तीर्थ स्थल रहेगा सम्मेद शिखरजी, झारखंड सरकार ने लिया फैसला वापिस

जैन समाज के महातीर्थ सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित करने के अपने फैसले को झारखंड सरकार ने वापस ले लिया है, अब सम्मेद शिखर तीर्थ स्थल ही रहेगा, उसे पर्यटन स्थल घोषित नहीं किया जाएगा।झारखंड सरकार द्वारा जैन तीर्थ सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल घोषित करने के विरोध में बुधवार को जैन समाज सडक़ों पर उतरा व सरकार के इस फैसले पर नारागजी जाहिर की थी, मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों में रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए झारखंड सरकार को इस फैसले को वापस लेने के लिए आवाज बुलंद की गई।

जैन समाज के विरोध के चलते झारखंड सरकार को झुकना पड़ा। झारखंड सीएम हेमंत सोरेन ने सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित करने का फैसला वापस ले लिया है, अब जैन तीर्थ सम्मेद शिखर तीर्थ स्थल के रूप में ही पहचाना जाएगा। सुबह से लेकर दोपहर तक जहां जैन समाज सरकार के फैसले से नाराज थे, वहीं दोपहर में जैसे ही झारखंड सरकार ने अपने इस फैसले को वापस ले लिया, बता दें कि जिस दिन से झारखंड के गिरिडीह स्थित जैन तीर्थ सम्मेद शिखर जी को पर्यटन स्थल बनाने का नोटिफिकेशन जारी हुआ था, तभी से जैन समाज का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था, बुधवार को तो जैन समाजजनों ने अपने काम धंधे बंद करके धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था, इसी के साथ विशाल रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की, जैन समाज को इस संघर्ष का लाभ् मिला और सरकार को जैन समाज के आगे झुकने पर मजबूर होना पड़ा।

Dewas : पाथवे की सुंदरता बिगाड़ रहे असामाजिक तत्व

देवास। माँ चामुण्डा टेकरी पर बने पाथवे पर सुरक्षा व्यवस्था नही होने पर असामाजिक तत्वों द्वारा लगातार टेकरी की सुंदरता को समाप्त किया जा रहा है। वहां लगी कुर्सियां, बोर्डो और पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। युवा कुलदीप धाकड़ ने बताया कि जहां माता टेकरी पर हरियाली करने के उद्देश्य से पौधे लगाकर उनकी देखभाल करने में लगे है।

वहीं कुछ असामाजिक लोग पाथवे व माता टेकरी की सुंदरता को खत्म करने पर तुले है। पाथवे के हालात देखकर ऐसा लगता है कि वर्षों से यहां पर विकास नही हुआ है। मॉर्निंग वॉक करने आने वाले लोग भी असामाजिक लोगों के इस कृत्य से परेशान है। सुरक्षा हेतु जवान नही होने के कारण रात्रि के समय में असामाजिक तत्वों का डेरा लगा रहता है।

बावजूद इसके प्रशासन द्वारा इस ओर ध्यान नही दिया जा रहा है। पहले भी इस प्रकार की घटना हो चुकी है। पाथवे पर निर्मित कुर्सी को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है, जिससे लोगों के मन में भी भय व्याप्त है। धाकड़ ने मांग की है कि प्रशासन इस ओर ध्यान देते हुए सुरक्षा की दृष्टि से उचित निर्णय ले। साथ ही रात्रि में पुलिस जवान की तैनाती की जाए।

Dewas पवित्र पर्वत सम्मेद शिखरजी को पर्यटन केन्द्र बनाने के विरोध में सड़क पर उतरा जैन समाज…

देवास। झारखंड राज्य स्थित जैन समाज के सर्वोच्च तीर्थ एवं पवित्र पर्वत सम्मेद शिखरजी को भारत सरकार एवं झारखंड सरकार द्वारा पर्यटन केन्द्र बनाये जाने की अधिसूचना जारी की गई है। जिसके विरोध में भारतभर के अनेकों स्थानों के साथ देवास में भी जैन समाज ने सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और झारखंड के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। देखे वीडियो👇👇

दरअसल जैन जगत के झारखंड स्थित सर्वोच्च तीर्थ एवं पवित्र पर्वत सम्मेद शिखरजी को भारत सरकार एवं झारखंड सरकार द्वारा पर्यटन केन्द्र बनाये जाने की अधिसूचना जारी की गई है। इसके अंतर्गत इस पारसनाथ पर्वत को वन अभ्यारण्य एवं पिकनिक स्थल बनाये जाने का प्रस्ताव है। यदि इस अधिसूचना का पालन होता है तो जैन जगत का यह आस्थावान तीर्थ गैर धार्मिक गतिविधियों का केन्द्र बन जाएगा। इस निर्णय से भारत भर के जैन समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई है। किसी भी धार्मिक स्थल को गैर धार्मिक गतिविधियों से जोडऩा सर्वथा गलत है तथा न्यायोचित भी नहीं है। भारत सरकार एवं झारखंड सरकार की इस अधिसूचना को वापस लेने के आग्रह के साथ आज बुधवार को भारतभर के जैन समाज में विरोध, प्रदर्शन, ज्ञापन एवं बंद जैैसी कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में देवास में भी जैन समाज द्वारा विशाल विरोध निकालकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और झारखंड के मुख्यमंत्री के नाम कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा है।ज्ञापन में कहा गया है की यदि इस प्रकार के विरोध से भी अधिसूचना वापस नहीं ली गर्ई तो जैन समाज द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।

Dewas विरोध प्रदर्शन: सरकार द्वारा जैन तीर्थ सम्मेद शिखरजी की पवित्रता भंग के विरोध में कल दिया जाएगा ज्ञापन…

देवास। जैन जगत के झारखंड स्थित सर्वोच्च तीर्थ एवं पवित्र पर्वत सम्मेद शिखरजी को भारत सरकार एवं झारखंड सरकार द्वारा पर्यटन केन्द्र बनाये जाने की अधिसूचना जारी की गई है। इसके अंतर्गत इस पारसनाथ पर्वत को वन अभ्यारण्य एवं पिकनिक स्थल बनाये जाने का प्रस्ताव है। यदि इस अधिसूचना का पालन होता है तो जैन जगत का यह आस्थावान तीर्थ गैर धार्मिक गतिविधियों का केन्द्र बन जाएगा। इस निर्णय से भारत भर के जैन समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई है। किसी भी धार्मिक स्थल को गैर धार्मिक गतिविधियों से जोडऩा सर्वथा गलत है तथा न्यायोचित भी नहीं है। भारत सरकार एवं झारखंड सरकार की इस अधिसूचना को वापस लेने के आग्रह के साथ भारतभर के जैन समाज में विरोध, प्रदर्शन, ज्ञापन एवं बंद जैैसी कार्यवाही की जा रही है। यदि इस प्रकार के विरोध से भी अधिसूचना वापस नहीं ली गर्ई तो जैन समाज द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। इसी तारतम्य में देवास जैन समाज द्वारा 21 दिसम्बर बुधवार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं झारखंड मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। इस हेतु समाज के पुरूष महिलाएं एवं बच्चों द्वारा विशाल विरोध रैली निकाली जाएगी व जिलाधीश को ज्ञापन दिया जाएगा। प्रवक्ता विजय जैन ने बताया कि उक्त विरोध रैली प्रात: 9.30 जैन संत सदन नयापुरा से प्रारंभ होकर तुकोगंज रोड, जनता बैंक चौराहा, एम जी रोड होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचेगी।

Dewas : आयुक्‍त संभाग ने विकास खण्ड महिला सशक्तिकरण अधिकारी एवं प्रभारी परियोजना अधिकारी को किया निलंबित

देवास : आयुक्‍त उज्‍जैन संभाग श्री संदीप यादव ने विकास खण्ड महिला सशक्तिकरण अधिकारी एवं प्रभारी परियोजना अधिकारी बागली सुश्री नीलम सेठिया को अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही एवं उदासीनता बरतने तथा सिविल सेवा (आचरण) के विपरीत आचरण करने पर मध्‍य प्रदेश सिविल सेवा(वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। विकास खण्ड महिला सशक्तिकरण अधिकारी एवं प्रभारी परियोजना अधिकारी बागली सुश्री नीलम सेठिया का निलंबन अवधि में मुख्यालय कलेक्‍टर कार्यालय देवास रहेगा तथा निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी ।

आदेश में उल्‍लेख किया गया है कि विकास खण्ड महिला सशक्तिकरण अधिकारी एवं प्रभारी परियोजना अधिकारी बागली सुश्री नीलम सेठिया प्रायः बैठक में अनुपस्थित रहती है, कर्तव्य पर उनकी उपस्थिति भी अनियमित रहती है, वे कर्तव्य पर अनुपस्थित अथवा अवकाश पर रहने की आदी हैं तथा शासकीय योजनाओं/गतिविधियों एवं कार्य के प्रति भी सुश्री सेठिया का रवैया पूर्णतः असहयोगात्मक, उदासीन व लापरवाही पूर्ण रहा है। “विभागीय महत्वपूर्ण योजनाओं में लक्ष्य के विरूद्ध उपलब्धि भी शत प्रतिशत नहीं हैं। सी.एम. हेल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निराकरण में भी कोई रूचि नहीं ली। समय-समय पर दी गई समझाइश के उपरांत भी प्रभारी परियोजना अधिकारी सुश्री नीलम सेठिया की कार्य प्रणाली एवं व्यवहार में कोई सुधार परिलक्षित नहीं हो रहा है, और न ही विभागीय योजनाओं व गतिविधियों के क्रियान्वयन को उनके द्वारा कोई गति प्रदान की जा रही है। कर्तव्यों के प्रति अत्यंत लापरवाह तथा शासन के कार्यों में उनके द्वारा घोर लापरवाही बरती जा रही हैं।

Dewas जनसुनवाई में आए व्यक्ति ने खाया जहर…

देवास। कलेक्टर परिसर में आयोजित जनसुनवाई में शिकायत लेकर पहुंचे व्यक्ति ने जनसुनवाई में शामिल होने के बाद बाहर मीडिया वालो को अपनी पीड़ा व्यक्त करते समय जहर खा लिया। जिसके बाद पीड़ित को ईलाज के लिए तहसीलदार पूनम तोमर द्वारा ज़िला अस्पताल ले जाया गया। देखे वीडियो

https://youtu.be/Zvr2qazW4p8

दरअसल प्रेम नगर पार्ट 2 में रहने वाले युवक अरुण सोनी ने आज जनसुनवाई में शामिल होने के बाद बाहर मीडिया वालो को अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए चूहे मारने की दवाई खा ली हालांकि वहाँ मौजूद लोगों ने तुरंत उनके मुंह से दवाई निकलवाई व तहसीलदार मैडम द्वारा तुंरत उन्हें ईलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। अरुण इप्का लेबोरेटरी में काम करते थे और बीते 24 फरवरी को कंपनी में कार्य करते हुए इनका पैर जल गया था। अरुण का आरोप है कि कंपनी के लोगो ने मुझे कहा था की बाहर यह बताना की तुम्हारा पैर घर पर जला है। हम तेरी पूरी मदद करेंगे सैलरी भी देंगे और मुआवजा भी देंगे। मैं उनके विश्वास में आ गया और मैने अस्पताल में भी यही बताया की मेरा पैर घर पर जला है। परंतु मुझे आज तक कुछ प्राप्त नहीं हुआ।

अरुण द्वारा जनसुनवाई में इसकी शिकायत की गई। जिसके बाद 1 माह से अरुण की शिकायत पर प्रकरण चल रहा है। अरुण का कहना है की अधिकारी भी मुझे केस वापस लेने का दवाव बना रहे है।
आठ माह से परेशान होने के बाद अब अरुण को जब कोर्ट जाने का कहा तो अरुण ने जहर खा लिया। जहर को तुरंत अरुण के मुंह से निकलवा दिया गया था जिससे जहर शरीर में नही जा सका। जिसके बाद अरुण को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। अरुण की हालत स्थिर बताई जा रही है

Dewas शुक्रवारीया हाट में मंदिर के आसपास का अतिक्रमण बन सकता है विवाद का कारण

देवास। शहर में धार्मिक स्थलों के आसपास अतिक्रमण एवं धर्म स्थलों के नाम पर अवैध कब्जा कर किया गया अतिक्रमण नई बात नहीं है। जिसके कारण आए दिन विवाद की स्थिति निर्मित होती रहती है। ताजा उदाहरण के तौर पर शहर के प्रमुख संवेदनशील स्थल शुक्रवार या हाट में प्राचीन पिपलेश्वर मंदिर एवं दुर्गा माता मंदिर के आसपास का अतिक्रमण शहर में कभी भी सांप्रदायिक विवाद का बड़ा कारण बन सकता है। गौरतलब है कि इन मंदिरों के आसपास बड़ी संख्या में फल फ्रूट एवं सब्जी विक्रेताओं द्वारा जोर जबरदस्ती कर हाथ ठेले लगाकर अतिक्रमण किया हुआ है।

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अतिक्रमण कर्ताओं द्वारा मंदिर के आसपास गंदगी के अलावा गाली गलौच भी की जाती है। मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों को आवाजाही एवं वाहन खड़े करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कोई दर्शनार्थी यदि अतिक्रमण का विरोध करता है तो उसके साथ अभद्रता एवं मारपीट की जाती है। 2 सप्ताह पूर्व ही इन अतिक्रमण कर्ताओं द्वारा एक युवा दर्शनार्थी के साथ गाली गलौज की गई थी जिसके कारण विवाद की स्थिति निर्मित हुई। जिसके पश्चात प्रशासन द्वारा मंदिर के आसपास से अतिक्रमण हटा दिया गया था लेकिन फिलहाल अतिक्रमण करताओ द्वारा फिर से हाथ ठेले लगाकर मंदिर परिसर को घेर लिया गया। कल सोमवार को इसके कारण काफी गहमागहमी एवं सांप्रदायिक तनाव की स्थिति निर्मित हो गई।

एक और मंदिर समिति के सदस्य एवं हिंदू संगठन के लोग जमा हो गए, जबकि दूसरी ओर अतिक्रमण कर्ताओं के साथ दूसरे पक्ष के असामाजिक तत्व की भीड़ इकट्ठा हो गई। वह तो गनीमत है की क्षेत्रवासियों द्वारा तत्काल पुलिस को सूचना दी गई जिस पर कोतवाली पुलिस से बड़ी संख्या में पुलिस बल आया एवं अतिक्रमण कर्ताओं एवं असामाजिक तत्व को खदेड़ कर भगाया गया। समय रहते यदि पुलिस बल नहीं पहुंचता तो शुक्रवारीया हाट स्थित मंदिर के आसपास का अतिक्रमण शहर में बड़े सांप्रदायिक विवाद का कारण बन सकता था। प्रशासन को चाहिए कि मंदिर के आसपास से स्थाई तौर पर अतिक्रमण हटाया जाए ताकि दर्शनार्थियों के आवागमन एवं वाहन खड़ा करने का स्थान सुलभ हो सके।

Dewas : नापतौल विभाग द्वारा तौल कांटा की जांच कर 09 प्रकरण किए पंजीबद्ध

देवास : निरीक्षक विधिक माप विज्ञान ने बताया कि सोनकच्छ में हाट-बाजार में पुन: तौल व पुन: सत्यापन जांच शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 9 प्रकरण फल/सब्जी विक्रेताओं के कम तौल में दर्ज किए गए। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही पीपलरावां में अमुद्राकिंत व असत्यापित तौल कांटा का उपयोग करने पर पटेल ट्रेडर्स के विरूद्ध विधिक माप विज्ञान अधिनियम अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया। पूर्व में भी नापतोल विभाग द्वारा शहर के शुकवारिया हाट में तोल काँटे को अमुद्राकिंत व असत्यापित पाए जाने पर कार्यवाही की गई थी।

Dewas : सवा करोड़ की नोकरी छोड़ देवास के प्रांशुक कांठेड़ बनेगे जैन मुनि

देवास। जिले के हाटपिपल्या में रहने वाले 28 वर्षीय प्रांशुक कांठेड़ आगामी 26 दिसंबर को जैन मुनि बनने जा रहे है। 26 दिसम्बर से 3 दिवसीय दीक्षा महोत्सव में प्रांशुक आचार्य उमेश मुनि महाराज के शिष्य जिनेंद्र मुनि से जैन संत बनने की दीक्षा लेंगे।

प्रांशुक कांठेड़ के साथ दो युवा प्रियांशु निवासी थांदला और पवन कासवा निवासी रतलाम भी दीक्षा लेने जा रहे हैं। प्रांशुक कांठेड़ की बचपन से ही संत बनने की इच्छा थी। प्रांशुक कांठेड़ ने इंदौर में पढ़ाई के बाद USA में आगे की पढ़ाई करने के बाद करीब तीन साल तक वहा नौकरी की है। प्रांशुक वहां डेटा साइंटिस्ट थे, 15 साल की उम्र में ही इनकी जैन मुनि बनने की प्रबल इच्छा थी।प्रांशुक देवास जिले के हाटपिपल्या के मूल निवासी है अभी इंदौर में रह रहे है। घर में माता- पिता और एक छोटा भाई है। हाटपिपल्या में होने जा रहे तीन दिवसीय दीक्षा महोत्सव में प्रांशुक के अलावा दो अन्य युवा भी जैन मुनि बनेंगे। प्रांशुक के मामा के बेटे प्रियांशु निवासी थांदला ईन्होंने भी MBA कर रखा है और पवन कासवा निवासी रतलाम भी दीक्षा लेंगे।

लगभग 53 साधु भगवंतों के सानिध्य में 26 दिसंबर को दीक्षा का कार्य सम्पन्न होगा। प्रांशुक इंदौर के SGSITS कॉलेज से BE करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका चले गए। डेढ़ साल पढ़ाई के बाद प्रांशुक ने 3 साल तक डेटा साइंटिस्ट की नौकरी की। जहां उनकी 1.25 करोड़ सालाना सैलरी थी, प्रांशुक जनवरी 2021 में वापस भारत आ गए थे। जैन संतों के बीच में करीब डेढ़ साल रहकर उन्होंने अपनी कामनाओं को परखा और अब वह हाटपिपल्या में दीक्षा लेकर आगे संत की तरह जीवन गुजारेंगे। परिजन भी इस बात को लेकर खुश है कि उनका बेटा जैन संत की दीक्षा ले रहा है। अब दीक्षा ग्रहण का वक्त आ गया है। परिवार में रस्म निभाए जा रहे हैं।

Dewas : कलेक्‍टर ने चार जिला अधिकारियों के वेतन रोकने के दिये निर्देश…

• सीएम हेल्‍पलाइन शिकायतों का नही किया निराकरण, निराकरण में रैंकिंग भी थी कम

देवास। कलेक्‍टर ऋषव गुप्ता की अध्यक्षता में समयसीमा संबंधी लंबित पत्रों के निराकरण की प्रगति तथा अंतरविभागीय समन्वय से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में संपन्न हुई।

बैठक में कलेक्टर गुप्ता ने सीएम हेल्‍पलाइन पर लम्बित शिकायतों की विभागवार समीक्षा की। सीएम हेल्‍पलाइन पर शिकायतों का निराकरण नहीं करने एवं शिकायतों के निराकरण में रैंकिंग कम होने पर कलेक्टर श्री गुप्ता ने महिला बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, संस्‍थागत वित्‍त एवं किसान कल्‍याण एवं कृषि विकास अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिये। कलेक्टर गुप्ता ने सीएम हेल्‍पलाइन पर लम्बित शिकायतों का निराकरण अभियान चलाकर करने के निर्देश दिये।

कलेक्टर गुप्ता ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों को अगले लेवल में न जाने दें, पहली प्राथमिकता रखते हुए शिकायतों का त्वरित निराकरण करें तथा विभागीय रैंक सुधारें। उन्‍होंने कहा कि सभी विभाग सीएम हेल्‍पलाइन पर लम्बित शिकायतों का निराकरण संतुष्टि पूर्वक करें। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का एल-1 पर ही निराकरण करें। सभी शिकायतें शत-प्रतिशत निराकृत हों, कोई भी शिकायत अनअटेंडेंट नहीं रहे। कलेक्टर श्री गुप्ता ने निर्देश दिये कि 50 दिवस से अधिक लम्बित शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता से संतुष्टि पूर्वक करें। समाधान ऑनलाइन शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में करें।

कलेक्टर गुप्ता ने विभागवार टीएल प्रकरणों की समीक्षा की। टीएल प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि टीएल प्रकरणों पर कार्यवाही कर समय-सीमा में निराकृ‍त करें। प्रकरणों को पोर्टल पर दर्ज करते हुए उसका संक्षिप्त विवरण भी डाले। सभी‍ जिला अधिकारी ‘’उत्‍तरा पोर्टल’’ को नियमित रूप से देखे।

कलेक्टर गुप्ता ने कहा कि जिले में दिव्‍यांगों को चिन्हित करने के लिए शिविर लगाये। नगरीय निकायों को निर्देश दिये कि रेलवे ट्रेक के पास पशु को विचरण नहीं करने दें। जिले में उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, संजीवनी, खाद्य विभाग की दुकानों तथा बागली में टेलिफोन टॉवर के लिए भूमि आवांटित करें। देवास में आईटी पार्क के लिए भूमि चिन्हित करें। पंचायत चुनाव के लिए विद्युत विभाग नोड्यूज देने के लिए 20 से 22 दिसम्‍बर तक काउंटर लगाकर उम्‍मीदवार को नोड्यूज प्रदान करें।

कलेक्टर गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/निकाह योजनांतर्गत निराश्रित निर्धन परिवार की कन्या/विधवा/परित्यकता के लिए निःशुल्क सर्वधर्म सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलन 18 जनवरी 2023 को कृषि उपज मण्डी प्रांगण सोनकच्छ में आयोजित किया जा रहा है। सामूहिक सम्मेलन के लिए अधिक से अधिक पंजीयन करायें।

बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री प्रकाश सिंह चौहान, अपर कलेक्टर श्री महेंद्र सिंह कवचे, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती शिवानी तरेटिया सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे। समय-सीमा बैठक में विकासखण्‍ड स्‍तरीय अधिकारी वर्चुअल शामिल हुए।