Dewas शहर में 8 करोड़ की लागत से सड़कों एवं नालियों का होगा निर्माण…

• निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल ने दिए निर्देश

देवास। शहर के विकास में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के चतुर्थ चरण में लगभग 8 करोड़ की लागत से शहर में सड़कों का निर्माण होगा, नालियां बनेंगी। हमने स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भोपाल पहुंचाया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। कायाकल्प योजना के तहत भी निर्माण कार्य हो रहे हैं। जर्जर सड़कों का कायाकल्प हो रहा है।
महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल ने नगर निगम की लोक निर्माण शाखा के इंजीनियरों की बैठक में जानकारी देते हुए कहा, कि शहर का सुनियोजित तरीके से विकास हम सभी की जिम्मेदारी है। विधानसभा निर्वाचन की आचार संहिता के पूर्व जो टेंडर स्वीकृत हो चुके हैं और जिसके अंतर्गत कार्यादेश जारी हो चुका है, उन ठेकेदारों को सूचना पत्र देकर कार्य प्रारंभ करवाए।
महापौर श्रीमती अग्रवाल ने निर्देश दिए, कि जिन कार्यों के टेंडर स्वीकृत हो चुके हैं तथा जिनके अनुबंध नहीं हुए हैं, उनसे अनुबंध करवाते हुए कार्य प्रारंभ करवाए। शहर का सुनियोजित तरीके से विकास हम सभी की जिम्मेदारी है। बैठक में महापौर ने कायाकल्प योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों को लेकर भी निर्देश दिए। कायाकल्प योजना अंतर्गत शहर के अलग-अलग हिस्सों में डामरीकरण, सीसी रोड के निर्माण हुए हैं। शेष कार्य शीघ्र ही पूर्ण करवाने के निर्देश महापौर ने अधिकारियों को दिए। कायाकल्प के द्वितीय चरण में पांच करोड़ की लागत से डामरीकृत 16 सड़कें एवं 12 सीसी रोड का निर्माण होना है। इनके अनुबंध शीघ्र कर काम प्रारंभ करवाने के निर्देश भी महापौर ने दिए।

वार्डों का होगा कायाकल्प, सड़कों एवं नालियों का होगा निर्माण-
मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना अंतर्गत चतुर्थ चरण में लगभग 8 करोड़ की लागत से 19 सड़कों एवं 8 नालियों का निर्माण होगा। वार्ड क्रमांक 2 में न्यू देवास सेक्टर एबीसीडी एवं जमना नगर में 93 लाख 12 हजार की लागत से सीसी रोड, वार्ड 2 के न्यू देवास सेक्टर एबीसीडी एवं जमना नगर में 38 लाख 45 हजार की लागत से आरसीसी नाली का निर्माण, वार्ड क्रमांक सात के अन्नपूर्णा नगर में 62 लाख 91 हजार की लागत से विभिन्न स्थानों पर सीसी रोड का निर्माण, वार्ड क्रमांक पांच में बायपास से कंचनपुर बस्ती तक 44 लाख 19 हजार की लागत से सीसी रोड का निर्माण, वार्ड क्रमांक एक तलाई मोहल्ला रोड पर 38 लाख 42 हजार की लागत से सीसी रोड, वार्ड क्रमांक 20 में फारूख नगर रोड पर 32 लाख 22 हजार की लागत से सीसी रोड निर्माण, वार्ड आठ में हिना पैलेस कॉलोनी में मंदिर से स्कूल तक 30 लाख 99 हजार की लागत से सीसी रोड निर्माण, वार्ड 35 के वारसी नगर एवं जोया नगर में 27 लाख 39 हजार की लागत से सीसी रोड निर्माण, वार्ड 43 के बालगढ़ मल्टी रोड से हनुमान मंदिर से बायपास तक 29 लाख 27 हजार की लागत से सीसी रोड निर्माण, वार्ड 41 की परमानंद कॉलोनी में 23 लाख 40 हजार की लागत से सीसी रोड के निर्माण होंगे। इनके अतिरिक्त अन्य वार्डों में भी सीसी रोड एवं नाली निर्माण किए जाएंगे।

विकास के लिए कृत संकल्पित-
बैठक में विधायक एवं महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल ने कहा, कि विधायक श्रीमंत गायत्री राजे पवार के नेतृत्व में हम शहर के समग्र विकास के लिए कृत संकल्पित हैं। करोड़ों की लागत से शहर में विकास कार्य हो रहे हैं। इन विकास कार्यों ने शहरवासियों के जीवन को सुगम बनाया है। सड़कों एवं नालियों के निर्माण सहित अन्य विकास कार्य हो रहे हैं। विकास कार्यों का यह क्रम लगातार चलता रहेगा।
बैठक में लोक निर्माण समिति अध्यक्ष गणेश पटेल, उपायुक्त वित्त पुनीत शुक्ला, प्रभारी सहायक यंत्री सौरभ त्रिपाठी, उपयंत्री श्यामसुंदर रघुवंशी, चंदन सोनी, सब इंजीनियर अनीता ठाकुर, विमलेश सिंह, भूमिका जैन, पीयूष जायसवाल  आदि इंजीनियर एवं अधिकारी उपस्थित थे।

Dewas काशी के गंगा घाट की तरह दिखाई दे रहा देवास की टेकरी पर महाआरती का दृश्य

देवास। अलौकिक, अनूठा, अदभूत, विहंगम दृश्य दिखाई दे रहा हैं संस्था देववासिनी द्वारा प्रत्येक शनिवार, रविवार को मां चामुण्डा टेकरी पर आयोजित होने वाली महाआरती का, एक प्रकार से देश की आध्यात्मिक राजधानी काशी की गंगा आरती की तरह माता टेकरी की महाआरती प्रकट हो रही हैं। संस्था देववासिनी द्वारा देवास की टेकरी पर प्रारंभ किया गया महाआरती का धार्मिक समारोह प्रत्यक्ष काशी, हरिद्वार, ऋषिकेश में होने वाली महाआरती की तरह किसी धार्मिक अनुष्ठान की भांति प्रतीत हो रहा हैं ।

संस्था के सचिव महेश चौहान ने बताया कि देवास नगर के प्रत्येक वार्डों से श्रद्धालुओं को आमंत्रित कर महाआरतियां संपन्न कराई जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को वार्ड क्रमांक 28 कर्मचारी कॉलोनी क्षेत्र तथा रविवार को वार्ड क्रमांक 10 विजयनगर क्षेत्र के श्रद्धालुओ ने अपने हाथों से माता रानी की आरती की। इस दौरान शहर के वरिष्ठ नागरिक संस्था के ओपी पाराशर, डॉक्टर एम कुमार, धीरज सोलंकी, सहित शहर के श्रद्धालु जन और संस्था के संरक्षक सांसद महेन्द्रसिंह सोलंकी भी शामिल हुए। विद्वान पंडितो द्वारा काशी की गंगा आरती की तर्ज पर चामुण्डा माता की महाआरती के पश्चात ढोल-धमाके के साथ भगवा पताकाएं लहराते, जय माताजी, जय श्री राम का उद्घोष करते हुए भक्तजन बड़ी माता तुलजा भवानी के दरबार में पंहुचते हैं। जंहा मां तुलजा भवानी की निरंजनी महाआरती संपन्न हुई। दोनो माताओं की महाआरती के पश्चात भव्य आतिशबाजी और संस्था के संयोजन में भोजन महाप्रसादी ग्रहण कर भक्तजन अपने अपने घरों को प्रस्थान करते हैं। आगामी शनिवार 23 दिसंबर को वार्ड क्रमांक 37 तथा रविवार 24 को वार्ड क्रमांक 41 के नागरिकों श्रद्धालुओं द्वारा माता रानी की महाआरती संपन्न की जाएगी। आरती में सभी नगर वासियों को आरती में शामिल होने का अनुरोध संस्था द्वारा किया गया है।

नि:शुल्क सामूहिक विवाह एवं भागवत ज्ञान गंगा यज्ञ की तैयारियों को लेकर बैठक सम्पन्न

  • 25 दिसम्बर से शुरू होगी श्रीमद भागवत कथा, 31 दिसम्बर को होगा 61 जोड़ो का विवाह

नि:शुल्क सामूहिक विवाह एवं भागवत ज्ञान गंगा यज्ञ की तैयारियों को लेकर बैठक सम्पन्न
देवास। हमेशा से सामाजिक क्षेत्र में अग्रसर रहने वाले दिलीप अग्रवाल द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रीमद भागवत ज्ञान गंगा यज्ञ एवं नि:शुल्क विवाह समारोह का आयोजन करने जा रहे है। उक्त आयोजन की तैयारियों को लेकर रविवार को पुराने पुल के पास, ज्योति कालोनी, क्षिप्रा में बैठक सम्पन्न हुई। घनश्याम मोदी एवं रूख्मणि परमार ने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता दिलीप अग्रवाल एवं समस्त अग्रवाल परिवार होने वाले दिव्य आयोजन को लेकर की गई बैठक में नि:शुल्क विवाह समारोह में शामिल होने वाले जोड़ों के परिजनों को आमंत्रित किया गया। वर-वधु के परिजनों को विवाह समारोह की रूपरेखा के बारे में बताया। साथ ही कथा के लिए भी आमंत्रित किया। भागवत ज्ञान गंगा यज्ञ का शुभारंभ 25 दिसंबर को प्रात: 9 बजे कलश यात्रा एवं शोभा यात्रा के साथ होगा। संत श्री मोहित नागर के श्रीमुख से होने वाली कथा में धुंधकारी मोक्ष एवं बिहारी श्री दर्शन, कुंती स्तुति, सुखदेव आगमन, ब्रिजरानी दर्शन, श्रीराम जन्मोत्स्व, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, श्री कृष्ण बाललीला एवं गोवर्धन दर्शन, कंश मर्दन, रूख्मणी मंगल प्रसंग, सुदामा चरित्र आदि सचित्र प्रसंग होंगे। कथा की पूर्णाहुति 31 दिसम्बर को होगी। पूर्णाहूति के दिन 61 जोड़ों का नि:शुल्क विवाह होगा। जिन्हें उपहार स्वरूप आयोजक द्वारा बर्तन, गोदरेज, श्रृंगार अलमारी, सिंगल बेड, टी-टेबल आदि दिए जायेंगे। साथ ही प्रात: 10 से रात्रि 8 बजे तक महाप्रसादी (भण्डारा) होगा। कथा की पूर्णाहुति पर करीबन 15 हजार से अधिक श्रद्धालु जन सम्मिलित होंगे।

Dewas: कलेक्‍टर ने 5 आरोपियों को किया जिलाबदर

देवास। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री ऋषव गुप्‍ता ने मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत 05 आरो‍पियों को जिलाबदर किया है। जिसमें वसीम पठान उर्फ वसीम काजी पिता जफर काजी उम्र 28 साल निवासी ईटावा देवास को एक वर्ष, हलदुल उर्फ संतोष पिता कुंवरसिंह यादव उम्र 29 साल निवासी खातेगांव को एक वर्ष, जीवन पिता चम्‍पालाल गुर्जर उम्र 41 साल निवासी मचवास को एक वर्ष तथा नदीम पठान उर्फ नदीम उल्‍लाह काजी पिता जफर काजी उम्र 26 साल निवासी ईटावा देवास को एक वर्ष के लिए एवं गोलु उर्फ राकेश पिता रामचन्‍द्र राठौर उम्र 38 साल निवासी नेमावर को 06 माह के लिए जिला बदर किया है।

कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने आदेश दिया है कि यह सभी आरोपी आदेश प्राप्ति से 24 घण्टे के भीतर जिला देवास एवं उसके आस पास के सीमावर्ती जिलों इन्दौर, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, हरदा, खण्डवा, खरगोन की राजस्व सीमाओं से बाहर चले जाए तथा जिला दंडाधिकारी न्यायालय की बिना पूर्व अनुज्ञा के प्रवेश नहीं कर सकेंगे।

Dewas जिले में बिना लायसेंस एवं खुले में पशु मांस तथा मछली के विक्रय पर पूर्णत प्रतिबंध…

  • कलेक्टर के दिए निर्देश : 31 दिसम्‍बर तक विशेष अभियान चलाकर करे प्रतिबंधात्‍मक कार्यवाही

देवास। नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 एवं मध्‍य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 के अन्‍तर्गत नगरीय क्षेत्रों में नगरीय निकाय के अनुमति पत्र (लायसेंस) के बिना पशु मांस तथा मछली के विक्रय नहीं करने का प्रावधान है एवं खुले में तथा बिना अनुमति पत्र (लायसेंस) अथवा लायसेंस शर्तो का उल्लंघन करते हुए पशु मांस तथा मछली के विक्रय पर प्रतिबंध किया गया है।

कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने जिले के समस्‍त नगरीय निकाय में बिना अनुज्ञप्ति के अथवा लायसेंस शर्तो का उल्‍लघन करते हुए खुले में पशु मांस तथा मछली के विक्रय पर पूर्णत प्रतिबंधित लगाने के निर्देश दिये है। कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने निर्देश दिये है कि लायसेंस देते समय यह भी सुनिश्चित किया जाये कि दुकान में साफ-सफाई समुचित हो, कचरे का निष्‍पादन समुचित हो, मांस विक्रय खुले में ना हो तथा दुकानों के सामने अपारदर्शित कांच लगाया जाये। ऐसे व्‍यक्ति जो अवैध अथवा नियम विरूद्ध बिना अनुमति पत्र के या लायसेंस शर्तो का उल्‍लघन करते हुए पशु मांस अथवा मछली का विक्रय कर रह है, उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाये।

कलेक्‍टर एवं जिलादण्‍डाधिकारी श्री ऋषव गुप्‍ता ने जिले में कार्यवाही के लिए अ‍तिरिक्‍त जिला दण्‍डाधिकारी देवास एवं अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक देवास को नोडल अधिकारी बनाया है तथा इनके अधीनस्‍थ प्रभावी कार्यवाही के लिए अनुभाग स्‍तर पर दल का गठन किया है। गठित दल को 31 दिसम्‍बर 2023 तक विशेष अभियान चलाकर प्रतिबंधात्‍मक कार्यवाही करने के निर्देश दिये है।

कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने प्रभावी कार्यवाही के लिए अनुभाग देवास में उपायुक्‍त नगर पालिका निगम देवास, नगर पुलिस अधीक्षक देवास, उप संचालक पशु एवं चिक्तिसा सेवाएं और सहायक संचालक मत्‍स्‍य विभाग को प्रभारी अधिकारी बनाया है। अनुभाग सोनकच्‍छ, टोंकखुर्द, बागली, कन्‍नौद और खातेगांव में संबंधित मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी नगर परिषद, संबंधित पशु चिकित्‍सा विस्‍तार अधिकारी एवं संबंधित थाना अधिकारी को प्रभारी अधिकारी बनाया है।

Dewas नगर निगम ने चिकन मटन की दुकानो पर मटन नष्ट कर कि चालानी कार्यवाही…

  • राज्य शासन का आदेश अनुसार क्या निगम धार्मिक स्थल के सामने बने मटन मार्केट को कराएगा बंद?
  • निगम द्वारा शहर के बीचोबीच मांस विक्रय मार्केट(मटन मार्केट) का निर्माण (नवीनीकरण) कराना भी नियम विरुद्ध : शिवसेना

देवास। प्रदेश के नवागत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी पहली ही केबिनेट बैठक लेकर बड़े निर्णय लिए जिसमे एक निर्णय अवैध मांस-मछली क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध का अभियान भी बड़ा निर्णय है।
खुले में बिक रहे मांस और मछली को लेकर मुख्यमंत्री ने आदेश दिए जिसके बाद आज देवास नगर निगम ने खुले में बिक्री कर रहे व्यापारियों पर फिर से एक बार कार्यवाही करने पर मजबूर होना पड़ा। निगम ने चिकन मटन की दुकानो पर मटन जप्त कर नष्ट किया तथा चालानी कार्यवाही की।
शासन के निर्देशो के पालन मे महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश् अग्रवाल के द्वारा आयुक्त रजनीश कसेरा को निगम सीमा क्षेत्र की चिकन मटन की खुले मे बिक्री करने वाले व्यवसाईयो पर सख्त कार्यवाही किये जाने जाने के निर्देश दिये गये। जिसके अन्तर्गत गुरूवार को निगम की टीम द्वार शुक्रवारिया हाट के ईदगाह रोड स्थित रईस मुबारिक, शारीक, शब्बीर, अमजद शेख, अकरम शेख की दुकान पर चिकन का मटन जप्त किया। इन्दौर रोड स्थित राजा टावर के सामने दरबार वेज एण्ड नानवेज रेस्टोरेंट पर चिकन का मटन, बावडिया स्थित अरसान की दुकान से चिकन का मटन, इन दुकानो से लगभग 35 किलो चिकन का मटन जप्त किया जाकर फिनाईल से विनिष्टीकरण किया गया एवं नगर पालिका अधिनियम 1956 की धारा 253, 254, 255 के अन्तर्गत रूपये 8 हजार की चालानी की कार्यवाही भी की गई साथ ही अवैध रूप से संचालित की जा रही दुकानों को बंद करवाया गया तथा अण्डे की रेहडी वाले दुकानदारो को भी समझाईश दी गई की वे मुख्य मार्गो पर खडे न रहें।

नगर में पिछले दिनों खुले में बिक रहे मांस और मछली को लेकर बड़ा हंगामा हुआ था। कुछ सामाजिक संस्थाएं एवं हिंदू संगठन भी इसके विरोध में प्रदर्शन करते नज़र आई थी। तब सामाजिक संस्थाएं एवं हिंदू संगठन के कुछ लोगो द्वारा नगर निगम के सामने अनशन भी किया था। जिसके बाद समय समय पर आयुक्त, सभापति और महापौर द्वारा इन दुकानों पर कार्रवाई की बात की गई पर पुख्ता और सख्त कार्रवाई होती नज़र नही आई।
महापौर गीता अग्रवाल द्वारा भी बीते अगस्त माह की 9 तारीख को हुई जानसुवाई के दौरान कहा था कि मांस मटन व चिकन की दुकानो के अवैध संचालन को बंद किया जाकर शहर मे नियत स्थान का चयन कर शहर मे चल रहे अवैध रूप से मांस विक्रय को बंद किये जाने हेतु प्राप्त आवेदन पर स्वास्थ्य अधिकारी जितेन्द्र सिसोदिया को सर्वे कर कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गए है। महापौर ने बताया था की इस संबध मे कलेक्टर द्वारा एक दल गठित किया गया है जो दल सर्वे कर नियमानुसार कार्यवाही करेगें साथ ही यह भी बताया की चिकन मटन विक्रेताओ के लिए शहर मे एक स्थान चयनित कर मांस विक्रेय स्थल व्यवस्था के लिए परिषद मे प्रस्ताव रखा जावेगा। प्रस्ताव पारीत पश्चात मांस विक्रय स्थल का निर्माण किया जावेगा। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं को गई।

सवाल तो यह भी बड़ा है की राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया हैं की धार्मिक स्थल के मुख्य द्वार के सामने और 100 मीटर की दूरी के अंदर मांस मछली के विक्रय पर प्रतिबंध होगा। और देवास में तो वर्तमान में मांस की दुकानों का मुख्य बाजार धार्मिक स्थल के 100 मीटर के अंदर ही होने के साथ धार्मिक स्थल ईदगाह मस्जिद के मुख्य द्वार के सामने ही मटन मार्केट मौजूद है। जिसका नवीनीकरण, दुकानों पर कारवाई करने की बात कहने वाले देवास नगर निगम ही करा रहा है।
शिवसेना जिला अध्यक्ष सुनील वर्मा ने कहा कि देवास में 6 सालों से बिना अनुमति के मटन चिकन और पाड़ा कटाई का कार्य संचालित हो रहा है। शिवसेना व हिंदू संगठनों ने कई बार आंदोलन और धरना प्रदर्शन किया तब जाकर कलेक्टर ऋषभ गुप्ता द्वारा शिवसेना की शिकायत पर जांच कमेटी गठित की गई थी। एसडीएम द्वारा जांच संपूर्ण तैयारी कर ली थी लेकिन फिर राजनीतिक उत्साही लाल के दबाव में उनकी जांच को दबा दिया गया।

शिवसेना जिलाध्यक्ष श्री वर्मा ने शहर के बीच में बना रहे मटन मार्केट पर भी आपत्ति ली है। मुख्यमंत्री के आदेशों को तक में रखते हुए देवास नगर निगम द्वारा धार्मिक स्थलो से 100 मी के दायरे में मटन मार्केट का निर्माण करवा रहा है। जबकि आदेश अनुसार किसी भी धार्मिक स्थल के 100 मी की परिधि से दूर होना चाहिए।
इतना ही नहीं शहर के बीचों-बीच मांस विक्रय मार्केट का निर्माण कराना भी नियम विरुद्ध है । इस मार्केट का शिवसेना ने विरोध किया है, व आपत्ति लेते हुए कहा कि जब मछली मार्केट शहर से बाहर है तो शहर के बीच में इस प्रकार की मार्केट बनाना जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करना जैसा है।
अब देखना यह होगा की शासन के आदेश अनुसार अब इस मटन मार्केट को बंद कराना होगा क्या देवास नगर निगम यह करेगी। क्योंकि अभी तक जितनी भी कारवाई हुई है उसमे मटन मार्केट का कही भी उल्लेख नही किया गया था ना ही वर्तमान में इसका कोई उल्लेख किया जा रहा है।

Dewas चौकी प्रभारी के साथ थाने में हुई झूमा झटकी, पुलिस ने किया प्रकरण दर्ज

देवास। औद्योगिक थाना अंतर्गत आने वाले क्षेत्र शिप्रा में बुधवार को रात को कुछ लोगो द्वारा शिप्रा चौकी प्रभारी के साथ झूमा झटकी की गई जिस पर पुलिस द्वारा उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया।

प्राप्त जानकारी अनुसार मैजिक चालक और मैजिक संचालन करने वाले के बीच विवाद हो रहा था जिसकी सूचना पर शिप्रा चौकी प्रभारी सरदार मंडलोई मौके पर पहुंचे और चौकी प्रभारी ने विवाद कर रहे दोनो पक्षों को थाने बुलाया था जिसके बाद रात करीब पौने ग्यारह बजे थाने पर महेश मालवीय, शिवम पिता महेश मालवीय, अंतिम सिंह भोजक और जयमाला पति अंतिम सिंह भोजक चौकी प्रभारी को कार्यवाही करने से रोकते हुए उनसे विवाद करते हुए हाथापाई करने लगे।

पुलिस ने सभी चारो आरोपियों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने एवं झूमा झटकी कर गाली गुप्ता करने के आरोप पर भारतीय दण्ड संविधान की धारा 353, 332, 504 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।

Madhya Pradesh पूरे प्रदेश में लागू होगी साइबर तहसील परियोजना…

• बिना आवेदन एवं तहसील का चक्कर लगाए 14 दिन में होगा नामांतरण और खसरा/नक्शा अपडेट

• जाने मुख्यमंत्री डॉ यादव (CM MOHAN YADAV) की पहली कैबिनेट के फैसले

मध्य प्रदेश। प्रदेश के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्रथम कैबिनेट बैठक में अहम फैसले लिए है।

• पूरे प्रदेश में लागू होगी साइबर तहसील परियोजनामंत्रि-परिषद द्वारा 1 जनवरी, 2024 से साइबर तहसील की व्यवस्था मध्यप्रदेश के सभी 55 ज़िलों में लागू करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में बिना आवेदन, नामांतरण और अभिलेख दुरुस्तीकरण की फेसलेशव्यवस्था जून, 2022 से लागू की गई है। इसे साइबर तहसील नाम दिया गया है। इसमें रजिस्ट्री उपरांत, क्रेता के पक्ष में अविवादित नामांतरण, एक फ़ेसलेस, पेपरलेस तरीके से ऑनलाइन प्रक्रिया के द्वारा 14 दिन में बिना आवेदन के और बिना तहसील के चक्कर लगाए स्वतः ऑटोमेटिक तरीके से हो जाता है और खसरे तथा नक़्शे में भी क्रेता का नाम चढ़ जाता है। वर्तमान में यह व्यवस्था प्रदेश के 12 जिलों की 442 तहसीलों में लागू है। इसके माध्यम से अब तक 16 हजार से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है।

• ध्वनि विस्तारक यंत्रों को अवैधानिक रूप से और निर्धारित मापदण्ड से अधिक बजाने पर प्रतिबंध मंत्रि-परिषद द्वारा धार्मिक स्थल एवं अन्य स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों को अवैधानिक रूप से और निर्धारित मापदण्ड से अधिक बजाने पर प्रतिबंध लगाए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया। प्रदेश में धार्मिक स्थलों एवं अन्य स्थानों पर अवैधानिक रूप से और निर्धारित मापदंड का उल्लंघन करते हुए बजाए जाने वाले लाउडस्पीकरों अथवा डीजे आदि की जाँच के लिए उड़न दस्तों का गठन, निरीक्षण एवं नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा अभियोजन की कार्रवाई का निर्णय लिया गया।

• अपराधियों पर अंकुश का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा गंभीर अपराधों एवं आदतन अपराधियों की पूर्व अपराधों में प्राप्त जमानत सीआरपीसी की धारा 437,438, 439 के प्रावधान अनुसार माननीय न्यायालय से निरस्त करवाये जाने के संबंध में निर्णय लिया गया।

• अवैध मांस-मछली क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध का चलेगा अभियान मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में बिना लायसेंस के खुले में अवैध रूप से मांस-मछली आदि का क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध का निर्णय लिया गया। इस संबंध में सघन अभियान चलाया जायेगा। यह अभियान जिलो में अतिक्रमण निरोधी दस्ते, स्वास्थ्य अमले, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के समन्वय से चलाया जाएगा। इस अभियान की मॉनीटरिंग मुख्य सचिव के स्तर से की जाएगी।

सभी जिला मुख्यालयों पर संचालित अग्रणी/चिन्हित महाविद्यालयों को “पीएम कॉलेज ऑफ एक्सिलेंस” के रूप में उन्नयन किए जाने के संबंध में निर्णय वर्तमान में प्रदेश में कुल 570 शासकीय महाविद्यालय संचालित है। प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर संचालित अग्रणी/चिन्हित महाविद्यालयों में सभी संकायों में सुविधाओं में वृद्धि करते हुए अग्रणी/चिन्हित महाविद्यालयों को “पीएम कॉलेज ऑफ एक्सिलेंस “के रूप में उन्नयन किया जाएगा। इस पर अनावर्ती व्यय 312 करोड़ 56 लाख रूपए एवं आवर्ती व्यय 147 करोड़ 84 लाख रूपए इस प्रकार कुल राशि 460 करोड़ 40 लाख रूपए का व्यय अनुमानित है।शासकीय/निजी विश्वविद्यालयों में छात्रों की डिग्री/अंकसूची को डिजीलॉकर में अपलोड किया जायेगाउच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित शासकीय/निजी विश्वविद्यालयों में छात्रों की डिग्री/अंकसूची को डिजीलॉकर में अपलोड किये जाने का निर्णय मंत्रिपरिषद द्वारा लिया गया। उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत 16 शासकीय एवं 53 निजी विश्वविद्यालय संचालित है। अभी तक कुल 09 शासकीय विश्वविद्यालयों एवं 5 निजी विश्वविद्यालयों के वर्ष 2019-20 से 2021-22 तक के छात्रों की अधिकांश डिग्री/अंकसूची डिजीलॉकर में दर्ज की जा चुकी है।

• तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक में वृद्धि, संग्राहकों को 162 करोड़ रूपये का अतिरिक्त पारिश्रमिक मंत्रि-परिषद द्वारा तेंदूपत्ता संग्रहण दर 3 हजार रूपए प्रति बोरा से बढ़ाकर 4 हजार रूपए प्रति बोरा करने का निर्णय लिया गया। इससे 35 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को 162 करोड़ रूपए का अतिरिक्त पारिश्रमिक प्राप्त होगा। उल्लेखनीय है कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर वर्ष 2017 में 1250 रूपए प्रति बोरा थी। वर्ष 2023 में इसे बढ़ाकर 3 हजार रूपए प्रति बोरा कर दिया था।

Dewas अमलतास आईवीएफ सेंटर में निसंतान दम्पतियों को मिल रहा किफायती ईलाज…

देवास। अमलतास आईवीएफ सेन्टर में क्षेत्र की जनता एवं निसंतान दम्पतियों को निशुल्क परामर्श के साथ किफायती ईलाज का लाभ मिल रहा है।

भारत देश में 25 % दम्पति बांझपन से जूझ रहे है जिसका मतलब करोडो माँओ की गोद अभी भी सुनी है और उन्हें ईलाज के लिए दुसरे शहर दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों पर निर्भर रहना पड़ता है। किन्तु अब क्षेत्र की जनता को अमलतास आवीएफ़ सेंटर में नवीनतम तकनिकी, उन्नत मशीनों अनुभवी निसंतानता विशेषज्ञों द्वारा मरीजो को विश्वस्तरीय सुविधओं के साथ समय पर उचित, सुलभ ईलाज मुहेया हो रहा है। अस्पताल के अनुभवी निसंतानता विशेषज्ञ डॉ. हर्षल शाह एवं डॉ. नेहा अग्रवाल द्वारा बताया गया की आज बांझपन के कई उपचार उपलब्ध हैं निसंतानता के लिये स्त्री एवं पुरुष दोनों ही सामान रूप से जिम्मेदार रहते है किस दम्पति के लिये कोनसी आइवीएफ़ का चयन करना है ऐसे में निसंतान दम्पति को बेहतर एवं सफल आईवीएफ प्रक्रिया का चयन करना मुश्किल होता है आज अमलतास आइवीएफ़ सेंटर मरीजो के चुनाव में सटीक है उचित जांच,परामर्श के बाद उसके अनुकूल उपचार दिया जाता है और निसंतानता से जुडी समस्या को दबाकर न चले अमलतास आईवीएफ सेंटर में महिलाये एवं पुरुषो के लिये सभी सम्बन्धित जांचे आधुनिक उपकरणों एवं सुसज्जित लैब के साथ संभव सफल ईलाज दिया जा रहा है ।

अमलतास अस्पताल के चेयरमैन श्री मयंक राज सिंह भदौरिया जी द्वारा बताया गया की अभी तक हमारे सेंटर में 500 से अधिक लोगों ने अपना ईलाज करवाया एवं कई लोगो का ईलाज संभव हो चूका है।

Madhya Pradesh प्रदेश में अब नियम विरुद्ध वाले लाउड स्पीकर/डीजे पर प्रतिबंध..

• मुख्यमंत्री डॉ. यादव (Mohan Yadav) ने जारी किया अपना पहला आदेश..

मध्य प्रदेश। राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि किसी भी प्रकार के धार्मिक स्थल अथवा अन्य स्थान में निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउड स्पीकर/डीजे) आदि का उपयोग किया जा सकेगा। राज्य शासन द्वारा ध्वनि प्रदूषण तथा लाउड स्पीकर आदि के अवैधानिक उपयोग की जाँच के लिये सभी जिलों में उड़नदस्ते गठित किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मंत्रालय में प्रभार ग्रहण करने के बाद इससे संबंधित प्रथम नस्ती पर हस्ताक्षर किये।

मध्यप्रदेश में धार्मिक स्थल और अन्य स्थानों पर मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम 2000 के प्रावधानों तथा सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है। इसके तहत लाउडस्पीकर एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के नियम विरूद्ध तेज आवाज में बिना अनुमति के उपयोग को पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है।

ध्वनि प्रदूषण तथा लाउड स्पीकर आदि के अवैधानिक उपयोग की जाँच के लिये सभी जिलों में उड़नदस्ते नियमित और आकस्मिक रूप से धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों जहाँ ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग होता है, का निरीक्षण करेंगे तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में अधिकतम 3 दिन में जाँच कर प्रतिवेदन संबंधित प्राधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। उड़नदस्तों में जिला प्रशासन द्वारा नामित अधिकारी, संबंधित थाने का प्रभारी तथा मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नामित अधिकारी सदस्य रहेंगे। जिले के समस्त उड़नदस्तों का नोडल अधिकारी एक जिला अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी स्तर का अधिकारी होगा, जिसे जिला कलेक्टर द्वारा नामित किया जायेगा।धर्म गुरूओं से संवाद और समन्वय के आधार पर लाउड स्पीकरों को हटाने का प्रयास किया जायेगा। ऐसे धार्मिक स्थलों की सूची बनाकर जहाँ इन नियमों और निर्देशों का अनुपालन नहीं हो रहा है, जिला स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा कर पालन प्रतिवेदन आगामी 31 दिसंबर तक गृह विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। ध्वनि प्रदूषण के मामलों की सतत निगरानी के लिये अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध अनुसंधान विभाग) पुलिस मुख्यालय को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

नोडल अधिकारी समय-समय पर लाउड स्पीकरों, डीजे आदि के अवैधानिक प्रयोग के संबंध में प्रतिवेदन शासन को प्रस्तुत करेंगे। इस संबंध में गृह विभाग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं।