शिवराज सरकार का बड़ा फैसला: पहली से बाहरवीं तक कि कक्षाएं कक्षाएं 31 जनवरी तक रहेंगी बंद

देश व प्रदेश में लगातार कोरोना संक्रमित मामलो में बढ़ोतरी हो रही है। यह कोरोना को रफ्तार को देखते हुए मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने आज 14 जनवरी को उनके निवास से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिला, विकासखंड, वार्ड तथा ग्राम स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यों के साथ चर्चा की जिसमे उन्होंने प्रदेश में टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ली। और सीएम श्री चौहान ने कहा कि वैक्सीनेशन के कार्य में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घर-घर दस्तक दें, टीकाकरण का कार्य पूर्ण हो। वैक्सीन ही कोविड से सुरक्षा का मजबूत कवच है। व सीएम चौहान ने कहाँ की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश में कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूल 31 जनवरी तक बंद रहेंगे।

क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए ओर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए है

Madhya Pradesh : प्रदेश में फिर बढ़ रहा है कोरोना, बचाव के लिए सर्तकता जरूरी: मुख्यमंत्री श्री चौहान

प्रदेश में 6 से बढ़कर 28 हुए कोरोना पॉजिटिव

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में कल 71 हजार 103 टेस्ट किये गये हैं। इनमें 28 पॉजिटिव आये हैं। प्रदेश में पॉजिटिव आने की संख्या घटकर 6 तक हो गई थी। अब बढ़ते-बढ़ते यह 28 तक पहुँच गई है। दमोह में 15 और सागर में 7 पॉजिटिव केस आये हैं। बुंदेलखण्ड में पॉजिटिव केस मिलना चिंता का विषय है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्मार्ट उद्यान में मीडिया के प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी है। प्रदेशवासी मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग जैसी सावधानियों का अनिवार्यत: पालन करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि बहुत अधिक सावधानी की आवश्यकता है। पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में भी केस बढ़ रहे हैं। केरल की स्थिति भी सामने है। अत: प्रदेशवासी सतर्क और सावधान रहकर तीसरी लहर को रोकने में सहयोग प्रदान करें।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य शासन द्वारा सभी आवश्यक उपाय किये जायेंगे। टेस्टिंग के साथ साथ लोगों को आइसोलेट करने, माइक्रो कंटेंमेंट जोन बनाने जैसी कार्यवाईयाँ की जायेंगी।

Madhya Pradesh, कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम घोषित

• परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट परीक्षार्थी सितंबर में आयोजित होने वाली परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए 1 अगस्त से 10 अगस्त तक पंजीयन करा सकेंगे

भोपाल। 29 जुलाई को स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) और सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने माध्यमिक शिक्षा मंडल में कक्षा 12वीं का सिंगल क्लिक के माध्यम से परीक्षा परिणाम जारी किया। श्री परमार ने कहा कि बेस्ट ऑफ फाइव मूल्यांकन पद्धति के आधार पर परीक्षा परिणाम तैयार किया गया है। सभी विद्यार्थियों को उत्तीर्ण किया गया है। परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है, जिसमे 52.28 प्रतिशत परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में, 40.28 प्रतिशत परीक्षार्थी द्वितीय श्रेणी में और 7.43 प्रतिशत परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। शिक्षा विभाग ने छात्रों के भविष्य और सुरक्षा को ध्यान में रखकर परीक्षा परिणाम तैयार किया है।
श्री परमार ने कहा कि जो परीक्षार्थी अपने परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट है, वे सितंबर माह, 2021 में आयोजित होने वाली परीक्षा में संपूर्ण विषयों अथवा किसी विषय विशेष की परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं। ऐसे परीक्षार्थी एक अगस्त से 10 अगस्त 2021 तक परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन करा सकेंगे। ऐसे परीक्षार्थियों का परीक्षा के आधार पर तैयार परीक्षा परिणाम ही अंतिम रूप से मान्य किया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 6 लाख 56 हज़ार 148 नियमित परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित किये गए हैं। इनमें 3 लाख 43 हज़ार 64 (52.28 प्रतिशत) परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में, 2 लाख 64 हज़ार 295 (40.28 प्रतिशत) परीक्षार्थी द्वितीय श्रेणी में और 48 हज़ार 787 (7.43 प्रतिशत) परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। इस प्रकार इस वर्ष का परीक्षाफल शत-प्रतिशत रहा है।
स्वाध्यायी परीक्षार्थियों का भी परीक्षा परिणाम हाईस्कूल परीक्षा के आधार पर तैयार किया गया है। कुल 71 हज़ार 996 स्वाध्यायी परीक्षार्थियों में 19 हज़ार 925 (27.67 प्रतिशत) परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में, 33 हज़ार 944 (47.14 प्रतिशत) परीक्षार्थी द्वितीय श्रेणी में और 18 हज़ार 126 (25.17 प्रतिशत) परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। अन्य राज्य या बोर्ड के कुल 6 हज़ार 348 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम के लिए उनकी 10वीं की अंकसूची का सत्यापन किया जा रहा है। अंकसूची सत्यापन के बाद इन परीक्षार्थियों का परीक्षा परिणाम भी घोषित किया जायेगा।
परीक्षा परिणाम के संबंध में छात्रों की शिकायत निवारण के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है। यदि किसी छात्र को अंको के संबंध में कोई शिकायत है तो वह एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर बनाए गए विशेष साफ्टवेयर के माध्यम से अपना अनुक्रमांक एवं आवेदन क्रमांक अंकित कर हाईस्कूल के विषयवार अंक एवं इसके आधार पर मैप किये गये हायर सेकेण्डरी परीक्षा के विषयों के अंक के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है।
परीक्षार्थियों को दी जा रही अंकसूचियों में यदि किसी प्रकार की लिपिकीय त्रुटि है तो परीक्षा परिणाम घोषित होने की तिथि से तीन माह की अवधि तक उसे ठीक कराने के लिये निःशुल्क व्यवस्था है। तीन माह तक किसी प्रकार का सुधार न कराने वाले छात्र-छात्राओं को बाद में ऐसे सुधार कराने के लिये स-शुल्क आवेदन करना होगा।

मध्यप्रदेश: 26 जुलाई से 11वीं एवं 12वीं कक्षाएँ तथा 5 अगस्त से 9वीं एवं 10 वीं की कक्षाएँ 50 प्रतिशत क्षमता के साथ आरंभ होंगी

जुलाई में सप्ताह में 2 दिन व अगस्त में सप्ताह में 4 दिन कक्षा लगेंगी

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मंत्रालय में स्कूल शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
तभी मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि कोविड अनुकूल व्यवहार का सख्ती से पालन सुनिश्चित करते हुए आगामी 26 जुलाई से स्कूलों में 11वीं एवं 12वीं की कक्षाएँ एवं छात्रावास आरंभ किये जायेंगे। कक्षा 9वीं एवं 10वीं की कक्षाएँ 5 अगस्त से प्रारंभ की जाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सभी स्कूल 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ प्रारंभ होंगे। जुलाई महीने में सप्ताह में 2 दिन तथा अगस्त माह में विद्यार्थी सप्ताह में 4 दिन विद्यालय आ सकेंगे। कक्षाएँ खोली जाने के संबंध में क्राइसिस मैनेजमेंट समूह स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय ले सकेंगे। स्कूलों और छात्रावास में कोविड-19 अनुकूल व्यवहार अपनाने के लिये पृथक से एसओपी जारी की जा रही है।

• कक्षा 12वीं के लिये कोचिंग सेन्टर 5 अगस्त से खुलेंगे

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कक्षा 12वीं के लिये कोचिंग सेन्टर 5 अगस्त से 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुल सकेंगे। क्राइसिस मैनेजमेंट समूहऔर स्थानीय प्रशासन द्वारासतत् मॉनिटरिंग की जायेगी।सभी कोचिंग सेन्टर को कोविड-19 गाइड लाइन का पालन करना आवश्यक होगा।

• महाविद्यालयों में 1 सितम्बर से नवीन शिक्षा सत्र

प्रदेश के महाविद्यालयों में 1 सितम्बर से नवीन शिक्षा सत्र आरंभ होगा। वर्तमान में ओपन बुक पद्धति से परीक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप महाविद्यालयों में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन किया जाएगा।

• पालकों की सहमति आवश्यक

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि स्कूलों एवं महाविद्यालयों में कक्षाओं में विद्यार्थियों को भिजवाने के लिए उनके पालकों की सहमति आवश्यक होगी।

• सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का टीकाकरण कराये

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि स्कूलों एवं महाविद्यालयों के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का अभियान चलाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराया जाए। इसी के साथ अधिक से अधिक विद्यार्थियों का टीकाकरण कराया जाये।

Madhya Pradesh : प्रदेश में जल्द होंगे नगर निकाय व पंचायत चुनाव

• 347 नगरीय निकायों चुनाव में दो चरण में मतदान तो पंचायत आम निर्वाचन 3 चरण में होंगे

प्रदेश में महापौर/अध्यक्ष का निर्वाचन अप्रत्यक्ष प्रणाली से होगा

समय-सीमा में पूरी करें नगरीय निकाय निर्वाचन की तैयारी : आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग

भोपाल। नगरीय निकायों एवं त्रि-स्तरीय पंचायतों के आगामी आम निर्वाचन की तैयारियों की समीक्षा के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री बसंत प्रताप सिंह ने निर्देश दिए की नगरीय निकाय आम निर्वाचन की तैयारी समय-सीमा में पूरी करें। निर्वाचन से संबंधित जो कार्यवाही शेष है, उसकी सूची बनायें और प्रत्येक कार्य समय पर करें। तैयारी पूरी होते ही आम निर्वाचन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जायेगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के प्रभावी नियंत्रण और वैक्सीनेशन की स्थिति के मद्देनजर वर्तमान में आम निर्वाचन करवाया जाना संभव है। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण पहले से ही आम निर्वाचन बहुत लेट हो चुके हैं। श्री सिंह ने कहा कि पहले नगरीय निकायों के निर्वाचन करवाये जायेंगे।

347 नगरीय निकायों में होगा चुनाव

बैठक में जानकारी दी कि प्रदेश में कुल 407 नगरीय निकाय हैं। इनमें से 347 में आम निर्वाचन कराये जाना है। दो चरण में मतदान होगा। प्रथम चरण में 155 और दूसरे चरण में 192 नगरीय निकायों में मतदान कराया जायेगा। महापौर/अध्यक्ष का निर्वाचन अप्रत्यक्ष प्रणाली से होगा। यानी नगर निगम में महापौर व नगर निकायों में अध्यक्ष पार्षद चुनेंगे। इन 347 नगरीय निकायों में सभी 16 नगर निगम शामिल हैं। कुल 19 हजार 955 मतदान केन्द्र बनाये गए हैं। कुल अभी 60 नगरीय निकायों का कार्यकाल बाकी है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 3 मार्च 2021 को हो चुका है। नगरीय निकायों में मतदान ई.व्ही.एम. से कराये जायेंगे।

पंचायत आम निर्वाचन 3 चरण में होंगे

त्रि-स्तरीय पंचायतों में पंच के 3 लाख 77 हजार 551, सरपंच के 23 हजार 912, जनपद पंचायत सदस्य के 6 हजार 833, जिला पंचायत सदस्य के 904, उप सरपंच के 23 हजार 912, जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के 313 और जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के 52 पदों का निर्वाचन कराया जायेगा।

मध्यप्रदेश : सभी शहरों में शुक्रवार शाम 6 से सोमवार सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन…..

मध्यप्रदेश के सभी छोटे- बड़े शहरी क्षेत्रों में शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार के सुबह 6 बजे तक अब लॉकडाउन रहेगा। यह फैसला CM शिवराज सिंह चौहान ने आज गुरुवार सुबह अधिकारियों के साथ बैठक के बाद किया। CM ने कहा कि मेरी मंशा कभी भी लॉकडाउन की नहीं रही है। बता दें कि एक दिन पहले ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में नाइट कर्फ्यू व संडे लॉकडाउन लगाया गया था।

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मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की जिलेवार कोरोना की समीक्षा, कलेक्टर्स को फीवर क्लीनिक के कार्यों पर निरंतर निगाह रखने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं संक्रमण रोकने के लिये किये जा रहे कार्यों की राज्य-स्तरीय समीक्षा की। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर्स से जिलेवार जानकारी ली जाकर कोरोना संक्रमण को रोकने के लिये गंभीरता से प्रयास करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोरोना रिकवरी रेट 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है, लेकिन अभी भी सतत् प्रयास किये जाना जरूरी हैं। सभी कलेक्टर्स जिलों में कोरोना उपचार की व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जबलपुर, नरसिंहपुर, शहडोल, उमरिया, खरगौन एवं धार में विशेष एहतियात रखें। बैठक में इन जिलों में कोरोना की स्थिति की पृथक से समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिलों में कोविड केयर सेंटर्स में रोगियों के दाखिल होने और स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होने की अवधि की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने फीवर क्लीनिक के कार्यों पर निरंतर निगाह रखने के निर्देश कलेक्टर्स को दिए।

बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान एवं प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री मनीष रस्तोगी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होम आइसोलेशन के मरीजों को दी जाने वाली मेडिकल चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी लीं। उन्होंने चिकित्सालय में बेड की उपलब्धता, ऑक्सीजन बेड की स्थिति एवं डॉक्टर्स की उपलब्धता की समीक्षा की। कलेक्टर ग्वालियर द्वारा बताया गया कि शासकीय चिकित्सालयों के अलावा प्रायवेट हॉस्पिटल बिरला, कल्याण एवं अपोलो हास्पिटल में भी कोरोना उपचार में अच्छी सेवाएँ दी जा रही हैं।

अपर मुख्य सचिव मो. सुलेमान ने बताया कि ग्वालियर, नरसिंहपुर, सागर, होशंगाबाद, खरगौन, दमोह, झाबुआ, शहडोल, बैतूल, छिन्दवाड़ा, सतना, धार एवं इंदौर में कोविड प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई है। अधिकांश स्थानों पर रिकवरी रेट बढ़ा है। कोविड के संबंध में फीवर क्लीनिक बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। अभी 23 हजार टेस्टिंग की का चुकी है। बैठक में आयुक्त ग्वालियर को मेडिकल कॉलेजो में डेली रिव्यू सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मध्यप्रदेश के 52 जिलों में से 34 जिलों में हुई सामान्य से बहुत कम बारिश ,अब तक हुई कुल बारिश औसत से 11%कम

मध्यप्रदेश में मानसून आने के दो महीने बाद भी प्रदेश में ठीक से बारिश नहीं हो रही है। ऐसे में अब तक यह औसत तक भी नहीं पहुंच पाई है। अभी तक हुई बारिश औसत से 11% कम है। जून में 114% से भी ज्यादा बारिश हुई थी, लेकिन जुलाई में मानसून की बेरुखी चल है। ऐसे में 1 जून से 28 जुलाई तक 399.8 मिमी पानी गिर जाना था, लेकिन अब तक सिर्फ 357.6 मिमी बारिश ही हुई है। राज्य के अलग-अलग जिलों की बात की जाए जिलों में से 34 जिलों में तो सामान्य बारिश से बहुत कम बारिश हुई हे। अब तक पश्चिमी मध्यप्रदेश की अपेक्षा पूर्वी मध्यप्रदेश में ज्यादा बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी कारण प्रदेश में बारिश की स्थिति ठीक नहीं है। पूर्वी हिस्से में इस समय तक 447.5 मिमी बारिश होनी थी, लेकिन यह 13% कम 389.9 मिमी ही हुई है। इधर अगर पश्चिमी हिस्से की बात की जाए तो 363.2 मिमी बारिश की तुलना में 8% कम 332.8 मिमी बारिश दर्ज
की गई।