया:

  • सोनू पंजाबी: इन्होंने अपने मित्रों और व्यापारिक साथियों से संपर्क कर एक बड़ी राशि एकत्रित करवाने में अहम भूमिका निभाई और सभी दानदाताओं का आभार व्यक्त किया।
  • संस्था मानस: इस संस्था के करीब 20 बच्चों ने पूरे कैंपेन को संभाला और लोगों के पास जाकर डोनेशन एकत्रित किया।
  • संस्था विश्वराजा: संस्था के मनोज श्रीवास्तव ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपने साथियों से दान की अपील की।

इनकी रही विशेष उपस्थिति: कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के मनोज श्रीवास्तव, महेश जैसवाल, भूपेन्द्र मौर्य, इन्दर राजपूत, विजय कटेसरिया, अनिल चौहान, धीरेंद्र सिंह, अंकित सिंह, पुष्पेंद्र पटेल, हर्ष पवार, अनुकूल चौधरी, नयन जैन, तुषार पाटिल, जीतू चौहान, मोंटी जाधव, दिवाकर राजपूत और डिंपल शर्मा आदि सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

संस्था पदाधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि भविष्य में भी शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरतमंदों की मदद के लिए ऐसे सामाजिक अभियान लगातार चलाए जाते रहेंगे।

नरवाई जलाएं नहीं, इसे ‘सोना’ बनाएं: किसान करें खेतों की गहरी जुताई – धर्मेंद्र सिंह राजपूत

देवास। गेहूं की कटाई के बाद खेतों में बची नरवाई (फसल अवशेष) को जलाना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि यह किसानों के लिए आर्थिक नुकसान का सौदा भी है। मप्र जन अभियान परिषद ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राजपूत ने किसानों को जागरूक करते हुए एक महत्वपूर्ण सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसान नरवाई का सही प्रबंधन करें, तो यह उनके खेतों के लिए सोना” साबित हो सकती है।

जैविक खाद में बदल सकती है नरवाई

धर्मेंद्र सिंह राजपूत के अनुसार, नरवाई से बेहतरीन जैविक खाद तैयार की जा सकती है। इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता (Fertility) बढ़ती है, बल्कि आने वाली फसल के उत्पादन में भी शानदार वृद्धि होती है।

कैसे करें नरवाई का सही उपयोग?

उन्होंने नरवाई प्रबंधन के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए:

  • रोटावेटर का प्रयोग: नरवाई को जलाने के बजाय रोटावेटर चलाकर उसे बारीक टुकड़ों में काट लें।
  • मिट्टी में मिलाएं: बारीक कटी हुई नरवाई को मिट्टी में मिला देना चाहिए, जिससे यह प्राकृतिक खाद का रूप ले लेती है।
  • गहरी जुताई: खेतों की गहरी जुताई करने से नरवाई जमीन के अंदर दब जाती है और सड़कर खाद बन जाती है, जो जमीन की गुणवत्ता में सुधार करती है।

नरवाई जलाने के नुकसान

राजपूत ने आगाह किया कि नरवाई जलाने से दोहरा नुकसान होता है:

  1. पर्यावरण प्रदूषण: इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है जो स्वास्थ्य के लिए घातक है।
  2. जैव विविधता का नाश: आग लगाने से मिट्टी के भीतर मौजूद लाभदायक सूक्ष्म जीव (Micro-organisms) और मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं, जिससे खेत की सेहत बिगड़ती है।

किसानों से अपील

उन्होंने किसानों से पारंपरिक लेकिन हानिकारक तरीके को छोड़कर आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को अपनाने की अपील की। इससे न केवल अगली फसल का उत्पादन बेहतर होगा, बल्कि खेत की उपजाऊ शक्ति भी लंबे समय तक बनी रहेगी।

Dewas: संपत्ति कर व जलकर वसूली के लिए नगर निगम सख्त, 4 करोड़ का टारगेट निर्धारित

देवास। शहर में राजस्व वसूली को लेकर नगर पालिक निगम ने सख्त रुख अपना लिया है। सोमवार, 4 मई को नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने संपत्ति कर (Property Tax) और जलकर (Water Tax) वसूली की विशेष समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने राजस्व अधिकारियों को वसूली में तेजी लाने और लक्ष्य को समय पर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

9 मई की ‘नेशनल लोक अदालत’ पर फोकस

आगामी 9 मई (शनिवार) को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत को ध्यान में रखते हुए आयुक्त ने अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए:

  • सभी वार्डों में संपत्ति कर और जलकर के पेंडिंग बिल मात्र 2 दिन के भीतर वितरित किए जाएं।
  • बकायादारों से लगातार जनसंपर्क किया जाए और उन्हें लोक अदालत में अपनी बकाया राशि जमा करने के लिए प्रेरित किया जाए।

4 करोड़ का लक्ष्य और ‘कुर्की’ की चेतावनी

नगर निगम आयुक्त ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में कसावट लाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए:

  • विभाग के लिए वसूली का 4 करोड़ रुपये का टारगेट निर्धारित किया गया है।
  • सभी वार्ड प्रभारी अपने-अपने वार्डों की बकाया सूची तैयार करें और घर-घर जाकर संपर्क करें।
  • जो करदाता लंबे समय से अपना कर जमा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कुर्की (Property Attachment) की फाइलें तैयार की जाएं। लोक अदालत के बाद ऐसे डिफाल्टरों पर कुर्की की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

कचरा संग्रहण शुल्क नहीं वसूला तो रुकेगा वेतन

समीक्षा बैठक के दौरान कचरा संग्रहण शुल्क (Garbage Collection Fee) की वसूली में धीमी प्रगति पाए जाने पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने प्रभारियों को चेतावनी दी है कि यदि आगामी 7 दिनों के भीतर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं की गई, तो संबंधित अधिकारियों का वेतन रोक दिया जाएगा।

आम नागरिकों से निगम की अपील

नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने शहर के सभी करदाताओं से विशेष अपील की है कि वे 9 मई, शनिवार को आयोजित हो रही ‘नेशनल लोक अदालत’ में अपने संपत्ति कर और जलकर की बकाया राशि जमा करें। लोक अदालत के माध्यम से कर जमा करने पर शासन के नियमानुसार सरचार्ज में मिलने वाली विशेष छूट का लाभ उठाया जा सकता है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत: देवास में सांसद कार्यालय पर मनी ‘दीवाली’, गूंजे जयकारे

देवास। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिली शानदार सफलता के बाद देवास जिले के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में भारी उत्साह का माहौल है। चुनाव परिणाम घोषित होते ही सिविल लाइन रोड स्थित सांसद कार्यालय पर जश्न का दौर शुरू हो गया, जहां सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने ऐतिहासिक जीत की खुशी मनाई।

ढोल-नगाड़े, आतिशबाजी और ‘झालमुड़ी’ का स्वाद

सांसद कार्यालय पर कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। जीत के इस जश्न में देवास की सड़कें देशभक्ति के नारों से गूंज उठीं।

  • कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और गले मिलकर जीत की बधाई दी।
  • ढोल-नगाड़ों की थाप पर भाजपा कार्यकर्ता जमकर थिरके और शानदार आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया।
  • “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के जयकारों से पूरा क्षेत्र सराबोर हो गया।
  • इस दौरान एक खास आकर्षण बंगाली नाश्ता ‘झालमुड़ी’ रहा, जिसका सांसद सोलंकी और कार्यकर्ताओं ने एक साथ आनंद लिया।

ममता सरकार के पतन का पूरे देश को था इंतजार”

इस अवसर पर सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल की पूर्व सरकार पर तीखा प्रहार किया।

प्रदेश की जनता लंबे समय से बदलाव की प्रतीक्षा कर रही थी। पिछले कई वर्षों से चल रही दमनकारी और शोषणकारी ममता सरकार के पतन का इंतजार पूरे देश को था। आज प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा ने जो परचम लहराया है, वह जनता के विश्वास की जीत है।” महेन्द्र सिंह सोलंकी, सांसद (देवास-शाजापुर)

जीत का श्रेय: सांसद सोलंकी ने इस ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व, केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और भाजपा संगठन की मजबूत कार्यशैली को दिया। उन्होंने कहा कि यह जीत जमीनी स्तर (बूथ लेवल) पर कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और समर्पण का ही परिणाम है।

जश्न में शामिल प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता

देवास शाजापुर लोकसभा मीडिया प्रभारी शेखर कौशल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस भव्य जश्न में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रमुख रूप से कमल शर्मा, दिलीप जाधव (बाबासाहब), जगदीश सेन, शंभू अग्रवाल, पंकज वर्मा, प्रवीण वर्मा, लालसिंह पवार, राकेश सिंघल, मनीष जैन, शुभम जाधव, अनुज शर्मा, संतोष वर्मा, जयेश पड़ियार, संतोष भावसार, प्रकाश पवार, बंटी मंगरोलिया, जयंत सिसोदिया, सुभाष मंडलोई, ईश्वर परासिया, सुरेंद्र सिंह गंभीर, शिवाजी चौहान, निरज चौहान और गौरव सेन सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस जीत को देश और पार्टी के लिए एक मील का पत्थर बताया।

Dewas : कलेक्टर ऋतुराज सिंह की सख्त कार्रवाई, कार्य में लापरवाही पर नगर निगम के दो इंजीनियरों की वेतन वृद्धि रोकी

देवास (04 मई 2026)। शासकीय कार्यों में लापरवाही और पदीय कर्तव्यों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ देवास जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने एक बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए नगर पालिक निगम (Nagar Palika Nigam), देवास के दो अधिकारियों पर गाज गिराई है।

इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई (Action Taken Against)

कर्तव्य निर्वहन में गंभीर उदासीनता, लापरवाही और अनियमितता पाए जाने पर कलेक्टर ने निम्नलिखित अधिकारियों की आगामी दो वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव (Non-cumulative effect) से रोक दी है:

  1. जितेंद्र सिसोदिया – उपयंत्री (Sub-Engineer), नगर पालिक निगम देवास
  2. सौरभ त्रिपाठी – सहायक यंत्री (Assistant Engineer), नगर पालिक निगम देवास

निगमायुक्त के प्रतिवेदन पर लिया गया एक्शन

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, दोनों अधिकारियों को उनके सौंपे गए दायित्वों में लगातार कोताही बरतते हुए पाया गया था। इसके बाद आयुक्त, नगर पालिक निगम देवास द्वारा उनके कार्यों की समीक्षा की गई और एक विस्तृत प्रतिवेदन (Report) कलेक्टर कार्यालय को सौंपा गया। इसी रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर श्री सिंह ने यह कड़ा कदम उठाया है।

अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं” – कलेक्टर का सख्त संदेश

इस दंडात्मक कार्रवाई के माध्यम से कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने जिले के सभी शासकीय सेवकों को एक स्पष्ट संदेश दिया है:

  • शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनुशासनहीनता बिल्कुल स्वीकार नहीं की जाएगी।
  • सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ पालन करें।

इस कार्रवाई के बाद नगर निगम सहित जिले के अन्य सरकारी विभागों में भी हड़कंप का माहौल है। इसे प्रशासन की कार्यप्रणाली में कसावट लाने के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: संगठित अपराध (BNS धारा 111) के इस्तेमाल पर लगाई सख्ती

देवास। देश के नए आपराधिक कानून ढांचे के तहत मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (MP High Court) ने एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 111(4) के दायरे और इसके उपयोग को लेकर अहम स्थिति स्पष्ट की है। यह प्रावधान मुख्य रूप से ‘संगठित अपराध’ (Organized Crime) से जुड़ा है, जो पहले भारतीय दंड संहिता (IPC) में इस स्वरूप में मौजूद नहीं था।

न्यायमूर्ति गजेंद्र सिंह की एकल पीठ ने एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए धारा 111(4) के तहत लगाए गए आरोप को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस तरह के नए और कठोर कानूनी प्रावधानों को बिना किसी ठोस आधार के मनमाने ढंग से लागू नहीं किया जा सकता।

हाईकोर्ट के फैसले की मुख्य बातें (Key Highlights of the Order)

न्यायालय ने अपने आदेश में संगठित अपराध सिंडिकेट की सदस्यता से जुड़ी इस धारा के इस्तेमाल के लिए सख्त शर्तें तय की हैं:

  • 10 साल का आपराधिक रिकॉर्ड अनिवार्य: धारा 111(4) का प्रयोग केवल तभी किया जा सकता है, जब अभियोजन पक्ष यह साबित करे कि आरोपी के खिलाफ पिछले 10 वर्षों के भीतर ऐसे मामले दर्ज हुए हैं, जिन पर किसी सक्षम न्यायालय ने संज्ञान लिया हो।
  • सिंडिकेट में सक्रिय संलिप्तता के प्रमाण: केवल पुराने मामले दर्ज होना काफी नहीं है, बल्कि आरोपी की किसी ‘संगठित अपराध सिंडिकेट’ में सक्रिय संलिप्तता (Active Involvement) के स्पष्ट प्रमाण होना भी आवश्यक है।

एक ही समय के अपराध ‘निरंतर गतिविधि’ नहीं”

मामले के तथ्यों का गहराई से विश्लेषण करते हुए अदालत ने पाया कि आरोपी के खिलाफ बताए गए पुराने मामले एक ही समयावधि (Same time period) के हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि एक ही समय में दर्ज हुए कई मामलों को निरंतर अवैध गतिविधि” (Continuous illegal activity) की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

चूंकि इस मामले में धारा 111(4) के लागू होने के लिए आवश्यक तत्व पूरे नहीं हो रहे थे, इसलिए कोर्ट ने संगठित अपराध से जुड़े इस आरोप को कानून की दृष्टि में अस्थिर मानते हुए खारिज कर दिया।

नए आपराधिक कानून के लिए मार्गदर्शक फैसला

विधिक जानकारों के अनुसार, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के इस निर्णय को नए आपराधिक कानून (BNS) के तहत संगठित अपराध से संबंधित प्रावधानों के उपयोग पर एक ‘महत्वपूर्ण मार्गदर्शक’ (Guiding principle) के रूप में देखा जा रहा है। इससे पुलिस द्वारा इस गंभीर धारा के दुरुपयोग पर भी लगाम लगेगी।

इस महत्वपूर्ण मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता वरुण मिश्रा ने पैरवी की। न्यायालय ने उनकी दलीलों को गंभीरता से सुना और फैसले का महत्वपूर्ण आधार माना।