देवास। शहर में इंदौर के एक दंपत्ति द्वारा बच्चे को बेचने का मामला सामने आया है।
प्राप्त जानकारी अनुसार इंदौर के अंतरसिंह उर्फ विशाल निवासी गौरी नगर व शाइना बी का है। दोनो ने दूसरी शादी की थी जब शाइना के गर्भवती होने का पता चला तो अंतर सिंह को शक था की बच्चा उसका नही है। जिसके बाद कुछ लोगो की मदद से दोनो ने देवास में एक महिला को बच्चा बेच दिया।
बच्चे को बेचने में शामिल कुल 8 आरोपियों में से 6 आरोपियों को इंदौर पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है।
दरअसल बच्चे के मां- बाप दोनों ने दूसरी शादी की थी और पति को शंका थी कि बच्चा उसका नहीं है! बस इसी बात पर दोनों ने बच्चे का सौदा किया और जन्म के ढाई महीने बाद उसे बेच भी दिया। लेकिन, राज खुल गया और 6 लोग गिरफ्तार कर लिए गए। समाजसेवियों ने मामले की शिकायत पुलिस से की, तो पूरी वारदात का खुलासा हुआ। पुलिस अब तक 6 को गिरफ्तार किया है, एक फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। संभवत यह शहर में पहली घटना है, जिसमें मां-बाप ने ही अपने जन्मे बच्चे को बेचने की सौदेबाजी की हो। लोगों की मदद से बच्चे को साढ़े पांच लाख रुपए में बेच भी दिया। कमीशन भी बंट गया और पति-पत्नी को कुल का आधा रुपया मिला था।
पुलिस को दीपक नाम के एक समाजसेवी ने शिकायत की थी। दीपक को एक नाबालिग ने बताया कि उसने दो माह पहले एक बच्चा एक जरूरतमंद महिला को दिलवाया, जिसमें उसे भी रुपए मिले। पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि बच्चा अंतरसिंह उर्फ विशाल निवासी गौरी नगर व शाइना बी का है। दोनों ने दूसरी शादी की थी। अंतर सिंह मजदूरी का काम करता है। जब शाइना गर्भवती हुई तो उसे शक हुआ कि बच्चा उसका नहीं है। इसके बाद दोनों ने बच्चे को बेचने की योजना बनाई और दोनों ने अपने जानने वालों से बात की जिसके बाद उन्होंने नेहा सूर्यवंशी, पूजा वर्मा, नेहा वर्मा और नीलम वर्मा की मदद से बच्चे को देवास की रहने वाली लीना नाम की एक महिला को बेच दिया।
बच्चे को बेचने के बाद मिले साढ़े 5 लाख रुपए में से कुछ पैसा बंट गया और 2 लाख 70 हजार रुपए अंतर सिंह और शाइना ने रख लिए। पुलिस ने मामले में शाइना, पूजा वर्मा, नेहा सूर्यवंशी, नेहा वर्मा, नीलम और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। अंतर सिंह फरार है जिसकी तलाश की जा रही है।
