chaitra navratri 2024 : चैत्र नवरात्रि 2024 का शुभ मुहूर्त

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त : सुबह 5 बजकर 52 मिनट से लेकर 10 बजकर 4 मिनट तक पहला कलश स्थापना मुहूर्त बन रहा है। इसके बाद 11 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक घट स्थापना कर सकेंगे।नवरात्रि की पूजन सामग्री: पूजा के लिए मां दुर्गा की तस्वीर, लाल रंग का कपड़ा, फल, फूल, माला, आम का पत्ता, लौंग, सुपारी, इलायची, बंदनवार, हल्दी की गांठ, रोली, मौली, कमल गट्टा, सूखा नारियल, नैवेध, शहद, घी, शक्कर, पंचमेवा, जावित्री, गंगाजल, दूध, दही, नवग्रह पूजन के लिए रंग-बिरंगे चावल, धूप-दीप, वस्त्र और पूजा की थाली समेत सभी सामग्री एकत्रित कर लें।

मां दुर्गा की श्रृंगार सामग्री: मां दुर्गा को श्रृंगार सामग्री अर्पित करने के लिए लाल चुनरी, लाल चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी, काजल, मेहंदी, शीशा, बिछिया, इत्र, मंगलसूत्र, लिपस्टिक, नथ, गजरा, कंघी, कान की बली समेत 16 श्रृंगार की सामग्री रख लें।

कलश स्थापना की सामग्री: कलश स्थापित करने के लिए मिट्टी का घड़ा, मिट्टी, मिट्टी का ढक्कन, नारियल, जल, गंगाजल, मिट्टी का दीपक, हल्दी-अक्षत और लाल रंग का वस्त्र चाहिए।

कलश स्थापना की विधिः नवरात्रि के पहले दिन सुबह जल्दी उठें। स्नानादि के बाद साफ वस्त्र धारण करें।इसके बाद घर के मंदिर को साफ करें। मंदिर को फूलों से सजाएं। घट स्थापना के लिए एक मिट्टी के कलश में पानी भरकर रख दें। कलश में सिक्का, सुपारी, आम का पत्ते जरूर डालें। इसके बाद एक लाल कपड़ा बिछाकर उसपर चावल का ढेर बनाएं।अब चावल के ढेर पर कलश स्थापित करें। कलश पर कलावा बांध दें।इसके साथ ही कलश पर स्वास्तिक भी बनाएं। फिर एक मिट्टी के बर्तन में मिट्टी और जौ मिलाएं। इसमें थोड़ा पानी छिड़कें और इसे भी स्थापित कर दें। अब मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा रखें। सभी देवी- देवताओं कआ आह्वान करें।सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें और सभी मां दुर्गा समेत सभी देवी-देवताओं की आरती करें।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Chaitra Navratri 2024 : चैत्र नवरात्रि शुरू, जाने चैत्र नवरात्रि से जुड़ी सारी बाते

चैत्र नवरात्री 2024 : चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को शुरू होती हैं नवरात्रि। चैत्र नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक माँ दुर्गा की नौ रूपों (शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री) की पूजा करते हैं और उनकी आराधना करते हैं। इसके दौरान भक्त ध्यान, भक्ति और त्याग के माध्यम से अपने आत्मा को शुद्ध करते हैं और भगवान की कृपा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
इस वर्ष चैत्र नवरात्री 9 अप्रैल 2024 से शुरू होकर 17 अप्रैल को रामनवमी के साथ पूर्ण होंगी।

जाने चैत्र नवरात्रि 2024 के मुहूर्त एवं स्थापना विधि से जुड़ी सारी जानकारी

नवरात्रि का नाम ‘नव’ और ‘रात्रि’ से मिलकर बना है, जिसका अर्थ होता है ‘नौ रातें’। इस त्योहार के दौरान, भक्तों को माँ दुर्गा की नौ रूपों की पूजा करनी चाहिए, जिन्हें नवदुर्गा के नाम से जाना जाता है। ये नौ रूप माँ दुर्गा के निमित्त कुछ खास गुणों को प्रतिनिधित्व करते हैं, जैसे कि शक्ति, शांति, संजीवनी, धैर्य, स्नेह, तपस्या, विवेक, ज्ञान, और श्रद्धा।
चैत्र नवरात्रि का महत्व है कि यह वसंत ऋतु के आरंभ के साथ आता है और उत्तेजना, उत्साह और नई ऊर्जा का संचार करता है। इसके अलावा, यह धर्म, संस्कृति और परंपराओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो हमें हमारी सांस्कृतिक विरासत की महत्वता को समझाता है।

  • चैत्र नवरात्र 2024 का कैलेंडर:
  • 9 अप्रैल 2024 मां शैलपुत्री की पूजा
  • 10 अप्रैल 2024 मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
  • 11 अप्रैल 2024 मां चंद्रघंटा की पूजा
  • 12 अप्रैल 2024 मां कुष्मांडा की पूजा
  • 13 अप्रैल 2024 मां स्कंदमाता की पूजा
  • 14 अप्रैल 2024 मां कात्यायनी की पूजा
  • 15 अप्रैल 2024 मां कालरात्रि की पूजा
  • 16 अप्रैल 2024 मां महागौरी की पूजा
  • 17 अप्रैल 2024 मां सिद्धिदात्री की पूजा, राम नवमी

नवरात्रि के नौ दिनों में हर दिन एक विशेष माँ दुर्गा की पूजा और आराधना की जाती है, जिसका प्रतिनिधित्व नौ रूपों में किया जाता है। नीचे दिए गए हैं नवरात्रि के नौ दिनों और उन दिनों में किस माँ दुर्गा की पूजा होती है, उनके बारे में अधिक जानकारी के साथ।

  1. प्रथम दिन – शैलपुत्री: (First Day of Navratri ) प्रथम दिन माँ शैलपुत्री की पूजा की जाती है। यह माँ दुर्गा का प्रथम रूप है, जो पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। वह एक कमल की योनि में विराजमान हैं और एक त्रिशूल और कुंडली धारण करती हैं।
  2. द्वितीय दिन – ब्रह्मचारिणी: (Second Day of Navratri ) इस दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। वह दो मुख वाली और कदम-कदम पर जाती हैं।
  3. तृतीय दिन – चंद्रघंटा: (Third Day of Navratri ) तृतीय दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है, जो चांद के रूप में प्रतिष्ठित हैं। वे एक कमल की सवार होती हैं और एक चंद्रमा की प्रतिमा के साथ अपने मुख में एक त्रिशूल धारण करती हैं।
  4. चतुर्थी दिन – कूष्मांडा: (Fourth Day of Navratri ) इस दिन माँ कूष्मांडा की पूजा की जाती है, जो सूर्य के रूप में प्रतिष्ठित हैं।
  5. पंचमी दिन – स्कंदमाता: (Fifth Day of Navratri ) पंचमी दिन माँ स्कंदमाता की पूजा की जाती है, जो कार्तिक मास के पांचवें दिन पैदा हुए थे।
  6. षष्ठी दिन – कात्यायनी: (Sixth Day of Navratri ) इस दिन माँ कात्यायनी की पूजा की जाती है, जो कात्यायन ऋषि की पुत्री हैं।
  7. सप्तमी दिन – कालरात्रि: (Seventh Day of Navratri ) सप्तमी दिन माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है, जो माँ दुर्गा का सबसे भयानक रूप मानी जाती है।
  8. अष्टमी दिन – महागौरी: (Eighth Day of Navratri ) अष्टमी दिन माँ महागौरी की पूजा की जाती है, जो दुखों और दुर्गुणों का नाश करती हैं।
  9. नवमी दिन – सिद्धिदात्री: (Ninth Day of Navratri ) नवमी दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जो सिद्धियों की दात्री मानी जाती हैं।

इन नौ दिनों के दौरान भक्तों को नौ रूपों में माँ दुर्गा की पूजा करने का मौका मिलता है और उन्हें अपने जीवन में शक्ति, सामर्थ्य और आनंद का अनुभव होता है।

चैत्र नवरात्र के इन नौ दिनों में, लोग ध्यान, ध्यान, भजन-कीर्तन, और दान करके मां दुर्गा को खुश करते हैं। यह पर्व साधकों को सुख, समृद्धि, और आनंद की प्राप्ति के लिए प्रेरित करता है।

चैत्र नवरात्र 2024 के दौरान, लोगों को मां दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा और समर्पण को मजबूत करने का अवसर मिलता है। इस उत्सव के दौरान, धार्मिक सामग्री की खरीदारी, पंडालों की सजावट, और भजन-कीर्तन की ध्वनि सड़कों में सुनाई देती है। इसके अलावा, लोग एक दूसरे के साथ खुशियों का आनंद लेते हैं और परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर पर्व का महत्व मनाते हैं।

चैत्र नवरात्र 2024 के पर्व के दौरान, लोग विशेष रूप से ध्यान, प्रार्थना, और सेवा में जुटे रहते हैं। इस पर्व के दौरान, धार्मिक संगठनों और मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है। यहां तक कि कई स्थानों पर नृत्य और संगीत कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है ताकि लोग उत्सव का आनंद ले सकें।

चैत्र नवरात्र 2024 के पर्व के दौरान, लोग नौकरी, व्यापार, और व्यक्तिगत जीवन में सफलता और सुख की प्राप्ति के लिए मां दुर्गा की कृपा की कामना करते हैं। वे नौवीं दिन को समर्पित करते हैं और सिद्धिदात्री मां की पूजा करते हैं, जो भगवान शिव और पार्वती की रूप में जानी जाती हैं। इस दिन को राम नवमी भी कहा जाता है, जो प्रभु राम के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।

इस तरह, चैत्र नवरात्र 2024 का उत्सव धार्मिक, सामाजिक, और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है और यह हिंदू समाज में एक गहना रूप में शामिल है। इस पर्व के दौरान, लोग अपने आप को पुनर्जीवित करते हैं, अपने आप को धार्मिकता में समर्पित करते हैं, और मां दुर्गा की कृपा की कामना करते हैं।

Dewas संस्था देववासिनी द्वारा विशाल स्वरूप में धूमधाम से मनाया जाएगा हिन्दू नववर्ष…

गुढी पड़वा पर देववासिनी परिवार मिलन समारोह का आयोजित

देवास । शौर्य दिवस से संस्था देववासिनी द्वारा चामुण्डा माता टेकरी पर काशी के गंगा घाट पर होने वाली प्राचीन गंगा आरती की तरह निरंजनी महाआरती प्रारंभ की गई। वर्तमान में महाआरती में प्रति शनिवार, रविवार को हजारों की संख्या में भक्तो का जनसमूह उमड़ रहा है।

संस्था सचिव महेश चौहान ने बताया कि संस्था देववासिनी द्वारा चैत्र नवरात्र का प्रारंभ हिंदू नववर्ष, गुड़ी पड़वा का पर्व विशाल स्वरूप में धूमधाम से मनाया जाएगा। श्री चौहान ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि हिंदू नववर्ष से अनेक धार्मिक, पौराणिक संदर्भ जुड़े हुए है। मान्यता है कि ब्रह्मा जी द्वारा इसी दिन सृष्टि की उत्पत्ति की गई थी। चैत्र नवरात्र का प्रारंभ होता है। विजय का प्रतीक गुड़ी पड़वा पर्व मनाया जाता है। भगवान श्री राम का राज्याभिषेक, धर्मराज युधिष्ठिर का राजतिलक इसी दिन हुआ था। विक्रम संवत्सर का प्रारंभ, भगवान झूलेलाल जन्मोत्सव अर्थात चैतीचण्ड उत्सव मनाया जाता है। आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानन्द सरस्वती जी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार जी का जन्मदिन अथवा वर्ष प्रतिपदा उत्सव इसी दिन मनाया जाता है। इन महान संदर्भों से जुड़े हिन्दू नववर्ष पर विशाल कार्यक्रम संस्था देववासिनी के संरक्षक सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी के संरक्षण, प्रसिद्ध समाजसेवी अशोक खंडेलिया की अध्यक्षता में विराट कृपा भवन हीरो शोरूम के पिछे, गंगानगर, ए बी रोड पर आयोजित किया गया है। अपनी संस्कृति, अपना दर्शन, तजें (छोडे) विदेशी आकर्षण, इस विचार के साथ 9 अप्रैल को शाम 6 बजे से प्रारंभ होने वाले देववासिनी द्वारा आयोजित हिन्दू नववर्ष परिवार मिलन कार्यक्रम के संयोजक पार्षद अजय तोमर है। सह संयोजक पार्षद संजय दायमा, निलेश वर्मा, भूपेश ठाकुर, श्रीमती ऋतु सवनेर, प्रवीण वर्मा, गोपाल खत्री, सोनू परमार, प्रतीक सोलंकी, संजय ठाकुर है। हिन्दू नववर्ष पर आयोजित विशाल कार्यक्रम में हजारों की संख्या में सनातनी हिन्दू समाज जनों के एकत्रित होने का अनुमान है। संस्था देववासिनी द्वारा लक्ष्य रखा गया है कि 6 दिसंबर से चामुण्डा माता टेकरी पर हो रही निरंजनी महाआरती में शहर के समस्त वार्डो से जिन भक्तो ने हिस्सा लिया है, वे परिवार व इष्ट मित्रों सहित अधिक से अधिक संख्या में हिन्दू नववर्ष के विशाल कार्यक्रम में सम्मिलित हो कर सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा बने। इसके लिए संस्था देववासिनी के कार्यकर्ताओं हरि सिंह धनगर, शंभू अग्रवाल, शेखर कौशल, पंकज वर्मा, जयेश पडियार, खिलेश शिंदे, अशीष दवे, पंडित योगेश, मनीष जैन, शुभम चौहान, देवेंद्र माली, अनुज शर्मा, दीपेश शर्मा, पंकज सोनी, रितेश उपाध्याय, रोहित द्वारा पिछले सप्ताह से शहर के विभिन्न वार्डो में बैठके की जा रही है।

Dewas ऑनलाइन फ्रॉड: शहर के युवक से की 90 हज़ार की ठगी…

देवास। ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाएं आजकल आम हो गई है। हर दिन कोई न कोई ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो जाता है। शहर में घर बैठे टास्क कंप्लीट कर पैसे कमाने के चक्कर में मोती बंगला निवासी युवक ठगी का शिकार हुआ है। पीड़ित ने मामले की कोतवाली थाने में पुलिस से शिकायत की है। शिकायत में पीड़ित लवी शर्मा ने बताया की आरोपी ने टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर चैटिंग कर टास्क कंप्लीट कर मुनाफे का लालच देकर ऑनलाइन फ्रॉड किया टास्क के नाम पर मुझसे 90 हज़ार रुपए की ठगी कर ली। मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी की धारा लगाते हुए अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

Dewas 77 साल के पड़ोसी व्यक्ति ने किया नाबालिका के साथ दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार

देवास। शहर में शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है जिसमे 77 वर्ष के व्यक्ति ने पड़ोस में रहने वाली नाबालिका के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने प्रकरण में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल शहर के औद्योगिक थाना क्षेत्र के पालनगर में रहने वाले बुजुर्ग आरोपी रमेश वर्मा द्वारा पड़ोस में रहने वाली नाबालिका के साथ बीते जनवरी माह में करीब 8 दिन तक बार बार बलात्कार किया और किसी को भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने नाबालिक फरियादिया की फरियाद पर धारा 376, 506, पोक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं व एक्ट में अपराध दर्ज कर गुरुवार को कायमी करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

Dewas विश्व विख्यात कालीचरण महाराज पहुंचे देवास…

जो हिंदू हित की बात उसे ही हम मतदान करे: कालीचरण महाराज

देवास। विश्व विख्यात, कालीचरण महाराज का, देवास नगर आगमन हुआ। महाराज कॉलोनाइजर नवीन सोलंकी के निवास पहुंचे। जहां पर उन्होंने मीडिया के सामने लोकसभा निर्वाचन को लेकर कहा, कि जो लोग धर्मनिष्ट है सभी हिन्दुओं द्वारा उन्हें राजनीति में बड़े पदों पर भेजना चाहिए जिससे हम भारत को पुनः सोने की चिड़िया जिन राजाओं (विधायक सांसद) के हृदय में धर्म निष्ठा नही होगी वो निश्वय ही सिर्फ अपना घर ही भरेंगे। जिन राजाओं (विधायक सांसद) के हृदय में धर्म निष्ठा होगी वही देश को सोने की चिड़िया, जगत गुरु बना सकते है। इसलिए में आव्हान करना चाहता हु की जातिवाद, वर्णवाद का त्याग करते हुए सिर्फ हिंदू धर्म ध्वजा के लिए एकत्रित होवे। सभी हिन्दुओं को में कहना चाहता हु की जो हिंदू हित की बात करे उसे ही आप मतदान करे। वही माता टेकरी पर बना रहे देवीलोक के बारे में भी उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म के लिए बहुत ही खुशी की बात है।

Dewas : पुलिस ने चैन स्नेचिंग करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार, जांच दौरान चेक किए करीब 750 CCTV…

  • आरोपी पर मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश में दर्ज है करीब 31प्रकरण,

देवास। पुलिस ने शहर तथा अनेक राज्यों में चैन स्नेचिंग की घटना को अंजाम देने वाले शातिर चोर को गिरफ्तार कर लिया है। जिसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने प्रेस वार्ता कर दी।

दरअसल बीते 17 मार्च को शहर के मोतीबंगला क्षेत्र में रहने वाली रिटायर्ड स्कूल टीचर उमा भारती कोतवाली की दोपहर करीबन 2.00 बजे उनके घर के सामने सब्जी के ठेले पर से सब्जी खरीदते समय बिना नंबर की मोटर साईकिल पर सवार एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके गले में पहनी हुई सोने की चैन को झपटा मारकर गले से चैन छीनकर भाग गया था।
कोतवाली थाना प्रभारी दीपक सिंह यादव एवं थाना टीम द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए शहर देवास से बाहर जाने वाले रास्ते एवं टोल के CCTV चैक किए गये। करीब 750 CCTV फुटेज को चैक करने के बाद पुलिस ने शातिर चैन स्नेचर फिरोज उर्फ लोटीया पिता शफीक खान साल निवासी भोपाल के रुप में आरोपी की पहचान हुई।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटर. सा. चोरी हुई सोने की चैन सहित अन्य सामान जब्त कीया। जब्त समान कुल कीमत करीब 2 लाख रूपये है।
आरोपी ने अन्य चैन की लूट करना भी स्वीकार किया है। उक्त आरोपी पर मध्यप्रदेश तथा उत्तरप्रदेश के अनेक शहरो में करीब 31 आपराधिक प्रकरण लूट व अन्य गंभीर धाराओ के दर्ज है।

Dewas फाग यात्रा : अयोध्या धाम (जवाहर चौक) से मथुरा धाम (सयाजी द्वार) तक निकली रंगारंग यात्रा…

• ब्रज की लठमार होली, श्री राधा कृष्ण की झांकी, पंजाबी भांगड़ा, भगोरिया नृत्य रहा आकर्षण का केंद्र

देवास। शहर की फाग यात्रा अब अपनी एक अनूठी पहचान बना रही है। पिछले 2 दशकों से निकल रही फाग यात्रा में हर वर्ष भव्यता और अनुठापन देखने को मिलता है। परंतु इस वर्ष की फाग यात्रा की भव्यता और अनूठापन की बात ही कुछ और रही है।

प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी सामाजिक समरसता मंच के तत्वाधान में रंगपंचमी के अवसर पर पारंपरिक फाग यात्रा इस बार और भव्यता के साथ निकाली गई। इस वर्ष फाग यात्रा में अनूठा कार्यक्रम तय किया गया जिसमे शहर के जवाहर चौक को अयोध्या धाम और सयाजी द्वारा को मथुरा धाम बनाया गया। फाग यात्रा अयोध्या धाम (जवाहर चौक) से प्रभु श्री राम जी की आरती के साथ प्रारंभ हुई। जिसमें मातृशक्ति द्वारा ब्रज की लठमार होली के साथ रंग गुलाल और पानी के टैंकर द्वारा रंगो की बौछार हुई। श्री राधा कृष्ण जीवंत झांकी, पंजाबी भांगड़ा नृत्य, भगोरिया नृत्य टोली विशेष आकर्षण का केंद्र रही। प्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा पूरे यात्रा के समय प्रस्तुति दी गई यात्रा में बड़ी संख्या में मातृशक्ति, बच्चे, जनप्रतिनिधि, बुजुर्ग और युवाओं ने बाद चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे यात्रा मार्ग में व्यापारी व सामाजिक संगठनों द्वारा जलपान की व्यवस्था की गई।

फाग यात्रा नयापुरा, तुकोगंज रोड, जनता बैंक चौराहा, सुभाष चौक, नावेल्टी चौराहा एमजी रोड होते हुवे श्री मथुरा धाम (सयाजी द्वार) पर श्री कृष्ण लला की आरती के साथ समाप्त हुई। यात्रा समापन के बाद अपल्हार (आलू बड़े) कि व्यवस्था भी रखी गई थी।

Dewas मोदी परिवार के होली मिलन जमकर उड़ा मस्ती और उल्लास का रंग


• कबीरपंथी निर्गुणी भजनों ने बांधा समॉ, फुलों की पंखुडिय़ों के साथ खुब उड़ाया अबीर गुलाल

देवास। शहर में आयोजित बहुचर्चित मोदी परिवार का होली मिलन समारोह मंगलवार को धूमधाम से मनाया गया। समारोह में सम्पूर्ण देवास शाजापुर लोकसभा क्षेत्र से हजारो की संख्या में मोदी के परिजनोंं ने हिस्सा लिया। भाजपा के सांसद प्रत्याशी महेन्द्र सिंह सोलंकी एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं द्वारा राधाकृष्ण के चित्र पर माल्यार्पण एवं गुलाल अर्पित करने से प्रारंभ हुए समारोह में जमकर मस्ती और उल्लास का रंग उड़ा। मंच पर देवास शाजापुर लोकसभा से आए भजन गायकों द्वारा कबीरपंथी निर्गुणी भजनो की कर्णप्रिय प्रस्तुतियॉ फागुन आयो रे, म्हारा सतगुरू जी ने रंग बरसायो रे…। मगन हो गई रे मीरा, राम धुन गाई के…। ऐसा ऐसा लगन लगाया म्हारा गुरूजी ने…। म्हारा सतगुरू आंगन आया, मै वारी जाऊं रे…। म्हारो खुल गयो बाजुबंद रंग मत डारे ले…। इस प्रकार के समधुर कबीरपंथी निर्गुणी भजनो एवं ढोल की थाप पर सांसद प्रत्याशी श्री सोलंकी के साथ मोदी जी के छोटे बड़े सभी परिजन केसरिया रंग गुलाल एवं फुल की पंखुडिय़ा उड़ाते हुए खुब थिरके। कार्यक्रम में मोदी परिवार के कई परिजन उपस्थित रहे।
रंगो से उकेरी मोदी जी की रांगोली

देवास शहर में रांगोली मांडने की प्राचीन परम्परा है, होली उत्सव पर जिसे आज भी निभाया जा रहा है। शहर की परम्परा का निर्वहन करते हुए मोदी परिवार के होली मिलन समारोह में राधाकृष्ण के चित्र एवं मंच के समक्ष कलाकार दिव्यानी जोशी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मनमोहक रांगोली सजाई।

गरिमामय इस आयोजन में रंगो की मस्ती और उल्लास से नांच गाने के बीच कार्यकर्ताओं द्वारा फिर एक बार, मोदी सरकार, अबकी बार, 400 पार एवं देवास शाजापुर से अबकी बार, 6 लाख पार के नारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो गया। केसरिया रंग में रंगे परिजन, मातृशक्ति हर्षोल्लास से मोदी जी की रांगोली, मुखोटे एवं श्री सोलंकी के साथ पूरे समय सेल्पियॉ लेते रहे। प्रात: साढ़े 11 बजे से प्रारंभ होकर होली मिलन समारोह की मस्ती अपरान्ह 4 बजे तक छाई रही।

कांगे्रस ने संत कबीर के अनुयायियों का 70 साल तक किया शोषण
होली उत्सव पर अधिकतर फाग गीत, भजन एवं कविताओं की प्रस्तुतियों से जुड़े कार्यक्रम होते है, लेकिन सबका साथ सबका विकास नारे को सार्थक करते हुए मोदी परिवार के होली मिलन समारोह में कबीर पंथी निर्गुणी भजनो का गायन किया गया। इस विषय में लोकसभा क्षेत्र की प्रचार टोली के पदाधिकारी महेश चौहान, हरिसिंह धनगर ने बताया कि संत कबीरदास जी 15 वीं सदी के भारतीय रहस्यवादी कवि एवं संत थे। भक्तिकाल की निर्गुण शाखा की ज्ञानमार्गी उपशाखा के महानतम कवि थे। मान्यता है कि संत कबीर का सशरीर अवतरण ही तालाब में कमल पर हुआ था। देश में संत कबीर के करोड़ो अनुयायी है। कांग्रेस ने दलित, शोषित एवं गरीबो के उत्थान का ढोंग रचते हुए 70 वर्षो तक संत कबीरदास जी के अनुयानियों का शोषण किया। कांग्रेस ने झुठे वादे कर करके कबीर के अनुयायियों के वोट तो लिये, लेकिन उनके जीवन स्तर को उंचा उठाने के लिये कभी भी अच्छे मन से ठोस प्रयास नहीं किये। केन्द्र में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनी, तब अपने पहले कार्यकाल में ही मोदी जी ने बनारस के साथ कबीर के निर्वाणधाम मगहर पंहुचकर वहां के विकास का मार्ग प्रशस्त किया और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मगहर मे करोड़ों के विकास कार्यो को करवा रहे है।

Dewas संस्था देववासिनी के प्रयास से सार्थक हो रही शहरवासियो की माता रानी की आरती करने की कामना…

  • प्रति शनिवार – रविवार हो रही माता की निरंजनी आरती मे उमड रहा श्रद्धालुओं का हुजूम

देवास। शहर का आम व्यक्ति हो या शहर के आम व्यक्ति के यहां आया हुआ मेहमान सभी माता टेकरी पर जाकर माता के दर्शन करने के लिए आतुर रहते है।
श्रद्धालुओं द्वारा माता टेकरी पर जाकर दर्शन तो किया जाता है पर माता रानी की आरती करने की कामना कभी पूर्ण नही हो पाती थी। यही कामना को पूर्ण करने का बीड़ा सांसद महेन्द्रसिंह सोलंकी के संरक्षण, प्रसिद्ध समाजसेवी एवं उद्योगपति अशोक खंडेलिया की अध्यक्षता एवं सचिव महेश चौहान के नेतृत्व में गठित देववासिनी संस्था देववासिनी ने उठाया और बीते वर्ष 6 दिसंबर (शौर्य दिवस) से प्रति शनिवार और रविवार को माता रानी की निरंजनी आरती के धार्मिक आयोजन करने का फैसला लिया।

संस्था देववासिनी द्वारा 6 दिसंबर 2023 से माता टेकरी पर माता तुलजा भवानी, चामुण्डा माता की महाआरती, महाप्रसादी वितरण का पवित्र सिलसिला प्रारंभ किया गया। इस धार्मिक आयोजन से हिन्दू समाज में भक्ति, धर्म, संस्कृति, परम्परा, सनातन का भाव जागृत हो रहा है।
संस्था देववासिनी द्वारा जब से प्रति सप्ताह महाआरती की श्रृंखला प्रारंभ की है तब से यहां की भव्यता भी बढ़ती जा रही है। इतना ही नहीं पहले तो यदा कदा ही यहां स्थापित दीप स्तंभ प्रज्वलित होता दिखाई देता थे। लेकिन अब संस्था द्वारा प्रति सप्ताह इसे प्रज्वलित कराया जा रहा है। माता के मंदिरों को सुंदर फुल बंगले सा सजाया जा रहा है। रास्ते में कई स्थानों पर सुंदर रांगोलिया बनवाई जा रही है।
महाप्रसादी का भंडारा निरंतर संचालित कराया जा रहा है जिसमें हजारों श्रद्धालु भोजन प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं जिससे यहां की भव्यता और अधिक बढ़ती जा रही है।

संस्था के संवरक्षक सांसद महेन्द्रसिंह सोलंकी ने संस्था देववासिनी की बैठक में बताया था कि संस्था देववासिनी द्वारा महाआरती, महाप्रसादी वितरण का उद्वेश्य हैं कि समाजजनों में शहर की प्रतिष्ठित धार्मिक धरोहर माता टेकरी के प्रति जागरूकता पैदा हो, दर्शनार्थियों की नियमित संख्या बड़े और टेकरी का विकास हो।

संस्था के सचिव महेश चौहान ने बताया कि महाआरतियों में नगर के विविध वार्डो से हजारों की संख्या में भक्त टेकरी पर उमड़ रहे हैं।
संस्था द्वारा कार्यक्रम के शुरू से ही प्रत्येक शनिवार – रविवार को वार्डवार वार्डो में रहने वाले हिंदू बंधु, माताएं बहनें अपने अपने वार्ड के क्रमनुसार महाआरती में शामिल हो रहे है। श्रद्धालु अपने हाथों से माता रानी की आरती कर तद उपरांत महाप्रसादी ग्रहण कर रहे है। संस्था द्वारा वृद्ध जनों को टेकरी पर ले जाने, लाने की व्यवस्था संस्था द्वारा की जा रही है। संस्था के सदस्यों/कार्यकर्ताओं द्वारा वार्ड के क्रम अनुसार वार्ड में समाजजनो को घर घर जाकर पीले चावल देकर टेकरी पर महाआरती के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।