Vaccination 15+ : 1 जनवरी से शुरू होगा बच्चों के वैक्सीनेशन का रजिस्ट्रेशन

भारत में बच्चों के कोरोना टीकाकरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों 15 से 18 वायुवर्ग के बच्चों के टीकाकरण का ऐलान किया था। यह टीकाकरण 3 जनवरी 2022 से शुरू हो जाएगा, COVID-19 vaccines for children के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत 1 जनवरी 2022 से हो जाएगी।

कोविन 15-18 वर्ष की आयु के बच्चे 1 जनवरी से कोविन ऐप पर पंजीकरण कर सकेंगे। इसके लिए कोविन ऐप पर जरूरी बदलाव किए गए हैं। यहां 10वां आईडी कार्ड जोड़ा गया है। इसे स्टूडेंट आईडी कार्ड नाम दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि हो सकता है कि कुछ बच्चों के पास आधार कार्ड या कोई दूसरा पहचान पत्र न हो।

वैक्सीनेशन के रजिस्ट्रेशन की प्रोसेस

1 सबसे पहले कोविन ऐप पर जाएं। अपना मोबाइल नंबर डालें। OTP आएगा इसे डालकर लॉग इन करें।

2 अब आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन पासबुक, NPR स्मार्ट कार्ड, वोटर ID, यूनीक डिसएबिलिटी ID या राशन कार्ड में से कोई एक फोटो ID प्रूफ को चुनें।

3 अपने द्वारा चुनी गई ID का नंबर, नाम डालें। इसके बाद जेंडर और डेट ऑफ बर्थ को चुनें।

4 मेंबर ऐड होने के बाद आप अपने निकटतम एरिया का पिन कोड डालें। वैक्सीनेशन सेंटर की लिस्ट आ जाएगी।

5 अब वैक्सीनेशन की डेट, टाइम और वैक्सीन को सिलेक्ट करें। सेंटर पर जाकर वैक्सीनेशन कराएं।

6 वैक्सीनेशन सेंटर पर आपको रिफरेंस ID और सीक्रेट कोड की जानकारी देनी होगी। जो आपको रजिस्ट्रेशन करने पर मिलती है।

7 इसी तरह आप अपने लॉग इन से दूसरे मेंबर को जोड़कर उनके वैक्सीनेशन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

Jio New Plan : jio ने लांच किया सबसे सस्ता प्लान, मात्र 1 रुपए में…..

Jio ने अपने उपभोक्ताओं के लिए सबसे सस्ता व किफायती प्लान लॉन्च किया है जिसमे अब जिओ के यूज़र्स को सिर्फ 1 रुपए में 30 दिन की वैलिडिटी व 100 MB डाटा मिलेगा। जियो का यह नया प्लान वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है। इसे जियो के मोबाइल ऐप में देखा जा सकता है। इस प्लान को My Jio ऐप में चेक किया है। यह आपको ऐप में दिए गए 4G Data Voucher के वैल्यू सेक्शन के अंदर मौजूद ‘Other Plans’ में दिख जाएगा।

10 रुपये में मिलेगा 1 GB डेटा
1 रुपये के इस प्लान में कंपनी 30 दिन की वैलिडिटी ऑफर कर रही है। इस डेटा वाउचर में कंपनी इंटरनेट यूज करने के लिए 100MB डेटा दे रही है। ऐसे में अगर आप इस एक 1 रुपये वाले वाउचर से 10 बार रिचार्ज करेंगे तो आपको 10 रुपये में 1जीबी डेटा मिल जाएगा। यह 1जीबी डेटा ऑफर करने वाले जियो के 15 रुपये वाले डेटा वाउचर से भी सस्ता है। प्लान में मिलने वाले डेटा के खर्च होने के बाद इंटरनेट स्पीड घटकर 64Kbps हो जाती है।

1 रुपये का प्लान ऑफर करने वाली पहली कंपनी
रिलायंस जियो देश की पहली ऐसी टेलिकॉम कंपनी है, जो 1 रुपये का प्लान ऑफर कर रही है। यह प्लान उन यूजर्स के काफी काम आ सकता है, जिन्हें ज्यादा डेटा की जरूरत नहीं पड़ती। इस प्लान को सेकंडरी जियो नंबर को ऐक्टिव रखने के लिए भी यूज किया जा सकता है।

Omicron : ओमिक्रोन वैरियंट से संक्रमित 4 लोग जयपुर में मिले, पति-पत्नी सहित 2 बेटिया संक्रमित

कोरोना ने नए वेरियंट ने कल भारत मे दस्तक दे दी है, कहा जा रहा है कि ये वैरियंट 5 गुना ज्यादा तेजी से फैल रहा है। कल शाम एक तरफ कर्नाटक के बेंगलुरु में रहने वाले 2 लोग इससे संक्रमित पाए गए थे तो वही आज इसने एक परिवार को चपेट में ले लिया है, 7 दिन पहले जयपुर आये परिवार के 9 लोगो मे से 4 लोग ओमिक्रोन से संक्रमित पाए गए है इसमें पति पत्नी सहित 8 व 15 साल की दो बेटियां शामिल है।

चिंता का विषय यह है कि यह परिवार बीते 7 दिनों में अपने 12 रिश्तेदारों से मिला था जिसमे 5 लोग पॉजिटिव पाए गए है जिनके सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग जांच के लिए भेज दिए गए है इससे पहले गुरुवार को कर्नाटक में देश के पहले दो ओमिक्रॉन मरीजों की पुष्टि हुई थी। इनमें एक 66 साल का विदेशी नागरिक है, जो पिछले दिनों साउथ अफ्रीका गया था, जबकि दूसरा बेंगलुरु के बोमनहल्ली का 46 साल का हेल्थ वर्कर है। दोनों के सैंपल में ओमिक्रॉन मिला है। इनके संपर्क में आने वाले एक डॉक्टर समेत 6 अन्य लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है, जिनके सैंपल भी जीनोम सीक्वेंसिंग को भेज दिए गए हैं।

Omicron Virus : देश मे ओमिक्रोन वैरियंट के मिले 2 केस

कोरोना का नया वैरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ जो सबसे पहले साउथ अफ्रीका देश में मिला था। जिसके बाद अनैको देशो में पहुँचने के बाद भारत पहुँच गया है।
कर्नाटक में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के दो केस मिले हे। दोनों मरीजो में एक 46 वर्ष और दूसरा 66 वर्ष का है। हेल्थ मिनिस्ट्री के जॉइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल ने इसकी जानकारी दी।

लव अग्रवाल ने कहा कि कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के तेजी से फैलने की आशंका है। यह 5 गुना तक ज्यादा संक्रामक हो सकता है। अब तक ओमिक्रॉन के 29 देशों में 373 केस मिल चुके हैं।

उन्होंने कहा कि एक महीने से देश में कोरोना के केस लगातार घट रहे हैं। चिंता की बात यह है कि 15 जिलों में अब भी पॉजिटिविटी रेट 10% से ज्यादा है। 18 जिलों में यह 5 से 10% बनी हुई है। केरल और महाराष्ट्र ही दो राज्य हैं जहां 10 हजार से ज्यादा एक्टिव केस हैं। देश के 55% से ज्यादा केस यहीं हैं।

हेल्थ मिनिस्ट्री के जॉइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल ने गुरुवार को बताया कि 49% आबादी को वैक्सीन के दोनों डोज लगे। घर-घर जाकर वैक्सीन लगाने का अभियान शुरू हो चुका है। देश में इस वक्त कोरोना के 99,763 एक्टिव केस हैं। पिछले 24 घंटे में 9,765 नए मामले सामने आए हैं।

सावधान…कही आपकी लापरवाही कोरोना को बुलावा तो नही दे रही!

• इंदौर में बीते 8 दिनों में मिले 55 कोरोना संक्रमित

सावधान देवास! देवास एक्सप्रेस का मकसद आपको डराना नही है बल्कि आपको सावधान करना है। हमारे पास बसे शहर इंदौर में बीते 8 दिनों में 55 कोरोना के मरीज़ सामने आ चुके है। इंदौर से प्रतिदिन हज़ारो की संख्या में छात्र-छात्राएं अपनी शिक्षा के लिए तो पुरुष-महिलाएँ अपने रोज़गार के लिए आना जाना करते है।

बीते कुछ दिनों से वहाँ बढ़ रही कोरोना के मरीज़ों की संख्या देवास की भी चिंता बढ़ा रही है। क्योंकि बीते वर्ष भी इंदौर में कोरोना मरीज़ों की संख्या बढ़ने के बाद ही देवास में कोरोना मरीज़ सामने आये थे। वर्तमान में हमारे आसपास लोगों द्वारा मास्क पहनने की आदत को भुला दिया गया है। आम आदमी के साथ साथ ऐसे लोग जो शहर में बड़े ओदे पर हे उन्हें भी बिना मास्क के देखा जा सकता है। अब हम सभी को सावधान होने का समय आ गया है वापस उसी सख्ती के साथ कोरोना से बचाव का पालन करे जैसा हमने बीते वर्ष किया था क्योंकि इसी से हम कोरोना से सुरक्षित रह सकेंगे।

अभी कोरोना का नया वैरिएंट भी साउथ अफ्रीका देश में सामने आया है जिसका नाम ‘ओमिक्रोन’ दिया गया है। WHO द्वारा बुलाई गई बैठक में ओमिक्रोन वैरिएंट को डेल्टा वैरिएंट से 7 गुना ज्यादा फैलने वाला बताया जा रहा है। इसको लेकर भी भारत सरकार सचेत है और कड़े कदम उठाये जा रहे है। मध्यप्रदेश सरकार ने भी नए कोरोना वैरिएंट के खतरे को देखते हुए प्रदेश में ऑनलाइन क्लासेज को जारी रखने का फैसला लिया है। साथ ही स्कूलों को 50 % क्षमता के साथ खोलने के निर्देश दिए है।स्कूलों में 50% विद्यार्थी सप्ताह के पहले तीन दिन और शेष 50% विद्यार्थी अगले तीन दिन स्कूल जाएंगे।

WHO की चेतवानी के बाद कोरोना ने नए वैरिएंट “ओमिक्रोन” ने एक बार फिर देश-विदेश में चिंता बड़ा दी है। WHO द्वारा बुलाई गई बैठक में इस वैरिएंट को डेल्टा से 7 गुना ज्यादा फैलने वाला बता रहा है। एक तरफ जहाँ इस वैरियंट ने दक्षिण अफ्रीका में तहलका मचा रखा है तो वही इसको लेकर भारत सरकार भी अलर्ट हो गयी है। कल PM मोदी ने इस्कूल लेकर इमरजेंसी बैठक बुलाई उन्होंने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के साथ जोखिम वाले देशों से आने वाले लोगों के लिए विशेष व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए व साथ हो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध हटाने की घोषणा की समीक्षा कर सभी राज्यों को भी अलर्ट किया है

देश में तेजी से फैल रहा कोरोना : देश में कोरोना का संक्रमण फिर से चिंताजनक हालात पैदा कर रहा है। 10 बड़े राज्यों में पिछले 30 दिन में 2400 स्टूडेंट कोरोना संक्रमित हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 1700 स्टूडेंट महाराष्ट्र के हैं। संक्रमित होने वाले ज्यादातर छात्र शादी-पार्टियों में या तो खुद शामिल हुए थे, या उनके परिजन किसी कार्यक्रम से लौटे थे।

• साउथ अफ्रीकन वैरिएंट को लेकर मोदी की 6 हिदायतें

  1. नए वैरिएंट के लिए हमें अभी से तैयारी की जरूरत।
  2. जिन इलाकों में ज्यादा केस आ रहे हैं, वहां पर निगरानी और कंटेनमेंट जैसी सख्ती जारी रखी जाए ।
  3. लोगों को और ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जैसी चीजों का पालन सही तरह से किया जाए।
  4. अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में छूट देने की योजना की समीक्षा की जाए ।
  5. कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज की कवरेज बढ़ाने पर फोकस करना चाहिए।
  6. राज्यों को इस बात पर ध्यान देना होगा कि जिन्हेंपहली डोज मिल गई है, उन्हें दूसरी डोज समय पर दे दी जाए।

12+ vaccination | भारत में 12 वर्ष से अधिक उम्र वालो को लगने वाली ZyCoV-D वैक्सीन को मिली आपातकालीन मंजूरी

नई दिल्ली : Zydus Cadila को कोविड के खिलाफ ZyCoV-D प्लास्मिड डीएनए वैक्सीन के लिए एक नियामक मंजूरी का इंतजार खत्म हो गया है। अहमदाबाद स्थित फार्मा कंपनी को ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से मंजूरी मिल गई है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत जैव प्रौद्योगिकी विभाग की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, “Zydus Cadila को ZyCoV D के लिए आज यानी 20/08 को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण (EUA) के लिए मंजूरी मिल गई है। /2021, दुनिया का पहला और भारत का स्वदेशी रूप से विकसित COVID-19 के लिए डीएनए आधारित वैक्सीन है, जिसे 12 साल और उससे अधिक उम्र के वयस्कों और बच्चों सहित मनुष्यों में प्रशासित किया जाएगा।”

“टीका को ‘मिशन COVID सुरक्षा’ के तहत जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के साथ साझेदारी में विकसित किया गया है और जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (BIRAC) द्वारा कार्यान्वित किया गया है, ZyCoV-D को राष्ट्रीय बायोफार्मा के माध्यम से COVID-19 रिसर्च कंसोर्टिया के तहत समर्थित किया गया है। प्री-क्लिनिकल स्टडीज के लिए मिशन, फेज I और फेज II क्लिनिकल ट्रायल और ‘मिशन COVID सुरक्षा’ के तहत और BIRAC द्वारा कार्यान्वित। ZyCoV-D को COVID-19 रिसर्च कंसोर्टिया के तहत प्रीक्लिनिकल स्टडीज, फेज I और के लिए नेशनल बायोफार्मा मिशन के माध्यम से समर्थन दिया गया है। चरण II नैदानिक ​​​​परीक्षण और चरण III नैदानिक ​​​​परीक्षण के लिए मिशन COVID सुरक्षा के तहत,” यह कहा।

“यह तीन-खुराक वाला टीका जो इंजेक्शन लगाने पर SARS-CoV-2 वायरस के स्पाइक प्रोटीन का उत्पादन करता है और एक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया प्राप्त करता है, जो बीमारी के साथ-साथ वायरल निकासी से सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्लग-एंड-प्ले तकनीक पर जिस पर प्लास्मिड डीएनए प्लेटफॉर्म आधारित है, उसे वायरस में उत्परिवर्तन से निपटने के लिए आसानी से अनुकूलित किया जा सकता है, जैसे कि पहले से ही होने वाले, “बयान में कहा गया है। डॉ रेणु स्वरूप, सचिव, डीबीटी और अध्यक्ष, बीआईआरएसी ने कहा कि “यह बहुत गर्व की बात है कि आज हमारे पास जैव प्रौद्योगिकी विभाग के साथ साझेदारी में विकसित दुनिया के पहले डीएनए COVID-19 वैक्सीन ZyCoV-D के लिए EUA है। मिशन COVID सुरक्षा के माध्यम से समर्थित। बीआईआरएसी द्वारा कार्यान्वित किए जा रहे आत्म निर्भर भारत पैकेज 3.0 के तहत शुरू किया गया भारतीय वैक्सीन मिशन COVID सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित और प्रभावकारी COVID-19 टीकों के विकास के उद्देश्य से है। हमें विश्वास है कि यह होगा भारत और दुनिया दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण टीका। यह हमारे स्वदेशी वैक्सीन विकास मिशन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और भारत को उपन्यास वैक्सीन विकास के वैश्विक मानचित्र पर रखता है।

विकास पर बोलते हुए, ज़ायडस समूह के अध्यक्ष, पंकज आर पटेल ने कहा, “हम बेहद खुश हैं कि एक सुरक्षित, अच्छी तरह से सहन करने योग्य और कारगर वैक्सीन लड़ाई COVID-19 को बाहर निकालने के हमारे प्रयास ZyCoV-D के साथ एक वास्तविकता बन गए हैं। इतने महत्वपूर्ण मोड़ पर दुनिया का पहला डीएनए वैक्सीन बनाना और सभी चुनौतियों के बावजूद, भारतीय अनुसंधान वैज्ञानिकों और उनकी नवाचार की भावना को श्रद्धांजलि है। मैं भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। आत्म निर्भर भारत और भारतीय वैक्सीन मिशन COVID सुरक्षा का यह मिशन।”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा था, “सरकार को उम्मीद है कि अक्टूबर नवंबर में, चार और भारतीय दवा कंपनियां स्वदेशी टीकों का उत्पादन शुरू करेंगी जो घरेलू मांग को पूरा करने में मदद करेंगी। ब्लॉजिकल ई और नोवार्टिस के टीके भी आने वाले दिनों में बाजार में उपलब्ध होंगे, जबकि जायडस कैडिला को जल्द ही विशेषज्ञ समिति से आपातकालीन उपयोग की मंजूरी मिल जाएगी।” Zydus Cadila ने पिछले महीने कहा था कि उसने अपने तीन-खुराक COVID-19 वैक्सीन के लिए भारतीय दवा नियामक के साथ आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण के लिए आवेदन किया है।

ZyCoV-d, और सालाना 10-12 करोड़ खुराक बनाने की योजना है। कंपनी ने भारत में अब तक 50 से अधिक केंद्रों में अपने COVID-19 वैक्सीन के लिए सबसे बड़ा क्लिनिकल परीक्षण किया है।

भारत सरकार का सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त अभियान

जनवरी 2022 से छ: तो जुलाई 2022 से 11 प्लास्टिक की वस्तुएँ होगी प्रतिबंधित

भारत सरकार द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट प्रंबधन (संशोधन) नियम 2021 जारी कर देश में दो चरणों में सिंगल यूज प्लास्टिक की कुछ सामग्री प्रतिबंधित करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसमें एक जनवरी 2022 से 6 वस्तुएँ प्लास्टिक स्टिकयुक्त ईयरबड्स, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की डंडियाँ और थार्मोकोल की सजावटी सामग्री प्रतिबंधित करने का प्रावधान किया गया है। राज्य शासन द्वारा गठित राज्य स्तरीय स्पेशल टॉस्क फोर्स की इस सिलसिले में हुई पहली बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

अपर मुख्य सचिव पर्यावरण श्री मलय श्रीवास्तव ने बताया कि भारत सरकार द्वारा भेजे गए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के दूसरे चरण में एक जुलाई 2022 से 11 सिंगल यूज़ प्लास्टिक वस्तुएँ प्रतिबंधित करने का प्रावधान है। ये वस्तुएँ हैं- प्लास्टिक से बनी प्लेटें, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे, स्टिर्रस, मिठाई के डिब्बों, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट के पैकेट को लपेटने, पैकिंग करने के उपयोग में आने वाली प्लास्टिक फिल्म और प्लास्टिक/पीव्हीसी के 100 माईक्रोन से कम मोटाई के बैनर। प्रतिबंध लागू होने के बाद प्रभावित होने वाले लघु उद्योगों को चिन्हित कर उनको वैकल्पिक रोजगार से जोडने के लिए औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा कार्य योजना बनाई जा रही है।

राज्य स्तरीय स्पेशल टॉस्क फोर्स ने सिंगल यूज प्लास्टिक की वस्तुओं के उपयोग से उत्पन्न होने वाले प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन के लिए कार्ययोजना तैयार कर केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने का भी निर्णय लिया। साथ ही प्लास्टिक केरी बैग्स के राज्य में प्रतिबंध को प्रभावी ढ़ंग से लागू करने का निर्णय लिया। टास्क फोर्स की बैठक में उल्लंघनकर्ताओं पर स्पॉट फाइन, पेनॉल्टी, प्लास्टिक के प्रयोग से होने वाले दुष्परिणामों से आम नागरिकों को भलीभांति अवगत कराने पर भी विमर्श हुआ। जन-जाग्रति के लिए विभिन्न विभाग कार्ययोजना बना रहे है।

राज्य स्तरीय टास्क फोर्स समिति में अपर मुख्य सचिव पर्यावरण, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खेल एवं युवा कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विकास, औद्योगिक विकास एवं नीति प्रोत्साहन, उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, आयुक्त जनसम्पर्क और राज्य संयोजक, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण एवं शहरी शामिल हैं।

Tokyo Olympics । नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास, भाला फेंक में भारत के लिए चुना पहला गोल्ड

भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने शनिवार को इतिहास रच दिया क्योंकि वह ओलंपिक में ट्रैक और फील्ड में स्वर्ण जीतने वाले देश के पहले खिलाड़ी बने। उन्होंने चल रहे टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण लेने के लिए 87.58 मीटर की दूरी फेंकी।
नीरज ने 87.03 मीटर के विशाल थ्रो के साथ पदक के लिए अपनी खोज शुरू की और पहले प्रयास के अंत के बाद पैक का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने 87.58 मीटर के दूसरे थ्रो के साथ इसे बेहतर किया। हालांकि वह और सुधार नहीं कर पाए, लेकिन यह उन्हें प्रतिष्ठित पदक दिलाने के लिए काफी था। वह अभिनव बिंद्रा के बाद व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय हैं।
इस जीत के परिणामस्वरूप, भारत ने अब बहु-खेल स्पर्धा में सात पदक जीते हैं। चल रहे टोक्यो 2020 में बजरंग पुनिया (कांस्य), मीराबाई चानू (रजत), पीवी सिंधु (कांस्य), लवलीना बोरगोहेन (कांस्य), पुरुष हॉकी टीम (कांस्य) और रवि कुमार दहिया (रजत) ने भी पदक जीते हैं।
नीरज ने बुधवार को टोक्यो ओलंपिक में अपने आगमन की घोषणा की थी, जब उन्होंने 86.65 मीटर का राक्षसी थ्रो फेंका और स्वचालित रूप से फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। बस उसका पहला प्रयास। भारतीय भाला फेंकने वाले का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 88.07 मीटर था जो कि उनका भी था।
अपना ओलंपिक अभियान शुरू करने से पहले सीजन-बेस्ट।

3 रेलवे स्टेशनों व अमिताभ बच्चन के आवास पर रखा बम…

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पुलिस नियंत्रण कक्ष में शुक्रवार रात पुलिस कंट्रोल रूम को एक फोन आया, जिसमें धमकी दी गई थी कि मुंबई में चार स्थानों पर बम रखे गए हैं। फ़ोन कॉल में कहा कि बम छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी), दादर और भायखला रेलवे स्टेशनों के साथ-साथ अभिनेता अमिताभ बच्चन का आवास पर बम रखे गए है।
पुलिस ने कहा मुंबई पुलिस ने रेलवे पुलिस और बम निरोधक दस्ते के साथ चारों जगहों पर और उसके आसपास तलाशी ली, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। बयान में कहा गया है, “जांच में, यह एक फर्जी कॉल पाया गया।”

मुंबई पुलिस की क्राइम यूनिट की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) ने शनिवार को शहर के चार स्थानों पर बम विस्फोट की अफवाह के मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है। मुंबई पुलिस के बयान के अनुसार, एक अज्ञात फोन करने वाले ने तीन रेलवे स्टेशनों और अभिनेता अमिताभ बच्चन के बंगले को बम से उड़ाने की धमकी दी।
पुलिस ने कहा, “मुंबई क्राइम ब्रांच की सीआईयू (क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट) ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे कल रात पुलिस को मिले फर्जी फोन कॉल के संबंध में पूछताछ की जा रही है, जिसमें मुंबई में चार अलग-अलग स्थानों पर बम होने का जिक्र है।” .

Major Dhyan Chand Award : राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर हुआ मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार

नई दिल्ली : प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को घोषणा की कि खेल रत्न पुरस्कार को अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहा जाएगा। इस पुरस्कार का नाम पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर रखा गया था।

पीएम मोदी ने ट्विटर पर कहा, “मुझे भारत भर के नागरिकों से खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखने के लिए कई अनुरोध मिल रहे हैं। मैं उनके विचारों के लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं।”

उन्होंने कहा, “उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए, खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहा जाएगा! जय हिंद!”
उन्होंने आगे कहा, “मेजर ध्यानचंद भारत के उन अग्रणी खिलाड़ियों में से थे जिन्होंने भारत के लिए सम्मान और गौरव लाया। यह सही है कि हमारे देश का सर्वोच्च खेल सम्मान उन्हीं के नाम पर रखा जाएगा।”

यह भारतीय पुरुष हॉकी टीम द्वारा ओलंपिक खेलों में 41 साल बाद कांस्य पदक जीतने के एक दिन बाद आता है।
ध्यानचंद एक महान हॉकी खिलाड़ी थे जो अपने जादुई हॉकी कौशल के लिए जाने जाते थे। वह 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा थे। 29 अगस्त को, भारत हॉकी के जादूगर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय खेल दिवस मनाता है।