Dewas आज आयोजित होगी “नेशनल लोक अदालत”

देवास। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार 11 मई को नेशनल लोक अदालत आयोजित की जायेगी।

लोक अदालत जिला न्यायालय और नगर निगम में आयोजित होगी।
नेशनल लोक अदालत के माध्यम से आमजन अपने राजीनामा योग्य प्रकरणों का निराकरण कर लाभांवित हो सकेंगे।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवास श्रीमती अभिलाषा एन. मवार द्वारा 11 मई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में क्लेम, आपराधिक, सिविल, पारिवारिक, चैक बाउंस, विद्युत, आदि से संबंधित राजीनामा योग्य प्रकरणों का अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के लिए आमजन से अपील की गई। उन्‍होंने कहा कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से प्रकरण कम समय में निराकृत होते हैं जिसका लाभ दोनों पक्षकार को मिलता है।

नेशनल लोक अदालत मे नगर निगम द्वारा करदाताओं को संपत्तिकर व जलकर चालु वित्तीय वर्ष 2024-25 की राशि जमा कराने पर नियमानुसार छूट दी जा रही है। नेशनल लोक अदालत के दिवस करदाताओं को अपने चालु वित्तीय वर्ष 2024-25 की राशि जमा कराने की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए नगर निगम कार्यालय व जिला न्यायालय मे शिविर लागाये जा रहे है। निगम कार्यालय मे कर जमा कराने का समय सुबह 10 बजे से कार्य समाप्ति तक तथा न्यायालय परिसर मे सुबह 10.30 बजे से सांय 5.30 बजे तक रहेगा। निगम सीमा क्षेत्र के करदाताओं से अपील है कि वे चालु वित्तीय वर्ष 2024-25 का कर जमा कराकर नियमानुसार मिल रही छूट का लाभ उठावें।

Dewas जहां यज्ञ हवन होता है वह भूमि पवित्र हो जाती है : श्रीकृष्णगोपाल दास महाराज

मां चामुंडा सेवा समिति ने संत महात्माओं व आयोजक मंडल का किया अभिनंदन

देवास। जहां यज्ञ हवन होता है, वह भूमि पवित्र हो जाती है। वह भूमि प्रेत आत्माओं से मुक्त हो जाती है। श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का दिव्य आयोजन जिस भव्यता के साथ संपन्न हुआ है और देवास वासियों ने  यज्ञ मंडप की परिक्रमा, यज्ञ नारायण की सेवा करके यज्ञ में यजमान बनकर जो पुण्य लाभ कमाया है वह अतुलनीय है।

वास्तव में यज्ञ बहुत ही कठिन परिश्रम से संपन्न होते हैं। आयोजक मंडल के वासुदेव  परमार, राहुल हारोडे एवं आयोजन समिति ने समर्पण भाव से इस पुण्यमय कार्य को संपन्न किया वह साधुवाद के पात्र हैं। सच्चा आशीर्वाद सिर पर हाथ रखवाने से नहीं मिलता। किसी का भला करने पर हृदय से जो आशीर्वाद प्राप्त होता है। वही सच्चा आशीर्वाद होता है। यह विचार साकेतवासी गरुड़दास जी महाराज ध्यान योग साधना एवं सेवा न्यास पंचमुखी धाम आगरोद की प्रेरणा मे मालीपुरा मैं श्री कृष्ण गोपालदास जी महाराज के सानिध्य में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ की पूर्णाहुति के दौरान मां चामुंडा सेवा समिति द्वारा संत महात्माओ के सम्मान अवसर पर व्यक्त किए। मां चामुंडा सेवा समिति के रामेश्वर जलोदिया के नेतृत्व में श्री कृष्ण गोपाल दास जी महाराज, काशी से पधारे रघुनाथ दास जी, विजय दास जी, चित्रकूट के रवी लोचन दास जी, भुवनेश्वर दास जी, पंचमुखी धाम से स्वामी दामोदरानंदजी, सुखराम दास जी सहित यज्ञमण्डप में उपस्थित संत महात्माओं एवं आयोजक मंडल के वासुदेव परमार, राहुल हरोडे का मां की चुनरी ओढ़ाकर व पगड़ी पहनाकर पुष्पमालाओं से आत्मीय अभिनंदन किया गया।

प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद की रिपोर्ट : भारत में 1950 से 2015 के बीच 7.82% घटी हिंदू आबादी…

65 वर्षो में मुस्लिम आबादी में 43.15% की वृद्धि, जाने ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी की जनसंख्या में क्या आया बदलाव

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने 167 देशों में 1950-2015 में हुए धार्मिक अल्पसंख्यकों की हिस्सेदारी एक क्रॉस-कंट्री विश्लेषण को रिपोर्ट जारी की है।

  • रिपोर्ट के अनुसार भारत में बहुसंख्यक हिंदू आबादी का हिस्सा 1950 और 2015 के बीच 7.82 प्रतिशत कम हो गया (84.68 प्रतिशत से 78.06 प्रतिशत)।
  • 1950 में मुस्लिम आबादी की हिस्सेदारी 9.84 प्रतिशत थी और 2015 में बढ़कर 14.09 प्रतिशत हो गई – उनकी हिस्सेदारी में 43.15 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
  • ईसाई आबादी का हिस्सा 2.24 प्रतिशत से बढ़कर 2.36 प्रतिशत हो गया – 1950 और 2015 के बीच 5.38 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
  • सिख आबादी का हिस्सा 1950 में 1.24 प्रतिशत से बढ़कर 2015 में 1.85 प्रतिशत हो गया – उनके हिस्से में 6.58 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
  • बौद्ध आबादी की हिस्सेदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जो 1950 में 0.05 प्रतिशत से बढ़कर 0.81 प्रतिशत हो गई।
  • जैनियों की हिस्सेदारी 1950 में 0.45 प्रतिशत से घटकर 2015 में 0.36 प्रतिशत हो गई।
  • पारसी आबादी की हिस्सेदारी में 85 प्रतिशत की भारी गिरावट देखी गई, जो 1950 में 0.03 प्रतिशत से घटकर 0.004 हो गई।

प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद द्वारा जारी की गई पूरी रिपोर्ट देखने के लिए नीचे दी गई लिंक को दबाए और प्राप्त करे पूरी रिपोर्ट

Dewas उत्कृष्ट विद्यालय में आज से आयोजित हो रहा तीन दिवसीय पुस्‍तक मेला…

  • नवीन शैक्षणिक सत्र की पुस्तकें, यूनिफार्म, कॉपी, स्टेशनरी उचित मूल्य पर रहेगी उपलब्ध
  • मेले में करियर एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन और प्रशिक्षित काउंसलर देंगे परामर्श

देवास। नवीन शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिये क्रय की जाने वाली पुस्तके, यूनिफार्म, कॉपी, स्टेशनरी आदि उचित मूल्य पर एक जगह उपलब्ध कराये जाने के लिए शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-2 में आज 8 मई से 10 मई तक तीन दिवसीय सायं 04 से 07 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। देवास जिले के समस्त पुस्तक विक्रेता एवं यूनिफार्म विक्रेता प्राचार्य शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-2 से सम्पर्क कर अपना स्थान बुक कराये।

देवास जिले के समस्त अभिभावक एवं स्कूल में अध्ययनरत छात्र/ छात्राएं उचित मूल्य पर आवयश्कता अनुसार सामग्री क्रय करें एवं नई परम्परा का हिस्सा बने, ताकि आगामी सत्र में विद्यालयों की मनमानी और बाध्यता को खत्म किया जा सके। विद्यालय की बुक लिस्ट अनुसार पुस्तके एवं अन्य सामग्री किसी भी विक्रेता से क्रय की जा सकती है, जिस पर विक्रेता से छूट का लाभ भी प्राप्त होगा, क्योकि मेले में प्रतिस्पर्धा होगी।

मेले मे केरियर एवं प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन और प्रशिक्षित काउंसलर से परामर्श भी दिया जायेगा। स्वीप गतिविधियों के अंतर्गत प्रतियोगिता भी आयोजित होंगी, जिसमें विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जायेगा।

Pandit Pradeep Mishra : पंडित प्रदीप मिश्रा की जिम्मेदारी संभाल रहे बेटे राघव, सुना रहे शिवमहापुराण की कथा…

Pandit Pradeep Mishra : विश्व विख्यात कुबेरेश्वर धाम के पंडित प्रदीप मिश्रा के पुत्र राघव मिश्रा भी अब शिवमहापुराण कथा का वाचन कर रहे हैं। राघव मिश्रा अपनी पहली कथा अपने पिता के कुबेश्वर धाम पर कर रहे है। कुबेरेश्वरधाम पर नियमित रूप से हर रोज हजारों की संख्या में श्रद्धालु भव्य निर्माणाधीन शिवलिंग के दर्शन करने जाते हैं। पांच दिवसीय कथा का श्रीगणेश मंगलवार (30 अप्रैल) से हुआ। अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा भी अपने पुत्र राघव की यह पहली कथा का श्रवण कर रहे है।
प्रथम दिन की कथा के बाद कथा वाचक राघव मिश्रा जी ने कहा की बच्चो को प्रतिदिन अपने घर के नजदीकी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर एक लौटा जल अवश्य चढ़ाना चाहिए और श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का जाप करना चाहिए।

अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा विश्व में प्रसिद्ध हैं। पंडित मिश्रा बहुत ही अद्भुत तरीके से शिव महापुराण कथा सुनाते हैं। उनकी शिव महापुराण कथा सुनने के लिए भक्तों का जनसैलाब उमड़ता और उस स्थान पर महाकुंभ सा नजारा नजर आता है। शिव महापुराण कथा करने वाले पंडित मिश्रा अपने पुत्र को भी कई बार कथा में साथ ले जाते थे। इसलिए उनके पुत्र भजन गायक के साथ पवित्र ग्रन्थों का अध्ययन कर आध्यात्मिक ज्ञान को प्रखर हो गए हैं।

पंडित प्रदीप मिश्रा के पुत्र राघव मिश्रा की पहले दिन की शिवमहापुराण कथा
पंडित प्रदीप मिश्रा के पुत्र राघव मिश्रा की दूसरे दिन की शिवमहापुराण कथा

पंडित प्रदीप मिश्रा नारियल लगने से हो गए थे चोटिल

बीते दिनों आष्टा में पंडित प्रदीप मिश्रा महादेव की होली में शामिल होने गए थे। चल समारोह के दौरान किसी श्रद्धालु ने पंडित जी को नारियल अर्पित करने हेतु उनकी तरफ नारियल फेंक दिया जिससे नारियल उनके सिर पर लगा। नारियल लगने से लंबे समय से उनका इलाज चल रहा है और विशेषज्ञ डॉक्टरों ने रेस्ट करने को किया था, जिससे वह रेस्ट कर रहे हैं। धाम पर कथा और धार्मिक गतिविधियों में उनके बेटे राघव मिश्रा के सानिध्य में मंगलवार से दोपहर 3.00 बजे से दो घंटे संगीतमय श्रीमहापुराण का आयोजन किया जा रहा है।

Dewas कल से शुरू होगा श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का आयोजन, बनारस-अयोध्या, के संत संपन्न कराएंगे यज्ञ..

देवास। यज्ञ से संपूर्ण वातावरण की शुद्धि होती है एवं इसके मंत्रों से आत्मशुद्धि भी होती है। प्राचीनकाल से यज्ञ का महत्व रहा है तथा यज्ञ ही वह कार्य हे जिससे आध्यात्मिक प्राकृतिक एवं मानसिक शुुद्धता मिलती है। यह बात परमपूज्य श्री श्री 108 महंत श्री कृष्ण गोेपालदास जी महाराज ने मालीपुरा में आयोजित प्रेस वार्ता में कही।

महंत ने बताया कि 2 से 8 मई तक मालीपुरा चौराहा स्थित प्रांगण में श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है जो कि सभी भक्तजनों एवं श्रद्धालुओं के लिए अति महत्वपूर्ण है। यज्ञ संपन्न कराने हेतु बनारस, अयोध्या, आदि जगहों से संत गण पधार रहे हैं। यज्ञ में करीब 33 जोड़े भाग लेंगे। यज्ञ पांडाल में भक्तजनों की पर्याप्त बैठक व्यवस्था की गई है। इस यज्ञ में परिक्रमा हेतुु भी विशेष व्यवस्था की गई है। यज्ञ की परिक्रमा कर जीवन में समृद्धि एवं सुख लाया जा सकता है। इस यज्ञ की परिक्रमा का विशेष महत्व है। साथ ही इस आयोजन में नानीबाई का मायरा 4 से 6 मई तक आयोजित किया जाएगा। पूर्णाहूति एवं महाआरती 8 मई शाम 5 बजे होगी। संयोजक वासुुदेव परमार ने उपस्थित पत्रकारों को संपूूर्ण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए सभी नागरिकों एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पधार कर यज्ञ का लाभ लेने का आग्रह किया। संचालन अमित पंवार ने किया तथा पत्रकारों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आमंत्रित करतेे हुए आयोजक राहुल हरोड़े एवं रोहित चौहान ने इस अध्यात्मिक एवं धार्मिक आयोजन को सफल बनाने की अपील की।

Dewas सायबर सेल ने खोजे लगभग 32 लाख रुपये कीमत के 160 मोबाईल…

देवास। सायबर सेल ने जिले में गुम हुए मोबाईलों में बड़ी संख्या में मोबाइल खोजकर उन्हें उनके मालिकों तक पहुंचाया है।
जिले में गुम हुए मोबाइल की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय द्वारा एक विशेष अभियान चलाया गया। जिसमे सायबर सेल प्रभारी व टीम को गुम हुए मोबाईल की खोज करने हेतु लगाया गया। सायबर सेल द्वारा जिले में से गुमें हुए मोबाईलों की तकनीकी उपकरणों से ट्रेसिंग कर 160 मोबाईल फोन खोजे जिनकी कुल कीमत लगभग 32 लाख रुपये है। पुलिस अधीक्षक देवास द्वारा कन्ट्रोल रूम पर मोबाईल धारकों को उनके गुमें हुए मोबाईल देकर मायूस चहरों पर फिर से मुस्कान लायी गई है। l

Dewas हिन्दू नववर्ष पर संस्था देववासिनी द्वारा आयोजित किया गया विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रम…

• भारतीय संस्कृति सशक्त ओर समृद्धशाली, संस्था देववासिनी के तत्वाधान में होगी अयोध्या यात्रा : सोलंकी

देवास। भारतीय संस्कृति विश्व में सबसे सशक्त और समृद्धशाली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का जो दीप प्रज्जवलित हुआ है। उससे हमारी महान भारतीय संस्कृति ओर सशक्त हुई है। हमे इस पर गर्व होना चाहिए। बच्चों को अपनी संस्कृति का बोध कराना चाहिए, ताकि वे संस्कारवान बने। संस्था देववासिनी द्वारा हिन्दू नववर्ष की शाम को आयोजित विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रम में यह विचार सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने व्यक्त किये।

गंगानगर स्थित हीरो शोरूम के समीप विराट कृपा परिसर में विराट सांस्कृतिक विरासत से सजे धजे देववासिनी के पांडाल में, हजारो की संख्या में उपस्थित भक्तजनों का पुष्पवर्षा करते हुए अभिनंदन किया गया। नृत्य के साथ सुमधुर श्रीगणेश वंदना मुस्कान गौस्वामी, अनुष्का जोशी, कृतिका बिजवा ने प्रस्तुत की। युवा शास्त्रीय भजन गायक प्रतीक गावशिंदे ने भजनों की कर्णप्रिय प्रस्तुतियॉ देते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में अनेक कलाकारों द्वारा मनमोहक प्रस्तुति दी गई।

श्रीराम हमारे आराध्य, देववासिनी के तत्वाधान में होगी अयोध्या यात्रा : देववासिनी के संरक्षक एवं  सांसद श्री सोलंकी ने मंच से अपने सांस्कृतिक एवं वैचारिक उदबोधन में कहा कि भगवान श्रीराम हमारे प्राण है, आत्मा है, आराध्य है, आदर्श है। राम से ही हमारे देश की पहचान है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में 500 वर्षो के संघर्ष के उपरांत अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हुआ। 22 जनवरी को रामलला का विशाल प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित किया गया तो सारे देश में उत्सवी परिदृश्य दिखाई दिया। दीपावली से भी अधिक उत्साह के साथ रामलला का प्राण प्रतिष्ठा उत्सव मनाया गया। श्री सोलंकी ने इस अवसर पर संस्था देववासिनी के तत्वाधान में रामलला के दर्शन हेतु अयोध्या यात्रा की घोषणा भी की।

देववासिनी की आरती का विमोचन, यूटयूब चेनल लांच : हिन्दू नववर्ष के उपलक्ष में मॉ देववासिनी की महाआरती के एल्बम का विमोचन संस्था के संरक्षक, सांसद महेन्द्रसिंह सोलंकी के करकमलो से रिमोर्ट का बटन दबाकर किया गया।

सुन मेरी देवी, देववासिनी… महाआरती का लेखन जयंत जैन ओर शेखर कौशल द्वारा किया गया है ओर इसे स्वरबद्ध शुभांगी जलोरे, प्रवीण वर्मा द्वारा किया गया है। महाआरती में देववासिनी पर्वत, टेकरी पर प्रतिष्ठित देवी-देवताओं का बखुबी वर्णन किया गया है। एल्बम में चित्रण पप्पू चौहान, हर्ष वर्मा द्वारा किया गया। संस्था देववासिनी के नाम से यूटयुब चेनल भी लांच किया गया। कार्यक्रम का सारगर्भित एवं गरिमामय संचालन सुभांगी जलोरे, शेखर कौशल ने किया। आभार संस्था देववासिनी के सचिव महेश चौहान ने व्यक्त किया। यह जानकारी इस आयोजन के संयोजक अजय तोमर द्वारा दी गयी।

Dewas किसानों द्वारा कुआं निर्मित कर उसकी मुंडेर नहीं बनाने पर की जा रही है एफ आई आर दर्ज

देवास। जिले में किसानों द्वारा खेतों की मेड़ पर कुआं निर्मित किया जाता है लेकिन उसकी मुंडेर नहीं बनाई जाती है। ऐसे किसानों को चिन्हित कर उन पर धारा 188 व अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। इसी के तहत बरोठा पटाडी मार्ग के ग्राम रतेड़ी में स्थित कृषक प्रहलाद पिता गेंदालाल, अशोक कुमार पिता गेंदालाल, ताराचंद पिता गेंदालाल की भूमि में बिना मुंडेर के कच्चा कुआ स्थित है जो बरोठा पटाडी मार्ग से लगा हुआ है। साथ ही भूमि स्वामी संजय पिता हरिमोहन, उमेश पिता हरिमोहन कलाबाई पति हरिमोहन एव छगनलाल पिता रामाजी की कृषि भूमि पर बिना मुंडेर के कुए है। कृषको द्वारा इस संबंध में लगातार लापरवाही की जा रही थी और कुएं की मुंडेर को पक्का नहीं किया जा रहा था। इस संबंध में कार्रवाई करते हुए धारा 188 के तहत नायब तहसीलदार बरोठा द्वारा कृषको पर एफआईआर दर्ज की गई है।

chaitra navratri 2024 : चैत्र नवरात्रि 2024 का शुभ मुहूर्त

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त : सुबह 5 बजकर 52 मिनट से लेकर 10 बजकर 4 मिनट तक पहला कलश स्थापना मुहूर्त बन रहा है। इसके बाद 11 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक घट स्थापना कर सकेंगे।नवरात्रि की पूजन सामग्री: पूजा के लिए मां दुर्गा की तस्वीर, लाल रंग का कपड़ा, फल, फूल, माला, आम का पत्ता, लौंग, सुपारी, इलायची, बंदनवार, हल्दी की गांठ, रोली, मौली, कमल गट्टा, सूखा नारियल, नैवेध, शहद, घी, शक्कर, पंचमेवा, जावित्री, गंगाजल, दूध, दही, नवग्रह पूजन के लिए रंग-बिरंगे चावल, धूप-दीप, वस्त्र और पूजा की थाली समेत सभी सामग्री एकत्रित कर लें।

मां दुर्गा की श्रृंगार सामग्री: मां दुर्गा को श्रृंगार सामग्री अर्पित करने के लिए लाल चुनरी, लाल चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी, काजल, मेहंदी, शीशा, बिछिया, इत्र, मंगलसूत्र, लिपस्टिक, नथ, गजरा, कंघी, कान की बली समेत 16 श्रृंगार की सामग्री रख लें।

कलश स्थापना की सामग्री: कलश स्थापित करने के लिए मिट्टी का घड़ा, मिट्टी, मिट्टी का ढक्कन, नारियल, जल, गंगाजल, मिट्टी का दीपक, हल्दी-अक्षत और लाल रंग का वस्त्र चाहिए।

कलश स्थापना की विधिः नवरात्रि के पहले दिन सुबह जल्दी उठें। स्नानादि के बाद साफ वस्त्र धारण करें।इसके बाद घर के मंदिर को साफ करें। मंदिर को फूलों से सजाएं। घट स्थापना के लिए एक मिट्टी के कलश में पानी भरकर रख दें। कलश में सिक्का, सुपारी, आम का पत्ते जरूर डालें। इसके बाद एक लाल कपड़ा बिछाकर उसपर चावल का ढेर बनाएं।अब चावल के ढेर पर कलश स्थापित करें। कलश पर कलावा बांध दें।इसके साथ ही कलश पर स्वास्तिक भी बनाएं। फिर एक मिट्टी के बर्तन में मिट्टी और जौ मिलाएं। इसमें थोड़ा पानी छिड़कें और इसे भी स्थापित कर दें। अब मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा रखें। सभी देवी- देवताओं कआ आह्वान करें।सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें और सभी मां दुर्गा समेत सभी देवी-देवताओं की आरती करें।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।