• जिला बदर आरोपी भी कच्ची हाथ भट्टी की शराब का परिवहन करते धराया
देवास। वैसे तो पूरे ज़िले में अवैध शराब के बिक्री-परिवहन की खबर देखने को मिलती है परंतु शहर में अवैध शराब का कारोबार जम कर हो रहा है। पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा अनेको बार कार्रवाई की खबर मिलती है परंतु यह कार्रवाई अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने में नाकाम नज़र आ रही है। प्रतिदिन शहर में अलग अलग थाना क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार पर कार्रवाई कर प्रकरण दर्ज हो रहे है।
दरअसल विगत 10 दिनों में शहर में पुलिस ने लगभग 73 आरोपियों पर 71 प्रकरण दर्ज किए है। जिले की बात करे तो यह आंकड़ा कई गुना हो सकता है। इन प्रकरणों में पुलिस ने लगभग पौने 3 लाख रुपए कीमत की 4,229 क्वार्टर शराब, 34 बियर बॉटल, 208 लीटर खुली शराब जब्त की है। प्रकरण में दर्ज एक आरोपित तो जिलाबदर होने के बावजूद अनाधिकृत रूप से जिले में प्रवेश कर अवैध रूप से कच्ची हाथ भट्टी की शराब का कारोबार कर रहा था। जिसे नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने बीती बाइक से अवैध शराब का परिवहन करते हुए बीती 20 तारीख की रात को पकड़ा है।
पिछले 10 दिनों मेंपुलिस थानो द्वारा की गई कार्रवाई का विवरण
कोतवाली थाना पुलिस : 13 आरोपियों पर 13 प्रकरण दर्ज
औद्योगिक थाना पुलिस : 21 आरोपियों पर 20 प्रकरण दर्ज
नाहर दरवाजा थाना पुलिस : 10 आरोपियों पर 10 प्रकरण दर्ज
भाजपा नेताओं ने वर्मा को झूठे, अशोभनीय, असभ्य बयान पर लिया आड़े हाथ
देवास। विगत दिनों से कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे वो देवास शाजापुर लोकसभा प्रत्याशी महेंद्र सिंह सोलंकी पर आरोप लगाते हुए दिख रहे थे जिस पर अब भाजपाइयों की प्रतिक्रिया सामने आई है।
भाजपाइयों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा की धीरे धीरे काल के गर्त में, नेपथ्य में समा रही कांग्रेस के लिए वंशवाद, परिवारवाद, मुस्लिम वोट बैंक, तुष्टिकरण एवं सनातन हिंदू धर्म से विरोध, नफरत की राजनीति तो जिम्मेदार है ही, उससे भी अधिक सज्जन सिंह वर्मा जैसे बड़बोले असभ्य नेता भी कांग्रेस की बुरी गत के लिए भस्मासुर साबित हुए हैं। कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा का देवास – शाजापुर लोकसभा प्रत्याशी महेंद्र सिंह सोलंकी पर आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल
देवास विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष राजेश यादव ने सज्जन वर्मा द्वारा सोनकच्छ में गिने चुने कांग्रेसियों के बीच भाजपा के लोकप्रिय सांसद प्रत्याशी महेन्द्र सिंह सोलंकी जी को लेकर दिए गए असभ्य, विवादित, अनर्गल एवं झूठे बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि सज्जन वर्मा हर चुनाव में सुर्खियों में बने रहने के लिए गैर जिम्मेदाराना बयान देते रहते है । प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष एवं संघर्षशील युवा भाजपा नेता श्री यादव ने कहा कि सज्जन वर्मा के पूर्व के बयानों को देखते हुए उन्हें दुर्जन कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी । वे कभी सनातन धर्म के भव्य प्रतीक भगवा को लांछित करते है । कभी सोनकच्छ के ग्राम चौबारा धीरा में भागवत कथा के मंच से हिंदू धर्म के प्रसिद्ध राष्ट्रीय संत पंडित प्रदीप मिश्रा, बाबा बागेश्वर धाम के संत के विरुद्ध अपशब्द कहते नजर आते है । सज्जन वर्मा के राष्ट्रीय संतो के विरुद्ध अशोभनीय बयान से कुपित, निराश भागवत कथाचार्य भरे मन से सोनकच्छ तहसील में कथा के लिए नही आने की घोषणा तक कर देते है। राजपूत समाज को गाली देने वाला निंदाजनक बयान भी पिछले विधानसभा चुनाव में देवास खूब वायरल हुआ था। भस्मासुर के समान सडक़छाप कांग्रेसी नेता सज्जन वर्मा अपने शासनकाल में बीते वर्षों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं को भी पटक पटक कर मारने की धमकी दे चुके है, लेकिन संघ कार्यकर्ताओं ने जब उनकी धमकी को स्वीकार किया तो पीछे हट गए। सज्जन वर्मा के झूठे आरोपों पर भाजपा के लोकसभा संयोजक बहादुर मुकाती ने कहा है कि सज्जन जैसे नेता कांग्रेस की लुटिया पूरी तरह से डूबा कर ही दम लेंगे। वर्मा के बयान की भाषाशैली को सुनकर ही समझा जा सकता है कि वे कितने अनपढ़, गंवार, निर्लज्ज व्यक्ति है।
दरअसल तो सज्जन वर्मा भाजपा के योग्य प्रत्याशी महेन्द्र सिंह सोलंकी के विरुद्ध भडक़ाने वाले बयान देकर कांग्रेस प्रत्याशी की चुनाव से पूर्व ही पराजय सुनिश्चित करना चाहते है, क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनके अलावा कोई ओर चेहरा देवास शाजापुर क्षेत्र में पांव जमा सके ।
लोकसभा संयोजक बहादुर मुकाती ने कहा कि हमने तो सज्जन वर्मा को कांग्रेस के प्रत्याशी की घोषणा से पहले ही चुनौती दी थी कि वे आए, जोर आजमाइश कर ले, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व ने जब उन्हें प्रत्याशी बनाने का साफा बांधना चाहा तो सज्जन वर्मा ने चुनाव में हार एवं अपनी राजनीति खत्म होने के डर से साफा बांधने से इंकार करते हुए अपना माथा फेर लिया।
मुकाती ने यह भी कहा कि देश के साथ देवास शाजापुर क्षेत्र में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए गए जनहितैषी कार्य एवं श्री मोदी के मार्गदर्शन में श्री सोलंकी द्वारा किए गए विकास कार्यों का सज्जन वर्मा के पास कोई जवाब नही है। न ही इनके पास जनहित एवं विकास का कोई विजन है। श्री सोलंकी पांच वर्षों तक जनता से सीधे जुड़े रहे है। जीवट सक्रियता से अपनी सनातनी, राष्ट्रवादी एवं जनसेवक की लोकप्रिय छवि स्थापित की है। इसलिए मिथ्या प्रलाप कर रहे है। श्री सोलंकी पर व्यक्तिगत आरोप लगाकर अपनी राजनीतिक दुकानदारी चलाने का कुत्सित प्रयास कर रहे है। जिसका जवाब चुनाव में जनता खुद देगी।
देवास। राष्ट्रीय हिन्दू महासंघ की बैठक शनिवार को बीमा रोड स्थित कार्यालय पर प्रदेशाध्यक्ष प्रेम बालोदिया के नेतृत्व में सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश सहित जिले में संगठन विस्तार पर चर्चा की जाकर आगामी कार्यक्रमों पर विचार विमर्श किया गया। बैठक के दौरान प्रदेशाध्यक्ष श्री बालोदिया ने करण सिंह बगानिया को जिलाध्यक्ष मनोनीत किया। तत्पश्चात जिलाध्यक्ष श्री बगानिया ने प्रदेशाध्यक्ष की अनुशंसा पर अशोक पारस को शहर अध्यक्ष नियुक्त किया। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने गौमाता की रक्षा के संकल्प के साथ अधिक से अधिक गौशालाएं खोलने पर विचार विमर्श किया। इस अवसर पर बडी संख्या में संगठन पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
विद्यालय अधिकतम दो से अधिक यूनिफार्म निर्धारित नहीं कर सकेंगे
देवास। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री ऋषव गुप्ता ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (1)(2) के तहत स्कूल संचालकों, पुस्तक प्रकाशकों एवं विक्रेताओं के एकाधिकार को समाप्त करने के लिए देवास जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये है। यदि कोई व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करेगा तो उसके विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जायेगी।
जारी निर्देशानुसार : स्कूल संचालक/प्राचार्य स्कूल में संचालित प्रत्येक कक्षा के लिये अनिवार्य पुस्तकों की सूची विद्यालय के परीक्षा परिणाम के पूर्व ही अपने स्कूल की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे।
विद्यालयीन सार्वजनिक सूचना पटल/स्थान पर चस्पा करेंगे। मान्यता नियमों के अन्तर्गत स्कूल की स्वयं की वेबसाइट होना अनिवार्य है।
स्कूल के प्राचार्य/संचालक पुस्तकों की सूची की एक प्रति प्रवेशित अभिभावकों को प्रवेश के समय एवं परीक्षा परिणाम के समय आवश्यक रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
कक्षावार बस्ते के वजन की सीमा का निर्धारण किया गया है। जिसमें कक्षा 01 एवं 02 के लिए 1.6 से 2.2 किलोग्राम, कक्षा तीसरी, चौथी एवं पांचवी के लिए 1.7 से 2.5 किलोग्राम, कक्षा 6वीं एवं 7वीं के लिए 02 से 03 किलोग्राम, कक्षा 8वीं 2.5 से 04 किलोग्राम, कक्षा 9वी एवं 10वीं के लिए 2.5 से 4.5 किलोग्राम, कक्षा 11वीं एवं 12वीं के बस्ते का वजन शाला प्रबंधन समिति द्वारा विभिन्न विषय स्ट्रीम के आधार पर तय किया जाएगा।
स्कूल संचालक/प्राचार्य विद्यार्थी एवं उनके अभिभावकों को सूचीबध्द पुस्तकें परीक्षा परिणाम अथवा उसके पूर्व क्रय करने के लिए बाध्य नहीं करेंगे।
अभिभावक पुस्तकों की उपलब्धता के आधार पर 30 अप्रैल 2024 तक क्रय कर सकेंगे। ऐसी स्थिति में अप्रैल माह में प्रारंभ होने वाले शैक्षणिक सत्र का उपयोग विद्यार्थियों के ओरिएंटेशन व्यवहारिक ज्ञान व मनोवैज्ञानिक पध्दति से शिक्षण में किया जाये।
स्कूल जिस नियामक बोर्ड यथा सी.बी.एस.ई/आई.सी.एस.ई/एम.पी.बी.एस.ई./माध्यमिक शिक्षा मण्डल आदि से सम्बध्द है, उस संस्था के द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम व पाठ्यक्रम के अन्तर्गत नियामक संस्था अथवा उसके द्वारा विधिकरूप से अधिकृत ऐजेंसी यथा एन.सी.आर.टी.ई. म.प्र. पाठ्य पुस्तक निगम आदि के द्वारा प्रकाशित एवं मुद्रित पुस्तकों के अतिरिक्त अन्य प्रकाशको/मुद्रकों द्वारा प्रकाशित की जाने वाली पुस्तकों को विद्यालय में अध्यापन के लिए न्यूनतम रखें ताकि अभिभावकों पर वित्तीय भार कम हो।
स्कूल संचालक/प्राचार्य सुनिश्चित करेंगे कि उक्त के अतिरिक्त अन्य विषयों जैसे नैतिक शिक्षा, सामान्य जान, कम्प्यूटर आदि की निजी प्रकाशकों/मुद्रकों द्वारा प्रकाशित पुस्तकें क्रय करना अनिवार्य न किया जाये।
स्कूल संचालक/प्राचार्य द्वारा विद्यार्थियों/अभिभावकों को पुस्तकें, कापियां, सम्पूर्ण यूनिफार्म आदि सम्बन्धित स्कूल/ संस्था अथवा किसी भी एक दुकान/विक्रेता/संस्था विशेष से क्रय किये जाने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा।
स्कूल संचालक/प्राचार्य/पालक शिक्षक संघ (पी.टी.एम.) सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी स्थिति में पुस्तकों के निजी प्रकाशक/मुद्रक/विक्रेता स्कूल परिसर में प्रचार प्रसार के लिए किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं करें।
स्कूल संचालक/प्राचार्य/ विक्रेता द्वारा पुस्तकों के सेट की कीमत बढ़ाने के लिए अनावश्यक सामग्री जो निर्धारित पाठ्यक्रम से सम्बन्धित ही नहीं है का समावेश सेट में नहीं किया जायेगा।
कोई भी विक्रेता किसी भी कक्षा के पूरे सेट को क्रय करने की बाध्यता नहीं रखेगा, यदि किसी विद्यार्थी के पास पुरानी पुस्तकें उपलब्ध है तो उसे केवल उसकी आवश्यकता की पुस्तकें ही विक्रेता द्वारा उपलब्ध कराई जायेगी।
नोट बुक, कॉपी पर ग्रेड किस्म, साइज, मूल्य, पृष्ठ संख्या स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिये, किसी भी पुस्तक, नोट बुक, कॉपी अथवा इन पर चढ़ाये जाने वाले कवर पर विद्यालय का नाम मुद्रित सामग्री क्रय करने के लिए बाद्धय नहीं किया जायेगा।
कोई भी स्कूल / संस्था किसी पुस्तक विक्रेता को पूरा किताब सेट, किसी भी सप्लायर अथवा ठेकेदार से लेने के लिये बाध्य न करे , पुस्तक विक्रेता पुस्तकें खरीदने के लिए स्वतंत्र हो इसका पालन हो।
कोई भी विद्यालय अधिकतम दो से अधिक यूनिफार्म निर्धारित नहीं कर सकेंगे ब्लेजर/स्वेटर इसके अतिरिक्त होगा।
विद्यालय प्रशासन द्वारा यूनिफार्म का निर्धारण इस प्रकार किया जा सकेगा कि कम से कम 03 वर्ष तक इसमें परिवर्तन नहीं हो विद्यालय प्रशासन द्वारा वार्षिकोत्सव अथवा अन्य किसी आयोजन पर किसी भी प्रकार की वेशभूषा को विद्यार्थियों/पालकों को क्रय करने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा।
जिन विषयों के सम्बन्ध में नियामक संस्था के द्वारा कोई पुस्तक प्रकाशित/मुदित नहीं की गई है। उस विषय से सम्बन्धित किसी अन्य पुस्तक को अनुशंसित किये जाने के पूर्व स्कूल संचालक सुनिश्चित करेंगे कि उक्त पुस्तक की पाठ्य सामग्री ऐसी आपत्तिजनक नहीं हो जिससे कि लोक प्रशांति भंग होने की संभावना हो।
आत्मनिर्भर भारत संकल्प अन्तर्गत प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा दिया जा रहा बढ़ावा
देवास। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पूर्व सांसद महेन्द्रसिंह सोलंकी द्वारा शहर में भ्रमण करते हुए वोकल फॉर लोकल का संदेश दिया गया।
गौरतलब है कि बीते वर्षो में वैश्विक महामारी कोरोना के संकट में जब जनजीवन की रक्षा के लिये लॉकडाउन लगाना पड़ा। उसके पश्चात विश्व की अर्थ व्यवस्था कमजोर हो गई। उद्योग, व्यापार, रोजगार पर संकट का साया मंडराने लगा। तब हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने का अभियान प्रारंभ किया गया। वोकल फॉर लोकल का मतलब, देश में निर्मित घरेलु उत्पाद की खरीदारी, उसका प्रचार प्रसार, इसके माध्यम से रोजगार सृजित करना। आत्मनिर्भर भारत संकल्प के अन्तर्गत प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिये अपने मन की बात कार्यक्रम में भी प्रमुखता से उल्लेख किया गया।
इस अभियान से जुडक़र देश में घरेलु उत्पाद का निर्माण एवं बिक्री बढ़ी है। स्वदेशी खिलोने, अगरबत्ती, दीपक, कपड़ा, पर्स, हस्तशिल्प, लोकल ब्युटिशन, इलेक्टानिक सामग्री सहित अनेक घरेलु उत्पादों को वोकल फॉर लोकल से बल मिला है। विविध समूहो से जुड़ी महिलाओं की इस अभियान से आमदनी बढ़ी है। उनका जीवन स्तर उठा है। छोटे कुटीर एवं घरेलु उद्योगों की ओर लोगो का रूझान बढ़ा है। वोकल फॉर लोकल अभियान का संदेश देने के लिये सांसद श्री सोलंकी ने रेलवे स्टेशन सहित अन्य स्थानों पर जाकर लोकल पर्स एवं गमले एवं सजावट की सामग्री की खरीदारी की। यही नहीं श्री सोलंकी ने सामग्री की कीमत भी ऑनलाइन अदा की। इस अवसर पर कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
देवास। अब जरूरतमंदों को भोजन की तलाश में इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। उन्हें शहर के प्रमुख चौराहों व स्थलों पर से ही भरपेट भोजन मिलता रहेगा। भोजन की थाली भी सिर्फ 5 रुपए में मिलेगी। चलित रसोई की वैन अलग-अलग स्थानों पर घुमेगी और लोगों को भरपेट भोजन कराएगी। दीनदयाल रसोई योजना में गुरुवार को बस स्टैंड पर विधायक श्रीमंत गायत्री राजे पवार ने फीता काटकर व हरी झंडी दिखाकर चलित रसोई का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने अपने हाथों से गरमा-गरम भोजन की थाली बस स्टैंड पर मौजूद मुसाफिरों और जरूरतमंदों को दी। सभी ने तृप्ति के साथ भोजन किया।वैसे तो शहर के तीन स्थानों पर दीनदयाल रसोई योजना संचालित हो रही है। अब चलित रसोई वाहन से यह सुविधा शहर के प्रमुख चौराहा, जिला अस्पताल, बस स्टैंड आदि स्थानों पर नियमित रूप से मिलेगी। विधायक श्रीमंत पवार ने चलित रसोई का शुभारंभ करते हुए लोगों को भोजन भी कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में राहगीरों ने सब्जी-पूड़ी, पुलाव, गुलाब जामुन का लुत्फ उठाया। पहले दिन चलित रसोई बस स्टैंड के बाद मजदूर चौराहा पहुंची, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने भरपेट भोजन किया।
इस अवसर पर विधायक श्रीमंत पवार ने कहा कि यह मप्र शासन की एक महत्वपूर्ण योजना है। प्रदेश सरकार बड़ी संवेदनशील है। इस योजना में सिर्फ 5 रुपए में भोजन दिया जा रहा है। कोई भी जरूरतमंद भूखा नहीं रहेगा। शासन की योजनाओं से हर वर्ग का कल्याण हो रहा है।
कार्यक्रम में विधायक व महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल, शहरी गरीबी उपशमन विभाग समिति अध्यक्ष शीतल गेहलोत, लोक निर्माण समिति अध्यक्ष गणेश पटेल, स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह बैस, विधायक प्रतिनिधि भरत चौधरी, वरिष्ठ भाजपा नेता ओम जोशी, पार्षद रितु संवनेर, पार्षद प्रतिनिधि अजय पंडित, मंडल अध्यक्ष सचिन जोशी, मिलिंद सोलंकी, संतोष पंचोली, निगम कार्यालय अधीक्षक अशोक उपाध्याय, स्वास्थ्य अधिकारी जितेंद्र सिसोदिया, विजय जाधव, सूर्यप्रकाश तिवारी, विशाल जगताप आदि उपस्थित थे।
देवास। नगर निगम शहर को प्रदूषण रहित बनाने के लिए हरेभरे क्षेत्र को बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है। एबी रोड पर स्पोटर्स पार्क में हरियाली मन को सुकून देती है। यहां पर खेल गतिविधियों के माध्यम से खिलाड़ी अपने हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी तरह अब कुछ ही दिनों में मधुमिलन चौराहा के समीप एबी रोड पर दोनों ओर घना जंगल नजर आएगा। सिटी फॉरेस्ट के नाम से इस जंगल का लगभग 70 फीसदी काम पूरा हो गया है। कुछ ही दिनों में आम शहरवासी इस घने जंगल की सैर के लिए भी आ सकेंगे।
महापौर गीता अग्रवाल व विधायक प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल ने बुधवार को सिटी फॉरेस्ट का निरीक्षण किया। करीब सवा घंटे तक उन्होंने सिटी फॉरेस्ट के प्रत्येक हिस्से में मुआयना किया। जो कमियां नजर आई, उसे सुधारने के लिए निर्देश दिए। दोनों ओर के सिटी फॉरेस्ट में लगभग 5 हजार पेड़-पौधों का रोपण हुआ है। यहां और पौधारोपण हो रहा है। पेड़-पौधे वृद्धि करने पर घने जंगल के रूप में परिवर्तित होंगे। यहां पर शहरवासियों के आवागमन को देखते हुए कच्चा मार्ग तैयार किया गया है। बैठने के लिए लकड़ी की बैंच भी होगी। जंगल की सुरक्षा के लिए सीमेंटकांक्रीट या लोहे के बजाय लकड़ी की बाउंड्रीवॉल बनाई जा रही है। पूर्ण रूप से जंगल का अहसास कराने के लिए तालाब भी बनाया है। यहां आने वाले को निश्चित तौर पर शहर के मध्य जंगल का अहसास होगा। लगभग 200 मीटर लंबे और 50 मीटर चौड़े जंगल का एरिया बारिश के दिनों में बेहद ही खूबसूरत नजर आएगा। महापौर ने एक महीने में शेष कार्य पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।महापौर ने इसके पश्चात एबी रोड पर ही तैयार किए गए स्पोर्टस पार्क व संविधान पार्क का निरीक्षण किया। यहां हरियाली को बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। महापौर ने पेड़-पौधों व घास को नियमित रूप से पानी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा गर्मी के दिनों में पौधे जल्दी मुरझाते हैं, इसलिए पौधों को पानी पिलाने में किसी प्रकार की कोताही ना बरती जाए।
शहर के वातावरण को प्रदूषण रहित बनाने का प्रयास : विधायक प्रतिनिधि श्री अग्रवाल ने कहा, कि हम शहर के वातावरण को प्रदूषण रहित बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। अधिक से अधिक पौधारोपण करवा रहे हैं। एयर क्लीन प्रोजेक्ट के अंतर्गत शहर के अंदर ही सिटी फॉरेस्ट का विकास किया जा रहा है। जल्द ही सिटी फॉरेस्ट बनकर तैयार हो जाएगा। यहां घना वन होने से ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ेगी। हमने निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां देखी, जिसे दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
इस दौरान पार्षद आलोक साहू, पार्षद प्रतिनिधि नितिन आहूजा, भाजपा नेता विपुल अग्रवाल, सहायक यंत्री जगदीश वर्मा, दिनेश चौहान, विजय जाधव आदि उपस्थित थे।
• सम्पूर्ण जिले में नलकूप खनन प्रतिबंधित रहेगा, आदेश उल्लंघन पर 2 वर्ष तक का कारावास
देवास। कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने जिले में संभावित घरेलू/पेयजल संकट से निपटने एवं आमजन सहित पशु-पक्षी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मध्य प्रदेश पेयजल परीक्षण अधिनियम 1986 की धारा 3 में प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए देवास जिले को “जल अभावग्रस्त क्षेत्र’’ घोषित कर सभी जल स्त्रोतों बांध, नदी, नहर, जलधारा, झरना, झील, जलाशय, नालाबंधान, नलकूप या कुओं से किसी भी साधन से सिंचाई करना 30 जून 2024 तक प्रतिबंधित किया है। आदेश का उल्लंघन करने पर प्रथम अपराध के लिए 05 हजार रूपये के जुर्माने से और पश्चातवर्ती प्रत्येक अपराध के लिए 10 हजार रूपये के जुर्माने या 02 वर्ष तक के कारावास से दंडनीय होगा।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने जिला स्थित समस्त जल स्त्रोतों में संग्रहीत जल को पेयजल एवं घरेलू उपयोग के लिए सुरक्षित करते हुए निर्देश जारी किये हैं। कोई भी व्यक्ति किसी भी जल स्त्रोत से सिंचाई के लिए जल उपयोग नहीं करेगा। जल संरक्षण की दृष्टि से सम्पूर्ण जिले में नलकूप खनन प्रतिबंधित रहेगा। जिले की राजस्व सीमा क्षेत्र में नलकूप/बोरिंग मशीन द्वारा किसी भी प्रकार का खनन नहीं किया जायेगा। वर्तमान जल स्त्रोतों से पेयजल/घरेलू या निस्तार प्रयोजन को छोड़ अन्य किसी प्रयोजन के लिए भी जल उपयोग प्रतिबंधित होगा।
आवश्यक होने पर अनुभाग अंतर्गत संबंधित “अनुविभागीय अधिकारी राजस्व/ अनुविभागीय दण्डाधिकारी किसी क्षेत्र में नल जल योजना न होने अपेक्षित स्थान के आसपास हेण्डपम्प कुंओं न होने अपेक्षित स्थान से 150 मीटर के रेडियस में नलकूप या कुंआ न होने, अन्य पेयजल स्त्रोतों पर विपरीत प्रभाव न पड़ने आदि का परीक्षण पीएचई विभाग के सक्षम तकनीकी अधिकारी से करवाकर नलकूप खनन की अनुमति जारी कर सकेंगे। यदि नलकूप खनन की अनुमति प्रदान की जाती है तो आवेदक को निर्धारित फीस का भुगतान करना आवश्यक होगा।
शासकीय संस्थाओं के लिए उपरोक्त प्रतिबंध लागू नहीं होंगे, किन्तु तत्संबंधी कार्यों की जानकारी संबंधित विभाग द्वारा क्षेत्र में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व/अनुविभागीय दण्डाधिकारी को अनिवार्य रूप से प्रदान करना होगी। किसी जल स्त्रोत से पूर्व अनुमति प्राप्त अन्य प्रयोजन के जल उपयोग पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
देवास। कहते हैं व्यक्ति का व्यक्तित्व व उसकी शख्सियत हमेशा जिंदा रहती है। हिमांशु राठौर (बाबा साहब) ऐसी शख्सियत थे, जिनके प्रेम व स्नेह ने समाज को एक नई दिशा दी, जिनके लिए उन्हें आज भी जाना जाता है। प्रेम का अनूठा पाठ अपने ढंग से सिखाने वाले हिमांशु राठौर बाबा साहब की स्मृति में रविवार को एक गरिमामय कार्यक्रम में पत्रकारों व समाजसेवी का सम्मान किया गया। यह कार्यक्रम समाज के हित में अपनी निष्पक्ष कलम चलाने वाले व समाज को एक नई दिशा प्रदान करने के लिए दिया गया। गत 3 वर्षों से लगातार प्रेस क्लब एवं राठौर परिवार द्वारा यह सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है।
उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी, विशेष अतिथि दिलीप जाधव इतिहासकार, अध्यक्षता पूर्व महापौर जयसिंह ठाकुर एवं प्रेस क्लब अध्यक्ष अतुल बागलीकर ने की। सर्वप्रथम कार्यक्रम का शुभारंभ वीणावादिनी माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर हुआ। उसके पश्चात स्व. श्री हिमांशु राठौर को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई व उनके श्रेष्ठतम कार्यों को याद किया गया। इस अवसर पर अतिथिगणों ने बाबा साहब को नमन कर पत्रकारिता के श्रेष्ठतम कार्यकाल को याद किया। सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री ठाकुर ने कहा कि बाबा साहब की शख्सियत अनूठी थी। मैं जब उनसे पत्रकार बनने के बाद मिला तो मैं चोंक गया और उनकी कलम का कायल हो गया। आजकल के दौर में नैतिक मूल्यों का पतन हो रहा है। आशा की किरण केवल न्यायपालिका व पत्रकारिता में ही दिखाई पड़ती है। श्री जाधव ने कहा कि साहित्यकार होने के नाते सच बोलने की आदत और समाज को आइना दिखाता रहा हूँ, जिस तरह का माहौल है उसमें पत्रकारिता की भूमिका बढ़ जाती है। उद्बोधन के पश्चात अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किये गए। कार्यक्रम का सफल संचालन अरविंद त्रिवेदी व आभार त्रिभुवन शर्मा ने माना।
देवास। निगम सीमा क्षेत्र मे बगैर लाइसेंस व शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन नही करने तथा दिनांक 9 मार्च को सम्पन्न हुई निगम परिषद की बैठक में परिषद सदस्यों द्वारा शासन नियमानुसार मांग उठाई गई थी कि बगैर लाइसेंस व शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन नही कर व्यवसायी चिकन व मटन का विक्रय कर रहे है। बैठक के दौरान ही सभापति मनीष सेन द्वारा आयुक्त रजनीश कसेरा को दुकान बंद करवाए जाने के निर्देश दिए थे।
आयुक्त ने परिषद के दौरान ही स्वास्थ्य अधिकारी को दुकान बंद करवाए जाने के निर्देश दिए थे। निर्देशो के पालन मे नगर निगम की टीम द्वारा सोमवार सोमवार 11 मार्च को शहर के शुक्रवारिया हाट, उज्जैन रोड, इटावा व अमोना क्षेत्र में स्थित चिकन व मांस का विक्रय करने वाले व्यवसाईयों की दुकानें बंद करवाई गई तथा नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 253, 254, 255 के अंतर्गत प्रकरण बनाये गये। कार्यवाही मे शुक्रवारिया हाट मे सरदार चिकन सेंटर, मदनी चिकन सेंटर, ख्वाजा चिकन सेंटर, शेख ट्रेडर्स चिकन सेंटर, मोहसिन चिकन सेंटर, कोहिनूर चिकन सेंटर, आलिफ चिकन सेन्टर तथा ईटावा मे पटेल चिकन शॉप, मदनी एग्ज डिपो, जोया चिकन सेंटर, आदिल चिकन सेन्टर पर उक्त धाराओं के अन्तर्गत प्रकरण बनाये जाकर दुकानो को बंद करवाया गया तथा चिकन मटन विक्रय करने वाले व्यवसाईयों को शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करने हेतु निर्देशित किया गया। महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल ने चिकन व मटन विक्रय करने वाले व्यवसाईयों से अपील की है कि वे निगम से लायसेंस बनवाकर व शासन द्वारा निर्धारित नियमो का पालन कर अपना व्यवसाय संचालित करे। कार्यवाही मे निगम स्वास्थ्य एवं खाद्य निरीक्षक हरेन्द्र सिंह ठाकुर, दरोगा अबरार पठान व उनकी टीम उपस्थित रही।